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श्रमदान से करेंगे स्वच्छता के लिए जागरूक

रायपुर

शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय में स्वच्छता के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का संकल्प

नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का आज प्रमुख सचिव  सोनमणी बोरा ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा राज्य के नवा रायपुर में बेहतरीन डिजिटल संग्रहालय बनकर तैयार हुआ है। इनका रख-रखाव तथा रंगरोदन करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने संग्रहालय को स्वच्छ और साफ-सुथरे (नीट एण्ड क्लीन) रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय का अवलोकन करने राज्य के विभिन्न जिलों, देश के अन्य राज्यों सहित विदेशों से भी पर्यटक आ रहे हैं। संग्रहालय के बनने से प्रदेश का मान सम्मान देश-दुनिया में बढ़ा है। 

 बोरा ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी संकल्प ले कि महीने में कम से कम एक दिन संग्रहालय में श्रम दान करेंगें और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करेंगें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी श्रमदान करने आएंगे। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि जनजातीय संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा। 

इस दौरान आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ राज्य अंत्याव्यवसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक मती हिना अनिमेष नेताम, सयुक्त सचिव  बी. के. राजपूत, कार्यपालन अभियंता  त्रिदिप चक्रवर्ती, रायपुर जिला के सहायक आयुक्त  शरदचन्द्र शुक्ला सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स तथा आर्टिस्ट उपस्थित थे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। 

प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई है। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने इस दौरान आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा भी लिया।

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