samacharsecretary.com

जमशेदपुर में कैरव के आठ किडनैपर दबोचे

रांची/ जमशेदपुर.

झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर के व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में जमशेदपुर पुलिस ने अपनी पेशेवर कार्यकुशलता और रणनीति का लोहा मनवाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. कैरव की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के बाद पुलिस कप्तान के निर्देश पर चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत गिरोह के आठ अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने अपराधियों के पास से दो एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हिकल्स) गाड़ियां और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं. फिलहाल, पकड़े गए अपराधियों से अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर पूछताछ की जा रही है.
 

पुलिस ने सादे लिबास में बिछाया जाल
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को अपराधियों के मूवमेंट की सटीक जानकारी मिल चुकी थी. हजारीबाग के बरही इलाके में पुलिस की विशेष टीम ने सादे लिबास में मोर्चा संभाला था. अपराधियों को भनक तक नहीं लगी कि उनकी हर हरकत पर खाकी की पैनी नजर है. जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली, पुलिस ने घेराबंदी कर आठों को दबोच लिया. जिस जगह से पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार किया है, वह पहले भी कई बार डील के लिए प्रमुख और गोपनीय स्थल के रूप में फेमस है. बरामद गाड़ियों को जमशेदपुर के एक थाने में लाकर रखा गया है.

एसएसपी का संकल्प हुआ पूरा
मंगलवार को जब व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस का आभार जताने पहुंचा था, तब एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया था कि पुलिस की पहली प्राथमिकता बच्चे की सुरक्षित रिहाई थी. उन्होंने सांकेतिक रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा था कि अपराधी जल्द सलाखों के पीछे होंगे. बुधवार सुबह जैसे ही गिरफ्तारी की खबर सार्वजनिक हुई, शहर के औद्योगिक और व्यापारिक जगत में पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ गया है.

मास्टर माइंड की तलाश तेज गिरफ्तार
आरोपियों से पुलिस गिरोह के नेटवर्क और इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड के बारे में उगलवाने में जुटी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सनसनीखेज वारदात में शहर के किन स्थानीय गुर्गों ने मदद की थी. एसएसपी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकते हैं.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here