samacharsecretary.com

डिलीवरी से मना करते रहे डॉक्टर, दर्द से कराहती रही गर्भवती – अस्पताल की बड़ी लापरवाही

सोनपुर

प्रसव पीड़ा से कराहती एक स्वस्थ गर्भवती महिला को एचआईवी पॉजिटिव बताकर प्रसव कराने से इनकार किए जाने पर शनिवार की सुबह सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल में लोग हंगामा करने पर उतारू हो गए। इससे यहां अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया है कि नयागांव थाना क्षेत्र की गर्भवती महिला पहले भी यहां जांच के लिए कई बार आ चुकी थी। इस दौरान प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को लेकर जब स्वजन अस्पताल पहुंचे, तो जांच के बाद उसे एचआईवी पॉजिटिव बताया गया।

वहीं, प्रसव कराने से इनकार कर दिया गया। इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही और स्वजन स्वास्थ्यकर्मियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल का कोई भी कर्मी उसके समीप आने को तैयार नहीं हुए।इस दौरान स्वजनों के हंगामा और आसपास से जुटे लोगों की भीड़ से जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तब आशा, ममता और परिवार की महिलाएं उसे अस्पताल के भीतर ले गई। जहां महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया।

एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी महिला

बताया गया है कि इसके पहले अस्पताल के तकनीशियन की जांच रिपोर्ट पर विश्वास नहीं होने पर एक निजी लैब से महिला की जांच कराई गई, तो उस रिपोर्ट में महिला को एचआईवी पॉजिटिव नहीं बताया गया।इस संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडलीय चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने संबंधित कर्मियों को डांट-फटकार लगाई है। महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए, जबकि महिला एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी।

उन्होंने बताया है कि महिला पहले से भी दो बच्चों की मां है। उसके पति बाहर कमाने गए है। अत्यंत ही गरीब परिवार की महिला आर्थिक अभाव के कारण किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं थी। उसने प्रसव के लिए अनुमंडल चिकित्सालय को ही सुरक्षित समझा।

इस घटना से अस्पताल की सेवा भाव के प्रति आम लोगों के बीच एक नकारात्मक संदेश जाएगा। ऐसी ही मरीजों का इलाज करने के लिए सरकार ने चिकित्सालय में सुरक्षित यूनिफार्म तथा एक अलग व्यवस्थित कमरे का सभी तरह का प्रबंध किया है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here