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सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा, सृजन अभियान के तहत शुरू हुई पहल

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित सृजन अभियान के अंतर्गत सामुदायिक पुलिस सुरक्षा योजना के तहत कमजोर वर्ग की बस्तियों के किशोरों एवं युवाओं को पुलिस की कार्यप्रणाली एवं जन सुरक्षा व्यवस्थाओं से परिचित कराने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

इसी क्रम में दिनांक 31 मार्च 2026 को निवसीद बचपन संस्था द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से बाबा नगर भोपाल स्थित बचपन संस्था के बच्चों एवं युवाओं के लिए डायल-112 का भ्रमणकराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को एकीकृत आपातकालीन सेवा प्रणाली की जानकारी देना एवं विभिन्न आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बच्चों को सरल एवं सहज भाषा में बताया कि अब अलग-अलग परिस्थितियों के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों—108 (स्वास्थ्य), 101 (अग्निशमन), 1930 (साइबर क्राइम), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) एवं 139 (रेलवे सहायता)पर कॉल करने के स्थान पर केवल डायल-112 के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। इस एकीकृत प्रणाली की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे बच्चों में जागरूकता एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 112 पर प्राप्त प्रत्येक कॉल के आधार पर तत्काल एक इवेंट तैयार किया जाता है, जिसमें घटना का प्रकार, स्थान एवं आवश्यक सहायता का विवरण दर्ज किया जाता है। इसके पश्चात संबंधित पुलिस वाहन, एम्बुलेंस या फायर यूनिट को तुरंत मौके से जोड़ा जाता है, जिससे समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता सुनिश्चित होती है। बच्चों ने इस प्रक्रिया को बड़े उत्साह एवं रुचि के साथ समझा।

बच्चों को कंट्रोल रूम का भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्हें लाइव कॉल हैंडलिंग, तकनीकी उपकरणों का संचालन, लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम, इवेंट मैनेजमेंट एवं वाहन ट्रैकिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए तथा उन्हें यह भी बताया गया कि आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग एवं झूठी सूचना देने के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने एवं समाज के कमजोर वर्गों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

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