samacharsecretary.com

स्कूलों में बड़ा बदलाव: छोटे बच्चों को मिलेगी AI की शुरुआती शिक्षा

लुधियाना.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE)और शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा में बड़ी तबदीली करते हुए तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर एक नया कोर्स शुरू किया है। इस पहलकदमी का मकसद बच्चों को शुरूआती स्तर से ही डिजिटल और तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है।

सी.बी.एस.ई. द्वारा जारी इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को सरल और गतिविधि-आधारित तरीके से ए.आई. की बुनियादी समझ दी जाएगी। इसके साथ ही अध्यापकों के लिए हैंडबुक और विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे से पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाया जा सके।

बच्चों के लिए फायदा
यह नए अध्ययन से बच्चों में लॉजिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और क्रिएटिविटी डेवलप होगी। AI की शुरूआती समझ मिलने से वह भविष्य में तकनीक से जुड़े करियर विकल्प के लिए तैयार हो सकें। इसके साथ ही डिजिटल लिटरेसी बढ़ेगी और बच्चे समझदारी से तकनीक का इस्तेमाल करना सीखेंगे।

स्कूलों को क्या करना होगा?
अध्यापकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी।  क्लास के हिसाब से गतिविधि-आधारित पढ़ाई अपनानी होगी। स्कूलों को डिजिटल स्त्रोत और जरूरी बुनियादा ढांचा तैयार करना होगा। विद्यार्थियों का मुल्यांकल रिवायती परीक्षा की बजाय प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल आधार पर किया जाएगा।

बाकी कक्षाओं के लिए भी लाया जाएगा कोर्स 
जानकारों का मानना ​​है कि आने वाले समय में इस कोर्स को क्लास 9 और 10 में भी लाया जाएगा, जबकि क्लास 11 और 12 में इसे इलेक्टिव सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा। यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के मुताबिक है, जिसका मकसद एजुकेशन को मॉडर्न और एम्प्लॉयमेंट-ओरिएंटेड बनाना है। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि यह कदम इंडियन स्टूडेंट्स को ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाने में अहम रोल निभाएगा।

नए सिलेबस की खासियत 

  • पढ़ाने का तरीका अलग और ज्यादा इंटरेस्टिंग होगा।
  • गेम, पहेलियां और एक्टिविटी के जरिए सीखने पर जोर दिया जाएगा।
  • बड़े सवालों को छोटे-छोटे हिस्सों में हल करने की समझ विकसित करना।
  • ग्रुप डिस्कशन और टीमवर्क को बढ़ावा देना।
  • रटने की जगह समझ और स्किल-बेस्ड लर्निंग पर फोकस करना। 
  • एग्जामिनेशन सिस्टम में भी बदलाव, एक्सपेरिमेंटल और प्रोजेक्ट-बेस्ड असेसमेंट।
  • स्टूडेंट्स की क्रिएटिव सोच और समझ को पहल।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here