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हाईकोर्ट में 30,000 करोड़ की वसीयत पर विवाद, SC ने करिश्मा को भेजा नोटिस

मुंबई 

बिजनेसमैन संजय कपूर की मौत के बाद उनकी 30,000 करोड़ की वसीयत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है. सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस करिश्मा कपूर को नोटिस जारी किया है. दरअसल, यह नोटिस प्रिया कपूर द्वारा दायर एक याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने करिश्मा कपूर और उनके दिवंगत पति संजय कपूर के बीच हुए तलाक से जुड़े दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है.

जानकारी के मुताबिक, संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच 2016 में हुए तलाक से जुड़े सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में कहा गया है कि प्रिया कपूर जो संजय कपूर की तीसरी पत्नी थीं. उनको कानूनी और व्यक्तिगत कारणों से उक्त तलाकी दस्तावेजों की आवश्यकता है . इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने करिश्मा कपूर से जवाब तलब करते हुए आगे की सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है.

प्रिया कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तलाक कार्यवाही से संबंधित सभी रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं. यह मामला जस्टिस ए. एस. चंदुरकर की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष सुना जाएगा, जो यह तय करेगी कि क्या इन गोपनीय दस्तावेजों को प्रिया कपूर के साथ साझा किया जा सकता है या नहीं. बताया जा रहा है कि प्रिया इन रिकॉर्ड्स के जरिए उस समय हुए वित्तीय समझौतों और बच्चों की कस्टडी से जुड़ी जानकारियों की पुष्टि करना चाहती हैं.

इस बीच, संजय कपूर की संपत्ति को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है. करिश्मा कपूर से उनके बच्चों समायरा और कियान कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल एक याचिका में प्रिया कपूर द्वारा प्रस्तुत डिजिटल सबूतों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बच्चों का दावा है कि उनके पिता की विवादित वसीयत के निष्पादन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मेल नहीं खाते.

रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों ने अदालत को बताया कि प्रिया कपूर के मोबाइल लोकेशन डेटा से यह संकेत मिलता है कि 21 मार्च 2025 को उनका फोन नई दिल्ली में था, जबकि प्रिया ने अपने हलफनामे में दावा किया है कि वह उस दिन गुरुग्राम में मौजूद थीं. यही वह तारीख है, जब संजय कपूर की कथित वसीयत पर हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि उस दिन न सिर्फ प्रिया कपूर बल्कि संजय कपूर भी दिल्ली में मौजूद थे, न कि गुरुग्राम में. इसके अलावा, दस्तावेजों में यह दावा किया गया है कि उसी दिन करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच व्हाट्सऐप के जरिए बच्चों की पुर्तगाली नागरिकता को लेकर बातचीत हुई थी.

 रिपोर्ट के मुताबिक, समायरा और कियान कपूर ने अदालत से प्रिया कपूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की भी मांग की है. उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 338 और 340 लागू करने का अनुरोध करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें उनकी वैध विरासत से वंचित करने के लिए एक फर्जी वसीयत तैयार की गई.

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