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Republic Day Special: इन देशभक्ति कविताओं के साथ दें दमदार भाषण, पाएं तालियों की गूंज

भोपाल
देश इस साल अपना 77वां गणतंत्र दिवस (77th Republic Day 2026) मनाने जा रहा है। 26 जनवरी का यह दिन न केवल एक राष्ट्रीय पर्व है, बल्कि यह हमारे संविधान की शक्ति और लोकतंत्र की महानता का उत्सव भी है। स्कूल, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में इस गौरवशाली दिन के लिए तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं।

यदि आप भी इस अवसर पर मंच से अपनी बात रखना चाहते हैं, तो यहां एक प्रभावी और कविताओं से सुसज्जित भाषण का प्रारूप दिया गया है, जो श्रोताओं के दिलों में देशभक्ति का संचार कर देगा:
गणतंत्र दिवस 2026: भाषण का प्रारूप

नमस्कार, मैं……(नाम), आज राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के पावन मौके पर यहां पर उपस्थित सभी महानुभावों/ अतिथिगण/ टीचर एवं सभी भैया बहनों का अभिवादन करता हूं। जैसे कि हम सभी जानते हैं कि हम यहां पर देश के 76वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में यहां उपस्थित हुए हैं। आज ही के दिन 1950 में भारत ने अपने संविधान को अपनाया और एक संप्रभु गणराज्य के रूप में अस्तित्व में आया। इस वर्ष भारत गणतंत्र देश के रूप में 77वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इन 77 वर्षों के अंदर ही हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक बनकर सामने आया है।
 
हमारे देश के संविधान को डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान सभा ने तैयार किया था। डॉ. अंबेडकर के अलावा इस संविधान सभा में जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, पंडित गोविंद बल्लभ पंत, आचार्य जेबी कृपलानी, शरत चंद्र बोस, सच्चिदानंद सिन्हा थे। इस संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे।

संविधान को तैयार करने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे थे। भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया था। इसके दो माह बाद 26 जनवरी 1950 को इसे देशभर में लागू कर दिया गया।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मैं एक कविता सुनाने वाला हूं
देखो फिर से गणतंत्र दिवस आ गया,
जो आते ही हमारे दिलो-दिमाग पर छा गया।
यह है हमारे देश का राष्ट्रीय त्यौहार,
इसलिए तो सब करते हैं इससे प्यार।
इस अवसर का हमें रहता विशेष इंतजार,
क्योंकि इस दिन मिला हमें गणतंत्र का उपहार।
आओ लोगों तक गणतंत्र दिवस का संदेश पहुचाएं,
लोगों को गणतंत्र का महत्व समझाएं।
गणतंत्र द्वारा भारत में हुआ नया सवेरा,
इसके पहले तक था देश में तानाशाही का अंधेरा।
क्योंकि बिना गणतंत्र देश में आ जाती है तानाशाही,
नहीं मिलता कोई अधिकार वादे होते हैं हवा-हवाई।
तो आओ अब इसका और ना करें इंतजार,
साथ मिलकर मनाये गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय त्यौहार।।

हमारा संविधान दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान माना जाता है क्योंकि इसमें गरीब हो अमीर सभी के लिए स्वतंत्रता, समानता और न्याय का अधिकार देता है। संविधान में किसी भी प्रकार की ऊंच नीच को स्थान नहीं दिया गया है जो मजबूत राष्ट्र को मजबूती प्रदान करता है। यह दिन हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है और सभी लोगों के प्रति समान व्यवहार करने का उचित पाठ पढ़ाता है।

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हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
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