samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट में रखे जाएंगे एक दर्जन प्रस्ताव

रांची.

हजारीबाग जिले के बड़कागांव एवं केरेडारी प्रखंड तथा रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र में खनन परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों की समस्याओं को लेकर झारखंड कांग्रेस द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति की गतिविधियों में आंशिक बदलाव किया गया है। एकाएक राज्य कैबिनेट की बैठक आहूत होने के कारण पांच फरवरी को प्रस्तावित कांग्रेस जांच दल का बड़कागांव–केरेडारी दौरा फिलहाल टाल दिया गया है।

समिति ने स्पष्ट किया है कि यह दौरा दो-तीन दिनों के भीतर नई तिथि तय कर किया जाएगा। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में इससे जुड़ा मुद्दा उठेगा। बुधवार को रांची में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू और जांच समिति के संयोजक सह मंत्री राधाकृष्ण किशोर की उपस्थिति में एक अहम उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी मौजूद रहे। बैठक में बड़कागांव, केरेडारी और पतरातू क्षेत्र में खनन कंपनियों द्वारा विस्थापितों के कथित शोषण और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीरता से चर्चा की गई।

कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने विस्थापन से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की और निर्देश दिया कि गठित जांच समिति कांग्रेस मुख्यालय, रांची में गुरुवार को आंतरिक बैठक करे। इस बैठक में विस्थापितों से जुड़े मुद्दों, कानूनी पहलुओं और समाधान के संभावित रास्तों पर चर्चा करते हुए राज्य कैबिनेट में प्रस्ताव रखने की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बृहस्पतिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र की विस्थापन संबंधी समस्याओं को औपचारिक रूप से रखा जाएगा। कांग्रेस का उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री के स्तर पर भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन, विस्थापन आयोग की भूमिका, स्थानीय मजदूरों को एचपीसी नियमों के तहत भुगतान, पतरातू विद्युत निगम लिमिटेड और पतरातू छाई डैम से जुड़े मुद्दों का समग्र समाधान निकाला जा सके।

जांच समिति ने जानकारी दी कि कैबिनेट बैठक से संबंधित पत्र मिलने के बाद दौरा स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भरोसा दिलाया कि कैबिनेट में मुद्दे रखने के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा। इसके पश्चात विस्थापितों की समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस प्रभारी के. राजू के माध्यम से सरकार को सौंपी जाएगी और त्रिपक्षीय वार्ता के जरिए ठोस निर्णय सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here