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डर के साये में ईद—उत्तम नगर मुद्दे पर भड़के ओवैसी, पलायन का किया जिक्र

नई दिल्ली
दिल्ली के उत्तम नगर में होली पर तरुण की हत्या के बाद उपजे तनाव और ईद से पहले कुछ मुसलमानों के कथित तौर पर इलाके छोड़ने पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपना आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि ये नौबत आ गई है कि देश में 19-20 करोड़ मुसलमान खुशी से ईद भी नहीं मना सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है।

खबर के मुताबिक ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के उत्तम नगर में कायम तनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि यह कानून का कैसा शासन है। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि ईद मनाने के लिए मुसलमानों को कोर्ट जाना पड़ रहा है।

हम रोजेदार हैं, ईद मनाने दो: ओवैसी
ओवैसी ने कहा, 'कई मुसलमान अपना घर छोड़कर चले गए उत्तम नगर से। कोर्ट को जाना पड़ा। दिल्ली हाई कोर्ट को जाकर कहना पड़ा ईद तो मनाने तो सुकून से। हम रोजेदार हैं, ईद तो मनाने दो हमको। ये नौबत आ गई भारत में। मोदी विश्व गुरु की बात करते हैं, 19-20 करोड़ मुसलमान ईद नहीं मना सकते खुशी से। हमको धमकियां दी जा रही हैं। हमको ईद मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ा। बताओ बीजेपी, आरएसएस, मोदी, ये कौन सा कानून का शासन है।' उन्होंने आगे कहा कि अफसोस की बात है कि ईद मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ा और हम कहते हैं कि हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।

हाई कोर्ट में क्या हुआ?
उत्तम नगर में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक हिंसा की आशंका को दूर करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। अदालत को बताया गया था कि कुछ लोग ईद पर 'खून की होली' की धमकियां दे रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने दिल्ली पुलिस को ईद से रामनवमी तक पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा। पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी को भी ऐसी शरारत करने की अनुमति न दी जाए, जिससे कोई 'अप्रिय स्थिति' पैदा होने की आशंका हो।

उत्तम नगर में क्यों है तनाव
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बाद हुई हिंसा में 26 वर्षीय युवक तरुण की मौत हो गई थी, जिसमें एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है जबकि कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तरुण की हत्या के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। भड़काऊ भाषण और पोस्टर लहराते हुए कई वीडियो वायरल हुए थे। भारी जुटान भी हुआ था।

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