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रायपुर साहित्य उत्सव: ओपन माइक ने प्रतिभाओं को बनाया केंद्र बिंदु

रायपुर.
रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि पद्म  स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे जी को समर्पित ओपन माइक मंच पर पहले दिन चार सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें 75 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। इस मंच पर कविता, कहानी, गायन, वादन, सामूहिक नृत्य एवं शास्त्रीय नृत्य जैसी विविध विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

ओपन माइक सत्र में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह विशेष मंच विभिन्न विधाओं के कलाकारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सुसज्जित किया गया था, जहाँ बाँसुरी, गिटार और वायलिन वादन की प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। नन्ही नृत्यांगनाओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं सरगुजा से लेकर बस्तर तक के युवा कवियों और ग़ज़लकारों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष   अमरजीत सिंह छाबड़ा, महंत कॉलेज के प्राचार्य   देवाशीष महंत तथा संयुक्त संचालक, जनसंपर्क  मती इस्मत जहाँ दानी द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ओपन माइक सत्र ने न केवल नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया, बल्कि साहित्य, कला और संस्कृति के प्रति युवाओं के उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा को भी प्रभावी रूप से उजागर किया।

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