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संदीप पाटिल का दावा: उस घटना के बाद गौतम गंभीर ने देखना तक छोड़ दिया

नई दिल्ली
बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि गौतम गंभीर लंबे समय से उनसे बात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम से ड्रॉप होने के बाद से गंभीर उनसे बात नहीं करते हैं। बात करना तो दूर, उनकी तरफ देखते तक नहीं हैं गौतम गंभीर का 2006 से 2012 तक भारतीय क्रिकेट में अपना ही रुतबा रहा। वह 2007 और 2011 की विश्व विजेता टीमों का हिस्सा रहे। वैसे तो उन्होंने नवंबर 2016 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था लेकिन सही मायनों में तो 2013 में ही वह एक तरह से टीम इंडिया से बाहर हो चुके थे।

संदीप पाटिल ने विकी लालवानी शो पर कहा कि उनकी अगुआई में चयन समिति ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज चेहरों युवराज सिंह, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंदर सहवाग और यहां तक कि महान सचिन तेंदुलकर पर भी कठिन फैसले लिए थे लेकिन इनमें से गंभीर ही हैं जो अभी तक उस चीज को नहीं भुला पाए हैं।

पाटिल ने कहा, ‘जब आप चयन समिति की कुर्सी पर बैठे होते हैं तब आप कुछ बड़े फैसले लेने के लिए जिम्मेदार होते हैं। आप खिलाड़ियों के साथ अपनी दोस्ती या घनिष्ठता को नहीं देख रहे होते हैं। सचिन जब 14 साल के थे तब से उनके साथ मेरी अच्छी घनिष्ठता रही है। वह मेरे अंडर खेले हैं, साथ मेरे साथ खेले हैं। जब कभी भी मैं उन्हें कुछ टेक्स्ट करता हूं तो वह तुरंत जवाब देते हैं। मैं हाल ही में एक फ्लाइट में युवराज सिंह से मिला, बहुत गर्मजोशी से मिले। यहां तक कि वीरेंदर सहवाग भी। वे सभी मुझसे अच्छी तरह बात करते हैं। गंभीर को छोड़कर। वह मुझे बहुत प्रिय थे। यहां तक कि आज भी हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं लेकिन वह मुझे नाराज हैं जो ठीक भी है। यहां तक कि मैं भी जब टीम से निकाला गया तब चयन समिति से नाराज हुआ था। मैंने पाकिस्तान में 100 किए थे। कोटला में इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाए लेकिन तब भी ड्रॉप कर दिया गया। उसके बाद फिर कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला।’

गंभीर की टीम से छुट्टी के बाद शिखर धवन का रास्ता साफ हुआ जिन्होंने मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया और शानदार 187 रन बनाए। रोहित शर्मा के साथ मिलकर शिखर धवन ने वनडे और टी20 में भारत की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी में से एक बनाई जबकि गंभीर नजरअंदाज होते रहे। वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते रहे और बाद में दिल्ली कैपिटल्स में लौटे और आखिरकार 2018 में हर तरह के क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया।

संदीप पाटिल ने कहा कि गंभीर अब भी उनसे खफा हैं। उन्होंने कहा, 'गंभीर अब भी खफा हैं। उन्होंने मुझसे कभी बात नहीं की। हम बहुत सारे अलग-अलग शो पर एक साथ आए। हम एक ही कमरे में बैठे लेकिन गौतम ने मेरी तरफ देखा भी नहीं। ठीक है। हर बार जब मैं उनके पास जाकर 'Hi' कहा तो उन्होंने कभी भी उसका जवाब नहीं दिया। एक बार भी नहीं देखा। लेकिन ठीक ही है।'

पुराने दिनों में गौतम गंभीर के साथ अपने गर्मजोशी भरे रिश्तों का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, 'हम टूर्स पर साथ में टेनिस खेले। हमारे बीच में बहुत ही शानदार तालमेल थी। जब मुझे कोच के पद से हटाया गया था तब गौती मुझे हर दो हफ्ते में एक बार कॉल करते थे। वह वैसे थे। गौतम अपने करियर को लेकर बहुत गंभीर थे और अपनी बैटिंग और अप्रोच पर फोकस बनाए रखते थे। कोई भी क्रिकेटर उस स्टेज पर खेल नहीं छोड़ना चाहता जब आप अच्छा कर रहे होते हैं। कोई भी ड्रॉप होना नहीं चाहता। लक्ष्मण, द्रविड़ शांति से रिटायर हो गए। सहवाग एक अच्छा जश्न चाहते थे लेकिन वैसा नहीं हुआ।'

 

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