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शिक्षा विभाग की सख्ती: 70% कॉलेजों में CCTV नहीं, परीक्षा अब होगी कैमरे की निगरानी में

भोपाल
मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के सरकारी और निजी कॉलेजों में होने वाली बी.कॉम, बी.एससी, एम.कॉम और एम.एससी की परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे नकल और अनियमितताओं पर रोक लग सके। विभाग के इस फैसले ने कॉलेज प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी है, क्योंकि प्रदेश के 70 फीसद कॉलेजों में सीसीटीवी लगे ही नहीं है, जबकि फरवरी से परीक्षाएं शुरू होनी है। ऐसे में सीसीटीवी में परीक्षाएं कराने की संभावना कम ही है। बीयू ने भी संबंध कॉलेजों में सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कहीं भी व्यवस्था नहीं है।
 
राजधानी के कॉलेजों का हाल
राजधानी में 13 पारंपरिक सरकारी कॉलेज है। इसके अलावा 50 से अधिक निजी कॉलेज भी हैं। इनमें से कई सरकारी कॉलेजों में सीमित संख्या में कैमरे लगे हैं, जो केवल मुख्य प्रवेश द्वार या कार्यालय तक ही सीमित है। वहीं, निजी प्राइवेट कॉलेजों में सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है। बता दें कि उच्च शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 1300 से अधिक सरकारी एवं निजी कॉलेज में 14 लाख से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थी पढ़ते हैं। कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि जल्द ही सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी।

सीसीटीवी की करनी होगी व्यवस्था
उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी से परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी होगी और विद्यार्थियों में अनुशासन बढ़ेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कालेजों को जल्द कैमरे लगाने के निर्देश निर्देश दिए गए है और इसकी निगरानी भी की जाएगी।

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