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फ्लाइट्स में कटौती की तैयारी, एयर इंडिया घटाएगी सुविधाएं – यात्रियों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली मौजूदा संकट के बीच एयर इंडिया की तरफ से ग्राहकों को बड़ी राहत दी जा सकती है। एयर इंडिया छोटी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में भोजन की व्यवस्था वैकल्पिक बनाने का विचार करने जा रहा है। ऐसे में अगर कोई पैसेंजर खाना का विकल्प नहीं चुनता है तब की स्थिति में टिकट का किराया 250 रुपये तक कम हो सकता है। दी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए अन्य कई फैसले ले सकती है। कंपनी में इसको लेकर काफी मंथन चल रहा है। एक सुविधा देने पर विचार कर रही है कंपनी रिपोर्ट के अनुसार खाना का चयन ना करने पर पैसेंजर्स को सस्ता एयर इंडिया का टिकट मिल जाएगा। कंपनी इसके अलावा बिजनेस क्लास के पैसेंजर्स के लिए लाउंज एक्सेस अनबंडलिंग करने की तैयारी भी कर रही है। मौजूदा समय में लाउंज ऑपरेटर्स मेट्रो सिटी में 1100 रुपये से 1400 रुपये तक और नॉन मेट्रो शहर में 600 रुपये से 700 रुपये तक वसूल रहे हैं। औसतन 1000 रुपये एक लाउंज एक्सेस पर खर्च होता है। बहुत से बिजनेस क्लाइस की फ्लाइट्स काफी तेजी के ऑपरेट होती हैं। ऐसे में कई बार पैसेंजर एयरपोर्ट पर लाउंज एक्सेस नहीं कर पाते हैं। ऐसे में यह सुविधा अगर हटती है तो टिकट का किराया कम हो जाएगा। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार, “एयर इंडिया पहले दिन से ही भोजन को टिकट में जोड़ती आ रही है। लेकिन अब एविएशन टरबाइन फ्यूल का रेट बढ़ने और रुपये की कीमत घटने की वजह से हवाई जहाज का रेट बढ़ गया है। भारत एक प्राइस सेसंटिव देश है। ऐसे में कीमतें अधिक होने की स्थिति में पैसेंजर्स ट्रेन या रोड का विकल्प चुन सकते हैं। जिसकी वजह से कंपनी इस भोजन की व्यवस्था पर विचार कर रही है।” जुलाई से एयर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट्स में होगी कटौती पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया जुलाई के महीने से इंटरनेशनल फ्लाइट्स में कटौती करेगा। कंपनी बढ़ते तेल के खर्च और हवाई पाबंदियों की वजह से यह फैसला लेने के लिए मजबूर है। मौजूदा समय में एयर इंडिया घाटे में चल रही है। वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को 22000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। शुक्रवार को कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव और एमडी Campbell Wilson ने कहा, “हमने ने अप्रैल और मई के महीने में कुछ फ्लाइट्स की कटौती की है। इसके पीछे की वजह बढ़ता तेल का खर्च और एयरस्पेस की पाबंदियां हैं। जिसके कारण हमारी इंटरनेशनल फ्लाइट्स मुनाफा नहीं कमा पा रही हैं।”

इजरायल के लिए एअर इंडिया फ्लाइट्स पर ब्रेक, 31 मई तक नहीं होगी उड़ानें

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच एअर इंडिया ने इजरायल के लिए अपनी उड़ानें 31 मई तक निलंबित कर दी हैं। अधिकांश प्रमुख एयरलाइनों ने तेल अवीव मार्ग पर अपनी सेवाएं सस्पेंड की हुई हैं। केवल इजरायली कैरियर जैसे ईएल एएल, इस्त्रा एयर, आर्किया और एयर हाइफा ही कड़ी पाबंदियों के तहत संचालन कर रहे हैं। दिल्ली-तेल अवीव मार्ग पर उड़ानें 31 मई तक निलंबित एअर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा कि एयरलाइन ने नई दिल्ली-तेल अवीव मार्ग पर उड़ानें 31 मई तक निलंबित कर दी हैं। उड़ानों के निलंबन ने इजरायल में रहने वाले 40,000 से अधिक भारतीयों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जो क्षेत्र में बढ़ते तनाव से बचने या पेशेवर कारणों से भारत यात्रा करना चाहते हैं। इजरायल छोड़ने वालों को जॉर्डन या मिस्त्र जाना होगा इजरायल छोड़ने के इच्छुक भारतीयों को भूमिगत सीमा पार कर जॉर्डन या मिस्त्र जाना होगा। तेल अवीव में भारतीय मिशन उन लोगों की सहायता कर रहा है जो विभिन्न तरीकों से यात्रा करना चाहते हैं। दूतावास भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए है। अंबेसडर जेपी सिंह और दूतावास की टीम ने शनिवार को इजरायल में भारतीय श्रमिकों और छात्रों के साथ वर्चुअल चर्चा की और उनकी चिंताओं-परेशानियों को सुना। साथ ही उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

लुधियाना एयरपोर्ट से एक टिकट पर विदेश यात्रा, Air India दिल्ली से करेगा कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा

लुधियाना लुधियाना के हलवारा से एक ही टिकट पर विदेश का सफर किया जा सकेगा। एयर इंडिया ने लुधियाना एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का टाइम ऐसे शेड्यूल किया है ताकि विदेश जाने वाले दिल्ली एयरपोर्ट से कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकें। एयर इंडिया ने विदेश जाने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वो लुधियाना से सुबह की फ्लाइट पकड़ें और कनेक्टिंग फ्लाइट में अपनी टिकट साथ ही करवा दें। ऐसा करने से उन्हें बैगेज का बार-बार चेकइन करवाने की जरूरत नहीं होगी। तीन से चार घंटे में सारी फॉर्मेलिटी होगी पूरी एयर इंडिया ने तर्क दिया है कि विदेश जाने वालों को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन व अन्य फॉर्मेलिटी को पूरा करने के लिए तीन से चार घंटे का समय लग जाता है। अगर लुधियाना एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्री सुबह की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचते हैं तो उन्हें एयरपोर्ट पर फार्मेलिटीज पूरी करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स जाएगी दिल्ली हलवारा से सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स दिल्ली के लिए उपलब्ध होंगी, लेकिन इंटरनेशनल यात्रा के लिए सुबह वाली फ्लाइट सबसे बेहतर मानी जा रही है। यह फ्लाइट यात्रियों को सुबह दिल्ली पहुंचा देती है, जिससे वे उसी दिन शाम की अंतरराष्ट्रीय उड़ान आसानी से पकड़ सकते हैं। एयरलाइन ने शेड्यूल इस तरह तैयार किया है कि यात्रियों को दिल्ली में 4 से 8 घंटे का ट्रांजिट टाइम मिल सके। यह समय इमिग्रेशन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग के लिए पर्याप्त होता है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें बैगेज को लेकर भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लुधियाना फ्लाइट से कंपनी बैगेज को अपने आप कनेक्टिंग फ्लाइट में ट्रांसफर हो जाएगा और यात्री आसानी से एयरपोर्ट पर अपनी बाकी फॉर्मेलिटीज पूर कर सकेगा। किन-किन देशों के लिए मिलेगी सुविधा एयर इंडिया का कहना है कि इस कनेक्टिविटी के जरिए यात्री यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के प्रमुख शहरों तक सफर कर सकेंगे। इनमें लंदन, बरमिंगम,रोम, मिलन और पैरिस शामिल हैं।इसके अलावा अन्य देशों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी ली जा सकेगी। एक टिकट पर पूरी यात्रा कर सकेंगे एयर इंडिया ने बताया है कि यात्री हलवारा से अपने अंतिम विदेशी गंतव्य तक एक ही टिकट (सिंगल PNR) पर यात्रा कर सकते हैं। इस सुविधा में सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री का बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक चेक-इन हो जाता है और दिल्ली में दोबारा चेक-इन की जरूरत नहीं पड़ती। अगर यात्री अलग-अलग टिकट बुक करते हैं, तो उन्हें दिल्ली में बैगेज लेकर फिर से चेक-इन करना होगा, जिससे समय और जोखिम दोनों बढ़ जाते हैं। दिल्ली से मिलेंगी एयर इंडिया की फ्लाइट कनेक्टिंग यात्रा में दिल्ली से आगे की उड़ान भी एयर इंडिया की ही होती है। हालांकि, कुछ रूट्स पर एयर इंडिया की पार्टनर एयरलाइंस (कोडशेयर) भी ऑपरेट कर सकती हैं। ऐसे मामलों में टिकट एक ही रहता है, लेकिन फ्लाइट दूसरी एयरलाइन की हो सकती है। इसके बावजूद, यदि बुकिंग एक ही टिकट पर है तो यात्रा सहज बनी रहती है और बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक पहुंचता है। वेबसाइट, मोबाइल ऐप व ट्रैवल एजेंट के जरिए करें टिकट बुक यात्री एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ट्रैवल एजेंट के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। बुकिंग के समय लुधियाना से फाइनल डेस्टिनेशन डालना होगा। ताकि आपको कनेक्टिंग फ्लाइट का विकल्प मिल जायेंगे। टिकट एक ही बुकिंग में लिया जाए, ताकि यात्रा आसान और बिना परेशानी के हो सके। दिल्ली एयरपोर्ट पर कितना इंतजार हलवारा से सुबह पहुंचने वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर औसतन 4 से 8 घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है। यह इंटरनेशनल कनेक्शन के लिए सामान्य और सुरक्षित समय माना जाता है। दिल्ली से किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए यात्रियों को कम से कम 3 से 4 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना जरूरी होता है। हालांकि, कनेक्टिंग यात्रियों के लिए यह प्रक्रिया आसान हो जाती है क्योंकि वे पहले से चेक-इन रहते हैं। यात्रियों के लिए बड़ा फायदा इस नई सेवा से लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अब सड़क या रेल से दिल्ली जाने की जरूरत कम होगी। हलवारा एयरपोर्ट से सीधी उड़ान और दिल्ली से कनेक्टिविटी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा तेज, सुविधाजनक और कम झंझट वाली हो जाएगी। यह पहल लुधियाना को ग्लोबल एयर नेटवर्क से जोड़ देगी। एयर इंडिया लुधियाना से दिल्ली के लिए चलाएगा A320 फेमिली क्राफ्ट एयर इंडिया लुधियान से दिल्ली के बीच A320 फेमिली एयर क्राफ्ट चलाएगा। यह मुख्य रूप से घरेलू और शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर इस्तेमाल होते हैं। इन विमानों को हाल के वर्षों में अपग्रेड किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। इनके प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हैं A320 फेमिली एयरक्राफ्ट की मुख्य विशेषताएं 1. शॉर्ट-हॉल और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट्स के लिए डिजाइन किया गया है। 2. तीन क्लास की केबिन, बिजनेस क्लास में आरामदायक और ज्यादा स्पेस, प्रीमियम इकोनमी में अतिरिक्त लेगरूम और बेहतर सीटिंग और इकोनमी में किफायती और आरामदायक यात्रा। इसमें कुल 160 से 180 सीटें हैं जिसमें से 8 बिजनेस क्लास, 24 प्रीमियम और बाकी इकोनमी सीट होंगी। 3. USB चार्जिंग और डिजिटल सुविधा है। यात्री अपने मोबाइल/लैपटॉप चार्ज कर सकते हैं। इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट मोबाइल पर देख सकते हैं। 4. इन-फ्लाइट इंटरटेनमेंट के लिए वाइफाई की सुविधा मिलेगी।

एयर इंडिया का ऐतिहासिक कदम: अबू धाबी और दुबई की 5 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते युद्ध के बादलों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई देशों द्वारा अपने एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) को बंद करने या पाबंदियां लगाने के कारण वैश्विक उड़ानों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एअरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है। 15 मार्च 2026 के लिए निर्धारित कई 'एड-हॉक' (ad-hoc) उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे भारत और यूएई के बीच यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि दुबई एअरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के कारण उसे अपनी उड़ानें कम करने पर मजबूर होना पड़ा है. एअर इंडिया की दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट संचालित होगी, जबकि पांच में से चार निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई के लिए छह में से पांच उड़ानें रद्द हैं, केवल एक दिल्ली-दुबई रिटर्न फ्लाइट चलेगी. अबू धाबी के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांचों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। शारजाह: एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है. रास अल खैमाह: कोझिकोड और कोच्चि के लिए उड़ानें चलेंगी। कंपनी ने साफ किया है कि ये उड़ानें भी स्लॉट की उपलब्धता और परिचालन के समय की स्थितियों पर निर्भर करेंगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

इटली रिपोर्ट: एअर इंडिया 171 के पायलट की गलती नहीं, जानबूझकर किया गया फ्यूल बंद

नई दिल्ली अहमदाबाद में एअर इंडिया फ़्लाइट क्रैश की जांच कर रहे इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह हादसा किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं हुआ था, बल्कि यह एक 'जानबूझकर की गई हरकत' का नतीजा था. इटैलियन डेली अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई ताज़ा बातचीत से वाकिफ़ दो सोर्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया. हालांकि, DGCA की ऑफिशियल रिपोर्ट जारी होने से पहले कुछ भी नतीजा निकालना जल्दबाज़ी होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि 12 जून, 2025 को इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद हुआ क्रैश किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई एक्टिविटी की वजह से हुआ था. अधिकारी अब अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट का ड्राफ़्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं. अख़बार ने आगे कहा कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को 'एक बड़ी कामयाबी' बताया है. इटली के एक अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी रिपोर्ट में कह सकते हैं कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 एक पायलट के ऐक्शन के कारण क्रैश हो गई थी। अखबार ने पश्चिमी एविएशन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट में बता सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग जानबूझकर’ विमान के फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। पायलट ने ‘जानबूझ’ कर बंद किए फ्यूल स्विच इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने अपनी रिपोर्ट में पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा कि जांचकर्ता अपनी फाइनल रिपोर्ट में ऐसा कह सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग पक्का' ‘जानबूझ कर’ फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। ये नतीजे कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की जांच के साथ इस बात पर भी आधारित हैं कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। 260 लोगों की हुई थी मौत दावे पर भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का रिएक्शन नहीं मिल सका है। बता दें कि 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट 171) अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। हादसे में 260 लोग मारे गए थे। एयरक्राफ्ट दोनों इंजनों से थ्रस्ट खत्म होने के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल छात्रों के एक हॉस्टल पर गिर गया था। पायलट एसोसिएशन ने की निंदा हालांकि यह साफ नहीं है कि फाइनल रिपोर्ट में इसका जिक्र होगा कि स्विच जानबूझकर कैसे बंद किए गए थे? या यह भी कि साफ तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध एयरक्राफ्ट कमांडर सुमीत सभरवाल हैं। हालांकि इंडियन पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इस दावे की निंदा की है। उनका कहना है कि यह हादसे के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने की एक सोची-समझी कोशिश है। हादसे में विमान निर्माता, एयरलाइन समेत अन्य फैक्टर की बारीकी से जांच की जानी चाहिए। जांच में केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के भारतीय जांचकर्ता वाशिंगटन गए थे। उन्होंने वहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में विमान के ब्लैक बॉक्स के डेटा का फिर से एनालिसिस किया था। इसमें खास तौर पर केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस किया गया था। ऑडियो एनालिसिस से यह साफ हो गया था कि किस पायलट ने जानलेवा ऐक्शन लिया। अमेरिकी एक्सपर्ट्स को नहीं मिली तकनीकी खामी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग 787 के सिम्युलेटर टेस्ट करने वाले अमेरिकी एक्सपर्ट्स को कभी ऐसा कुछ नहीं मिला जिसमें दोनों इंजन किसी खराबी की वजह से बंद हो गए हों। हादसे के पीछे इंसानी दखल (जानबूझकर या गलती) ही एकमात्र वजह थी। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आधार पर पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों के आकलन में सभरवाल की ओर इशारा किया गया। यही नहीं इंजन एक के बाद एक बंद हुए। पहले बायां जहां कैप्टन बैठते हैं इसके बाद दायां इंजन… शुरुआती रिपोर्ट में भी फ्यूल स्विच का जिक्र सनद रहे हादसे के एक महीने बाद जारी शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि फ्यूल स्विच को 'रन' से ‘कटऑफ’ पर ले जाने के बाद इंजन लगभग एक साथ बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट यह पूछते हुए रिकॉर्ड हुआ कि आपने इंजन क्यों बंद किए? इस पर दूसरे ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया था कि किस पायलट ने इनमें से कौन सी बात कही थी।

Air India क्रू सदस्य के साथ दोस्त ने की रेप की कोशिश, पुलिस ने दर्ज किया केस

गुड़गांव  नामी चार सितारा होटल में एयर इंडिया की महिला क्रू सदस्य के साथ उनके ही दोस्त द्वारा बदसलूकी और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 28 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह दिल्ली में एयर इंडिया में केबिन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है और पति सेना में तैनात है। सात फरवरी को वह अपने दोस्त के साथ किसी आधिकारिक काम के सिलसिले में कार से देहरादून के लिए निकली थी। पीड़िता के अनुसार रास्ते में दोस्त ने 250 किलोमीटर तक गाड़ी गलत दिशा में चलाई, जिसके बाद वे वापस बुलंदशहर पहुंचे।   अत्यधिक थकान होने के कारण पीड़िता ने गुड़गांव में रुकने का फैसला किया और दोस्त के साथ चार सितारा होटल में रुकी। पीड़िता का कहना है कि दोस्त के पास पैसे न होने के कारण उसने इंसानियत के नाते उसे अपने कमरे में रुकने की अनुमति दी थी। आरोप है कि कुछ समय बाद संजीव ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, उसे गलत तरीके से छुआ और उसे निर्वस्त्र करने का प्रयास किया । घटना के बाद पीड़िता ने गुड़गांव पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लीगल एडवाइजर को बुलाकर पीड़िता की काउंसलिंग कराई। काउंसलिंग और प्राथमिक तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस  की धारा 74 और 76 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  

दूसरी बड़ी विमान घटना: अजित पवार प्लेन के बाद Air India की उड़ान में खौफनाक झटके

मुंबई महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में मौत की खबर के बाद देशभर में दहशत का माहौल है। इसी बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर से भी एक गंभीर घटना सामने आई है। बुधवार को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के एक विमान की पहली लैंडिंग असफल हो गई, जिससे विमान में बैठे यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। यह विमान दिल्ली से जयपुर के लिए रवाना हुआ था और दोपहर लगभग 1 बजे जयपुर पहुंचा। 1:05 बजे पायलट ने रनवे पर लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन किसी तकनीकी या अन्य कारण से विमान रनवे को छूते ही दोबारा हवा में चला गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराने लगे। इसके बाद विमान करीब 10 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाता रहा। दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतार लिया गया, जिसके बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। विमान में मौजूद थे कांग्रेस के बड़े नेता इस विमान में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। एयरपोर्ट पर पहले से ही राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। जब पहली बार विमान की लैंडिंग फेल होने की खबर मिली, तो एयरपोर्ट पर मौजूद कांग्रेस नेताओं में भी चिंता और बेचैनी साफ नजर आई। लेकिन विमान के सुरक्षित उतरते ही सभी ने राहत महसूस की। एयरपोर्ट प्रशासन में मचा हड़कंप इस घटना के बाद जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन कारणों से पहली लैंडिंग के दौरान विमान को वापस उड़ान भरनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट ने समय रहते सही फैसला नहीं लिया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। अजित पवार हादसे से जुड़ा संदर्भ गौरतलब है कि इसी दिन सुबह महाराष्ट्र के पुणे स्थित बारामती एयरपोर्ट पर भी एक बड़ा हादसा हुआ था। वहां लैंडिंग के दौरान अजित पवार का चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि रनवे साफ नजर नहीं आने के कारण पायलट ने पहले विमान को ऊपर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन दोबारा लैंडिंग के दौरान विमान क्रैश हो गया।

दिल्ली से उड़ान भरते वक्त विमान के APU में लगी आग, 190 यात्रियों के साथ दूसरा हादसा टला

नई दिल्ली दिल्ली में 24 घंटे के भीतर एयर इंडिया के दो विमानों में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। एक विमान के एपीयू में आग लगने के बाद उसे आनन-फानन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस उतारा गया तो दूसरे के इंजन ने एक कंटेनर को खींच लिया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सिंगापुर जा रहा एयर इंडिया का एक विमान तकनीकी खराबी के कारण बुधवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी लौट आया। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान में करीब 190 लोग सवार थे। सूत्रों के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान में एपीयू (ऑक्सिलियरी पावर यूनिट) में आग की चेतावनी मिली, जिसके बाद विमान करीब एक घंटे तक हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आया। यात्रियों को वैकल्पिक विमान से सिंगापुर भेजा गया। इस संबंध में संपर्क करने पर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 जनवरी को दिल्ली से सिंगापुर जा रही उड़ान एआई 2380 के परिचालन दल ने संभावित तकनीकी समस्या के चलते उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एहतियातन दिल्ली लौटने का फैसला किया। रात करीब एक बजे IGI पर दोबारा उतरा प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा। दिल्ली में हमारी टीमों ने यात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की और उन्हें वैकल्पिक विमान से सिंगापुर के लिए रवाना किया गया।' प्रवक्ता ने इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर खेद भी जताया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बोइंग 787-9 विमान से संचालित यह उड़ान करीब एक घंटे तक हवा में रही और बुधवार देर रात करीब एक बजे दिल्ली में वापस उतरी। विमान के इंजन में घुसा कंटेनर एक अन्य घटना में एयर इंडिया के एक विमान ने एयरपोर्ट पर एक कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के A350 विमान के इंजन में गुरुवार को कंटेनर घुस गया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। विमान में सवार एक यात्री ने घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। घटना पर एयर इंडिया का बयान सामने नहीं आया है।

एयर इंडिया की चीन वापसी, 6 साल बाद उड़ान भरेगी मैत्री का संदेश

नईदिल्ली  भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है. देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने सोमवार को कहा कि वो लगभग छह साल बाद फरवरी 2026 से नई दिल्ली से चीन के लिए उड़ानें फिर से शुरू करेगी और अगले साल के अंत में मुंबई-शंघाई मार्ग शुरू करने की योजना बना रही है. एयर इंडिया ने शंघाई के लिए अपनी फ्लाइट की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी आवश्यक मंजूरी के मिल जाने के बाद 1 फरवरी 2026 से इनकी शुरुआत की जाएगी.  48वां अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन शंघाई, एयर इंडिया ग्रुप द्वारा सेवा प्रदान करने वाला 48वा अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन है. ये भारत में किसी भी अन्य एयरलाइन की तुलना में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक यात्रियों को ट्रेवल करने की सर्विस देता है. एयर इंडिया अपने ट्विन-aisle​बोइंग 787-8 विमान का इस्तेमाल करके दिल्ली और शंघाई के बीच सप्ताह में चार बार उड़ान भरेगी, जिसमें बिजनेस क्लास में 18 फ्लैट बेड और इकोनॉमी क्लास में 238 सीटें हैं.  आर्थिक महाशक्तियों के बीच एक सेतु' एयर इंडिया के CEO और MD कैंपबेल विल्सन ने कहा कि हमारी दिल्ली-शंघाई सेवाओं की बहाली एक रूट लॉन्च से कहीं अधिक है. ये दो महान, प्राचीन सभ्यताओं और आधुनिक आर्थिक महाशक्तियों के बीच एक सेतु है. एयर इंडिया में हमें दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण हवाई गलियारों में से एक को फिर से जोड़ने पर खुशी है. 

एयर इंडिया में हड़कंप! दो पायलट बिना लाइसेंस उड़ा रहे थे विमान, DGCA ने मचाई खलबली

नई दिल्ली  एयर इंडिया में शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग की समस्या अब भी जारी है। रेगुलेटर ने इस मुद्दे पर 5 महीने पहले ही फटकार लगाई थी। ताजा मामले में, एक को-पायलट और एक सीनियर कैप्टन को फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया है, क्योंकि एयरलाइन को पता चला कि पिछले महीने उन्होंने एक-एक फ्लाइट ऑपरेट की थी। एक केस में इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी (ELP) लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था। दूसरे में को-पायलट ने बाय-एनुअल पायलट प्रोफिशिएंसी चेक (PPC) – इंस्ट्रूमेंट रेटिंग टेस्ट क्लियर नहीं किया था। DGCA इन खामियों की जांच कर रहा है और एयरलाइन से रिपोर्ट मांगी है।   रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट अपना लेटेस्ट IR-PPC चेक क्लियर नहीं कर पाया था। ये कोई बड़ी अनोखी बात नहीं है, लेकिन पायलट्स को फिर से उड़ान भरने से पहले मैंडेटरी करेक्टिव ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। इस केस में एयरबस A320 को-पायलट ने बिना ट्रेनिंग के फ्लाइट ऑपरेट कर दी और इस गलती को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, 'फर्स्ट ऑफिसर का ट्रेनिंग चेक में अनसैटिस्फैक्टरी परफॉर्मेंस के बाद फ्लाइट ऑपरेट करने का केस पकड़ा गया। जैसे ही यह गलती नोटिस हुई, क्रू शेड्यूलर और पायलट को ऑफ-रोस्टर कर दिया गया। आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और DGCA को रिपोर्ट कर दिया गया है।' लाइसेंस एक्सपायर होने के बावजूद भरी उड़ान दूसरे केस में, सीनियर कमांडर ने ELP लाइसेंस एक्सपायर होने के बावजूद A320 फ्लाइट का पायलट-इन-कमांड रहते हुए ऑपरेट किया। ELP लाइसेंस पायलट्स के लिए उड़ान भरने की बेसिक रिक्वायरमेंट है। एयर इंडिया की ओर से कहा गया, 'सीनियर पायलट का एक्सपायर्ड ELP के साथ फ्लाइट ऑपरेट करने का केस सामने आया। इसके बाद पायलट को ऑफ-रोस्टर कर दिया गया और जांच चल रही है। DGCA को रिपोर्ट कर दिया गया है।' सीनियर पायलट्स का कहना है कि ये खामियां एआई में ओवरसाइट पर सवाल उठाती हैं कि सिर्फ सही पायलट्स ही रोस्टर पर आएं।