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योगी सरकार का बड़ा फैसला: 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को मिली मंजूरी, उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ 

 उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नया आयाम देते हुए योगी सरकार ने राज्य में छह नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इन कॉरिडोर के निर्माण से उत्तर से दक्षिण तक जिलों का सीधा जुड़ाव होगा और दो दर्जन से अधिक जिलों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

प्रदेश सरकार की ओर से इन कॉरिडोर को लेकर बनाई गई कार्ययोजना को लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्वीकृति दे दी है। जल्द ही कैबिनेट से लागत (एस्टिमेट) को मंजूरी दिलाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

पहली बार नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी पर फोकस

अब तक प्रदेश में बने अधिकांश एक्सप्रेसवे और हाईवे पूर्व-पश्चिम दिशा में हैं। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को लेकर योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दो वर्षों से इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे थे।

सीएम योगी इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मांग कर चुके हैं। हाल ही में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का मुद्दा उठाया था।

ये हैं प्रदेश के 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोरः

श्रावस्ती-प्रयागराज कॉरिडोर (262 किमी)

    मार्ग: इकौना (श्रावस्ती)-अयोध्या-सुल्तानपुर-प्रयागराज
    चार पैकेज में निर्माण
    कई हिस्सों में सिक्स लेन ग्रीनफील्ड हाईवे
    शामली-गोरखपुर हाईवे, पूर्वांचल और विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी

कुशीनगर-वाराणसी कॉरिडोर (220 किमी)

    मार्ग: कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-वाराणसी
    अनुमानित लागत: ₹342 करोड़
    कुछ खंड पहले से फोर लेन, शेष का निर्माण PWD करेगा

नेपाल सीमा से प्रयागराज कॉरिडोर (295 किमी)

    मार्ग: पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-सिद्धार्थनगर-जौनपुर-प्रयागराज
    PWD और NHAI/MoRTH द्वारा संयुक्त निर्माण
    कुल लागत 1,380 करोड़ रुपये से अधिक

लखीमपुर–बांदा कॉरिडोर (502 किमी)

    मार्ग: लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ-उन्नाव-फतेहपुर-बांदा
    कई हिस्से पहले से फोर लेन
    PWD और NHAI दोनों एजेंसियां करेंगी निर्माण

बरेली–ललितपुर कॉरिडोर (547 किमी)

    मार्ग: बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर
    गंगा, यमुना और प्रस्तावित शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे से कनेक्ट
    अधिकांश हिस्से पहले से फोर लेन

पीलीभीत–उरई–हरपालपुर कॉरिडोर (514 किमी)

    मार्ग: पीलीभीत टाइगर रिजर्व-शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद-उरई-हरपालपुर
    गंगा, आगरा–लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लिंक
    कुल लागत करीब ₹1,188 करोड़

दो साल में पूरे होंगे सभी प्रोजेक्ट

लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले हिस्सों की कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। NHAI और MoRTH को भी उनके हिस्सों की जानकारी भेज दी गई है। लोक निर्माण के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा और दो साल के भीतर सभी छह कॉरिडोर पूरे कर लिए जाएंगे।

 

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