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दूसरी बड़ी विमान घटना: अजित पवार प्लेन के बाद Air India की उड़ान में खौफनाक झटके

मुंबई महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में मौत की खबर के बाद देशभर में दहशत का माहौल है। इसी बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर से भी एक गंभीर घटना सामने आई है। बुधवार को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के एक विमान की पहली लैंडिंग असफल हो गई, जिससे विमान में बैठे यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। यह विमान दिल्ली से जयपुर के लिए रवाना हुआ था और दोपहर लगभग 1 बजे जयपुर पहुंचा। 1:05 बजे पायलट ने रनवे पर लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन किसी तकनीकी या अन्य कारण से विमान रनवे को छूते ही दोबारा हवा में चला गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराने लगे। इसके बाद विमान करीब 10 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाता रहा। दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतार लिया गया, जिसके बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। विमान में मौजूद थे कांग्रेस के बड़े नेता इस विमान में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। एयरपोर्ट पर पहले से ही राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। जब पहली बार विमान की लैंडिंग फेल होने की खबर मिली, तो एयरपोर्ट पर मौजूद कांग्रेस नेताओं में भी चिंता और बेचैनी साफ नजर आई। लेकिन विमान के सुरक्षित उतरते ही सभी ने राहत महसूस की। एयरपोर्ट प्रशासन में मचा हड़कंप इस घटना के बाद जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन कारणों से पहली लैंडिंग के दौरान विमान को वापस उड़ान भरनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट ने समय रहते सही फैसला नहीं लिया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। अजित पवार हादसे से जुड़ा संदर्भ गौरतलब है कि इसी दिन सुबह महाराष्ट्र के पुणे स्थित बारामती एयरपोर्ट पर भी एक बड़ा हादसा हुआ था। वहां लैंडिंग के दौरान अजित पवार का चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि रनवे साफ नजर नहीं आने के कारण पायलट ने पहले विमान को ऊपर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन दोबारा लैंडिंग के दौरान विमान क्रैश हो गया।

दिल्ली से उड़ान भरते वक्त विमान के APU में लगी आग, 190 यात्रियों के साथ दूसरा हादसा टला

नई दिल्ली दिल्ली में 24 घंटे के भीतर एयर इंडिया के दो विमानों में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। एक विमान के एपीयू में आग लगने के बाद उसे आनन-फानन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस उतारा गया तो दूसरे के इंजन ने एक कंटेनर को खींच लिया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सिंगापुर जा रहा एयर इंडिया का एक विमान तकनीकी खराबी के कारण बुधवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी लौट आया। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान में करीब 190 लोग सवार थे। सूत्रों के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान में एपीयू (ऑक्सिलियरी पावर यूनिट) में आग की चेतावनी मिली, जिसके बाद विमान करीब एक घंटे तक हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आया। यात्रियों को वैकल्पिक विमान से सिंगापुर भेजा गया। इस संबंध में संपर्क करने पर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 जनवरी को दिल्ली से सिंगापुर जा रही उड़ान एआई 2380 के परिचालन दल ने संभावित तकनीकी समस्या के चलते उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एहतियातन दिल्ली लौटने का फैसला किया। रात करीब एक बजे IGI पर दोबारा उतरा प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा। दिल्ली में हमारी टीमों ने यात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की और उन्हें वैकल्पिक विमान से सिंगापुर के लिए रवाना किया गया।' प्रवक्ता ने इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर खेद भी जताया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बोइंग 787-9 विमान से संचालित यह उड़ान करीब एक घंटे तक हवा में रही और बुधवार देर रात करीब एक बजे दिल्ली में वापस उतरी। विमान के इंजन में घुसा कंटेनर एक अन्य घटना में एयर इंडिया के एक विमान ने एयरपोर्ट पर एक कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के A350 विमान के इंजन में गुरुवार को कंटेनर घुस गया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। विमान में सवार एक यात्री ने घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। घटना पर एयर इंडिया का बयान सामने नहीं आया है।

एयर इंडिया की चीन वापसी, 6 साल बाद उड़ान भरेगी मैत्री का संदेश

नईदिल्ली  भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है. देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने सोमवार को कहा कि वो लगभग छह साल बाद फरवरी 2026 से नई दिल्ली से चीन के लिए उड़ानें फिर से शुरू करेगी और अगले साल के अंत में मुंबई-शंघाई मार्ग शुरू करने की योजना बना रही है. एयर इंडिया ने शंघाई के लिए अपनी फ्लाइट की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी आवश्यक मंजूरी के मिल जाने के बाद 1 फरवरी 2026 से इनकी शुरुआत की जाएगी.  48वां अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन शंघाई, एयर इंडिया ग्रुप द्वारा सेवा प्रदान करने वाला 48वा अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन है. ये भारत में किसी भी अन्य एयरलाइन की तुलना में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक यात्रियों को ट्रेवल करने की सर्विस देता है. एयर इंडिया अपने ट्विन-aisle​बोइंग 787-8 विमान का इस्तेमाल करके दिल्ली और शंघाई के बीच सप्ताह में चार बार उड़ान भरेगी, जिसमें बिजनेस क्लास में 18 फ्लैट बेड और इकोनॉमी क्लास में 238 सीटें हैं.  आर्थिक महाशक्तियों के बीच एक सेतु' एयर इंडिया के CEO और MD कैंपबेल विल्सन ने कहा कि हमारी दिल्ली-शंघाई सेवाओं की बहाली एक रूट लॉन्च से कहीं अधिक है. ये दो महान, प्राचीन सभ्यताओं और आधुनिक आर्थिक महाशक्तियों के बीच एक सेतु है. एयर इंडिया में हमें दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण हवाई गलियारों में से एक को फिर से जोड़ने पर खुशी है. 

एयर इंडिया में हड़कंप! दो पायलट बिना लाइसेंस उड़ा रहे थे विमान, DGCA ने मचाई खलबली

नई दिल्ली  एयर इंडिया में शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग की समस्या अब भी जारी है। रेगुलेटर ने इस मुद्दे पर 5 महीने पहले ही फटकार लगाई थी। ताजा मामले में, एक को-पायलट और एक सीनियर कैप्टन को फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया है, क्योंकि एयरलाइन को पता चला कि पिछले महीने उन्होंने एक-एक फ्लाइट ऑपरेट की थी। एक केस में इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी (ELP) लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था। दूसरे में को-पायलट ने बाय-एनुअल पायलट प्रोफिशिएंसी चेक (PPC) – इंस्ट्रूमेंट रेटिंग टेस्ट क्लियर नहीं किया था। DGCA इन खामियों की जांच कर रहा है और एयरलाइन से रिपोर्ट मांगी है।   रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट अपना लेटेस्ट IR-PPC चेक क्लियर नहीं कर पाया था। ये कोई बड़ी अनोखी बात नहीं है, लेकिन पायलट्स को फिर से उड़ान भरने से पहले मैंडेटरी करेक्टिव ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। इस केस में एयरबस A320 को-पायलट ने बिना ट्रेनिंग के फ्लाइट ऑपरेट कर दी और इस गलती को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, 'फर्स्ट ऑफिसर का ट्रेनिंग चेक में अनसैटिस्फैक्टरी परफॉर्मेंस के बाद फ्लाइट ऑपरेट करने का केस पकड़ा गया। जैसे ही यह गलती नोटिस हुई, क्रू शेड्यूलर और पायलट को ऑफ-रोस्टर कर दिया गया। आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और DGCA को रिपोर्ट कर दिया गया है।' लाइसेंस एक्सपायर होने के बावजूद भरी उड़ान दूसरे केस में, सीनियर कमांडर ने ELP लाइसेंस एक्सपायर होने के बावजूद A320 फ्लाइट का पायलट-इन-कमांड रहते हुए ऑपरेट किया। ELP लाइसेंस पायलट्स के लिए उड़ान भरने की बेसिक रिक्वायरमेंट है। एयर इंडिया की ओर से कहा गया, 'सीनियर पायलट का एक्सपायर्ड ELP के साथ फ्लाइट ऑपरेट करने का केस सामने आया। इसके बाद पायलट को ऑफ-रोस्टर कर दिया गया और जांच चल रही है। DGCA को रिपोर्ट कर दिया गया है।' सीनियर पायलट्स का कहना है कि ये खामियां एआई में ओवरसाइट पर सवाल उठाती हैं कि सिर्फ सही पायलट्स ही रोस्टर पर आएं।  

त्योहारी सीजन में सफर आसान! ग्वालियर-बेंगलुरु रूट पर 3 दिन तक चलेगी एक्स्ट्रा फ्लाइट, शेड्यूल जारी

ग्वालियर दीपावली नजदीक आते ही हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। ग्वालियर से संचालित फ्लाइटें अभी से लगभग फुल हो चुकी हैं। ऐसे में लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा के लिए एयर इंडिया(Air India Flight) ने 17 से 19 अक्टूबर तक ग्वालियर-बेंगलुरु के बीच अतिरिक्त फ्लाइट चलाने का फैसला किया है। इस निर्णय से बेंगलुरु रूट पर यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। फिलहाल ग्वालियर से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं। तीन दिन के लिए दूसरी बेंगलुरु फ्लाइट जुड़ने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह रहेगा समय बेंगलुरु से ग्वालियर: सुबह 6:30 बजे उड़ान भरेगी, सुबह 9:10 बजे पहुंचेगी। ग्वालियर से बेंगलुरु: सुबह 9:45 बजे रवाना होगी, दोपहर 12:45 बजे पहुंचेगी। एक दिन में 760 यात्रियों ने किया सफर दीपावली से पहले फ्लाइट से यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को शहर से तीन फ्लाइटों के जरिए 760 यात्रियों ने सफर किया।     बेंगलुरु से आए- 159 यात्री, गए- 64     दिल्ली से आए- 167 यात्री, गए – 103     मुंबई से आए- 167 यात्री, गए- 100     वहीं रविवार को यात्रियों की संख्या बढ़कर 852 तक पहुंच गई थी।

रनवे पर विमान मौजूद था फिर भी इमरजेंसी लैंडिंग, एयर इंडिया ने कांग्रेस सांसदों के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई सांसदों को तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली लेकर आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान तब हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई, जब रविवार रात अचानक उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया। दरअसल, जब चालक दल को रास्ते में खराब मौसम के कारण एक संदिग्ध तकनीकी खराबी का पता चला, तब उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया लेकिन वहां कथित तौर पर एक ही रनवे पर दो विमान आ गए। इसके बाद इस उड़ान को फिर से ऊपर हवा में उठा लिया गया। एयरलाइन ने पुष्टि की है कि उड़ान संख्या AI2455 चेन्नई में सुरक्षित उतर गई और विमान की जरूरी जांच की जाएगी। विमान ने जैसे ही तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से उड़ान भरी, उसके कुछ देर बाद ही वह टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। इसके बाद उसे चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया।  इस विमान ने रात 8 बजे तिरुवनंतपुरम से उड़ान भरी थी लेकिन रात 10.35 पर चेन्नई में उतार दिया गया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "10 अगस्त को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली AI2455 के चालक दल ने संदिग्ध तकनीकी समस्या और रास्ते में खराब मौसम के कारण एहतियातन चेन्नई की ओर अपना मार्ग बदल लिया। विमान चेन्नई में सुरक्षित उतर गया, जहाँ विमान की जरूरी जाँच की जाएगी। हमें प्रभावित यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है। चेन्नई में हमारे सहयोगी यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए सहायता प्रदान कर रहे हैं और यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।" वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि यह यात्रा भयावह रूप से त्रासदी के करीब पहुंच गई थी. उन्होंने कहा कि फ्लाइट पहले से ही लेट थी और उड़ान भरने के बाद तेज और अप्रत्याशित टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा. करीब एक घंटे बाद कैप्टन ने फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट की जानकारी दी और विमान को चेन्नई डाइवर्ट कर दिया. कांग्रेस सांसद के मुताबिक, लगभग दो घंटे तक फ्लाइट चेन्नई एयरपोर्ट के ऊपर क्लियरेंस का इंतजार करती रही. पहली कोशिश में लैंडिंग के दौरान रनवे पर पहले से ही एक अन्य विमान मौजूद था. उस समय कैप्टन के त्वरित निर्णय से विमान को ऊपर खींच लिया गया और सभी यात्रियों की जान बच गई. फ्लाइट दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरी. वेणुगोपाल ने कहा, "हमें स्किल और किस्मत दोनों ने बचाया, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर नहीं हो सकती." कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी किया शेयर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी वेणुगोपाल की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि वह "शॉक्ड और डरे हुए" हैं. उन्होंने कहा कि AI 2455 फ्लाइट में टर्बुलेंस, फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट और चेन्नई में रनवे पर लगभग टक्कर जैसी स्थिति बनी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को टैग करते हुए कहा कि यात्री सुरक्षा किस्मत पर नहीं छोड़ी जा सकती और तुरंत जवाब और कार्रवाई की मांग की. एअर इंडिया ने दी कांग्रेस सांसदों के दावे पर सफाई इस पूरे मामले पर एअर इंडिया ने बयान जारी कर दोनों सांसदों के दावों को खारिज किया है. एयरलाइन ने कहा, "चेन्नई डाइवर्जन एक प्रीकॉशनरी कदम था, जो संदिग्ध टेक्निकल इश्यू और खराब मौसम की वजह से लिया गया. पहली कोशिश में लैंडिंग के समय चेन्नई ATC ने गो-अराउंड का निर्देश दिया, लेकिन इसका कारण रनवे पर कोई अन्य विमान होना नहीं था." एअर इंडिया ने आगे कहा कि उनके पायलट ऐसे हालात से निपटने के लिए प्रशिक्षित होते हैं और इस फ्लाइट में भी सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया. कंपनी ने इस घटना को यात्रियों के लिए असहज अनुभव बताते हुए खेद जताया और कहा कि सुरक्षा हमेशा उनकी पहली प्राथमिकता है. कांग्रेस महासचिव ने यात्रा को कष्टप्रद बताया विमान में सवार कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस घटना को एक कष्टप्रद यात्रा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “तिरुवनंतपुरम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 2455 – जिसमें मैं, कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे -एक भयावह त्रासदी के करीब पहुँच गई। देरी से शुरू हुई उड़ान एक कष्टदायक यात्रा में बदल गई। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, हमें अभूतपूर्व गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। लगभग एक घंटे बाद, कैप्टन ने उड़ान सिग्नल में खराबी की घोषणा की और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया। लगभग दो घंटे तक, हम उतरने की अनुमति का इंतज़ार करते हुए हवाई अड्डे के चक्कर लगाते रहे, जब तक कि हमारे पहले प्रयास के दौरान एक दिल दहला देने वाला क्षण नहीं आ गया – बताया जाता है कि उसी रनवे पर एक और विमान था। उस क्षण, कैप्टन के तुरंत रुकने के फैसले ने विमान में सवार सभी लोगों की जान बचा ली। दूसरे प्रयास में विमान सुरक्षित उतर गया।” भाग्य और पायलट की कुशलता से बचे केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, यह विमान सब के भाग्य और पायलट की कुशलता और सूझबूझ से बच सका। उन्होंने मामले में जवाबदेही तय करने के लिए घटना की जाँच की माँग की है। उन्होंने आगे कहा, "हम पायलट की कुशलता और भाग्य से बच गए। यात्रियों की सुरक्षा भाग्य पर निर्भर नहीं हो सकती। मैं @DGCAIndia और @MoCA_GoI से आग्रह करता हूँ कि इस घटना की तत्काल जाँच करें, जवाबदेही तय करें और सुनिश्चित करें कि ऐसी चूक फिर कभी न हो।" रनवे पर दो विमान के आरोप खारिज केसी वेणुगोपाल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, एयर इंडिया ने टिप्पणी की, "डियर मिस्टर वेणुगोपाल, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि चेन्नई की ओर फ्लाइट को मोड़ना एक संदिग्ध तकनीकी समस्या और खराब मौसम की स्थिति के कारण एहतियाती था। चेन्नई हवाई अड्डे पर पहली बार उतरने के प्रयास के दौरान चेन्नई एटीसी द्वारा गो-अराउंड का निर्देश दिया गया था, न कि रनवे पर किसी अन्य विमान की मौजूदगी के कारण ऐसा हुआ।"

मुंबई जाने वाला विमान बीच रास्ते में बिगड़ा, जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

जयपुर जयपुर से मुंबई जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 612 को उड़ान भरने के महज 18 मिनट बाद वापस जयपुर एयरपोर्ट पर आपात रूप से लैंड करना पड़ा. यह घटना शुक्रवार को हुई जब फ्लाइट ने दोपहर 1.35 बजे टेकऑफ किया था. फ्लाइटरडार ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार फ्लाइट को डाइवर्टेड दिखाया गया. फ्लाइट के उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही उसमें तकनीकी खराबी का पता चला, जिसके बाद पायलटों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वापसी का फैसला लिया. एअर इंडिया की यह फ्लाइट तकरीबन 18 मिनट हवा में रही और फिर सुरक्षित लैंड कर गई. तकनीकी खराबी के चलते फ्लाइट को उतारा गया हाल के हफ्तों में एअर इंडिया और उसकी सहयोगी एअर इंडिया एक्सप्रेस की कई उड़ानों में तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं. इसी बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली मुंबई की एक फ्लाइट ने टेकऑफ से पहले तकनीकी खराबी के चलते उड़ान रद्द कर दी थी. उस फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे. इसी दिन एक और फ्लाइट IX 375 जो कि कोझिकोड से दोहा जा रही थी, वह भी तकनीकी खराबी के कारण टेकऑफ के करीब दो घंटे बाद लौट आई. फ्लाइट में 188 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे. 183 फ्लाइटों में तकनीकी गड़बड़ियां दर्ज की गई नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार 21 जुलाई तक देश की 5 प्रमुख एयरलाइंस की 183 फ्लाइटों में तकनीकी गड़बड़ियां दर्ज की गई हैं. इनमें से 85 मामले अकेले एअर इंडिया ग्रुप के हैं. बीते 5 सालों में एअर इंडिया और उसकी सहयोगी ने कुल 541 तकनीकी गड़बड़ियों की जानकारी दी है. 

AI 171 विमान हादसा: कॉकपिट में हुआ तनावपूर्ण संवाद, फ्यूल बंद करने पर उठे सवाल, जवाब ने उड़ाए होश

अहमदाबाद एअर इंडिया विमान (AI171) हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले फैक्ट सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ सेकंड ही बाद विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए थे, जिससे विमान की स्पीड धीमी हुई और क्रैश हो गया. इस दौरान दोनों पायलटों के बीच बातचीत होती है. एक पायलट ने पूछा, आपने फ्यूल क्यों बंद कर दिया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया, मैंने ऐसा नहीं किया. इस बातचीत के कुछ सेकंड बाद ही प्लेन की स्पीड धीमी होने लगती है और यह विमान मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से जा टकराता है. मामले में भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने हादसे के कारण जाने और अब 15 पेज की रिपोर्ट जारी की. ये शुरुआती रिपोर्ट है. इसमें ना सिर्फ तकनीकी कारणों का खुलासा हुआ है, बल्कि कॉकपिट में हुई आखिरी बातचीत ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और कुछ ही सेकंड बाद इंजन फेल होने के कारण ये विमान बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. बताते चलें कि एअर इंडिया का यह विमान 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा था. हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर्स और 19 अन्य नागरिक शामिल थे. दोनों इंजनों का फ्यूल एक साथ बंद… उड़ान भरने के ठीक बाद दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्विच 'RUN' से 'CUTOFF' स्थिति में आ गए. वो भी सिर्फ एक सेकंड के अंतराल में. इसके बाद दोनों इंजनों की थ्रस्ट क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई. विमान टेकऑफ के तुरंत बाद सीधे अहमदाबाद स्थित मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिर गया. इससे जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ. कॉकपिट में चौंकाने वाली बातचीत हादसे से कुछ ही सेकंड पहले पायलटों के बीच बातचीत रिकॉर्ड हुई है. एक पायलट ने पूछा, आपने फ्यूल क्यों बंद किया? इस पर दूसरे पायलट से जवाब मिला, मैंने ऐसा नहीं किया. यह संवाद तकनीकी खराबी या मानवीय भ्रम की ओर इशारा करता है. टेकऑफ के कुछ ही पलों बाद सीसीटीवी में देखा गया कि इमरजेंसी पावर सप्लाई सिस्टम (RAT) सक्रिय हो गया और यह तभी होता है जब इंजन बंद हो जाएं. फ्यूल स्विच दोबारा चालू किए गए एक इंजन (Engine 2) ने थोड़ी देर के लिए काम करना शुरू किया, लेकिन दूसरा इंजन (Engine 1) स्थिर नहीं हो सका. रिपोर्ट में कहा गया कि जांच में पक्षियों के टकराने के कोई प्रमाण नहीं मिले, जिससे यह कारण बाहर हो गया. EAFR से डेटा मिला विमान के अगले हिस्से में लगे EAFR (Extended Airframe Flight Recorder) से डेटा सफलतापूर्वक निकाला गया. हालांकि, पीछे वाला रिकॉर्डर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक बोइंग या GE इंजन निर्माता को कोई चेतावनी या एडवाइजरी जारी नहीं की गई है, क्योंकि हादसे का वास्तविक कारण अब भी जांच के दायरे में है.

एयर इंडिया क्रैश की जांच में हो गया बड़ा खुलासा, टेकऑफ करते ही फेल हो गए दोनों इंजन!

अहमदाबाद  12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हुई एयर इंडिया की लंदन फ्लाइट को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस भयावह दुर्घटना के पीछे डुअल इंजन फेलियर यानी दोनों इंजन का फेल होना, एक बड़ी वजह हो सकती है। यही तकनीकी गड़बड़ी विमान को हवा में टिके रहने से रोक सकती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इस हफ्ते के आखिर या अगले सप्ताह की शुरुआत में अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर सकता है। इस रिपोर्ट में कई अहम तकनीकी पहलुओं की ओर इशारा किया गया है। ब्लूमबर्ग ने हादसे से जुड़ी जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि एयर इंडिया के पायलटों ने फ्लाइट सिमुलेटर में उस दुर्घटनाग्रस्त विमान की उड़ान की परिस्थितियों को दोहराने की कोशिश की। इसमें लैंडिंग गियर नीचे और विंग फ्लैप्स पीछे की ओर समेटे गए थे। हालांकि, सिर्फ इन्हीं वजहों से विमान के गिरने की संभावना कम मानी जा रही है, जिससे ध्यान अब तकनीकी खराबी की ओर मुड़ गया है। जांच में क्या मिला? जांचकर्ताओं और एयर इंडिया के पायलटों ने सिम्युलेटर में उस हादसे की परिस्थितियों को दोहराया. इसमें उन्होंने देखा कि क्या लैंडिंग गियर खुले होने और फ्लैप्स बंद होने से विमान गिर सकता है, लेकिन सिम्युलेटर टेस्ट में पाया गया कि सिर्फ इन कारणों से विमान नहीं गिरता. इमरजेंसी पावर सिस्टम ने दी चेतावनी हादसे से ठीक पहले विमान में इमरजेंसी पावर टरबाइन (RAT) अपने आप एक्टिव हो गया था. यह सिस्टम तभी ऑन होता है जब विमान के दोनों इंजन काम करना बंद कर देते हैं. इससे यह शक और गहरा गया है कि हादसे के वक्त विमान में बिजली की पूरी सप्लाई बंद हो गई थी. विमान के मलबे की जांच में क्या आया सामने? विमान के मलबे की जांच से पता चला है कि टेकऑफ के समय विंग फ्लैप्स और स्लैट्स पूरी तरह सही ढंग से फैले हुए थे, जिससे यह साफ होता है कि टेकऑफ की प्रक्रिया में कोई चूक नहीं हुई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि क्रैश से ठीक पहले पायलट्स ने मेडे (Mayday) सिग्नल भेजा था, जो कि इमरजेंसी का संकेत होता है। इस चेतावनी कॉल और विमान के जमीन से टकराने के बीच सिर्फ 15 सेकंड का समय था। इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए टाटा संस ने एयर इंडिया क्रैश के बाद अपनी पहली बोर्ड मीटिंग बुलाई, जिसमें चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने राहत कोशिशों और अब तक किए गए कामों की जानकारी ग्रुप की लीडरशिप को दी। उन्होंने बताया कि टाटा ग्रुप और टाटा ट्रस्ट्स मिलकर प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। 270 लोगों की मौत 12 जून को हुए इस भीषण हादसे में बोइंग ड्रीमलाइनर विमान में सवार 242 में से 241 यात्रियों और क्रू सदस्यों समेत कुल कम से कम 270 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। टाटा ग्रुप, जो एयर इंडिया का मालिक है, उसने इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रति व्यक्ति 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस हादसे ने एक बार फिर विमान सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच के महत्व को गहराई से सामने ला दिया है। अब सभी की निगाहें AAIB की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस दिल दहला देने वाले रहस्य से पर्दा उठा सकती है। जांचकर्ताओं ने क्या कहा? अभी तक AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) और एयर इंडिया ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक हादसे की वजह अब तकनीकी फेलियर की ओर मुड़ गई है. ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट रिकॉर्डर) के डेटा की जांच अभी जारी है. सिमुलेशन में क्या मिला? बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के मलबे की तस्वीरों से पता चला कि फ्लैप्स एक्सटेंड हुए थे और पीछे नहीं हटे थे, जैसा कि अनुमान लगाया गया था. जब प्लेन की स्पीड धीमी होती है, तब फ्लैप्स टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान को जरूरी एक्स्ट्रा लिफ्ट देते हैं. लंदन जाने वाली फ्लाइट अहमदाबाद में उड़ान भरने के कुछ सेकंड के अंदर एक मेडिकल कॉलेज कैंपस के पास हादसे का शिकार हो गई, जिससे प्लेन में सवार 242 यात्रियों और क्रू मेंबर्स में से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई और जमीन पर मौजूद 34 अन्य लोग मारे गए. कई एक्सपर्ट्स ने इस बात की पुष्टि की है कि टेक्निकल फेलियर ही हादसे के पीछे की एक वजह हो सकता है.  दोनों इंजन फेल होने की वजह से हुआ हादसा? एविएशन एक्सपर्ट और पूर्व अमेरिकी नौसेना पायलट कैप्टन स्टीव शेबनर ने कहा कि इस हादसे के पीछे की वजह डुअल इंजन फेलियर हो सकती है. इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उड़ान भरने के तुरंत बाद रैम एयर टर्बाइन (RAT) का खुलना डुअल इंजन फेलियर की तरफ इशारा करता है. यह सिमुलेशन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही आधिकारिक जांच से अलग आयोजित किया गया था. सूत्रों ने ब्लूमबर्ग को बताया कि यह संभावित कारणों का पता लगाने के लिए किया गया था. एअर इंडिया के पायलटों द्वारा किए गए क्रैश फुटेज के एनालिसिस से पता चला कि लैंडिंग गियर आगे की ओर झुका हुआ था, जिससे पता चलता है कि पहियों का पीछे हटना शुरू हो गया था. उस वक्त, लैंडिंग-गियर के दरवाज़े नहीं खुले थे, जिसके बारे में पायलटों ने कहा कि यह इशारा करता है कि प्लेन में बिजली की कमी या हाइड्रोलिक फेलियर हुआ था, जो इंजन में समस्या की ओर इशारा करता है. हादसे का शिकार हुए एअर इंडिया प्लेन के ब्लैक बॉक्स से डेटा का एनालिसिस मौजूदा वक्त में दिल्ली में AAIB की लैब में चल रहा है. इससे यह पता चलेगा कि हादसे का क्या क्रम था यानी स्टेप बाय स्टेप क्या-क्या हुआ. इसके साथ ही यह भी बताएगा कि दोनों इंजनों की पॉवर एक साथ क्यों खत्म हो गई. फ्लाइट सिमुलेटर एक डिवाइस या सॉफ्टवेयर है, जिसमें विमान की उड़ान जैसी स्थिति बनाई जाती है। फ्लाइट सिमुलेटर का इस्तेमाल पायलटों की ट्रेनिंग, विमान के डिजाइन और रिसर्च आदि में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एयरक्राफ्ट कंट्रोल सिस्टम, फ्लाइट डायनामिक्स और … Read more

एयर इंडिया AI 171 विमान हादसा: ब्रिटेन में रह रहे पीड़ितों के परिजन एयर इंडिया और बोइंग पर मुआवज़े को लेकर कर सकते हैं मुकदमा

अहमदाबाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों के परिजन एयर इंडिया और विमान निर्माता कंपनी बोइंग के खिलाफ ब्रिटेन की अदालतों में मुकदमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। वे इस हादसे में हुए अपूरणीय नुकसान के लिए अधिक मुआवज़े की मांग कर सकते हैं। इस त्रासदी में 242 यात्रियों और क्रू में से 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर भी कम से कम 34 लोग मारे गए थे। हादसे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजगी और कानूनी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकदमा बहुराष्ट्रीय विमानन कंपनियों की जिम्मेदारियों को लेकर एक मिसाल कायम कर सकता है। अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया AI 171 विमान हादसे में मारे गए लोगों के यूके स्थित परिवार एयर इंडिया और विमान निर्माता कंपनी बोइंग के खिलाफ ब्रिटेन की अदालतों में मुआवज़े को लेकर कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है। लंदन जा रहे इस बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से सिर्फ एक व्यक्ति ही बचा था। इसके अलावा ज़मीन पर मौजूद 34 अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। हादसा टेक-ऑफ के कुछ सेकंड के भीतर ही एक मेडिकल कॉलेज परिसर में विमान गिर जाने से हुआ था। मृतकों में 181 भारतीय नागरिक थे, जबकि 52 लोग यूके के निवासी थे। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीड़ितों के परिवार यूके की लॉ फर्म कीस्टोन लॉ से सलाह-मशविरा कर रहे हैं, ताकि एयर इंडिया और बोइंग के खिलाफ संभावित मुकदमे दायर किए जा सकें। माना जा रहा है कि यह मुकदमे मुआवज़े की राशि बढ़वाने को लेकर दायर किए जा सकते हैं। एयर इंडिया के मालिकाना हक वाली टाटा समूह ने पहले प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े की घोषणा की थी। बाद में तत्काल वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 25 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवज़ा देने की घोषणा भी की गई। कीस्टोन लॉ ने भी यह स्वीकार किया है कि वह इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले कई परिवारों से बातचीत कर रहा है। यह हादसा भारत के विमानन इतिहास की सबसे भयावह दुर्घटनाओं में गिना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हफ्ते यूके में रह रहे पीड़ितों के परिजनों और कीस्टोन लॉ के बीच कई बैठकें निर्धारित की गई हैं, जिनमें कानूनी रणनीति तैयार की जाएगी। कीस्टोन लॉ ने कहा, “हम एयर इंडिया के प्रमुख विमानन बीमाकर्ता टाटा AIG द्वारा हाल ही में की गई शुरुआती वित्तीय सेटलमेंट पेशकशों और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एयर इंडिया के अग्रिम भुगतान की ज़िम्मेदारी की समीक्षा कर रहे हैं।” मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत, विमान हादसे के पीड़ितों के परिवार उन न्यायिक क्षेत्रों में भी दावा कर सकते हैं जहां एयरलाइन का संचालन होता है या जहां पीड़ितों के व्यक्तिगत संबंध होते हैं। इस हफ्ते की बैठकों के बाद ही कानूनी कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाने की संभावना है।