samacharsecretary.com

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी की अपील, वैश्विक स्थिरता पर जताई चिंता

ईरान
ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की जद में आ चुका है। सोमवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और युद्ध के और भयावह होने का खतरा बना हुआ है। एक तरफ ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने B-2 बॉम्बर्स उतार दिए हैं।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। वहीं इजराइल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है। कतर, कुवैत जैसे शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।

ईरान पर बमबारी जारी
वहीं अमेरिका और इजराइल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी। ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजराइली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच ईरानी स्कूल पर हुए हमले में मौत का आंकड़ा 180 तक पहुंच गया है।

पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बात
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी। पीएम ने खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here