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‘जन नायगन’ के मामले में SC ने नहीं दिया साथ, थलपति विजय की मुश्किलें बढ़ीं, HC को अल्टीमेटम

नई दिल्ली
विजय थलपति की फिल्म जन नायगन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. गुरुवार को फिल्म की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है. प्रोड्यूसर्स को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया गया है. अब हाईकोर्ट ही विजय की फिल्म को लेकर फैसला सुनिश्चित करेगा.

प्रोड्यूसर्स की तरफ से कोर्ट में क्या दलील दी गई?

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच को इस मामले में 20 जनवरी तक फैसला देने को कहा है. KVN प्रोडक्शंस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि वो हाईकोर्ट को 20 जनवरी से पहले मामले पर फैसला लेने को कहें. क्योंकि फिल्म के अटकने से प्रोड्यूसर्स ने सब कुछ खो दिया है. वो बर्बाद हो गए हैं. निर्माताओं की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि हम सभी जजों से अपील करते हैं कि केस को एक-दो दिन में निपटा दें. मैंने सब कुछ खो दिया है. मैं बर्बाद हो गया हूं. 

सुप्रीम कोर्ट के फैसला सुनाने के बाद सबकी नजरें हाईकोर्ट पर टिकी हुई हैं. जन नायगन साउथ इंडस्ट्री के सुपरस्टार थलपति विजय की आखिरी फिल्म है. राजनीति में एंट्री करने से पहले ये उनका लास्ट प्रोजेक्ट है. फैंस इसे लेकर बहुत एक्साइटेड थे. लेकिन इसके सर्टिफिकेशन को लेकर चल रहा विवाद इस तरह लंबा खिंचेगा किसी ने सोचा नहीं था. सेंसर बोर्ड के एक मेंबर ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई है. विजय की ये फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होनी थी. फिल्म को लेकर एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी थी. इसकी रिलीज में देरी की वजह से डिस्ट्रीब्यूटर्स को अच्छा खासा नुकसान हुआ है. सेंसर बोर्ड और कोर्ट के बीच फंसने के बाद विजय की मूवी अटक गई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जन नायगन के मेकर्स को भी करोड़ों का नुकसान हुआ है. फैंस को पहले उम्मीद थी कि पोंगल तक कुछ हल निकल जाएगा. सेंसर बोर्ड के साथ छिड़ा विवाद खत्म हो जाएगा. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है. जन नायगन विजय की पैन इंडिया फिल्म है. इसमें पूजा हेगड़े, बॉबी देओल भी अहम रोल में दिखेंगे.

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