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अफीम खेती पर CM विष्णु ने जारी किया निर्देश, बिजली बिल देरी पर किसानों को राहत

रायपुर

छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के रोज नए-नए केस सामने आ रहे हैं. पहले दुर्ग में अफीम की खेती का मामला सामने आया था. फिर बलरामपुर के कुसमी में अफीम की खेती पकड़ी गई. अब बलरामपुर के ही तुर्रापानी में दूसरी अवैध अफीम की खेती मिलने की जानकारी आई है. इससे राज्य में हड़कंप मच गया है. विपक्ष की तरफ से लगातार इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इसी वजह से अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाया है। 

CM विष्णुदेव साय ने अपनाया कड़ा रुख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी कलेक्टर्स को आदेश जारी किया है और उन्हें 15 दिनों के भीतर सर्वे रिपोर्ट देने को कहा है. उनकी तरफ से बताया गया है कि अवैध मादक पदार्थ को लेकर राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. अवैध अफीम की खेती ना हो इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट के साथ प्रमाण पत्र कलेक्टर सौंपेंगे। 

मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना भी की शुरू
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की शुरुआत की. यह योजना उन लोगों के लिए है, जो आर्थिक समस्याओं की वजह से बिजल का बिल नहीं चुका पाए. योजना के तहत लगभग 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज हर घर की आवश्यकता है और सरकार चाहती है कि किसी परिवार की रोशनी सिर्फ बिल बकाया होने के कारण बंद न हो। 

बलरामपुर जिले के तुर्रापानी में दूसरी अवैध अफीम की खेती मिलने की जैसे ही सूचना मिली. पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया. बताया जा रहा है कि लगभग एक से डेढ़ एकड़ में अवैध अफीम की खेती मिली है. पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. जिले की संयुक्त टीम जांच में जुटी है। 

दुर्ग में अफीम की खेती मामले में चौथा आरोपी हुआ गिरफ्तार
अब राज्य प्रशासन अफीम की खेती को लेकर सतर्क हो गया है और पुलिस की तरफ से बड़ी कार्रवाई की जा रही है. दुर्ग में अफीम की खेती मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है. दुर्ग के ग्राम समोदा झेंझरी के मध्य खेत में अफीम की खेती की जा रही थी. लगभग 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में अफीम के पौधे लगाए थे. जब्त पौधों की कीमत करीब 8 करोड़ रुपए बताई जा रही है। 

 

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