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पहले इस्तीफा फिर पलटी: असम कांग्रेस में घमासान, भूपेन बोरा ने क्या कहा?

गुवाहाटी
असम कांग्रेस में सोमवार को खूब ड्रामा देखने को मिला। पहले तो असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद यू-टर्न लेते हुए उन्होंने इस्तीफा वापस भी ले लिया। बताया जा रहा है कि इसके पीछे कांग्रेस आलाकमान की भूमिका भी है।

असम कांग्रेस में सोमवार को खूब ड्रामा देखने को मिला। पहले तो असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद यू-टर्न लेते हुए उन्होंने इस्तीफा वापस भी ले लिया। बताया जा रहा है कि इसके पीछे कांग्रेस आलाकमान की भूमिका भी है। कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने भी यही दावा किया। बोरा के इस्तीफा देने के बाद सिंह और पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बोरा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बीच, बोरा ने अपने आवास के बाहर मीडिया से कहा कि उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कांग्रेस आलाकमान से समय मांगा है। गोगोई ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बोरा से बात की है और उनका इस्तीफा आलाकमान ने स्वीकार नहीं किया है। गोगोई ने कहाकि अगर पार्टी में कुछ मुद्दों के कारण भूपेन बोरा को ठेस पहुंची है तो हम उनसे माफी मांगते हैं।

किस तरफ बोरा का इशारा
मीडिया से बातचीत में भूपेन बोरा ने विस्तार से जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहाकि मैं अभी इस पर बोलना ठीक नहीं समझता कि मैंने इस्तीफा क्यों दिया। हां, मैंने इस्तीफा दिया था। इसे आलाकमान को भी भेजा था। जब भी मुझे जरूरी लगेगा, मैं आप लोगों को बुलाऊंगा और विस्तार से बात करूंगा। हालांकि उन्होंने इशारों-इशारों में इस्तीफे की वजह का भी जिक्र कर दिया। बोरा ने कहाकि थोड़ा-बहुत तो आप लोग भी जानते ही हैं कि मैंने इस्तीफा क्यों दिया। इस सबकी शुरुआत बेहाली से हुई थी।

इसके अलावा उन्होंने पार्टी में निर्णय लेने की अंदरूनी प्रक्रिया को लेकर भी असहमति जताई। खासतौर पर मजुली यात्रा में भाग लेने को लेकर। उन्होंने कहाकि मैंने पीसीसी चीफ से कहाकि अगर कांग्रेस पार्टी यह भी तय नहीं कर पा रही है कि मजुली यात्रा में कौन जाएगा तो मुझे लगता है कि फिर भविष्य की तरफ ध्यान देना चाहिए।

इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने भूपेन बोरा के इस्तीफे पर कहाकि भाजपा के दरवाजे उनके लिए खुले हैं। सरमा ने यह भी कहा कि अगर बोरा भाजपा में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी सेफ सीट से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में बोरा ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है और राज्य इकाई में उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है। बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे और पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी गई। वह असम में दो बार विधायक रह चुके हैं।

 

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