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न्याय हुआ पूरा! डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी दोषी, 10 साल की जेल

बड़वानी

बड़वानी की तृतीय जिला एवं सत्र न्यायालय ने महिला पटवारी के साथ दुष्कर्म और प्रताड़ना के गंभीर मामले में तत्कालीन एसडीएम (सेंधवा) और वर्तमान उज्जैन डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी अफसर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1 लाख 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी डिप्टी कलेक्टर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इस मामले में एफआईआर के बाद फरार होने पर 4 मई 2024 को बड़वानी पुलिस ने खराड़ी को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त तत्कालीन उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने उन्हें सस्पेंड किया था। तभी से वह सस्पेंड थे। अभियोजन के अनुसार, आरोपी अभय सिंह खराड़ी वर्ष 2016 से 2024 के बीच महिला का लगातार यौन शोषण करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने पद का रसूख दिखाकर 4 से 5 बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। दिसंबर 2023 में आरोपी ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी थी।

ब्लैकमेलिंग और सिंदूर भरकर तस्वीरें लीं
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी अफसर महिला को मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करता था। वह महिला के आने वाले रिश्तों को तुड़वा देता था और फोन पर तेजाब डालने और अपहरण करने की धमकी देता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे बेहोश कर उसकी मांग में सिंदूर भर फोटो खींची थी, ताकि समाज में उसे अपनी पत्नी बताकर बदनाम और ब्लैकमेल कर सके।

पत्नी को जान से मारने के आरोप भी लग चुके
31 अक्तूबर 2017 में खराड़ी पर पत्नी को बेहोशी का इंजेक्शन देकर जान से मारने के आरोप भी लगे थे। खराड़ी उस वक्त झाबुआ डिप्टी कलेक्टर थे और पत्नी सुनीता खराड़ी धार जिले के दीनदयालपुरम में रहती थीं। कोतवाली पुलिस ने खराड़ी को बेहोशी की हालत में मिलने पर इलाज करवाया था। सुनीता खराड़ी ने पुलिस को बताया उनके पति ने गुंडे बुलाकर उनके साथ मारपीट की और उसको बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। घटना के दिन रात 3 बजे उनके पति ने उनकी दूसरी पत्नी के तीन भाइयों के साथ दो और लोगों को बुलाया। दूसरी पत्नी का मुंह दबा दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद जान से मारने की कोशिश की। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

 

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