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बिलासपुर में पुलिस टीम पर भीड़ का हमला, महिला सिपाही की वर्दी फाड़ी, सात आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर
बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम निपनिया में पुलिस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपितों ने पुलिस जवानों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस घटना में एक आरक्षक की वर्दी फाड़ दी गई, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। पुलिस ने मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।

मारपीट की शिकायत पर गांव पहुंची थी पुलिस
जानकारी के अनुसार बिल्हा पुलिस को होली के दिन सूचना मिली कि पेंडरवा निवासी जलेश्वर साहू के साथ गांव के कुछ युवकों ने मारपीट की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम गांव पहुंची और जलेश्वर साहू को अपने साथ थाने ले आई। वह मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया कर रहा था।

इसी दौरान जलेश्वर साहू की बेटी ने पुलिस को फोन कर बताया कि जिन लोगों ने उसके पिता से मारपीट की थी, वही लोग उसके घर के सामने हंगामा कर रहे हैं।

आरोपितों की कार मिली क्षतिग्रस्त
सूचना मिलने पर बिल्हा थाना प्रभारी अवनीश पासवान अपनी टीम के साथ गांव के लिए रवाना हुए। रास्ते में निपनिया के पास आरोपित युवकों की कार क्षतिग्रस्त हालत में मिली। पुलिस टीम कार चालक को पकड़कर थाने ले जा रही थी।

पुलिस कार्रवाई का विरोध, जवानों से धक्का-मुक्की
इसी दौरान गांव में रहने वाले जावेद, अजीम, कार्तिक श्रीवास, पप्पू और अन्य लोग वहां पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। आरोपितों ने कार चालक को पुलिस के कब्जे से छुड़ाने की कोशिश की।

बताया गया कि जावेद और अजीम ने गांव के श्याम बंसल, राहुल बंसल और अन्य लोगों को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद युवकों ने महिला आरक्षक चंदा यादव से धक्का-मुक्की की। साथ ही दूसरी आरक्षक मौसम साहू की वर्दी फाड़ दी और उनके साथ मारपीट की।

बीच-बचाव करने पहुंचे आरक्षक संतोष मरकाम के साथ भी आरोपितों ने मारपीट की। स्थिति को संभालने के दौरान थाना प्रभारी अवनीश पासवान को भी चोटें आईं।

अतिरिक्त बल पहुंचते ही भीड़ हुई तितर-बितर
घटना की सूचना मिलने पर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस बल को देखते ही वहां मौजूद भीड़ तितर-बितर हो गई। इसके बाद पुलिस टीम किसी तरह कार चालक को पकड़कर थाने ले आई।

थाना प्रभारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घटना में शामिल सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 4 मार्च को होली ड्यूटी के दौरान पेंडरवा का रहने वाला जलेश्वर साहू शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। इसी दौरान उनकी बेटी ने सूचना दी कि कुछ लोग शराब के नशे में उनके घर के पास आकर गाली-गलौज कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अवनीश पासवान पेट्रोलिंग टीम के साथ ग्राम पेंडरवा के लिए रवाना हुए। रास्ते में ग्राम निपनिया पीपल चौक के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार (CG 10 N 2288) डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से कार को सड़क से हटवाया। इसके बाद ड्राइवर और गाड़ी को थाने ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान जावेद, अजिम, कार्तिक श्रीवास और पप्पू वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों से विवाद करने लगे।

दोस्तों को बुलाकर पुलिस टीम को घेरा
विवाद के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों श्याम बंसल, राहुल बंसल और यश बंसल को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर पुलिसकर्मियों से बदतमीजी की, अश्लील गाली-गलौज की और सरकारी काम में बाधा डालते हुए मारपीट शुरू कर दी।

समझाइश देने पर TI से भी की झूमाझटकी
बदमाशों की संख्या अधिक होने के कारण टीआई अवनीश पासवान उन्हें समझाकर शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शराब के नशे में आरोपियों ने उन्हें भी घेर लिया और झूमाझटकी शुरू कर दी। जिससे उनकी कलाई में चोट आ गई।

कॉन्स्टेबल की वर्दी फाड़ी, लेडी कॉन्स्टेबल से धक्का-मुक्की
हंगामे के दौरान आरोपियों ने कॉन्स्टेबल मौसम साहू की वर्दी फाड़ दी। वहीं लेडी कॉन्स्टेबल चंदा यादव के साथ धक्का-मुक्की की गई। मारपीट में कॉन्स्टेबल संतोष मरकाम घायल हो गए। बाद में किसी तरह पुलिस टीम मौके से निकल पाई।

8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
इस मामले में TI अवनीश पासवान ने बताया कि जावेद, अजिम, श्याम बंसल, राहुल बंसल, यश बंसल, कार्तिक श्रीवास और पप्पू सहित अन्य साथियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 121(1), 132, 191(2), 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सभी आरोपियों की तलाश कर रही है।

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