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हरियाणा में छोटे-मोटे अपराधों में नहीं काटने होंगे अदालतों के चक्कर

चंडीगढ़.

हरियाणा सरकार ने हरियाणा जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2025 को मंजूरी देने के साथ ही इसे लागू कर दिया है। इसके तहत अब छोटे-मोटे अपराधों में लोगों की अदालतों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि जुर्माना अदा कर कानूनी प्रक्रियाओं से राहत मिल सकेगी।
राज्य सरकार ने 17 विभागों से संबंधित 42 राज्य अधिनियमों के कुल 164 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से को बाहर कर दिया है।

यह संशोधित कानून 30 अक्तूबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से प्रत्येक तीन वर्ष की समाप्ति के बाद न्यूनतम जुमनि की राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति जुर्माने की राशि समय पर जमा नहीं करता है तो वह राशि भू-राजस्व को भांति वसूल की जाएगी। अधिनियम में अपील का भी प्रावधान रखा गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यदि कोई सफाई कर्मचारी बिना सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, पानी की पाइप लाइन तोड़ने या जल स्रोत को प्रदूषित करने पर 500 रुपये जुमनि का प्रावधान किया गया है।

इसी तरह यदि किसी पशु से स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होता है जैसे सूअर या अन्य पशुओं के कारण और उसे रोकने के लिए जारी आदेशों की अवहेलना की जाती है तो पहली चार 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा जबकि दोबारा उल्लंघन करने पर यह जुर्माना 1,000 रुपये होगा। वहीं, मिलीभगत कर किसी आरोपी को भगाने का प्रयास करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। राज्य सरकार के अनुसार संबंधित अधिनियम के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के बिना कोई दंड नहीं लगाया जाएगा।

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