samacharsecretary.com

US में भारतीयों के खिलाफ नफरत क्यों बढ़ी? ट्रंप दौर की नीतियों ने कैसे बनाया टारगेट

वाशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति के तहत वीजा नियमों में किए गए बदलाव भारतीयों के लिए कई परेशानियां खड़ी कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक कुशल कामगारों के लिए मिलने वाले H-1B वीजा नियमों में बदलाव के बाद भारतीय प्रोफेशनल्स और भारतीय मूल के कारोबारियों के खिलाफ अमेरिका में नफरत भरा माहौल बना है और भारतीयों के प्रति भेदभाव भी बढ़ता दिख रहा है।
 
बता दें कि ट्रंप सरकार ने नए नियमों के तहत H-1B वीजा के लिए आवेदन शुल्क बढ़ाकर 1 लाख डॉलर कर दिया गया है। इसके साथ ही वेतन के आधार पर चयन की व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों को प्राथमिकता मिलेगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। वहीं फरवरी से नियम और सख्त होने वाले हैं। अमेरिकी अधिकारी सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले लेवल-4 H-1B आवेदकों को प्राथमिकता देंगे। इससे कई कुशल विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए वीजा पाना और मुश्किल हो जाएगा।

बड़ी कंपनियां निशाने पर
रिपोर्ट में बताया है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा किए गए इन बदलावों के बाद हालात और बदतर हुए हैं। कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां, जैसे फेडएक्स, वॉलमार्ट और वेरिजोन को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निशाना बनाया गया है। सोशल मीडिया पर इन कंपनियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे गैरकानूनी तरीके से भारतीयों को नौकरियां ‘बेच’ रही हैं।

नौकरी चोर’ और ‘वीजा स्कैमर’ का टैग
एडवोकेसी ग्रुप ‘स्टॉप एएपीआई हेट’ और काउंटर टेररिज्म फर्म ‘मूनशॉट’ के मुताबिक पिछले साल नवंबर में दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ हिंसा की धमकियों में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर गालियों और अपशब्दों के इस्तेमाल में भी 69 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ।

बीते दिसंबर में भी एक भारतीय कंपनी को जमकर निशाना बनाया गया। दरअसल सोशल मीडिया पर फेडएक्स के एक क्षतिग्रस्त ट्रक का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद भारतीय मूल के सीईओ राज सुब्रमणियम को निशाना बनाया गया। ऑनलाइन पोस्ट में ‘अमेरिकी कंपनियों पर भारतीय कब्जा रोकने’ जैसी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। हालांकि फेडएक्स ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

मामले पर बात करते हुए सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकिब नाइक ने बताया कि इनमें से कई हमले संगठित कैंपेन का हिस्सा प्रतीत हैं। उनके मुताबिक, सरकारी स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से लोन लेने वाले भारतीय-अमेरिकी कारोबारियों को खास तौर पर निशाना बनाया गया है। नाइक ने चेतावनी दी कि भेदभाव बढ़ रहा है और भारतीयों को ‘नौकरी चोर’ और ‘वीजा स्कैमर’ तक कहा जा रहा है। ऐसे माहौल में कम्पनियां समावेशी वातावरण बनाने की नीति को होल्ड पर डाल चुकी हैं।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here