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गैस किल्लत और ओवररेटिंग से मिलेगी मुक्त,गुरुग्राम DC ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, तुरंत होगी कार्रवाई

गुरुग्राम डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिले में एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. LPG की कालाबाजारी को लेकर बना कंट्रोल रूम गुरुग्राम में एलपीजी गैस को लेकर आने वाली शिकायतों पर अब तुरंत कार्रवाई होगी. जिला प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा के लिए लघु सचिवालय में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है. इसके साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है, ताकि लोगों को गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े. डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिले में एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण कर रही हैं. प्रशासन का साफ कहना है कि किसी भी हालत में उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी और गैस की सप्लाई पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी. अब 24 घंटे दर्ज कर सकते हैं शिकायत शिकायतों के समाधान को और मजबूत बनाने के लिए लघु सचिवालय के एनआईसी रूम में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है. यहां लोग गैस सिलेंडर की कमी, सप्लाई में देरी, ज्यादा कीमत वसूली या अवैध भंडारण जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो और लोगों को जल्दी राहत मिले. फोन नंबर जारी, तुरंत होगी कार्रवाई डीसी ने बताया कि कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 0124-2868930 पर आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा. अगर किसी जगह कालाबाजारी या अवैध स्टॉक की जानकारी मिलती है तो संबंधित अधिकारी तुरंत जांच कर सख्त कार्रवाई करेंगे. लोगों से भी अपील की गई है कि अगर कहीं गड़बड़ी दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें. एलपीजी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना 6 टीमें फील्ड में सक्रिय कर दी गई हैं. ये टीमें गैस एजेंसियों, गोदामों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार छापेमारी और निरीक्षण कर रही हैं. इससे किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत पकड़कर कार्रवाई की जा रही है. गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं डीसी अजय कुमार ने साफ किया कि जिले में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. फिलहाल 58 गैस एजेंसियों के पास कुल 15,311 सिलेंडर मौजूद हैं और सप्लाई पूरी तरह सुचारू है. विभाग रोजाना निगरानी कर रहा है, ताकि आगे भी किसी तरह की कमी न आए. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गुरुग्राम में एलपीजी को लेकर कोई संकट नहीं है. लोगों को सिर्फ सतर्क रहने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तुरंत देने की जरूरत है, ताकि सिस्टम साफ और मजबूत बना रहे.  

Aaj Ka Rashifal 2 April 2026: मेष को मिलेगा नया काम, कर्क-मकर रहें अलर्ट, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

मेष: मेष राशि वालों के लिए दिन संतुलित रहेगा। काम की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में होती जाएंगी। ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे समय पर पूरा करना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बेवजह खर्च करने से बचें। परिवार में सहयोग मिलेगा। छोटी बातों को नजरअंदाज करना बेहतर रहेगा। वृषभ: वृषभ राशि वालों का दिन शांत तरीके से बीतेगा। काम में स्थिरता रहेगी, लेकिन ध्यान भटक सकता है। कार्यस्थल पर किसी की बात से मन प्रभावित हो सकता है, लेकिन ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। पैसों का संतुलन बना रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत ठीक रहेगी, दिनचर्या नियमित रखें। मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। काम पूरे होने से संतोष मिलेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। धन से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में माहौल अच्छा रहेगा। दोस्तों या करीबी लोगों से बातचीत मन को हल्का करेगी। कर्क: कर्क राशि वालों को काम में थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। ऑफिस में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन समय के साथ स्थिति संभल जाएगी। सेहत का ध्यान रखें। सिंह: सिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छा संकेत दे रहा है। काम में सफलता मिलने की संभावना है। ऑफिस में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार दिखेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आत्मविश्वास बनाए रखें। तुला: तुला राशि वालों के लिए दिन राहत भरा रह सकता है। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। ऑफिस में माहौल सहयोगी रहेगा। पैसों के मामले में स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार में तालमेल बना रहेगा। मन शांत रहेगा। धनु: धनु राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों से जुड़ी स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मकर: मकर राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। समय का सही उपयोग करना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में किसी बात पर मतभेद हो सकता है, लेकिन समझदारी से हल निकल सकता है। कन्या: कन्या राशि वालों को योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। काम उम्मीद के अनुसार पूरा न होने से मन थोड़ा परेशान हो सकता है। ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ‌वृश्चिक: वृश्चिक राशि वालों को मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। काम में समय लग सकता है, लेकिन धैर्य रखें। आर्थिक मामलों में समझदारी जरूरी है। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। कुम्भ: कुंभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहने की संभावना है। काम में सफलता मिल सकती है। ऑफिस में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार और दोस्तों का साथ मिलेगा। मीन: मीन राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कुछ काम पूरे होंगे, कुछ में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा। खुद को शांत रखें।

JAC मॉडल स्कूल एंट्रेंस टेस्ट का सफल आयोजन, मेरिट से होगा कक्षा 6 में नामांकन

 रांची झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा संचालित राज्य के 82 मॉडल विद्यालयों में कक्षा 6 में सत्र 2026–27  के नामांकन  के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा आज 28 मार्च (शनिवार) को राज्य भर के 19 जिलों के 60 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई. परीक्षा का आयोजन पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक किया गया. सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का आगमन समय से पहले ही प्रारंभ हो गया था, जिससे विद्यार्थियों में इस परीक्षा को लेकर उत्साह, अनुशासन एवं आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला. 100 अंकों की ऑब्जेक्टिव परीक्षा परीक्षा 100 अंकों की  बहुविकल्पीय  प्रश्न आधारित थी, जिसमें अंग्रेजी (30 अंक), गणित (30 अंक) एवं सामाजिक विज्ञान (40 अंक) से प्रश्न पूछे गए.  जिसमें प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी, जिसके पश्चात चयनित छात्र मॉडल विद्यालयों में नामांकन करा सकेंगे. परीक्षा के सफल संचालन हेतु सभी जिला प्रशासन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, केंद्राधीक्षक एवं संबंधित कर्मियों द्वारा समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई. सभी केंद्रों पर कदाचार मुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा सम्पन्न कराई गई. मॉडल स्कूल का उदेश्य क्या है? झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा संचालित मॉडल विद्यालयों में JAC बोर्ड के अंतर्गत अंग्रेजी माध्यम से कक्षा 6 से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है. इन विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उत्कृष्ट एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य में प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. परिषद राज्य के अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील करता है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु इन मॉडल विद्यालयों में अधिक से अधिक नामांकन कराएं तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाएं.

2 बिलियन डॉलर की मालकिन को आर्टिस्ट मारेन वेड ने दी चुनौती, कोर्ट में लड़नी होगी ब्रांड नाम की जंग

अमेरिकी सिंगर और सॉन्‍गराइटर टेलर स्‍व‍िफ्ट के ख‍िलाफ केस दर्ज किया गया है। जी हां, दुनियाभर में अपने करोड़ों फैंस की चहेती, 36 साल की टेलर एलिसन स्विफ्ट अपने नए एल्‍बम 'द लाइफ ऑफ अ शोगर्ल' के नाम को लेकर कानूनी विवाद में उलझ गई हैं। दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली लाइव म्यूजिक आर्टिस्‍ट और सबसे अमीर फीमेल सिंगर, को अब अपने एल्‍बम के नाम की ब्रांडिंग और मालिकाना हक को लेकर कोर्ट में लड़ाई लड़नी पड़ेगी। सोमवार को कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दायर इस मुकदमे में टेलर स्विफ्ट और UMG रिकॉर्डिंग्स पर ट्रेडमार्क उल्लंघन, गलत पहचान और अनफेयर कंपीटिशन यानी अनुचित प्रतिस्पर्धा के आरोप लगाए गए हैं। टेलर स्‍व‍िफ्ट के ख‍िलाफ यह केस राइटर और आर्टिस्‍ट मारेन वेड ने दायर की है। उनका दावा है कि ‘The Life Of A Showgirl’ नाम पर उनका पहले से अध‍िकार है। ऐसे में उन्‍होंने टेलर स्‍व‍िफ्ट के एल्‍बम के टाइटल के इस्तेमाल को रोकने की अर्जी लगाई है। साथ ही अदालत से हर्जाने की भी मांग की है। मारेन वेड का तर्क है कि यह टाइटल उनके अपने लंबे समय से चले आ रहे ब्रांड से मिलता-जुलता है, जिसे उन्होंने कई साल में अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर डवलप किया है। वकील ने कहा- बड़े कलाकार के कारण नाइंसाफी ना हो मारेन वेड की वकील जेमी पार्किनेन ने इस बाबत अपने एक बयान में कहा, 'हमारी लड़ाई एक ऐसी अकेली कलाकार के लिए है, जिसने एक ब्रांड बनाने में बारह साल लगाए। अब उसके साथ ऐसी नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए कि कोई बड़ा कलाकार आकर उसके ब्रांड को खत्म कर दे।' वकील का दावा- 2014 से मारेन वुडी इस नाम का कर रहीं इस्‍तेमाल वकील ने दावा किया है कि मारेन वेड इस 'विवादित नाम' से 2014 से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने तब 'लास वेगास वीकली' के लिए 'कन्फेशन्स ऑफ अ शोगर्ल' (Confessions of a Showgirl) नाम से एक कॉलम लिखना शुरू किया था। बाद में यह कॉन्सेप्ट एक पॉडकास्ट और एक लाइव शो में बदल गया, जिसमें पॉप और जैज परफॉर्मेंस शामिल थीं। मुकदमे के मुताबिक, उनका यह ट्रेडमार्क लाइव स्टेज शो, थिएटर प्रोडक्शन और टेलीविजन कंटेंट को कवर करता है। उन्होंने ऐसा चुपचाप नहीं किया। कुछ ही हफ्तों के भीतर, इस नाम को यूजर मार्केट में हर तरह से इस्‍तेामल किया गया। इसे लेबल, टैग और पैकेजिंग पर छापा गया। मारेन वेड ने कहा- दोनों का टारगेट ऑड‍ियंस एक ही है अपनी याचिका में मारेन वेड ने अरोप लगाए हैं कि टेलर स्विफ्ट की टीम ने एल्बम रिलीज होने के तुरंत बाद ही उसके टाइटल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया है, 'उन्होंने ऐसा चुपचाप नहीं किया। कुछ ही हफ्तों के भीतर, इस नाम को यूजर मार्केट में हर तरह से इस्‍तेामल किया गया। इसे लेबल, टैग और पैकेजिंग पर छापा गया। साथ ही रिटेल चैनलों में एक पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया गया। यह सब उसी टारगेट ऑडियंस के लिए है, जिसे बनाने में वादी (वेड) ने 12 साल लगाए थे। जब टेलर स्विफ्ट ने द लाइफ ऑफ अ शोगर्ल को रजिस्टर करवाने की कोशिश की, तो U.S. पेटेंट और ट्रेडमार्क ऑफ‍िस ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया। मारेन वेड का दावा टेलर स्‍व‍िफ्ट की अर्जी ट्रेडमार्क ऑफिस ने कर दी थी खार‍िज कानूनी दस्तावेज में आगे कहा गया है कि जब टेलर स्विफ्ट ने 'द लाइफ ऑफ अ शोगर्ल' को रजिस्टर करवाने की कोशिश की, तो U.S. पेटेंट और ट्रेडमार्क ऑफ‍िस ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया। मुकदमे के मुताबिक, अधिकारियों ने भी यह पाया कि ये नाम मारेन वेड के मौजूदा ट्रेडमार्क से बहुत ज्यादा मिलता-जुलता है। उन्होंने 'ऑफ अ शोगर्ल' (of a Showgirl) के शेयर होने और इसकी समानता होने का हवाला दिया। क्‍या है अमेरिका का ट्रेडमार्क कानून, क्‍या टेलर स्‍व‍िफ्ट को बदलना होगा नाम अमेरिकी ट्रेडमार्क कानून में आम तौर पर पहले से मौजूद रजिस्टर्ड नामों को प्राथमिकता मिलती है। ऐसे में सिंगर टेलर स्विफ्ट अब ऐसी स्थिति में आ गई हैं, जहां उन्हें या तो कोर्ट में इन दावों को चुनौती देनी होगी, या फिर इस नाम के राइट्स हासिल करने के लिए बातचीत करनी होगी। मारेन वेड का यह भी दावा है कि उनके ब्रांड पर पहले ही असर पड़ चुका है। उनका आरोप है कि दर्शकों में भ्रम फैल गया है और अब उन्हें लगता है कि मारेन वेड ने टेलर स्विफ्ट के काम की नकल की है। 2 ब‍िल‍ियन डॉलर की मालकिन टेलर स्‍व‍िफ्ट का नहीं आया कोई जवाब हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक टेलर स्विफ्ट या उनकी टीम की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। करीब ₹18786.78 करोड़ (2 ब‍िल‍ियन डॉलर) की मालकिन टेलर स्‍व‍िफ्ट अपने बड़े और व्‍यापक ट्रेडमार्क पोर्टफोलियो के लिए जानी जाती हैं। उनके नाम, एल्‍बम के टाइटल, सब-टाइटल्‍स से कई बिजनस मॉडल जुड़े हुए हैं। वह अब तक 170 से ज्यादा ट्रेडमार्क अपने नाम पर रजिस्‍टर करवा चुकी हैं। उनके ब्रांड से जुड़े कामों में 'TAS Rights Management' शामिल है, जो ट्रेडमार्क पर नियंत्रण रखता है, और ऐसा ही एक 'Bravado' है, जो दुनियाभर के बाजार में मर्चेंडाइज के प्रोडक्‍शन का काम संभालता है।  

आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान,नेवी में शामिल हुआ ASW युद्धपोत मालवन, 80% स्वदेशी तकनीक से है लैस

नई दिल्ली भारतीय नौसेना को दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शिप 'मालवन' सौंप दिया गया है। 80% स्वदेशी तकनीक से बना यह जंगी जहाज दुश्मनों की पनडुब्बियों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है। जानें इसकी ताकत और खासियतें। पनडुब्बियों का काल, पानी में छिपकर करेगा वार! नेवी को मिला समंदर का नया सिकंदर 'मालवन' भारतीय नौसेना की ताकत और तटीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए 31 मार्च, 2026 को 'मालवन' नामक पनडुब्बी रोधी युद्धक शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW SWC) नौसेना को सौंप दिया गया है। यह देश में स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने वाली 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस युद्धपोत का निर्माण कोच्चि स्थित 'कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड' (CSL) द्वारा किया गया है। नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किए जा रहे आठ विशेष युद्धपोतों की श्रृंखला में 'मालवन' दूसरा जहाज है। अधिकारियों के अनुसार, इस जहाज के शामिल होने से भारत की तटीय रक्षा और पानी के भीतर युद्ध (अंडरवाटर वारफेयर) करने की क्षमताओं में भारी वृद्धि होगी। शिवाजी महाराज की विरासत इस युद्धपोत का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवशाली समुद्री विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह नाम भारतीय नौसेना के पूर्व जहाज 'आईएनएस मालवन' की विरासत को भी आगे बढ़ाता है, जो एक माइनस्वीपर था और जिसने वर्ष 2003 तक नौसेना में अपनी सेवाएं दी थीं। प्रमुख विशेषताएं और तकनीकी क्षमताएं इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो रक्षा उत्पादन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) सहित घरेलू उद्योग की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इसकी लंबाई लगभग 80 मीटर है और इसका विस्थापन करीब 1,100 टन है। यह उन्नत 'वाटरजेट प्रोपल्शन' प्रणाली द्वारा संचालित होता है। हथियार और सेंसर यह आधुनिक रडार, सोनार सिस्टम, टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है। यह पानी के भीतर छिपे खतरों का सटीक पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है। यह जहाज तटीय जल में पनडुब्बी रोधी अभियानों, अंडरवाटर सर्विलांस (निगरानी), कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन और खदान युद्ध (माइन वारफेयर) मिशनों को अंजाम देने में माहिर है।  मेक इन इंडिया के तहत एक और बड़ा रक्षा सौदा स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने के इस व्यापक अभियान के बीच, रक्षा मंत्रालय ने एक और बड़ा कदम उठाया है। 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम को और गति देते हुए, मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए दो माउंटेन रडार की खरीद हेतु 'भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड' (BEL) के साथ लगभग 1,950 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं।

सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा, सृजन अभियान के तहत शुरू हुई पहल

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित सृजन अभियान के अंतर्गत सामुदायिक पुलिस सुरक्षा योजना के तहत कमजोर वर्ग की बस्तियों के किशोरों एवं युवाओं को पुलिस की कार्यप्रणाली एवं जन सुरक्षा व्यवस्थाओं से परिचित कराने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इसी क्रम में दिनांक 31 मार्च 2026 को निवसीद बचपन संस्था द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से बाबा नगर भोपाल स्थित बचपन संस्था के बच्चों एवं युवाओं के लिए डायल-112 का भ्रमणकराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को एकीकृत आपातकालीन सेवा प्रणाली की जानकारी देना एवं विभिन्न आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बच्चों को सरल एवं सहज भाषा में बताया कि अब अलग-अलग परिस्थितियों के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों—108 (स्वास्थ्य), 101 (अग्निशमन), 1930 (साइबर क्राइम), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) एवं 139 (रेलवे सहायता)पर कॉल करने के स्थान पर केवल डायल-112 के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। इस एकीकृत प्रणाली की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे बच्चों में जागरूकता एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 112 पर प्राप्त प्रत्येक कॉल के आधार पर तत्काल एक इवेंट तैयार किया जाता है, जिसमें घटना का प्रकार, स्थान एवं आवश्यक सहायता का विवरण दर्ज किया जाता है। इसके पश्चात संबंधित पुलिस वाहन, एम्बुलेंस या फायर यूनिट को तुरंत मौके से जोड़ा जाता है, जिससे समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता सुनिश्चित होती है। बच्चों ने इस प्रक्रिया को बड़े उत्साह एवं रुचि के साथ समझा। बच्चों को कंट्रोल रूम का भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्हें लाइव कॉल हैंडलिंग, तकनीकी उपकरणों का संचालन, लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम, इवेंट मैनेजमेंट एवं वाहन ट्रैकिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए तथा उन्हें यह भी बताया गया कि आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग एवं झूठी सूचना देने के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने एवं समाज के कमजोर वर्गों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

अनीता आडवाणी की याचिका खारिज, राजेश खन्ना के साथ रिश्ते को कानूनी मान्यता से हाई कोर्ट का इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राजेश खन्ना के साथ उनके संबंध को शादी जैसा नहीं माना। इसके साथ ही उनकी अपील को खारिज कर दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट से अनीता आडवाणी को झटका; राजेश खन्ना से रिश्ते को नहीं मिला शादी का दर्जा, अपील खारिज बॉम्बे हाई कोर्ट ने राजेश खन्ना की लिव-इन पार्टनर होने का दावा करने वाली अनीता आडवाणी की याचिका खारिज कर दी है। अनीता ने अपील की थी कि राजेश खन्ना उनकी मांग में सिंदूर भर चुके हैं। इस लिहाज से उनके रिश्ते को शादी का दर्जा मिलना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने अनीता की अपील को खारिज करते हुए 2017 में दिए गए डिंडोशी कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। अनीता आडवाणी को कोर्ट से मिला झटका सुपरस्टार राजेश खन्ना के निधन के कई साल बाद उनसे जुड़ी कानूनी लड़ाई अब खत्म हो चुकी है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनीता आडवाणी की तरफ से दायर की गई याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस शर्मिला देशमुख ने अनीता आडवाणी की अपील खारिज कर दी। अनीता का कहना था कि वह राजेश खन्ना की लिव-इन पार्टनर थीं। साल 2012 में उनके निधन तक साथ रहीं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि राजेश खन्ना ने चुपचाप उनकी मांग में सिंदूर भी भरा था। इस लिहाज से उनके रिश्ते को शादी का दर्जा मिलना चाहिए। घरेलू हिंसा का भी किया था केस अनीता आडवाणी और कपाड़िया परिवार के बीच 2012 से ही मुकदमे चल रहे हैं। अनीता ने डिंपल, अक्षय और ट्विंकल के खिलाफ बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट में घरेलू हिंसा का आपराधिक मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था राजेश खन्ना की मृत्यु के बाद उन्हें उनके बंगले आशीर्वाद से निकाल दिया गया। 2015 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में डिंपल कपाड़िया, ट्विंकल और अक्षय के खिलाफ घरेलू हिंसा की कार्यवाही को रद्द कर दिया था। अदालत ने फैसले में कहा था कि अनीता और राजेश खन्ना के बीच विवाह का संबंध नहीं था, इसलिए तीनों के खिलाफ घरेलू हिंसा की कार्यवाही नहीं की जा सकती है। कपाड़िया फैमिली को राहत अनीता के इन दावों के विरोध में राजेश खन्ना की लीगल वाइफ डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और उनके पति अक्षय कुमार थे। कोर्ट के फैसले से कपाड़िया फैमिली को राहत मिली है। कौन हैं अनीता आडवाणी अनीता आडवाणी एक्ट्रेस हैं। वह दासी, आओ प्यार करें और साजिश जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। उनका फिल्मी करियर ज्यादा बड़ा नहीं था। 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद वह लाइमलाइट में आईं। उनका दावा था कि वह राजेश खन्ना के काफी करीब थीं। अनीता ने बिग बॉस में हिस्सा लिया। वहां राजेश खन्ना से रिश्ते पर उन्होंने खुलकर बात की। राजेश खन्ना और डिंपल का रिश्ता डिंपल राजेश से मिलीं तब उनकी उम्र 15 साल थी। राजेश खन्ना उस वक्त सुपरस्टरा थे। डिंपल उनकी फैन थीं। दोनों ने मार्च 1973 में शादी कर ली। उस वक्त डिंपल की उम्र 16 साल थी और राजेश खन्ना 31 साल के थे। लेखक के बारे में

मध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरों पर प्रभावी कार्यवाही विगत एक माह में 109 चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में वाहन चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु लगातार सख्त एवं सुनियोजित कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी क्रम में विगत एक माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन चोरों के गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 109 चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। जबलपुर थाना माढोताल पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर एवं वाहन काटने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जबलपुर एवं रायपुर (छत्तीसगढ़) से चोरी किए गए 15 वाहन जप्त किए। इसी प्रकार थाना लाडगंज पुलिस ने 2 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 वाहन बरामद किए, जबकि थाना पाटन पुलिस द्वारा एक आरोपी को गिरफ्तार कर 7 दोपहिया वाहन जप्त किए गए। इस प्रकार तीनों कार्यवाहियों में पुलिस ने चोरी किए गए 34 दुपहिया वाहन बरामद किए हैं। राजगढ़ थाना ब्यावरा सिटी पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर 2 आरोपियों से 15 मोटरसाइकिलें जप्त कीं। वहीं थाना सुठालिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार दोनों कार्यव‍हियों में पुलिस ने चोरी किए गए कुल 25 वाहन बरामद किए हैं। रतलाम रतलाम पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 09 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इस कार्रवाई में 1 मुख्य आरोपी एवं 3 बाल अपचारियों को पकड़ा। वहीं थाना स्टेशन रोड पुलिस ने भी 4 मोटरसाइकिलें बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार कुल 13 मोटरसाइकिलें बरामद की गई। अन्य जिलों में भी की गई कार्यवाही बैतूल जिले में भैंसदेही पुलिस द्वारा अंतर्राज्यीय वाहन चोरो को गिरफ्तार कर 10 मोटरसाइकिलें, खरगोन पुलिस ने 7 मोटरसाइकिल, ग्वालियर जिले में 5 वाहन, गुना जिले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 मोटरसाइकिलें, शिवपुरी जिले में 4,मंदसौर जिले में 3 मोटरसाइकिलें तथा शाजापुर एवं कटनी जिलों में 2-2 मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी कार्यवाहियों में पुलिस की तत्परता, तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग एवं प्रभावी समन्वय प्रमुख रूप से सामने आया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी जैसे अपराधों पर नियंत्रण हेतु सतत अभियान जारी है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।  

21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां सामने आई हैं। इन खामियों को लेकर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष  संदीप शर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित अंर्तविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। निरीक्षण में उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था का जायजा लिया गया था। बैठक में बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सामग्री आपूर्ति में सुधार की जरूरत बताई गई, जबकि कन्या छात्रावासों की स्थिति बेहतर पाई गई। 21 जिलों से निरीक्षण संबंधी अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।आयोग ने निर्देश दिए कि सभी आश्रम-छात्रावासों में दैनिक भोजन मैन्यू और कॉल सेंटर नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि शिकायत और सुझाव दर्ज किए जा सकें। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति ‘पोषण ट्रैकर’ में सही दर्ज करने और आकस्मिक निरीक्षण से उसका मिलान करने को कहा गया। उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, सूचना प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश में संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। आयोग ने इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ने की अनुशंसा की है। इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए किसी छात्र को ‘मेस प्रभारी’ बनाने का सुझाव दिया गया। साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष  शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन जहां कमियां मिली हैं, वहां जल्द सुधार करना जरूरी है। बैठक में आयोग के सदस्य  राजेंद्र महिलांग,  कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव  राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जगदलपुर में एथलेटिक्स में ओडिशा ने चार और झारखंड ने दो स्वर्ण जीते

रायपुर  रेस वॉकर दशरथ तलवार और मिडिल-डिस्टेंस धाविका नागिनी के स्वर्ण पदकों की बदौलत कर्नाटक ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आठवें दिन अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। वहीं छत्तीसगढ़ के गजेंद्र ठाकुर ने पुरुष 800 मीटर में रजत पदक जीता और पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर एथलेटिक्स ट्रैक पर दशरथ तलवार ने 45:13.85 के समय के साथ पुरुष 10 किमी रेस वॉक में कर्नाटक को 1-2 की बढ़त दिलाई। उनके साथी दर्शन बगाड़ी (46:25.90) दूसरे स्थान पर रहे, जबकि गुजरात के सागरभाई कटारा (48:16.09) तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद नागिनी ने महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में 2:13.80 का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता, जिससे कर्नाटक के स्वर्ण पदकों की संख्या 21 हो गई। कर्नाटक ने अब तक आठ रजत और सात कांस्य सहित कुल 36 पदक जीत लिए हैं। छत्तीसगढ़ के गजेंद्र ठाकुर ने पुरुष 800 मीटर में 1:53.82 के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में ओडिशा के दावनिधि मुंडा ने 1:53.33 के समय के साथ स्वर्ण जीता। अपने प्रदर्शन से खुश ठाकुर ने बताया कि उन्होंने एथलेटिक्स में प्रशिक्षण केवल एक साल पहले शुरू किया था। उन्होंने साई मीडिया से कहा, "मैं बिलासपुर के SAI ट्रेनिंग सेंटर में कबड्डी ट्रायल देने आया था, लेकिन मेरी फिटनेस देखकर कोचों ने मुझे ट्रैक इवेंट्स में जाने की सलाह दी। अपने घर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पहला राष्ट्रीय स्तर का पदक जीतकर मैं बेहद खुश हूं।" इससे पहले, छत्तीसगढ़ की पुरुष हॉकी टीम ने पड़ोसी मध्य प्रदेश को 14-6 से हराकर कांस्य पदक जीता। इन दो पदकों के साथ छत्तीसगढ़ की कुल पदक संख्या दो स्वर्ण, आठ रजत और पांच कांस्य हो गई है और टीम समग्र तालिका में 10वें स्थान पर है। एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के सिर्फ एक दिन शेष रहने के बीच, दूसरे स्थान पर काबिज ओडिशा ने बुधवार को चार स्वर्ण पदक जीतकर अपनी चुनौती बरकरार रखी। ओडिशा के लिए दावनिधि मुंडा (पुरुष 800 मीटर), रोशन खड़िया (पुरुष 400 मीटर हर्डल्स), दीपा किसान (महिला हाई जंप) और धनमती जेस (महिला भाला फेंक) ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं झारखंड ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स और 10 किमी रेस वॉक में दो स्वर्ण पदक हासिल कर पदक तालिका में अपना तीसरा स्थान मजबूत किया। झारखंड के अब कुल 19 पदक हो गए हैं, जिनमें नौ स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य शामिल हैं।  उधर,  रायपुर के विवेकानंद कोटा स्टेडियम में खेले गए फुटबॉल सेमीफाइनल मुकाबलों में पश्चिम बंगाल ने गोवा को 5-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि छत्तीसगढ़ ने रोमांचक मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश को 3-2 से पराजित कर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।  ओडिशा के लिए दावनिधि मुंडा (पुरुष 800 मीटर), रोशन खड़िया (पुरुष 400 मीटर हर्डल्स), दीपा किसान (महिला हाई जंप) और धनमती जेस (महिला भाला फेंक) ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं झारखंड ने भी महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स और 10 किमी रेस वॉक में दो स्वर्ण जीतकर पदक तालिका में अपना तीसरा स्थान मजबूत किया। झारखंड के अब कुल 19 पदक हो गए हैं, जिनमें नौ स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य शामिल हैं। परिणाम एथलेटिक्स महिला वर्ग 400 मीटर हर्डल्स: शिवानी कुमार (झारखंड) 1:02.06 सेकंड; रजत – आदित्य केएम (केरल) 1:04.60 सेकंड; कांस्य – बसंती माझी (ओडिशा) 1:05.89 सेकंड 800 मीटर: स्वर्ण – नागिनी (कर्नाटक) 2:13.80 सेकंड; रजत – पूर्णिमा सांडिल (ओडिशा) 2:15.88 सेकंड; कांस्य – शांति बाई (मध्य प्रदेश) 2:19.11 सेकंड 10 किमी रेस वॉक: स्वर्ण – नेहा जालक्सो (झारखंड) 1:04:02.46; रजत – अलिश एक्का (ओडिशा) 1:04:59.12; कांस्य – बेथलीन माकरी (मेघालय) 1:05:18.62 हाई जंप: स्वर्ण – दीपा किसान (ओडिशा) 1.45 मीटर; रजत – काहिमा बसुमतारी (असम) 1.45 मीटर; कांस्य – कविता तडिंगी (ओडिशा) 1.43 मीटर भाला फेंक: स्वर्ण – धनमती जेस (ओडिशा) 44.79 मीटर; रजत – सबिता मुर्मू (झारखंड) 43.12 मीटर; कांस्य – अपिक्षा गामित (गुजरात) 41.77 मीटर पुरुष वर्ग 400 मीटर हर्डल्स: स्वर्ण – रोशन खड़िया (ओडिशा) 53.41 सेकंड; रजत – ज्ञानेश्वर वली (महाराष्ट्र) 54.02 सेकंड; कांस्य – मनीष बेदिया (झारखंड) 54.62 सेकंड 800 मीटर: स्वर्ण – दावनिधि मुंडा (ओडिशा) 1:53.33; रजत – गजेंद्र ठाकुर (छत्तीसगढ़) 1:53.82; कांस्य – राहुल उरांव (झारखंड) 1:54.32 10 किमी रेस वॉक: स्वर्ण – दशरथ तलवार (कर्नाटक) 45:13.85; रजत – दर्शन बगाड़ी (कर्नाटक) 46:25.90; कांस्य – सागरभाई कटारा (गुजरात) 48:16.09 फुटबॉल  सेमीफाइनल पुरुष : पश्चिम बंगाल ने गोवा को 5-2 से हराया, छतीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को 3-2 से हराया।