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राज्यसभा उपसभापति का बयान: ‘विकसित भारत के लिए 66 साल का सफर, कई देशों में लॉकडाउन, भारत में हालात सामान्य’

भोपाल 

भोपाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के सम्मेलन का समापन सत्र चल रहा है। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन किया।

इस बीच उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना देखने में 66 साल लगा दिए गए। कई देशों में आज लॉकडाउन जैसे हालात लेकिन भारत आराम से चल रहा है। एक समय था जब दुनिया के अर्थशास्त्री, जिन्हें हम बहुत मानते थे- यह कहते थे कि भारत 2 से 3 प्रतिशत से अधिक विकास नहीं कर सकता। इसे “हिंदू ग्रोथ रेट” कहा जाता था।

उस समय यह भी माना जाता था कि केवल अलग तरह की राजनीतिक व्यवस्थाओं वाले देश ही तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। लेकिन आज भारत ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में भी तेज विकास संभव है।

उन्होंने कहा कि भारत ने यह भी सिद्ध किया है कि सही नीतियों और संकल्प के साथ देश तेजी से तरक्की कर सकता है।

विधानसभा अध्यक्ष बोले- छतीसगढ़ अलग हुआ तो आंखों में आंसू थे

वहीं, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में अलग-अलग विचारधाराओं के विधायकों ने अपनी सीमाओं से ऊपर उठकर विषय के अंतर्गत अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में टेक्नोलॉजी के उपयोग, स्वच्छता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने, शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता सुधारने, व आधारभूत संरचना के विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

तोमर ने कहा कि, मुझे वह क्षण आज भी याद है जब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश विधानसभा से अलग हुआ। उस दिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों की आंखों में आंसुओं के अलावा कुछ नहीं था। इसीलिए आज भी दोनों राज्यों के बीच वही आत्मीयता बनी हुई है।

उज्जैन जाएंगे विधायक
युवा विधायक सम्मेलन का समापन होने के बाद विधायक उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने जाएंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया था। एमपी के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष मौजूद थे।

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