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अब जब मैं बाहर हूं, समझ आया दिग्विजय सिंह क्या चाहते थे” – सिंधिया का खुलासा

ग्वालियर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों ग्वालियर दौरे पर हैं। जहां उन्होंने मध्य प्रदेश की राजनीति पर अपनी राय रखी। सिंधिया ने दिग्विजय सिंह के राज्यसभा न जाने की वजह पूछे जाने पर एक सवाल का जवाब देते हुए तीखा तंज कसा। इतना ही नहीं उन्होंने राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर भी बयान दिया।

सिंधिया ने दिग्विजय सिंह के राज्यसभा न जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कांग्रेस पार्टी और उनका अंदरूनी निर्णय है। जब मैं कांग्रेस में था, तब नहीं जानता था कि दिग्विजय सिंह क्या चाहते हैं, अब तो मैं बाहर हूं तो भला कैसे जान पाऊंगा कि वे क्या चाहते हैं। उनके फैसलों पर टिप्पणी करना और भी मुश्किल है।

दरअसल, दिग्विजय सिंह द्वारा राज्यसभा में न जाने के फैसले को लेकर सिंधिया से सवाल किया गया था। इस पर सिंधिया ने किसी भी तरह की सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया और बात को वहीं विराम दे दिया।

वहीं दिग्विजय सिंह की आरएसएस की तारीफ करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- देर आए दुरुस्त आए। वहीं, जब सिंधिया से 17 तारीख को राहुल गांधी के इंदौर आगमन को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि देश में प्रजातंत्र है और कोई भी नेता कहीं भी आ-जा सकता है।

गौरतलब है कि साल 2020 में मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के पीछे राज्यसभा चुनाव एक बड़ी वजह थी। उस समय लोकसभा चुनाव हारने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा जाने की चर्चा थी, लेकिन दिग्विजय सिंह के राज्यसभा जाने पर 'राजा दिग्गी' और 'महाराजा सिंधिया' के बीच तल्खियां बढ़ गई थीं।

दिग्विजय सिंह द्वारा वर्तमान कार्यकाल पूरा होने पर राज्यसभा न जाने की इच्छा जाहिर किए जाने के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि यह उनकी और कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी बात है। उन्होंने कहा, "मैं इस पर क्या टिप्पणी करूं? मैं क्या जानूं वह क्या चाहते हैं? जब मैं कांग्रेस में था तब भी मैं नहीं जानता था कि दिग्विजय सिंह क्या चाहते थे और अब मैं बाहर हूं तो मैं कैसे जानूंगा कि वह क्या चाहते हैं?"

वहीं, बीते दिनों दिग्विजय सिंह द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की तारीफ किए जाने पर सिंधिया ने टिप्पणी की, "देर आए पर दुरुस्त आए, यह अच्छी बात है।" राहुल गांधी के 17 तारीख को इंदौर दौरे के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि वह जरूर जाएं, इसमें कोई कठिनाई नहीं है, यह प्रजातंत्र है।

आपको बता दे सिंधिया कटारे फार्म के पास स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित थीम पार्क का जायजा लेने पहुंचे थे।उन्होंने कहा कि आज शौर्य स्मारक का भी निरीक्षण किया है,एक बहुत अच्छा भविष्य की पीढ़ी के लिए एक नया स्थल बन रहा है और भविष्य की पीढ़ी भी अपने पूर्वजों के बलिदान याद रखें इसलिए यह स्मारक भी बनाया जा रहा है,बहुत सुंदर डिजाइन ग्वालियर के पत्थर से हम लोग बनाने की कोशिश कर रहे हैं,इसकी आकृति में भी ग्वालियर की संस्कृति और परंपरा रहे सारे शहीदों जिन्होंने पिछले हजार वर्षों से अपने जीवन का बलिदान दिया है उनके लिए यह स्मारक यहां बनेगी, ग्वालियर चंबल की धरती ने भी बहुत सारे वीर सूरमाओं को जन्म दिया है जिन्होंने सरहद पर देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिया है,उनको भी याद किया जाएगा और भविष्य यहां प्रवेश करेगा तो वह भविष्य अपने पूर्वजों को सामने माथा टेक कर फिर अपने भविष्य का भी निर्माण करेगा।

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