samacharsecretary.com

AI से 99% जॉब्स पर होगा खतरा, बचेंगी ये खास नौकरियां: एक्सपर्ट का अनुमान

नई दिल्ली

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इंसानों की जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। आज AI पॉवर्ड डिवाइसेज की मदद से लोग हर तरह का काम निकलवा रहे हैं। हालांकि वह दिन अब दूर नहीं है जब AI महज हेल्पर की तरह हमारी मदद करने की बजाय, हमें रिप्लेस ही कर दे। ऐसा कहना है कि जाने-माने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्चर डॉ. रोमन याम्पोल्स्की का। डॉ. रोमन ने चेतावनी दी है कि महज एक साल में AI इंसानों की 99 फीसदी नौकरियां खा जाएगा। उन्होंने यह तक कह दिया है कि कोई भी ऐसा इंसानी काम नहीं दिख रहा, जिसे ऑटोमेट ना किया जा सकता हो।

याम्पोल्स्की के मुताबिक 2045 तक समाज एक ऐसे टेक्नोलॉजिकल पॉइंट पर पहुंच सकता है जहां से वापस लौटना मुमकिन नहीं होगा। आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और इस मुद्दे पर विस्तार से बात करते हुए, डॉ. रोमन याम्पोल्स्की ने कहा कि आने वाले बदलाव पिछले इंडस्ट्रियल बदलावों से बिल्कुल अलग होंगे।

बता दें कि कम्प्यूटर साइंटिस्ट डॉ. याम्पोल्स्की लातविया से आते हैं और वे फिलहाल लुइसविले यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। उन्होंने AI सुरक्षा और जोखिम पर 100 से ज्यादा एकेडमिक पेपर पब्लिश किए हैं। उन्होंने हाल ही में स्टीवन बार्टलेट द्वारा होस्ट किए जाने वाले 'द डायरी ऑफ ए CEO' में यह बातें कही हैं।
किसी भी फिजिकल लेबर को किया जा सकता है ऑटोमेट

टाइम्स ऑफ इंडिया लाइक रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत के दौरान, डॉ. याम्पोल्स्की ने कहा, "पांच सालों में किसी भी तरह के फिजिकल लेबर को ऑटोमेट किया जा सकता है। तो हम एक ऐसी दुनिया देख रहे हैं जहां बेरोजगारी का स्तर ऐसा होगा जो हमने पहले कभी नहीं देखा। मैं 10 प्रतिशत बेरोज़गारी की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि 99 प्रतिशत की बात कर रहा हूं।"
कौन सी नौकरियां बचने की संभावना?

डॉ. याम्पोल्स्की ने बताया है कि कौन सी नौकरियां बचने की संभावना है। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, “आपके पास सिर्फ वही नौकरियां बचेंगी जहां किसी भी वजह से आप चाहेंगे कि कोई दूसरा इंसान आपके लिए वह काम करे। कुछ नौकरियां ऐसी होती हैं जहां इंसान की जरूरत होती है। हो सकता है आप अमीर हों और किसी भी वजह से आप एक इंसानी अकाउंटेंट चाहते हों।”

उन्होंने कहा कि इंसानों द्वारा बनाए गए सामानों के लिए शौक की वजह से भी कुछ नौकरियां बीच सकती हैं। उन्होंने कहा, "आपको ऐसे लोगों के लिए एक छोटा सा मार्केट मिल सकता है जो अभी भी हाथ से बनी चीज़ों को पसंद करते हैं।” वहीं AI की निगरानी और रेगुलेशन का जॉब भी बचा हुआ रहेगा। हालांकि डॉ. याम्पोल्स्की ने कहा कि लंबे समय में AI को पूरी तरह से कंट्रोल करना शायद नामुमकिन हो, लेकिन उन्होंने कहा है कि इंसानी निगरानी बदलाव की गति को धीमा कर सकती है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here