samacharsecretary.com

स्टेज पर दिखा भावुक दृश्य: गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के पैर छुए, मूसेवाला को कविता से किया याद

मानसा.

पंजाबी संगीत जगत के वरिष्ठ गायक गुरदास मान रविवार सुबह दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के गांव मूसा पहुंचे। यहां उन्होंने मूसेवाला की हवेली में जाकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया जब गुरदासमान ने पहले शुभदीप (सिद्धू मूसेवाला) के भाई के पैरों को छुआ और उसके बाद छोटे मूसेवाला ने भी उनके पैरों को छू सिर झुकाया।

जानकारी के अनुसार गुरदास मान शनिवार रात मानसा में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए विशेष रूप से लिखी गई कविता भी सुनाई। कविता की पंक्तियां सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। मान ने मंच से कहा था कि वह सिद्धू के शहर आए हैं और उसके घर गए बिना वापस नहीं लौटेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की आवाज और उसकी शायरी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उन्होंने मंच से पंक्तियां पढ़ते हुए सिद्धू को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उसके गीत और उसका जज्बा हमेशा याद रखा जाएगा।

छोटे सिद्धू को देखते ही रह गए गुरदास मान
रविवार सुबह गुरदास मान सीधे गांव मूसा पहुंचे। इस दौरान जब सिद्धू की माता चरण कौर ने उनका स्वागत किया तो गुरदास मान ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद जब उन्होंने सिद्धू के छोटे भाई को देखा तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह तो बिल्कुल हूबहू शुभदीप जैसा दिखाई देता है, वही चेहरा और वही जज्बा नजर आता है। इसके बाद अचानक से गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के पैरों को छू लिया। इसके बाद माता चरण कौर ने छोटे शुभदीप को गुरदास मान के पैर छूने को कहा। गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के नन्हें हाथों को अपने हाथों में लिया और चूम लिया। बोले- क्या बात है, ग्रेट…।

शुभदीप की तस्वीर को किया सेल्यूट
इसके बाद गुरदास मान मूसेवाला की हवेली के अंदर गए। सबसे पहले उनकी तस्वीर को नमन किया। उन्होंने तस्वीर के सामने खड़े होकर श्रद्धांजलि अर्पित की और कुछ क्षण मौन भी रखा। इसके बाद गुरदासमान ने उनकी तस्वीर को सेल्यूट भी किया। गुरदास मान ने इस दौरान परिवार के साथ कुछ समय बिताया और सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उसका नाम और उसकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनके इस दौरे के दौरान गांव मूसा में भावनात्मक माहौल बना रहा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here