samacharsecretary.com

अब किम जोंग से पंगा लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने हजारों सैनिकों की शुरू कर दी मिलिट्री ड्रिल

वासिंगटन.

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बीते 10 दिनों से जारी भीषण युद्ध का कोई अंत फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और जंग का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच अब अमेरिका ने कुछ ऐसा कर दिया है जिससे उत्तर कोरिया का भड़कना तय है। दरअसल अमेरिका ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अभ्यास में हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं, जिससे उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन का पारा चढ़ सकता है।
दक्षिण कोरिया के 'ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ' ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 18,000 कोरियाई सैनिक इस 'फ्रीडम शील्ड' अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जो 19 मार्च तक चलेगा। हालांकि अमेरिकी सेना ने दक्षिण कोरिया में इस अभ्यास में शामिल अपने सैनिकों की संख्या नहीं बताई है इन दोनों सहयोगी देशों का यह संयुक्त अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब दक्षिण कोरियाई मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका कुछ सैन्य संसाधनों को दक्षिण कोरिया से हटा कर ईरान के खिलाफ लड़ाई में ले जा रहा है।

पैट्रियट मिसाइल सिस्टम पश्चिम एशिया भेजे जाने की खबरें
इससे पहले 'यूएस फोर्सेज कोरिया' ने पिछले सप्ताह कहा था कि सुरक्षा कारणों से वह सैन्य संसाधनों की विशिष्ट गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं करेगी। वहीं दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने भी इस खबर पर टिप्पणी करने से इनकार किया कि कुछ अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और अन्य उपकरण पश्चिम एशिया भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इससे सहयोगी देशों की संयुक्त रक्षा रणनीति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

बौखला सकता है उत्तर कोरिया
'फ्रीडम शील्ड' अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। उत्तर कोरिया लंबे समय से सहयोगी देशों के संयुक्त अभ्यासों को आक्रमण का पूर्वाभ्यास बताता रहा है और इसे अपने सैन्य प्रदर्शनों और हथियार परीक्षणों को बढ़ाने का बहाना बनाता रहा है। अमेरिका एवं दक्षिण कोरिया का कहना है कि ये अभ्यास रक्षा उद्देश्य के लिए होते हैं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here