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माघ मेले की घटना पर अविमुक्तेश्वरानंद का कटाक्ष, बोले—बटुक पूजन से नहीं मिलेगा प्रायश्चित

वाराणसी

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर पैर छूकर सम्मान करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि उन्होंने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं। इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है। 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है।

कहा कि जो वास्तविक पीड़ित है, जिस बटुक की चोटी खींची गई उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए। ये राजनीति नहीं है तो क्या है। उन्होंने कहा कि 20 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है। इस दिन लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे।

कहा कि गोरक्षा की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में साधु- संतों और सनातनियों के साथ जाएंगे। कहा कि भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण मेरे शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ रहे हैं।

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