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कचरा अलग-अलग करना होगा जरूरी: हिसार के 1.55 लाख प्रॉपर्टी मालिकों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर जुर्माना

हिसार.

शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्ती के संकेत दे दिए हैं। अब घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का सेग्रीगेशन (गीला-सूखा अलग करना) अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रापर्टी मालिकों को अब चेतावनी ही नहीं, बल्कि आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ेगा।

नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि कचरा अलग-अलग डस्टबिन में नहीं रखने वालों के चालान किए जाएंगे। चालान के संबंध में नगर निगम के मुख्य सभागार में आयोजित बैठक में निगमायुक्त नीरज ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, सीएसआइ राजकुमार, एक एनजीओ प्रतिनिधि डॉ. रूबी मखीजा, एएसआई तथा कचरा संग्रहण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कचरा सेग्रीगेशन की व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के नियमानुसार चालान किए जाएं। गलती दोहराई तो 500 का चालान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई घर कचरे का सेग्रीगेशन नहीं करता पाया जाता है तो पहली बार 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि वही गलती दोबारा दोहराई गई तो 500 रुपये का चालान किया जाएगा। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालना अब अनिवार्य है।

जुर्माना जमा नहीं कराने पर नगर निगम जोड़ेगा प्रापर्टी टैक्स में
नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर में कार्रवाई करते हुए खुले में कचरा फेंकने के मामले में दो लोगों के चालान भी किए। प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। निगमायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा। जुर्माना जमा न करने पर यह राशि संबंधित प्रापर्टी के टैक्स में जोड़ दी जाएगी।

सड़क के किनारे पशुओं को गीला कचरा डालने पर भी होगी कार्रवाई
शहर में कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के लिए लोग सड़क किनारे गीला कचरा डाल देते हैं। निगम ने इसे भी स्वच्छता नियमों का उल्लंघन माना है। अब सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह कचरा डालते पाए जाने पर भी चालान किए जाएंगे। एजेंसियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट निगमायुक्त ने शहर से कचरा संग्रहण करने वाली निजी एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि कितने घरों से नियमित कचरा एकत्रित हो रहा है और कितने घर अभी इस व्यवस्था से नहीं जुड़े हैं। इसके अलावा कचरा सेग्रीगेशन की स्थिति का भी विवरण देना होगा। एजेंसियों की रिपोर्ट का सत्यापन एएसआइ करेंगे और उसके बाद सीएसआई व एएसआइ की टीम नियमों के तहत चालान की कार्रवाई करेगी। एनजीटी भी सख्त, बढ़ाए जुर्माने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने भी स्वच्छता नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना प्रतिबंधित है। पहली बार उल्लंघन पर पांच हजार, जबकि दोबारा गलती पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) पर पहली बार में 25 हजार व पुनः उल्लंघन पर 50 हजार जुर्माना लगाया जाएगा।

दो व्यक्तियों के काटे 10 हजार के चालान
एएसआई राहुल सैनी, राहुल पंवार व रोहित ने खुले में कचरा डालने पर ज्योतिपुरा मुहल्ले के पास एक दुकानदार का पांच हजार का चालान काटा। एएसआइ कपिल ने कैमरी रोड पर खुले में कचरा जलाने पर एक व्यक्ति का पांच हजार का चालान किया।

कचरे का सेग्रीगेशन करना अनिवार्य
कचरे का सेग्रीगेशन करना अब अनिवार्य है। जो घर कचरे को अलग-अलग नहीं करेंगे उनके चालान किए जाएंगे। शहरवासियों से अपील है कि स्वच्छता में सहयोग करें। खुले में कचरा न फेंकें।
– नीरज, निगमायुक्त, हिसार

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