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गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें – डिप्टी CM शुक्ल

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा से मरीजों को अन्यत्र रेफर न किए जाने के प्रयास हों, तृतीयक स्तर की उन्नत चिकित्सा सेवाएं यही उपलब्ध हों। यह प्रयास हो कि बाहर के मरीज भी यहाँ इलाज के लिए आएं। रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के लिए चार सीटों की स्वीकृति हो गई है। अब यहाँ डीएम की भी पढ़ाई होगी। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की वृहद समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। यहाँ के चिकित्सकों व चिकित्सकीय स्टाफ द्वारा पूरी लगन व मेहनत से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रदेश भर में इस अस्पताल द्वारा किए गए चिकित्सा इलाज की चर्चा है। यह अस्पताल प्रदेश के अन्य सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीजों को इलाज की सुविधा देने वाला अस्पताल बना है। अब इस अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के पद स्वीकृत हुए हैं। शीघ्र ही यहाँ अन्य विभागों में एमसीएच की सीटें भी स्वीकृत होंगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति व उनको मिलने वाले इंसेन्टिव के विषय में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नियत समयावधि पूर्ण करने पर चिकित्सकों को अगले पद पर तत्काल पदोन्नति दें। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों व स्टाफ से अपेक्षा की कि इसी तरह मनोयोग से मरीजों का इलाज करते रहें।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वर्ष 2020 में 155, वर्ष 2021 में 1749, वर्ष 2022 में 2501, वर्ष 2023 में 2846, वर्ष 2024 में 2254 एवं वर्ष 2025 में 2327 एंजियोग्राफी की गईं। जबकि वर्ष 2020 में 80, वर्ष 2021 में 832, वर्ष 2022 में 1595, वर्ष 2023 में 1685, वर्ष 2024 में 1500 व 2025 में 1371 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब तक 29 मरीजों की ओपेन हार्ट सर्जरी की जा चुकी है। इसी प्रकार अस्पताल में 8 मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, डॉ. मनोज इंदुलकर, अधीक्षक संजय गांधी डॉ. राहुल मिश्रा, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी डॉ. अक्षय वास्तव सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे।

 

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