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सोमवार का भविष्यफल, कर्क राशि वाले भावनाओं पर रखें काबू, कुंभ और वृश्चिक के लिए बन रहे हैं सफलता के योग

मेष आज दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है, लेकिन काम धीरे-धीरे पूरे होते जाएंगे। मन में किसी बात को लेकर हल्की चिंता रह सकती है, पर बेवजह ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। पैसों से जुड़ी कोई छोटी प्लानिंग कर सकते हैं। परिवार के लोगों से बात करने पर मन हल्का महसूस होगा। आज जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। सोच-समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। वृषभ आज का दिन ठीक-ठाक रहेगा। मेहनत का फायदा मिलने के संकेत हैं इसलिए अपने काम पर ध्यान बनाए रखें। पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलना सही रहेगा। कोई पुराना काम पूरा हो सकता है जिससे राहत मिलेगी। घर का माहौल ठीक रहेगा और अपनों का साथ मिलेगा। मिथुन आज दिमाग कई चीजों में उलझा रह सकता है लेकिन धीरे-धीरे सब संभल जाएगा। किसी दोस्त या जान-पहचान वाले से बात करके अच्छा महसूस हो सकता है। काम थोड़ा ज्यादा लग सकता है, पर घबराने की जरूरत नहीं है। दिन के आखिर तक चीजें पहले से बेहतर लग सकती हैं। कर्क आज आप थोड़े इमोशनल रह सकते हैं। हो सकता है कि आपको पुरानी बातें याद आ सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा लगेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा इसलिए धैर्य रखना जरूरी है। खुद को ज्यादा तनाव देने से बचें। अपने दोस्तों के साथ कुछ समट गुजारें। आराम से दिन निकालना बेहतर रहेगा। शाम को कहीं घूमने जा सकते हैं। सिंह आज आत्मविश्वास बना रहेगा और आप अपने काम अच्छे से संभाल लेंगे। लोग आपकी बातों को महत्व दे सकते हैं। काम में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। गुस्से में आकर कोई बात कहने से बचें। शांत रहकर काम करना फायदेमंद रहेगा। कन्या आज आपको जिम्मेदारियां थोड़ी ज्यादा महसूस हो सकती हैं लेकिन आप अपने काम संभाल लेंगे। मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलने के संकेत हैं। जरूरी काम समय पर पूरा करने की कोशिश करें। दिन ठीक-ठाक रहेगा। बस आज आप ज्यादा ओवरथिंकिंग ना करें। तुला आज काम पर ध्यान देने की जरूरत रहेगी। छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा सोचने से बचें। धीरे-धीरे आपके काम पूरे होते जाएंगे। किसी की सलाह आपके काम आ सकती है। दिन सामान्य रहेगा, बस समय का सही उपयोग करें। वृश्चिक आज आपके मन में नए आइडिया आ सकते हैं और आप कुछ अलग करने के बारे में सोच सकते हैं। दोस्तों या साथ कलीग्स का साथ मिल सकता है। बिना सोचे कोई फैसला लेने से बचें। कोई भी फैसला जल्दबाजी में ना लें। अपने लिए समय जरूर निकालें। धनु आज संतुलन बनाकर चलना जरूरी रहेगा। काम और आराम दोनों को समय दें। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है जिससे अच्छा महसूस होगा। कोई जरूरी काम टालने से बचें। दिन ठीक रहेगा और मन शांत रह सकता है। मकर आज आप अपने काम को लेकर गंभीर रहेंगे। कोई जरूरी काम पूरा होने की संभावना है। धैर्य रखेंगे तो फायदा मिल सकता है। मन में चल रही उलझन धीरे-धीरे कम हो सकती है। जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी अनुभवी इंसान से सलाह लें। कुंभ आज आपको कुछ नया करने का मन हो सकता है। कहीं बाहर घूमने जाने की प्लानिंग भी कर सकते हैं। आगे के काम को लेकर कोई प्लानिंग बना सकते हैं। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। इससे आपका ही काम आसान होगा। किसी करीबी से अच्छी सलाह मिल सकती है। दिन व्यस्त जाएगा। किसी की बात सुनकर तुरंत कोई फैसला ना करें। मीन आज आपका मन शांत रह सकता है और आप अपने बारे में ज्यादा सोच सकते हैं। किसी बात को लेकर हल्की उलझन हो सकती है लेकिन समय के साथ सब साफ हो जाएगा। खुद के लिए थोड़ा समय निकालना अच्छा रहेगा। दिन ठीक ही जाएगा। बस अपने खाने-पीने का ध्यान रखें। बाहर का खाना ना खाएं।

सरायपाली सीएचसी में सुरक्षित मातृत्व की ओर महत्वपूर्ण उपलब्धि तीसरा सफल सिजेरियन

रायपुर महासमुंद जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक तीसरा सिजेरियन (सी-सेक्शन) ऑपरेशन करते हुए 26 वर्षीय महिला नरगिस का सुरक्षित प्रसव कराया, जिसमें उन्होंने 3.2 किलोग्राम वजनी स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने इस सफलता पर चिकित्सा दल को बधाई देते हुए कहा कि राज्य शासन की प्राथमिकता सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना एवं आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सरायपाली सीएचसी इस दिशा में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. के. वी. किरण कुमार, डॉ. कुणाल नायक, स्टाफ नर्स प्रगति शर्मा एवं समीर पटेल की टीम ने कुशलतापूर्वक संपन्न किया। यह सफलता स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग और विशेषज्ञता को दर्शाती है। प्रसव के पश्चात जच्चा एवं शिशु दोनों स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में सुरक्षित हैं। सरायपाली सीएचसी में मिल रही सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्रीय नागरिकों में संतोष और विश्वास बढ़ा है।

संकट के बीच नेपाल में बड़ा फैसला: सप्ताह में दो दिन सरकारी छुट्टी घोषित

नेपाल पड़ोसी देश नेपाल इस वक्त एक गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार हो रही भारी गिरावट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने नेपाल सरकार की नींद उड़ा दी है। इस आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नेपाल सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर फैसला किया है कि अब से देश में हफ्ते में दो दिन (शनिवार और रविवार) को पूरी तरह से सरकारी छुट्टी रहेगी। इस कड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को कम करना और पेट्रोल-डीजल की खपत में भारी कटौती करना है। हफ्ते में केवल पांच दिन ही खुलेंगे सरकारी कार्यालय, बैंक और अन्य सार्वजनिक संस्थान नेपाल में आम तौर पर पारंपरिक रूप से सिर्फ शनिवार को ही साप्ताहिक अवकाश होता था और रविवार को वर्किंग डे माना जाता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी कार्यालय, बैंक और अन्य सार्वजनिक संस्थान हफ्ते में केवल पांच दिन ही खुलेंगे। काम का कोई नुकसान न हो और आम जनता को परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए सरकार ने बाकी पांच दिनों में ऑफिस की टाइमिंग बढ़ाने का भी खाका तैयार किया है। सरकार का सीधा सा गणित है कि दफ्तर बंद रहने से सड़कों पर गाड़ियां कम निकलेंगी, जिससे हर महीने करोड़ों रुपये का ईंधन बचेगा। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू किया जा रहा है। विदेशी आय घटने के कारण नेपाल का खजाना तेजी से खाली हुआ इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी और मुख्य वजह नेपाल का खाली होता विदेशी मुद्रा भंडार है। नेपाल अपनी जरूरत का 100 प्रतिशत पेट्रोलियम पदार्थ भारत और अन्य देशों से आयात करता है, जिसका भुगतान उसे अमेरिकी डॉलर में करना पड़ता है। हाल के महीनों में आयात के बिल बढ़ने और पर्यटन व रेमिटेंस से होने वाली विदेशी आय घटने के कारण नेपाल का खजाना तेजी से खाली हुआ है। नेपाल ऑइल कॉर्पोरेशन पहले ही भारी घाटे में चल रहा है और उस पर करोड़ों का कर्ज है। ऐसे में, ईंधन की खपत को बलपूर्वक कम करना ही सरकार के पास सबसे त्वरित और कारगर उपाय बचा था। कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जो बेतहाशा वृद्धि हुई है, उसका सीधा असर नेपाल जैसी छोटी और आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है। नेपाल के केंद्रीय बैंक (नेपाल राष्ट्र बैंक) ने भी सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर विदेशी मुद्रा को नहीं बचाया गया, तो भविष्य में दवाइयों और खाने-पीने जैसी जरूरी चीजों का आयात भी मुश्किल हो जाएगा। श्रीलंका में हाल ही में जो आर्थिक त्रासदी देखने को मिली है, नेपाल उससे सबक लेते हुए पहले ही एहतियाती कदम उठा रहा है। अन्य प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आएगी सरकार को उम्मीद है कि 2 दिन की छुट्टी से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि बिजली और दफ्तरों में होने वाले अन्य प्रशासनिक खर्चों में भी भारी कमी आएगी। इसके अलावा, प्राइवेट सेक्टर से भी अपील की गई है कि वे भी अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम या दो दिन की छुट्टी का विकल्प दें, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की बचत की जा सके। यह नेपाल के लिए एक कड़ा इम्तिहान है और आने वाले कुछ महीने देश के आर्थिक भविष्य की दिशा तय करेंगे। अर्थशास्त्रियों ने इसे "कड़वी जरूरी दवा" बताया नेपाल सरकार के इस फैसले पर जनता और विशेषज्ञों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। अर्थशास्त्रियों ने इसे "कड़वी लेकिन जरूरी दवा" बताया है, जो विदेशी मुद्रा बचाने में मददगार साबित होगी। वहीं, आम जनता और व्यापारियों का एक वर्ग चिंतित है; उनका मानना है कि लगातार दो दिन दफ्तर बंद रहने से प्रशासनिक काम धीमे हो जाएंगे और दूर-दराज से आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। नेपाल का वित्त मंत्रालय और केंद्रीय बैंक एक संयुक्त समीक्षा बैठक करेंगे इस फैसले के लागू होने के ठीक एक महीने बाद नेपाल का वित्त मंत्रालय और केंद्रीय बैंक एक संयुक्त समीक्षा बैठक करेंगे। इस 'फालोअप' रिपोर्ट में यह जांचा जाएगा कि दो दिन की छुट्टी के फॉर्मूले से असल में कितने बैरल पेट्रोल-डीजल की खपत कम हुई है और इससे कितने डॉलर की विदेशी मुद्रा बची है। अगर नतीजे सकारात्मक रहे, तो इसे लंबे समय तक लागू रखा जा सकता है। नेपाल के अंदर 'लोकल टूरिज्म' (घरेलू पर्यटन) को बढ़ावा मिल सकता है नेपाल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर करती है। इस नए नियम का एक पहलू यह भी है कि लगातार दो दिन की छुट्टी मिलने से नेपाल के अंदर 'लोकल टूरिज्म' को बढ़ावा मिल सकता है। लोग वीकेंड पर घूमने निकल सकते हैं, जिससे स्थानीय होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, बशर्ते लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।  

दरभंगा से बेंगलुरु तक सीधी उड़ान शुरू, मिथिला के यात्रियों में खुशी की लहर

 दरभंगा  दरभंगा और बेंगलुरु के बीच अकासा एयर की सीधी उड़ान सेवा रविवार से शुरू हुई। पहले दिन दोनों ओर से विमान की सीटें फुल रहीं। बेंगलुरु से विमान ने 9:40 में दरभंगा के लिए उड़ान भरी। हवाई मार्ग पर दो घंटे 35 मिनट गुजारकर 12:15 में दरभंगा एयरपोर्ट पर लैंडिंग हुई। रनवे पर वाटर कैनन से फुहार छोड़कर विमान का स्वागत किया गया। विमान के अंदर बैठे यात्रियों को गुलाब और चाकलेट देकर खुशियां बांटी गई। इसके बाद सांसद सह दरभंगा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के चेयरमैन डा. गोपालजी ठाकुर ने एयरपोर्ट पर यात्रियों को बोर्डिंग पास देकर बेंगलुरु के लिए विदा किया। कहा कि एक वर्ष में दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 57 प्रतिशत की वृद्धि देश स्तर पर एक उदाहरण है। दरभंगा-बेंगलुरु के बीच अकासा की सीधी उड़ान सेवा का शुभारंभ होना संपूर्ण मिथिला क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस क्रम में अकासा के मैनेजर रवि शुक्ला ने सांसद डा .ठाकुर का पाग, अंगवस्त्रम एवं बुके देकर सम्मानित किया। सांसद डा. ठाकुर ने इस उड़ान सेवा के शुभारंभ किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू के नेतृत्व में दरभंगा एयरपोर्ट नित नए आयाम हासिल कर रहे हैं। इसी उपलब्धि का उदाहरण है कि दरभंगा बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान सेवा का शुभारंभ हुआ। यह नई उड़ान न केवल दरभंगा को देश और दुनिया से सीधे जोड़ेगी, बल्कि मिथिला के विकास, रोजगार और पर्यटन में भी नए आयाम खोलेगी। स्पाइसजेट के विमान में हवाई सफर में होती थी परेशानी बेंगलुरु की फ्लाइट से पहुंचे यात्री मोहमदपुर पिंडारूच निवासी अरविंद कुमार साह ने बताया कि परिवार के साथ बेंगलुरु में रहकर ठेकेदारी करते हैं। वहां से स्वजन से मिलने के लिए साल में दो से तीन बार आना जाना हो जाता है। स्पाइसजेट के विमान से आने जाने में काफी परेशानी झेलना पड़ती थी। किराया में भी मनमानी थी। उड़ान की निश्चितता को लेकर मन में संशय बना रहता था। कई बार बगैर कोई सूचना दिए सेवा को महीनों के लिए ठप कर देते थे। कनेक्टिंग फ्लाइट में अधिक पैसे खर्च करने पड़ते थे अथवा पटना एयरपोर्ट से हवाई सफर को मजबूर हो रहे थे। अब दरभंगा-बेंगलुरु के बीच अकासा के आने से उन सभी परेशानियों से राहत की उम्मीद है। अकासा में टाइम टेबल का खासा ध्यान रखा जाता है। अभी शुरुआत में ही टिकट के दाम में काफी राहत है। मधुबनी जिले के भंवरा निवासी अर्जुन कुमार ने बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। कहते हैं कि कई बार दरभंगा और बेंगलुरु के बीच स्पाइसजेट के विमान में सफर किए हैं। अकासा के विमान में यात्रा कर अच्छा लगा है। स्पाइसजेट हवाई सफर के दौरान सुविधा के नाम पर केवल खानापूरी कर रही थी। अकासा के विमान में हवाई सफर करने पर संतुष्टि हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बेंगलुरु की सीधी हवाई सेवा का किया स्वागत‎ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और दरभंगा विधायक संजय सरावगी ने दरभंगा से बेंगलुरु के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे मिथिलांचल के विकास, व्यापार और शिक्षा के लिए बड़ी सौगात बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। एक विज्ञप्ति में सरावगी ने कहा कि इससे लोगों के लिए बेंगलुरु की यात्रा अब आसान हो गई। दरभंगा से सीधे बेंगलुरु के लिए हवाई सेवा शुरू होना पूरे मिथिलांचल और बिहार के लिए अत्यंत हर्ष एवं गर्व का विषय है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी तथा व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। दरभंगा जैसे महत्वपूर्ण शहर को देश के प्रमुख आईटी हब बेंगलुरु से जोड़ना बिहार की प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम है। पूरे मिथिला क्षेत्र में बेंगलुरु के लिए सीधी हवाई सेवा का लगातार आग्रह भी किया जा रहा था। पूर्व में सीधी सेवा थी लेकिन पिछले छह महीने से स्पाइसजेट ने यह सेवा बंद कर दी थी, जिससे लोगों को तकलीफ हो रही थी। अकासा की सेवा प्रारंभ होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया है।  

देशभर के राइडर्स का जगदलपुर में जमावड़ा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल से बस्तर को मिली नई पहचान

रायपुर देशभर के राइडर्स का जगदलपुर में जमावड़ा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल से बस्तर को मिली नई पहचान बस्तर की धरती एक बार फिर रोमांच, ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आई, जब बस्तर राइडर्स मीट 2026 का भव्य आयोजन गरुड़ा राइडर क्लब के तत्वावधान में किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए बाइकर्स और एडवेंचर प्रेमियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। देशभर के राइडर्स का जगदलपुर में जमावड़ा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल से बस्तर को मिली नई पहचान इस आयोजन में बाइक स्टंट्स, राइडिंग शो और एडवेंचर एक्टिविटीज ने युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया। राइडर्स ने अपनी बेहतरीन स्किल्स का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। जहां एक ओर एडवेंचर का जोश था, वहीं दूसरी ओर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी पूरे शबाब पर दिखी। लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। यह आयोजन आधुनिकता और परंपरा का बेहतरीन संगम बनकर उभरा। कार्यक्रम में उन प्रभावशाली व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने बस्तर की पहचान को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसमें इन्फ्लुएंसर्स, कलाकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल  द्वारा होटल एम्बिशन में विशेष स्टॉल लगाया गया, जहां बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की जानकारी दी गई। यह पहल राज्य सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसके तहत स्थानीय पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार लगातार बस्तर जैसे आदिवासी अंचलों को विकास और पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है। इस प्रकार के आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और अवसर भी प्रदान करते हैं। सरकार की योजनाओं और पर्यटन मंडल की सक्रिय भागीदारी से बस्तर आज एक उभरते पर्यटन एवं एडवेंचर हब के रूप में सामने आ रहा है। बस्तर अब केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए भी तेजी से उभर रहा है।

स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना नीति-2025 लागू

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसानों को पशुपालन के लिए प्रेरित कर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर होंगे। हमारा संकल्प है कि हम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को निरंतर बढ़ाएंगे और वर्ष 2028 तक प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाएंगे। गो-संरक्षण और गो-संवर्धन सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में पशुपालन विभाग को अब गौपालन विभाग का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में “स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना नीति-2025” लागू की गई है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध गोवंश के आश्रय और भरण-पोषण के लिए 5 हजार से अधिक क्षमता वाली वृहद गौशालाएं स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश के आगर मालवा, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जिलों में आदर्श गौशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि भोपाल, जबलपुर और सागर में इनके निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। ग्वालियर स्थित आदर्श गौशाला में देश का पहला 100 टन क्षमता वाला सीएनजी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत योगदान देता है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में सांची ब्रांड को और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ करार किया गया है। गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में गौसंवर्धन बोर्ड के माध्यम से गौशालाओं को चारा-भूसा अनुदान के लिए 505 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। गौशालाओं में गोवंश के बेहतर आहार की व्यवस्था के लिए प्रति गोवंश दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। घायल अथवा असहाय गायों के लिए हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पशुपालन और डेयरी विकास को गति देने के लिए “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” का नाम परिवर्तित कर “डॉ. भीमराव अंबेडकर विकास योजना” किया गया है। इस योजना के अंतर्गत 25 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 42 लाख रुपये तक ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें 25 से 33 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और संग्रहण को बढ़ाने के लिए व्यापक योजना बनाई गई है। दुग्ध संकलन क्षमता को बढ़ाते हुए 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक दुग्ध संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। अगले 5 वर्षों में दूध संकलन कवरेज वाले गांवों की संख्या 9 हजार से बढ़ाकर 26 हजार करने का लक्ष्य है। इसी अवधि में प्रदेश के कम से कम 50 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी। अब तक प्रदेश में 1,181 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है और 617 निष्क्रिय समितियों को पुनः सक्रिय बनाया गया है। इसमें लगभग 150 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन भी शामिल है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है। गो-संरक्षण और गो-संवर्धन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना, कामधेनु निवास योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम और नस्ल सुधार कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन जारी है। अति पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया के पशुपालकों के लिए प्रदेश के 14 जिलों में मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना संचालित की जा रही है, जिसमें 90 प्रतिशत अनुदान पर दो-दो मुर्रा भैंस या गाय प्रदान की जाती हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीहोर, विदिशा और रायसेन जिलों में संचालित किया जा रहा है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 1500 “मैत्री” (मल्टीपर्पज आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन टेक्नीशियन इन रूरल इंडिया) केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जिसके माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान द्वारा पशु नस्ल सुधार का कार्य निरंतर किया जा रहा है।  

पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए लगाएं पौधे

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने रविवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों और जशपुर विकासखंड के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किए एक पेड़ मां के नाम अभियान का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के संभावित टीबी मरीजों की जानकारी ली और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को मरीजों का बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्तन कैंसर की भी विशेष जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराए जाए मरीजों को मेडिकल कॉलेज रायपुर अम्बिकापुर और एम्स रायपुर भेजकर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने सिकल सेल बीमारी और रेड क्रॉस सोसायटी की गतिविधियों की भी जानकारी ली ‌। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों और गांव गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर कलेक्टर  रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, वनमंडला अधिकारी  शशि कुमार और जिला स्तरीय और विकास खंड अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार के लिए प्रत्येक माह मेडिकल कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए कहा है और उनके जीवन शैली में बदलाव लाने के लिए शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।  उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में शाम के समय विभिन्न गतिविधियों में शामिल करके उनका बौद्धिक और कौशल विकास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में नावाचार को भी बढ़ावा देने के लिए कहा है और संरक्षित जनजाति परिवारों के लिए पायलेट प्रोजेक्ट चालू करने के निर्देश दिए हैं।   राज्यपाल  रमेन डेका ने बच्चों को नशापान से दूर रखने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान जशपुर जिले की लखपति दीदी मती लालमणि प्रजापति को सम्मानित करने की बात कही उन्होंने कहा लखपति दीदी ने बढ़िया काम किया है उन्हें राजभवन में सम्मानित किया जाएगा। राज्यपाल  रमेन डेका ने जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं का आत्मनिर्भर बनाने के लिए और हस्तकला में पारंगत बनाने के लिए समूहों की दीदियों को आसाम और उड़ीसा राज्य भेजने के निर्देश दिए है‌ ताकि समूह की महिलाएं बाजार की मांग के अनुसार नया डिजाइन के साड़ी,साल और अन्य सामग्री तैयार कर सके।  रमेन डेका ने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। छोटे और बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण और पुराने कुआं का जिर्णोद्धार करने के निर्देश दिए हैं। योग को बढ़ावा देने के लिए नियमित अभ्यास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिक और 75 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कहा है।   किसानों का आर्थिक विकास हो इसके लिए खेती के आधुनिक तकनीक की जानकारी देने के लिए कहा है। किसानों को वरमी कम्पोस्ट खाद और आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। समीक्षा बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि जल संरक्षण संवर्धन के तहत रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अमृत सरोवर,सोकपिट और मैजिक पिट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है गांव में सेग्रेशन शेड एवं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले के सभी विकास खंड में 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान चलाया जा रहा है। जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय संचालित किया जा रहा है प्रातः 6 बजे से रात 11 बजे तक संचालित होता है जहां बच्चों की सुविधा के लिए निःशुल्क वाई फाई की सुविधा दी गई है। जिला ग्रंथालय में 6425 पुस्तकें उपलब्ध है। कलेक्टर ने बताया कि जिले में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए आगामी 7 अप्रैल से अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जशपुर जिले के विघार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए स्पेस ऑन व्हील्स अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।  

इजरायल के लिए एअर इंडिया फ्लाइट्स पर ब्रेक, 31 मई तक नहीं होगी उड़ानें

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच एअर इंडिया ने इजरायल के लिए अपनी उड़ानें 31 मई तक निलंबित कर दी हैं। अधिकांश प्रमुख एयरलाइनों ने तेल अवीव मार्ग पर अपनी सेवाएं सस्पेंड की हुई हैं। केवल इजरायली कैरियर जैसे ईएल एएल, इस्त्रा एयर, आर्किया और एयर हाइफा ही कड़ी पाबंदियों के तहत संचालन कर रहे हैं। दिल्ली-तेल अवीव मार्ग पर उड़ानें 31 मई तक निलंबित एअर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा कि एयरलाइन ने नई दिल्ली-तेल अवीव मार्ग पर उड़ानें 31 मई तक निलंबित कर दी हैं। उड़ानों के निलंबन ने इजरायल में रहने वाले 40,000 से अधिक भारतीयों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जो क्षेत्र में बढ़ते तनाव से बचने या पेशेवर कारणों से भारत यात्रा करना चाहते हैं। इजरायल छोड़ने वालों को जॉर्डन या मिस्त्र जाना होगा इजरायल छोड़ने के इच्छुक भारतीयों को भूमिगत सीमा पार कर जॉर्डन या मिस्त्र जाना होगा। तेल अवीव में भारतीय मिशन उन लोगों की सहायता कर रहा है जो विभिन्न तरीकों से यात्रा करना चाहते हैं। दूतावास भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए है। अंबेसडर जेपी सिंह और दूतावास की टीम ने शनिवार को इजरायल में भारतीय श्रमिकों और छात्रों के साथ वर्चुअल चर्चा की और उनकी चिंताओं-परेशानियों को सुना। साथ ही उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

दुश्मन के इलाके में 48 घंटे, पास में सिर्फ एक पिस्टल, जानें कैसे कर्नल रैंक के अमेरिकी कर्नल ने ईरान के पहाड़ों में काटी रातें

 वॉशिंगटन अमेरिका को उस समय तब बड़ी सफलता मिली, जब उसने ईरान में फाइटर जेट से जाने बचाने को कूदे अपने एक पायलट को सफलतापूर्वक बचा लिया। यह पायलट अमेरिकी फाइटर जेट से तब नीचे कूद गया था, जब ईरान ने युद्ध के बीच उसके जेट पर हमला कर दिया था। इससे पहले, अमेरिका एक और पायलट को बचा चुका है। अमेरिकी सेना ने कई घंटों के सर्च ऑपरेशन और घातक हथियारों व दर्जनों विमानों के इस्तेमाल के बाद अपने पायलट को सकुशल बचाया। इस दौरान, ईरानी सैनिक और आम लोग भी उस पायलट की खोज में लगे हुए थे। यहां तक कि ईरान ने उसे पकड़ने पर इनाम देने की भी घोषणा की थी। बचाने के समय अमेरिकी सेना पर हमले भी किए गए। अमेरिकी पायलट ईरान में लगभग दो दिनों तक फंसा रहा और उस दौरान उसके पास सुरक्षा के लिए दी जाने वाली एक पिस्टल और अन्य कुछ चीजें ही थीं। अमेरिकी सेना ने उसे उसकी लोकेशन के जरिए खोज निकाला। पहाड़ी इलाके में ऊंची जगह छिप गया था पायलट अमेरिकी पायलट लगभग 48 घंटे तक ईरान के ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों में छिपा रहा। इस दौरान उसके पास पिस्टल, एक बीकन ही थी। उसके पास सिर्फ एक उम्मीद थी कि शायद अमेरिकी सेना का बचाव दल उसके पास पहुंच जाएगा और उसे बचा लेगा। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया, ''वह पायलट दुश्मन के इलाके में लगभग दो दिनों तक जीवित रहा, और उन ईरानी सेनाओं से बचता रहा जो सक्रिय रूप से उसकी तलाश कर रही थीं।'' फाइटर जेट से इजेक्ट करने के बाद पायलट एक ऐसी जगह गिरा, जहां पर पहाड़ी इलाका था और वह ऊंची जगह जाकर छिप गया। अमेरिकी सेनाओं के संपर्क में रहने और बचाव अभियान को दिशा देने में मदद करने के लिए उसने एक डिस्ट्रेस बीकन, जीपीएस ट्रैकर आदि का इस्तेमाल किया। सीआईए ने बताई लोकेशन, 24 घंटे रही नजर वहीं, बीबीसी के अनुसार, अमेरिका द्वारा किए गए बचाव अभियान के सटीक हालात अभी भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इस अभियान से परिचित एक व्यक्ति ने इसे दक्षिणी ईरान में चलाया गया एक विशाल लड़ाकू खोज और बचाव अभियान बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि पायलट की लोकेशन पर अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी दिन-रात 24 घंटे नजर रख रहे थे और लगातार बचाव अभियान की योजना बना रहे थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया संस्थान सीबीएस को यह भी बताया कि इस बचाव अभियान में सीआईए ने एक अहम भूमिका निभाई। उसने पहाड़ की एक दरार में छिपे उस पायलट को ट्रैक किया और उसकी सटीक लोकेशन पेंटागन को दी। ट्रंप ने किया था पायलट को बचाने का ऐलान इस सर्च ऑपरेशन की अहमियत इसी बात से समझी जा सकती है कि अमेरिका ने इसे उस देश में अंजाम दिया, जिससे वह अभी युद्ध में है। इसी वजह से खुद ट्रंप की इस अभियान पर नजर थी। जब पायलट को बचा लिया गया तो उन्होंने ही इसका ऐलान भी किया। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ''हमने उसे बचा लिया! मेरे प्यारे अमेरिकी साथियों, पिछले कुछ घंटों में, अमेरिकी सेना ने अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह अभियान हमारे एक बेहतरीन क्रू सदस्य अधिकारी के लिए था, जो एक बहुत सम्मानित कर्नल भी हैं, और मुझे आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि अब वह पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं। यह बहादुर योद्धा ईरान के खतरनाक पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के पीछे फंसा हुआ था, और हमारे दुश्मन उसका लगातार पीछा कर रहे थे, जो हर घंटे उसके और करीब आते जा रहे थे। लेकिन वह कभी भी सचमुच अकेला नहीं था, क्योंकि उसके कमांडर-इन-चीफ, युद्ध सचिव, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन और उसके साथी योद्धा दिन-रात 24 घंटे उसकी लोकेशन पर नजर रख रहे थे, और उसे बचाने के लिए पूरी लगन से योजना बना रहे थे।'' पायलट को बचाने के लिए भेजे गए दर्जनों विमान अमेरिकी सेना ने पायलट को वापस लाने के लिए दर्जनों विमान भेजे, जो दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस थे। ट्रंप ने कहा कि उसे कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह जल्द ही पूरी तरह ठीक हो जाएगा। यह चमत्कारिक खोज और बचाव अभियान कल एक और बहादुर पायलट के सफल बचाव के अतिरिक्त है, जिसकी हमने कल पुष्टि नहीं की थी, क्योंकि हम अपने दूसरे बचाव अभियान को खतरे में नहीं डालना चाहते थे। सैन्य इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके के काफी अंदर से, अलग-अलग अभियानों में बचाया गया है। हम कभी भी किसी अमेरिकी योद्धा को पीछे नहीं छोड़ेंगे। यह तथ्य कि हम इन दोनों अभियानों को बिना किसी एक भी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल हुए बिना सफलतापूर्वक पूरा कर पाए, यह एक बार फिर साबित करता है कि हमने ईरान के आसमान पर ज़बरदस्त हवाई वर्चस्व और श्रेष्ठता हासिल कर ली है। यह एक ऐसा क्षण है जिस पर सभी अमेरिकियों, चाहे वे रिपब्लिकन हों, डेमोक्रेट हों या कोई और, को गर्व होना चाहिए और उन्हें एकजुट होकर इसका समर्थन करना चाहिए। हमारे पास सचमुच दुनिया के इतिहास की सबसे बेहतरीन, सबसे पेशेवर और सबसे घातक सेना है।'' ईरान ने कैसे मार गिराया फाइटर जेट दो सदस्यों को ले जा रहा एफ-15E जेट दक्षिणी ईरान के ऊपर से उड़ रहा था, तभी शुक्रवार सुबह (स्थानीय समय के अनुसार) उसे मार गिराया गया। तेहरान के अनुसार, इस विमान को ईरान के नए और आधुनिक हवाई रक्षा तंत्र द्वारा मार गिराया गया। ईरान ने कहा कि अमेरिका के इस दावे के बावजूद कि यह तंत्र नष्ट हो चुका है, यह अब भी पूरी तरह से प्रभावी है। इस युद्ध के दौरान, और 2003 में इराक पर हुए आक्रमण के बाद से, यह पहला मौका था जब अमेरिका का कोई विमान मार गिराया गया हो। वॉशिंगटन ने तुरंत एक बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, अमेरिकी सेना ने विमान दुर्घटना के कुछ घंटों बाद ही चालक दल के एक सदस्य को बचा लिया था, लेकिन दूसरे पायलट, जिसके कर्नल रैंक का वेपन सिस्टम ऑफिसर … Read more

राज्यपाल ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन को जन-आंदोलन बनाने का आहवान किया

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन प्रयासों को जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने  आहवान करते हुए कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र को अपनाकर ही इस अनुवांशिक बीमारी से समाज को मुक्त किया जा सकता है। राज्यपाल  पटेल रविवार को बदनावर के सिविल अस्पताल के नवीन भवन के आभासी माध्यम से लोकार्पण के बाद मेगा स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे।  राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि सिकल सेल उपचार के विषय मे भ्रामक जानकारियों से भ्रमित नहीं हो। सिकल सेल उपचार के प्रति किसी भी प्रकार की भ्रांति नही पालें। केवल पंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार ही दवाइयों का नियमित सेवन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बीमारी को निरंतर उपचार और सही जानकारी के माध्यम से ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 31 लाख से अधिक जांचें की जा चुकी हैं। जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से जागरूकता बढ़ाने के लिए “सिकल सेल मित्र” तैयार किए जा रहे हैं, जो इस मिशन में सेतु का कार्य करेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाते हुए मरीजों के लिए डिजिटल कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे उपचार अधिक सुगम और प्रभावी होगा।  राज्यपाल  पटेल ने बदनावर प्रवास के दौरान 'संकल्प से समाधान अभियान' के समापन कार्यक्रम मे शासन कि विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। स्थल पर शासकीय विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल के समक्ष जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर अंचलों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला रेडक्रॉस सोसायटी धार एवं अरविंदो आयुर्विज्ञान संस्थान, इन्दौर के मध्य अनुबंध (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। अनुबंध के तहत जिले के प्रत्येक विकासखंड में प्रति तीन माह में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा वृहद स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा।  “संकल्प से समाधान अभियान” के तहत 80 शिविरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए है। राज्यपाल को वर्ष 2025-26 में रेडक्रॉस की गतिविधियों से परिचित कराया गया। बताया गया कि  जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, सिकल सेल जागरूकता रैली, रक्तदान शिविर, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, पोषण कार्यशालाएं एवं CPR प्रशिक्षण जैसे नवाचार किए गए है। साथ ही स्वच्छता अभियान एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से जन-जागरूकता को भी बढ़ावा दिया गया है। वृहद स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 688 मरीजों का निःशुल्क उपचार किया गया, जिसमें 384 महिलाएं एवं 304 पुरुष शामिल हुये।         इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  सावित्री ठाकुर, विधायक  नीना विक्रम वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेढ़ा, नगर पालिका अध्यक्ष  मीना शेखर यादव,  पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और शहीद नरेंद्रसिंह राठौर के परिवार के सदस्य उपस्थित थे।