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खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: एमपी में सिंथेटिक टर्फ हॉकी स्टेडियम को मिली मंजूरी, तय समय सीमा में होगा निर्माण

रायसेन
औद्योगिक शहर मंडीदीप सहित सम्पूर्ण रायसेन जिले के हॉकी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मंडीदीप के हॉकी फीडर सेंटर की उपलब्धियों को देखते हुए 13.71 करोड़ रुपए स्वीकृत की है। यहां एक आधुनिक सिंथेटिक टर्फ वाला हॉकी स्टेडियम बनाया जाएगा, जो ढाई साल में तैयार होगा।

हॉकी की नर्सरी माना जाता है मंडीदीप
मंडीदीप को "हॉकी की नर्सरी" के रूप में जाना जाता है, जहां के खिलाड़ी वर्षों से प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ियों की लगातार मांग पर अब यह सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का अभ्यास संभव हो सकेगा। इस योजना के साथ प्रदेश में सिंथेटिक टर्फ की कुल संख्या 17 हो जाएगी।
 
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताएं अब केवल सिंथेटिक टर्फ पर ही खेली जाती है। फिलहाल मंडीदीप के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए भोपाल, नर्मदापुरम या ग्वालियर जाना पड़ता है। नए स्टेडियम के बनने से शहर में ही बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे खिलाडियों का प्रदर्शन और बेहतर होगा। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे।

ढाई साल में बनकर होगा तैयार
सरकार द्वारा राशि स्वीकृत होने के बाद अगले दो महीनों में निर्माण एजेंसी तय कर टेंडर निकाले जाएंगे। टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ महीना लगेगा। इसी माह में विभिन्न टीमों की ओर से स्टेडियम के लिए जरूरी अन्य प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। इस प्रकार कुल ढाई साल में स्टेडियम तैयार हो जाएगा।
 
उपलब्ध होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
मंडीदीप के नयापुरा गांव में सिंथेटिक टर्फ का लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होगा। इसके साथ ही टर्फ पर वाटरिंग के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा। शुरुआत में 300 दर्शकों की क्षमता वाली दर्शक दीर्घा (स्टैंड) बनेगी, बाद में इसे और बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा यहां खिलाड़ियों के लिए 5 ड्रेसिंग रूम, एक बड़ा स्टोर और हॉल, जिसमें फिटनेस सेंटर होगा। वहीं एक इलेक्ट्रिक रूम भी बनाया जाएगा।

कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के करीब
मंडीदीप हॉकी फीडर सेंटर के कई खिलाड़ी, खासकर लड़कियां, राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। लगभग 10 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में मदद करेगी।

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