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बिहार की महिलाओं का सफेद कपड़ों में सत्याग्रह, नीतीश की विरासत के लिए निशांत कुमार के नाम पर अड़ीं प्रदर्शनकारी

 पटना

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के नीचे रविवार को महिलाओं का एक बड़ा हुजूम उमड़ा। हाथों में तख्तियां, बैनर और माथे पर काली पट्टी बांधकर बैठी इन महिलाओं ने साफ़ संदेश दिया कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ते हैं, तो उनका उत्तराधिकारी उनके पुत्र निशांत कुमार को ही होना चाहिए। 'सुधार वाहिनी' के बैनर तले आयोजित इस सत्याग्रह में बिहार के विभिन्न कोनों से आई महिलाओं ने नीतीश कुमार के शासनकाल में हुए महिला सशक्तिकरण की जमकर तारीफ की।

आंदोलन का नेतृत्व कर रही प्रतिभा सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुधार वाहिनी) ने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया, शराबबंदी जैसे बड़े फैसले लिए और हमें समाज में बराबरी का हक दिलाया। हम उनके जाने से दुखी हैं, लेकिन अगर वे पद छोड़ते हैं, तो हमें उनकी जगह निशांत कुमार ही मंजूर हैं।”

महिलाओं का सफेद कपड़ों में सत्याग्रह
सत्याग्रह पर बैठी महिलाओं का मानना है कि निशांत कुमार सादगी के प्रतीक हैं। विभा नाम की एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "पूरा बिहार जानता है कि निशांत कुमार कितनी सादगी से रहते हैं। वे अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए महिलाओं के लिए वही काम करेंगे जो नीतीश जी ने किया है। हमें किसी और नेता पर भरोसा नहीं है।"

महिलाओं ने साफ कहा कि नीतीश कुमार की विरासत को उनका पुत्र ही सही तरीके से आगे बढ़ा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा। आमतौर पर राजनीति से दूर रहने वाले निशांत कुमार के समर्थन में इस तरह का प्रदर्शन बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निशांत भी एनडीए (NDA) परिवार का हिस्सा हैं और उनके आने से गठबंधन को मजबूती मिलेगी। हालांकि, जब उनसे भाजपा के किसी मुख्यमंत्री के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सिर्फ 'अपना रक्षक' चाहिए और फिलहाल उनकी नजरों में निशांत से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। सत्याग्रह के दौरान "बिहार की महिला करे पुकार, नीतीश नहीं तो निशांत कुमार" जैसे नारों से गांधी मैदान गूंज उठा है।

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