samacharsecretary.com

श्रमिक परिवारों को राहत: यूपी में बेटियों की शादी पर ₹85,000 की सहायता, ऐसे करें अप्लाई

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पंजीकृत श्रमिकों के लिए 'कन्या विवाह सहायता योजना' के तहत एक बड़ी राहत की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत, पात्र श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।

आगामी 12 अप्रैल को अलीगढ़ में मंडल स्तर पर एक विशाल सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने वाले जोड़ों के लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया है।

खाते में सीधे आएंगे 85 हजार रुपये

सहायक श्रम आयुक्त विद्या प्रकाश शर्मा के अनुसार, योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े के लिए कुल 1 लाख रुपये का प्रावधान है-

  • 85,000 – श्रमिक के बैंक खाते में सीधे (DBT) ट्रांसफर किए जाएंगे।
  • 15,000 – सामूहिक विवाह के आयोजन (भोजन, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं) पर खर्च किए जाएंगे।
  • आवेदन की समय-सीमा और प्रक्रिया

इच्छुक और पात्र श्रमिक 27 मार्च 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की बारीकी से जांच के बाद, स्वीकृत होने पर 15 दिनों के भीतर सहायता राशि लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी।

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें

  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है-
  • पंजीकरण – श्रमिक का श्रम विभाग (UPBOCW) में पंजीकरण कम से कम 1 वर्ष पुराना होना चाहिए।
  • आयु सीमा – 12 अप्रैल तक वधू की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिएसंतान सीमा – योजना का लाभ एक श्रमिक की अधिकतम दो बेटियों को ही मिल सकता है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखें-

  •     श्रमिक का वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र।
  •     वर-वधू और उनके माता-पिता के आधार कार्ड।
  •     जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षिक प्रमाण पत्र (आयु सत्यापन के लिए)।
  •     राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल।
  •     पूर्व में विवाह नहीं हुआ है और किसी अन्य सरकारी विवाह योजना का लाभ नहीं लिया गया है।

 

सहायक श्रम आयुक्त ने सभी पात्र श्रमिकों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि मंडल स्तर पर होने वाले इस भव्य आयोजन का हिस्सा बन सकें।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here