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धन्यवाद से विवाद तक: Grok ने बदल दिया PM मोदी के संदेश का मतलब

नई दिल्ली
एआई पर पूरी तरह से भरोसा करना किस तरह से परेशान करने वाला हो सकता है। इसकी बानगी सोमवार को देखने को मिली। गणतंत्र दिवस के मौके पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पीएम मोदी को गर्मजोशी भरा बधाई संदेश दिया था। इसके जवाब में पीएम मोदी ने मालदीव की भाषा में ही उनका धन्यवाद किया। विवाद तब खड़ा हो गया, जब ग्रोक एआई ने इसका गलत अनुवाद पेश किया और एक मित्रवत पोस्ट को राजनीतिक रूप से संवेदनशील पोस्ट में बदल दिया।
 
मूल रूप से मालदीव की स्थानीय धिवेही भाषा में लिखे गए पीएम मोदी के इस पोस्ट का ऐसा अनुवाद किया कि सोशल मीडिया यूजर्स भी हक्के-बक्के रह गए।
दरअसल, यह पूरा मामला मुइज्जू के बधाई संदेश पर पीएम मोदी की धन्यवाद टिप्पणी पर हुआ। पीएम मोदी के बधाई संदेश का अनुवाद खोलने पर ग्रोक ने इसे बताया, "सुकुरिया, रायथुन मजलिस। भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के समारोह मालदीव में आयोजित किए गए और मालदीव सरकार ने इसमें भाग लिया। यह सुकुरिया सरकार जनता के भारत-विरोधी अभियानों में भी शामिल रही है। यहां तक कि दो भारत-विरोधी अभियानों में भी वह विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रही है।”

लाइव हिन्दुस्तान ने भी इस गलत अनुवाद को देखा था। हालांकि बाद में ग्रोक ने इसे बदल दिया। वर्तमान में गोर्क द्वारा इसका अनुवाद अलग दिखाया जा रहा है, जो कि इस प्रकार है, "धन्यवाद, राष्ट्रपति मुइज्जू। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आपने जो हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ सम्मान और आदर के साथ दी हैं, उन्हें मैं कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार करता हूँ। हम दोनों देशों के नागरिकों के हित में साथ मिलकर किए जा रहे कार्यों को आगे भी जारी रखेंगे। मैं सभी मालदीव नागरिकों के लिए खुशहाल और समृद्ध भविष्य की कामना करता हूँ।”

ग्रोक द्वारा इस तरह से गलत अनुवाद दिखाने को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच में काफी तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक यूजर ने ग्रोक को प्रोपेगेंडा से भरा हुआ बताया। वहीं, दूसरे ने बाकी एआई चैटबोट से इसकी तुलना करते हुए कहा कि ग्रोक केवल एक चैटबोट नहीं बल्कि हेरफेर और प्रोपेगेंडा से भरा हुआ है।

आपको बता दें, यह प्रतिक्रिया इसलिए और भी ज्यादा ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि कुछ समय पहले तक भारत और मालदीव के रिश्ते सही नहीं थे। वर्तमान राष्ट्र्पति मुइज्जू ने चुनाव में जीत के पहले इंडिया आउट का कैंपेन भी चलाया था। वह लगातार भारत विरोधी बयान भी देते आए हैं। हालांकि, कुछ समय से दोनों देशों के रिश्ते फिर से सामान्य होते नजर आए हैं।

 

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