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एयर इंडिया मामले में बड़ा एक्शन, समय पर सूचना नहीं देने पर अमृतसर ATC और क्रू हटाए गए

अमृतसर डीजीसीए ने एअर इंडिया की फ्लाइट AI-479 से जुड़ी उस घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसमें विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तान के एअरस्पेस में प्रवेश कर गया था। मामले में समय पर जानकारी न देने को लेकर अमृतसर के संबंधित एअर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC)। घटना 22 जून की है, जब एअर इंडिया का एअरबस A321 (VT-PPV) दिल्ली से अमृतसर के लिए उड़ान भर रहा था। उस समय अमृतसर एअरपोर्ट पर पक्षी टकराने (बर्ड स्ट्राइक) की घटना के बाद रनवे की जांच चल रही थी, जिसके कारण फ्लाइट को लैंडिंग से पहले कुछ समय के लिए हवा में होल्ड करने के निर्देश दिए गए थे। पाकिस्तान ATC से समन्वय के बाद फ्लाइट दिल्ली लौटी इसके बाद जब ATC ने रडार के जरिए विमान को लैंडिंग के लिए गाइड किया, तो वह अनजाने में थोड़ी देर के लिए पाकिस्तान के एअरस्पेस में पहुंच गया। स्थिति को संभालने के लिए पाकिस्तान ATC से भी संपर्क और समन्वय किया गया। बाद में विमान को अमृतसर में उतारने के बजाय वापस दिल्ली भेज दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मामले में ये जानकारी दी     रवने पर ट्रैफिक के कारण विमान को हवा में इंतजार करवाना आम बात: इस मामले में अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी विमान की लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से अंतिम अनुमति दी जाती है। कई बार रनवे की उपलब्धता, एयर ट्रैफिक या अन्य तकनीकी कारणों से विमान को कुछ समय तक हवा में ही होल्डिंग पैटर्न में इंतजार करना पड़ता है। यह आम बात है।     विमान को दिल्ली ले जाने को कहा गया: अधिकारी के अनुसार, संबंधित विमान के मामले में लैंडिंग में देरी होने पर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, जिससे इस विमान के लैंड होने की जगह नहीं थी। बाद में सूचना मिली कि तकनीकी कारणों के चलते विमान भटक गया था। इसके बाद उसे वापस दिल्ली ले जाने को कहा गया।     असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही: अधिकारी ने बताया कि विमान बाद में सुरक्षित रूप से वापस चला गया था। हालांकि, यात्रियों को कुछ देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के पास किसी बड़े हंगामे या दुर्व्यवहार की कोई जानकारी नहीं है। यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही। कुछ ही समय बाद विमान रास्ता भटका इससे पहले 12 जून को पाकिस्तान की एक पैसेंजर फ्लाइट, फ्लाई जिन्ना-9P514, खराब मौसम के कारण भारतीय एअरस्पेस में प्रवेश कर गई थी। लाहौर एअरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान रास्ता भटक गया था। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी का अंदेशा होते ही फ्लाइट को वापस पाकिस्तानी एअरस्पेस में लौटा लिया गया।  

दिल्ली-अमृतसर फ्लाइट रास्ता भटकी, पाकिस्तानी एयरस्पेस में पहुंचा एयर इंडिया का विमान

 अमृतसर  एयर इंडिया एक बार फिर से चर्चा में है। इसकी एक फ्लाइट बीते सोमवार की रात दिल्ली से अमृतसर के लिए रवाना हुई थी। उसमें 200 से अधिक यात्री सवार थे। लेकिन वह विमान अमृतसर पहुंचने के बजाय लाहौर जा पहुंचा। उन्हें जब बताया गया कि वह पाकिस्तान में हैं तो फिर यू-टर्न लिया। क्या है मामला यह मामला, 22 जून की देर रात का है। सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया की यह फ्लाइट AI-479 थी। जो कि सोमवार रात करीब 9:15 पर दिल्ली एयरपोर्ट से अमृतसर एयरपोर्ट के लिए टेक ऑफ हुई थी। अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट वहां लैंड नहीं की। कई राउंड हवा में चक्कर काटते हुए यह प्लेन अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड करने के बजाय पाकिस्तान एयर स्पेस में प्रवेश कर गया। फिलहाल एयर इंडिया की तरफ से इस घटना के लिए आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। लाहौर तक पहुंच गया था विमान? सूद्त्रों के मुताबिक एयर इंडिया का यह विमान न सिर्फ पाकिस्तान के एयर स्पेस में चला गया बल्कि वह लाहौर तक जा पहुंचा था। उस दौरान पायलट को यह पता ही नहीं चला कि वह पाकिस्तान एयर स्पेस में इंटर कर चुका है। पायलट को इस बात का जानकारी तब मिली जब पाकिस्तान लाहौर ATC से हवाई जहाज को संपर्क कर एयर इंडिया की इस फ्लाइट के पायलट को बताया गया कि वह भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान एयर स्पेस में है। उनसे पाकिस्तान आने का कारण पूछ गया। 3 मिनट की देरी से उड़ा था विमान एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिली जानकारी के मुताबिक, एयरबस AI-321 विमान ने सोमवार रात 9 बजकर 18 मिनट पर दिल्ली से उड़ान भरी थी। यह विमान अपने निर्धारित समय से 3 मिनट देरी से उड़ा था। इसके बाद उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आई। इस विमान को रात 10 बजकर 30 मिनट पर अमृतसर में लैंड होना था, लेकिन विमान अपने रूट से भटक गया और पाकिस्तान के एयरस्पेस में जा घुसा। इस बात पता पायलट को भी तब लगा, जब पाकिस्तान एयर ट्रैफिक अथॉरिटी से विमान को चेतावनी मिलने लगी। पायलट ने रास्ता बदला, अमृतसर में जगह नहीं मिली इस घटना के तुरंत बाद पायलट ने विमान का रास्ता बदला और यू-टर्न मारकर वापस भारत के एयरस्पेस में आया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। समय निकल जाने के बाद विमान अमृतसर की सीमा में पहुंचा, लेकिन ट्रैफिक बढ़ने से विमान को उतरने की जगह नहीं मिली। एयरपोर्ट कंट्रोल रूम से विमान को वापस दिल्ली जाने के निर्देश मिले। इसके बाद विमान वापस दिल्ली गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। करीब 2 घंटे बाद दोबारा अनुमति मिलने पर विमान ने अमृतसर के लिए फिर से उड़ान भरी और सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 2 बजकर 20 मिनट पर अमृतसर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया।  यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र की निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। विमान का अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर दूसरे देश के हवाई क्षेत्र में पहुंचना विमानन क्षेत्र में गंभीर घटना माना जाता है, हालांकि ऐसी परिस्थितियों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल एजेंसियां निर्धारित अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत स्थिति को संभालती हैं। यात्रियों को हुई परेशानी  इस पूरी घटना के कारण यात्रियों को करीब चार घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। अमृतसर पहुंचने का निर्धारित समय निकल जाने के बाद विमान बुधवार सुबह अपने गंतव्य तक पहुंच सका। विमानन अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है और तकनीकी गड़बड़ी के कारणों की जांच की जा रही है। यात्रियों को 4 घंटे की देरी इस घटना के कारण यात्रियों को करीब 4 घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। जिन्हें रात 10 बजकर 30 मिनट तक अमृतसर पहुंचना था, वे देर रात अपने गंतव्य तक पहुंच सके। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मामले में ये जानकारी दी     रवने पर ट्रैफिक के कारण विमान को हवा में इंतजार करवाना आम बात: इस मामले में अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी विमान की लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से अंतिम अनुमति दी जाती है। कई बार रनवे की उपलब्धता, एयर ट्रैफिक या अन्य तकनीकी कारणों से विमान को कुछ समय तक हवा में ही होल्डिंग पैटर्न में इंतजार करना पड़ता है। यह आम बात है।     विमान को दिल्ली ले जाने को कहा गया: अधिकारी के अनुसार, संबंधित विमान के मामले में लैंडिंग में देरी होने पर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, जिससे इस विमान के लैंड होने की जगह नहीं थी। बाद में सूचना मिली कि तकनीकी कारणों के चलते विमान भटक गया था। इसके बाद उसे वापस दिल्ली ले जाने को कहा गया।     असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही: अधिकारी ने बताया कि विमान बाद में सुरक्षित रूप से वापस चला गया था। हालांकि, यात्रियों को कुछ देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के पास किसी बड़े हंगामे या दुर्व्यवहार की कोई जानकारी नहीं है। यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही। गलती से चला गया     सूत्रों कहना है एयर इंडिया के पायलट ने बताया कि वह गलती से पाकिस्तान एयर स्पेस में इंटर हो गया है।     इसके बाद पायलट ने फ्लाइट का यू टर्न लिया और वह अमृतसर के लिए रवाना हुआ।     लेकिन अमृतसर उसे लैंड करने की परमिशन नहीं मिली।     अमृतसर से उसे दिल्ली आना पड़ा। दुबारा अमृतसर के लिए टेक-ऑफ उस विमान के दिल्ली आने के बाद फिर आधी रात 1 बजे के बाद अमृतसर रवाना किया गया। अभी यह पता नहीं चल सका है की फ्लाइट खराब मौसम का शिकार हुआ या उसमें तकनीकी ख़राबी आ गई थी या फिर पायलट गलती से रास्ता भटक कर पाकिस्तान एयर स्पेस में पहुंच गया था। इस मामले की जांच की जा रही है।  

एयर इंडिया-इंडिगो ने घटाईं उड़ानें, ईंधन संकट और युद्ध का असर; बढ़ सकता है किराया

मुंबई  भारतीय घरेलू विमानन (एविएशन) क्षेत्र इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ते ईंधन के दाम, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश की बड़ी विमानन कंपनियां भारी दबाव में हैं. इस गंभीर संकट से निपटने और खुद को वित्तीय घाटे से बचाने के लिए एयरलाइंस ने अब विस्तार की जगह 'सर्वाइवल मोड' अपना लिया है. इसके तहत जून 2026 से देश में रोजाना लगभग 250 घरेलू उड़ानों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया गया है।  इस कटौती का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है, जिससे आगामी महीनों में हवाई सफर बेहद महंगा और सीमित हो जाएगा।  किन एयरलाइंस ने कितनी की कटौती? भारत के घरेलू विमानन बाजार में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली तीन बड़ी कंपनियां—एयर इंडिया, इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस—मिलकर अपनी उड़ानों में भारी कटौती कर रही हैं: एयर इंडिया: कंपनी जून और जुलाई के महीनों में अपने घरेलू परिचालन में करीब 22 प्रतिशत की कटौती करेगी. एयर इंडिया रोजाना लगभग 500 उड़ानों का संचालन करती है, जिसमें से हर दिन करीब 110 उड़ानें रद्द रहेंगी. आंकड़ों के अनुसार, जहां अप्रैल-मई में कंपनी ने 31,184 उड़ानें संचालित की थीं, वहीं जून-जुलाई के लिए केवल 22,868 उड़ानें ही शेड्यूल की गई हैं।  कितनी कटौती करेगी एयरलाइंस इंडिगो: देश की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो भी अपनी घरेलू क्षमता में 5 से 7 प्रतिशत की कमी कर रही है. इसके तहत कंपनी रोजाना अपनी करीब 110 उड़ानों को रोक देगी।  एयर इंडिया एक्सप्रेस: टाटा समूह की यह सहयोगी एयरलाइन भी अपने घरेलू नेटवर्क से लगभग 10 प्रतिशत उड़ानों को कम करने जा रही है।  टियर-2 और टियर-3 शहरों पर गिरेगी सबसे गाज एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, इस कटौती का सबसे पहला और गंभीर असर देश के छोटे और टियर-2 शहरों पर पड़ेगा. एयरलाइंस अब केवल उन्हीं रूटों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं जहां से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है।  विशेषज्ञ अजय जसरा के मुताबिक, नागपुर, इंदौर, रायपुर, रांची, सूरत, वडोदरा, कोयंबटूर और विशाखापत्तनम जैसे शहरों की कनेक्टिविटी सबसे ज्यादा प्रभावित होगी. ये ऐसे रूट हैं जो मुख्य रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के यात्रियों और बजट ग्राहकों पर निर्भर करते हैं, जहां प्रीमियम या बिजनेस क्लास के यात्री बहुत कम होते हैं।  प्रभावित होने वाले मुख्य रूट: नागपुर-बेंगलुरु, नागपुर-कोलकाता, इंदौर-अहमदाबाद, सूरत-हैदराबाद और विशाखापत्तनम-पुणे जैसे मार्गों पर उड़ानों की संख्या काफी कम कर दी जाएगी।  हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी की आशंका उड़ानों की संख्या घटने और सीटों की उपलब्धता कम होने के कारण टिकटों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि:     मेट्रो रूट (बड़े शहर): दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के बीच किराए में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है.     टियर-2 रूट (छोटे शहर): सीमित उड़ानों के कारण इन शहरों के किराए 20 से 40 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे.     लास्ट-मिनट बुकिंग: यदि कोई यात्री यात्रा से ठीक पहले या वीकेंड पर टिकट बुक करता है, तो उसे 50 से 80 प्रतिशत तक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है. संकट के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं? विमानन क्षेत्र के इस अचानक 'सुरक्षात्मक रवैये' के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं: एटीएफ (विमानन ईंधन) की आसमान छूती कीमतें ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई है. इसके कारण घरेलू हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में 25 प्रतिशत तक का उछाल आया है।  अंतरराष्ट्रीय परिचालन का खर्च पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबे रूट से जाना पड़ रहा है. इससे विदेशी उड़ानों का ईंधन खर्च करीब 100 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जिसका असर घरेलू बजट पर भी पड़ रहा है।  कैश बचाने की मजबूरी एविएशन एक्सपर्ट और एवियालाज कंसल्टेंट्स के सीईओ संजय लाजर के अनुसार, एयरलाइंस इस समय केवल नगदी (Cash) बचाने और अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही हैं. जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सामान्य नहीं होते, उद्योग के लिए अगली दो तिमाहियां बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाली हैं।  मांग में सुस्ती गर्मियों की मुख्य छुट्टियों के बाद जून और जुलाई में वैसे भी पर्यटन यात्राएं कम हो जाती हैं. आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण लोग गैर-जरूरी यात्राओं पर खर्च करने से बच रहे हैं।  अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी लगा ब्रेक घरेलू उड़ानों के साथ-साथ एयर इंडिया ने अपने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय रूटों पर भी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित या कम कर दिया है. दिल्ली-शिकागो, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर और मुंबई-ढाका जैसी उड़ानों पर इसका सीधा असर पड़ा है. इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो, पेरिस और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न व सिडनी जाने वाली उड़ानों के फेरे (Frequencies) भी घटा दिए गए हैं।  आने वाले कुछ महीने भारतीय हवाई यात्रियों के लिए काफी परेशानी भरे हो सकते हैं. यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना काफी पहले बनाएं और किसी भी असुविधा से बचने के लिए एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस लगातार चेक करते रहें। 

एयर ट्रैफिक पर बड़ा असर: पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होते ही एयर इंडिया की 100 फ्लाइट्स कैंसिल

मुंबई  टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को एक बड़ा झटका दिया है। दुनिया भर में विमान ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में आई भारी तेजी और ईरान में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए एयर इंडिया ने जून महीने से अगले तीन महीनों के लिए अपनी कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या कम करने का फैसला किया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। एयर इंडिया ने अपने दिल्ली हब से कई महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानों को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। इसमें शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके अलावा, सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसी जगहों के लिए उड़ानों की संख्या (Frequency) घटा दी गई है। कुल मिलाकर एयरलाइन ने अपने नेटवर्क से रोजाना लगभग 100 उड़ानों की कटौती की है। 8 मई 2026 को खत्म हुए हफ्ते में विमान ईंधन की वैश्विक औसत कीमत 162.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में मात्र 99.40 डॉलर थी। किसी भी एयरलाइन के संचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40% होती है। ऐसे में कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी ने एयर इंडिया के मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर दिया है। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि हवाई क्षेत्र (Airspace) के प्रतिबंधों और महंगे ईंधन ने कई रूटों को 'घाटे का सौदा' बना दिया है। उनके पास पीक ट्रैवल सीजन के दौरान उड़ानों में कटौती करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। एयर इंडिया को अपने प्रतिद्वंद्वी इंडिगो के मुकाबले ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का बंद होना है। इस वजह से यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों को लंबे रास्तों से जाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और क्रू का खर्च काफी बढ़ गया है। अब अमेरिका जाने वाली उड़ानों को वियना या स्टॉकहोम में रुकना पड़ता है, जिससे लागत और भी बढ़ जाती है। एयर इंडिया पहले ही ₹20,000 करोड़ से अधिक का घाटा झेल रही है। टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस पर लागत कम करने का भारी दबाव है। एयरलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम कई उड़ानों पर अपनी परिचालन लागत (Operating Cost) भी नहीं निकाल पा रहे हैं। पिछले महीने, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (IndiGo, Air India, SpiceJet) ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने टैक्स या ईंधन की कीमतों में राहत नहीं दी, तो सेवाएं निलंबित करना मजबूरी हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को देखते हुए देश के 140 करोड़ लोगों से ईंधन और यात्रा पर कम खर्च करने की अपील की है। एयर इंडिया का यह कदम उसी गहरे आर्थिक संकट का संकेत है, जहां बढ़ती लागत के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा अब आम आदमी की पहुंच से और दूर हो सकती है। दी हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे। जहां 24 अप्रैल 2025 से भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद है, वहीं पिछले साल 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी विमानों को भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। इनमें भारतीय पंजीकृत विमान, भारतीय एयरलाइंस/ऑपरेटरों द्वारा संचालित/स्वामित्व वाले विमान, सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं। इनके लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र उपलब्ध नहीं है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद करने की अवधि को 24 मई 2026 तक बढ़ा दिया है।

फ्लाइट्स में कटौती की तैयारी, एयर इंडिया घटाएगी सुविधाएं – यात्रियों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली मौजूदा संकट के बीच एयर इंडिया की तरफ से ग्राहकों को बड़ी राहत दी जा सकती है। एयर इंडिया छोटी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में भोजन की व्यवस्था वैकल्पिक बनाने का विचार करने जा रहा है। ऐसे में अगर कोई पैसेंजर खाना का विकल्प नहीं चुनता है तब की स्थिति में टिकट का किराया 250 रुपये तक कम हो सकता है। दी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए अन्य कई फैसले ले सकती है। कंपनी में इसको लेकर काफी मंथन चल रहा है। एक सुविधा देने पर विचार कर रही है कंपनी रिपोर्ट के अनुसार खाना का चयन ना करने पर पैसेंजर्स को सस्ता एयर इंडिया का टिकट मिल जाएगा। कंपनी इसके अलावा बिजनेस क्लास के पैसेंजर्स के लिए लाउंज एक्सेस अनबंडलिंग करने की तैयारी भी कर रही है। मौजूदा समय में लाउंज ऑपरेटर्स मेट्रो सिटी में 1100 रुपये से 1400 रुपये तक और नॉन मेट्रो शहर में 600 रुपये से 700 रुपये तक वसूल रहे हैं। औसतन 1000 रुपये एक लाउंज एक्सेस पर खर्च होता है। बहुत से बिजनेस क्लाइस की फ्लाइट्स काफी तेजी के ऑपरेट होती हैं। ऐसे में कई बार पैसेंजर एयरपोर्ट पर लाउंज एक्सेस नहीं कर पाते हैं। ऐसे में यह सुविधा अगर हटती है तो टिकट का किराया कम हो जाएगा। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार, “एयर इंडिया पहले दिन से ही भोजन को टिकट में जोड़ती आ रही है। लेकिन अब एविएशन टरबाइन फ्यूल का रेट बढ़ने और रुपये की कीमत घटने की वजह से हवाई जहाज का रेट बढ़ गया है। भारत एक प्राइस सेसंटिव देश है। ऐसे में कीमतें अधिक होने की स्थिति में पैसेंजर्स ट्रेन या रोड का विकल्प चुन सकते हैं। जिसकी वजह से कंपनी इस भोजन की व्यवस्था पर विचार कर रही है।” जुलाई से एयर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट्स में होगी कटौती पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया जुलाई के महीने से इंटरनेशनल फ्लाइट्स में कटौती करेगा। कंपनी बढ़ते तेल के खर्च और हवाई पाबंदियों की वजह से यह फैसला लेने के लिए मजबूर है। मौजूदा समय में एयर इंडिया घाटे में चल रही है। वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को 22000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। शुक्रवार को कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव और एमडी Campbell Wilson ने कहा, “हमने ने अप्रैल और मई के महीने में कुछ फ्लाइट्स की कटौती की है। इसके पीछे की वजह बढ़ता तेल का खर्च और एयरस्पेस की पाबंदियां हैं। जिसके कारण हमारी इंटरनेशनल फ्लाइट्स मुनाफा नहीं कमा पा रही हैं।”

इजरायल के लिए एअर इंडिया फ्लाइट्स पर ब्रेक, 31 मई तक नहीं होगी उड़ानें

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच एअर इंडिया ने इजरायल के लिए अपनी उड़ानें 31 मई तक निलंबित कर दी हैं। अधिकांश प्रमुख एयरलाइनों ने तेल अवीव मार्ग पर अपनी सेवाएं सस्पेंड की हुई हैं। केवल इजरायली कैरियर जैसे ईएल एएल, इस्त्रा एयर, आर्किया और एयर हाइफा ही कड़ी पाबंदियों के तहत संचालन कर रहे हैं। दिल्ली-तेल अवीव मार्ग पर उड़ानें 31 मई तक निलंबित एअर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा कि एयरलाइन ने नई दिल्ली-तेल अवीव मार्ग पर उड़ानें 31 मई तक निलंबित कर दी हैं। उड़ानों के निलंबन ने इजरायल में रहने वाले 40,000 से अधिक भारतीयों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जो क्षेत्र में बढ़ते तनाव से बचने या पेशेवर कारणों से भारत यात्रा करना चाहते हैं। इजरायल छोड़ने वालों को जॉर्डन या मिस्त्र जाना होगा इजरायल छोड़ने के इच्छुक भारतीयों को भूमिगत सीमा पार कर जॉर्डन या मिस्त्र जाना होगा। तेल अवीव में भारतीय मिशन उन लोगों की सहायता कर रहा है जो विभिन्न तरीकों से यात्रा करना चाहते हैं। दूतावास भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए है। अंबेसडर जेपी सिंह और दूतावास की टीम ने शनिवार को इजरायल में भारतीय श्रमिकों और छात्रों के साथ वर्चुअल चर्चा की और उनकी चिंताओं-परेशानियों को सुना। साथ ही उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

लुधियाना एयरपोर्ट से एक टिकट पर विदेश यात्रा, Air India दिल्ली से करेगा कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा

लुधियाना लुधियाना के हलवारा से एक ही टिकट पर विदेश का सफर किया जा सकेगा। एयर इंडिया ने लुधियाना एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का टाइम ऐसे शेड्यूल किया है ताकि विदेश जाने वाले दिल्ली एयरपोर्ट से कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकें। एयर इंडिया ने विदेश जाने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वो लुधियाना से सुबह की फ्लाइट पकड़ें और कनेक्टिंग फ्लाइट में अपनी टिकट साथ ही करवा दें। ऐसा करने से उन्हें बैगेज का बार-बार चेकइन करवाने की जरूरत नहीं होगी। तीन से चार घंटे में सारी फॉर्मेलिटी होगी पूरी एयर इंडिया ने तर्क दिया है कि विदेश जाने वालों को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन व अन्य फॉर्मेलिटी को पूरा करने के लिए तीन से चार घंटे का समय लग जाता है। अगर लुधियाना एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्री सुबह की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचते हैं तो उन्हें एयरपोर्ट पर फार्मेलिटीज पूरी करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स जाएगी दिल्ली हलवारा से सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स दिल्ली के लिए उपलब्ध होंगी, लेकिन इंटरनेशनल यात्रा के लिए सुबह वाली फ्लाइट सबसे बेहतर मानी जा रही है। यह फ्लाइट यात्रियों को सुबह दिल्ली पहुंचा देती है, जिससे वे उसी दिन शाम की अंतरराष्ट्रीय उड़ान आसानी से पकड़ सकते हैं। एयरलाइन ने शेड्यूल इस तरह तैयार किया है कि यात्रियों को दिल्ली में 4 से 8 घंटे का ट्रांजिट टाइम मिल सके। यह समय इमिग्रेशन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग के लिए पर्याप्त होता है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें बैगेज को लेकर भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लुधियाना फ्लाइट से कंपनी बैगेज को अपने आप कनेक्टिंग फ्लाइट में ट्रांसफर हो जाएगा और यात्री आसानी से एयरपोर्ट पर अपनी बाकी फॉर्मेलिटीज पूर कर सकेगा। किन-किन देशों के लिए मिलेगी सुविधा एयर इंडिया का कहना है कि इस कनेक्टिविटी के जरिए यात्री यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के प्रमुख शहरों तक सफर कर सकेंगे। इनमें लंदन, बरमिंगम,रोम, मिलन और पैरिस शामिल हैं।इसके अलावा अन्य देशों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी ली जा सकेगी। एक टिकट पर पूरी यात्रा कर सकेंगे एयर इंडिया ने बताया है कि यात्री हलवारा से अपने अंतिम विदेशी गंतव्य तक एक ही टिकट (सिंगल PNR) पर यात्रा कर सकते हैं। इस सुविधा में सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री का बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक चेक-इन हो जाता है और दिल्ली में दोबारा चेक-इन की जरूरत नहीं पड़ती। अगर यात्री अलग-अलग टिकट बुक करते हैं, तो उन्हें दिल्ली में बैगेज लेकर फिर से चेक-इन करना होगा, जिससे समय और जोखिम दोनों बढ़ जाते हैं। दिल्ली से मिलेंगी एयर इंडिया की फ्लाइट कनेक्टिंग यात्रा में दिल्ली से आगे की उड़ान भी एयर इंडिया की ही होती है। हालांकि, कुछ रूट्स पर एयर इंडिया की पार्टनर एयरलाइंस (कोडशेयर) भी ऑपरेट कर सकती हैं। ऐसे मामलों में टिकट एक ही रहता है, लेकिन फ्लाइट दूसरी एयरलाइन की हो सकती है। इसके बावजूद, यदि बुकिंग एक ही टिकट पर है तो यात्रा सहज बनी रहती है और बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक पहुंचता है। वेबसाइट, मोबाइल ऐप व ट्रैवल एजेंट के जरिए करें टिकट बुक यात्री एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ट्रैवल एजेंट के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। बुकिंग के समय लुधियाना से फाइनल डेस्टिनेशन डालना होगा। ताकि आपको कनेक्टिंग फ्लाइट का विकल्प मिल जायेंगे। टिकट एक ही बुकिंग में लिया जाए, ताकि यात्रा आसान और बिना परेशानी के हो सके। दिल्ली एयरपोर्ट पर कितना इंतजार हलवारा से सुबह पहुंचने वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर औसतन 4 से 8 घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है। यह इंटरनेशनल कनेक्शन के लिए सामान्य और सुरक्षित समय माना जाता है। दिल्ली से किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए यात्रियों को कम से कम 3 से 4 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना जरूरी होता है। हालांकि, कनेक्टिंग यात्रियों के लिए यह प्रक्रिया आसान हो जाती है क्योंकि वे पहले से चेक-इन रहते हैं। यात्रियों के लिए बड़ा फायदा इस नई सेवा से लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अब सड़क या रेल से दिल्ली जाने की जरूरत कम होगी। हलवारा एयरपोर्ट से सीधी उड़ान और दिल्ली से कनेक्टिविटी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा तेज, सुविधाजनक और कम झंझट वाली हो जाएगी। यह पहल लुधियाना को ग्लोबल एयर नेटवर्क से जोड़ देगी। एयर इंडिया लुधियाना से दिल्ली के लिए चलाएगा A320 फेमिली क्राफ्ट एयर इंडिया लुधियान से दिल्ली के बीच A320 फेमिली एयर क्राफ्ट चलाएगा। यह मुख्य रूप से घरेलू और शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर इस्तेमाल होते हैं। इन विमानों को हाल के वर्षों में अपग्रेड किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। इनके प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हैं A320 फेमिली एयरक्राफ्ट की मुख्य विशेषताएं 1. शॉर्ट-हॉल और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट्स के लिए डिजाइन किया गया है। 2. तीन क्लास की केबिन, बिजनेस क्लास में आरामदायक और ज्यादा स्पेस, प्रीमियम इकोनमी में अतिरिक्त लेगरूम और बेहतर सीटिंग और इकोनमी में किफायती और आरामदायक यात्रा। इसमें कुल 160 से 180 सीटें हैं जिसमें से 8 बिजनेस क्लास, 24 प्रीमियम और बाकी इकोनमी सीट होंगी। 3. USB चार्जिंग और डिजिटल सुविधा है। यात्री अपने मोबाइल/लैपटॉप चार्ज कर सकते हैं। इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट मोबाइल पर देख सकते हैं। 4. इन-फ्लाइट इंटरटेनमेंट के लिए वाइफाई की सुविधा मिलेगी।

एयर इंडिया का ऐतिहासिक कदम: अबू धाबी और दुबई की 5 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते युद्ध के बादलों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई देशों द्वारा अपने एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) को बंद करने या पाबंदियां लगाने के कारण वैश्विक उड़ानों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एअरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है। 15 मार्च 2026 के लिए निर्धारित कई 'एड-हॉक' (ad-hoc) उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे भारत और यूएई के बीच यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि दुबई एअरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के कारण उसे अपनी उड़ानें कम करने पर मजबूर होना पड़ा है. एअर इंडिया की दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट संचालित होगी, जबकि पांच में से चार निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई के लिए छह में से पांच उड़ानें रद्द हैं, केवल एक दिल्ली-दुबई रिटर्न फ्लाइट चलेगी. अबू धाबी के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांचों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। शारजाह: एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है. रास अल खैमाह: कोझिकोड और कोच्चि के लिए उड़ानें चलेंगी। कंपनी ने साफ किया है कि ये उड़ानें भी स्लॉट की उपलब्धता और परिचालन के समय की स्थितियों पर निर्भर करेंगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

इटली रिपोर्ट: एअर इंडिया 171 के पायलट की गलती नहीं, जानबूझकर किया गया फ्यूल बंद

नई दिल्ली अहमदाबाद में एअर इंडिया फ़्लाइट क्रैश की जांच कर रहे इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह हादसा किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं हुआ था, बल्कि यह एक 'जानबूझकर की गई हरकत' का नतीजा था. इटैलियन डेली अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई ताज़ा बातचीत से वाकिफ़ दो सोर्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया. हालांकि, DGCA की ऑफिशियल रिपोर्ट जारी होने से पहले कुछ भी नतीजा निकालना जल्दबाज़ी होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि 12 जून, 2025 को इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद हुआ क्रैश किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई एक्टिविटी की वजह से हुआ था. अधिकारी अब अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट का ड्राफ़्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं. अख़बार ने आगे कहा कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को 'एक बड़ी कामयाबी' बताया है. इटली के एक अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी रिपोर्ट में कह सकते हैं कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 एक पायलट के ऐक्शन के कारण क्रैश हो गई थी। अखबार ने पश्चिमी एविएशन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट में बता सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग जानबूझकर’ विमान के फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। पायलट ने ‘जानबूझ’ कर बंद किए फ्यूल स्विच इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने अपनी रिपोर्ट में पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा कि जांचकर्ता अपनी फाइनल रिपोर्ट में ऐसा कह सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग पक्का' ‘जानबूझ कर’ फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। ये नतीजे कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की जांच के साथ इस बात पर भी आधारित हैं कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। 260 लोगों की हुई थी मौत दावे पर भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का रिएक्शन नहीं मिल सका है। बता दें कि 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट 171) अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। हादसे में 260 लोग मारे गए थे। एयरक्राफ्ट दोनों इंजनों से थ्रस्ट खत्म होने के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल छात्रों के एक हॉस्टल पर गिर गया था। पायलट एसोसिएशन ने की निंदा हालांकि यह साफ नहीं है कि फाइनल रिपोर्ट में इसका जिक्र होगा कि स्विच जानबूझकर कैसे बंद किए गए थे? या यह भी कि साफ तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध एयरक्राफ्ट कमांडर सुमीत सभरवाल हैं। हालांकि इंडियन पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इस दावे की निंदा की है। उनका कहना है कि यह हादसे के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने की एक सोची-समझी कोशिश है। हादसे में विमान निर्माता, एयरलाइन समेत अन्य फैक्टर की बारीकी से जांच की जानी चाहिए। जांच में केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के भारतीय जांचकर्ता वाशिंगटन गए थे। उन्होंने वहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में विमान के ब्लैक बॉक्स के डेटा का फिर से एनालिसिस किया था। इसमें खास तौर पर केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस किया गया था। ऑडियो एनालिसिस से यह साफ हो गया था कि किस पायलट ने जानलेवा ऐक्शन लिया। अमेरिकी एक्सपर्ट्स को नहीं मिली तकनीकी खामी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग 787 के सिम्युलेटर टेस्ट करने वाले अमेरिकी एक्सपर्ट्स को कभी ऐसा कुछ नहीं मिला जिसमें दोनों इंजन किसी खराबी की वजह से बंद हो गए हों। हादसे के पीछे इंसानी दखल (जानबूझकर या गलती) ही एकमात्र वजह थी। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आधार पर पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों के आकलन में सभरवाल की ओर इशारा किया गया। यही नहीं इंजन एक के बाद एक बंद हुए। पहले बायां जहां कैप्टन बैठते हैं इसके बाद दायां इंजन… शुरुआती रिपोर्ट में भी फ्यूल स्विच का जिक्र सनद रहे हादसे के एक महीने बाद जारी शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि फ्यूल स्विच को 'रन' से ‘कटऑफ’ पर ले जाने के बाद इंजन लगभग एक साथ बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट यह पूछते हुए रिकॉर्ड हुआ कि आपने इंजन क्यों बंद किए? इस पर दूसरे ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया था कि किस पायलट ने इनमें से कौन सी बात कही थी।

Air India क्रू सदस्य के साथ दोस्त ने की रेप की कोशिश, पुलिस ने दर्ज किया केस

गुड़गांव  नामी चार सितारा होटल में एयर इंडिया की महिला क्रू सदस्य के साथ उनके ही दोस्त द्वारा बदसलूकी और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 28 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह दिल्ली में एयर इंडिया में केबिन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है और पति सेना में तैनात है। सात फरवरी को वह अपने दोस्त के साथ किसी आधिकारिक काम के सिलसिले में कार से देहरादून के लिए निकली थी। पीड़िता के अनुसार रास्ते में दोस्त ने 250 किलोमीटर तक गाड़ी गलत दिशा में चलाई, जिसके बाद वे वापस बुलंदशहर पहुंचे।   अत्यधिक थकान होने के कारण पीड़िता ने गुड़गांव में रुकने का फैसला किया और दोस्त के साथ चार सितारा होटल में रुकी। पीड़िता का कहना है कि दोस्त के पास पैसे न होने के कारण उसने इंसानियत के नाते उसे अपने कमरे में रुकने की अनुमति दी थी। आरोप है कि कुछ समय बाद संजीव ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, उसे गलत तरीके से छुआ और उसे निर्वस्त्र करने का प्रयास किया । घटना के बाद पीड़िता ने गुड़गांव पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लीगल एडवाइजर को बुलाकर पीड़िता की काउंसलिंग कराई। काउंसलिंग और प्राथमिक तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस  की धारा 74 और 76 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।