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रायपुर : राज्यपाल डेका से फिल परमार्थ आश्रम के संस्थापक ने की भेंट

 रायपुर रमेन डेका से आज फिल परमार्थ आश्रम, भिलाई के संस्थापक अमित राज ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आश्रम की गतिविधियों एवं समाजसेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी राज्यपाल को दी। आश्रम द्वारा सड़कों पर लावारिस अवस्था में घूम रहे बुजुर्गों तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों का रेस्क्यू कर उन्हें आश्रम में आश्रय दिया जाता है। वहां उनके उपचार, देखभाल, भोजन तथा आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि अब तक आश्रम के माध्यम से 208 लोगों को राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में आश्रम में 94 लोग निवास कर रहे हैं, जिनकी नियमित देखरेख की जा रही है।उन्होंने राज्यपाल से आश्रम का भ्रमण करने का आग्रह भी किया।   राज्यपाल ने आश्रम द्वारा किए जा रहे मानवीय एवं सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। उल्लेखनीय की राज्यपाल द्वारा इस संस्था को पूर्व में 2 लाख रुपए का स्वेछानुदान भी प्रदान किया गया है। इस अवसर पर आश्रम के अन्य कार्यकर्ता  भी उपस्थित थे।

पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए लगाएं पौधे

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने रविवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों और जशपुर विकासखंड के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किए एक पेड़ मां के नाम अभियान का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के संभावित टीबी मरीजों की जानकारी ली और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को मरीजों का बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्तन कैंसर की भी विशेष जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराए जाए मरीजों को मेडिकल कॉलेज रायपुर अम्बिकापुर और एम्स रायपुर भेजकर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने सिकल सेल बीमारी और रेड क्रॉस सोसायटी की गतिविधियों की भी जानकारी ली ‌। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों और गांव गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर कलेक्टर  रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, वनमंडला अधिकारी  शशि कुमार और जिला स्तरीय और विकास खंड अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार के लिए प्रत्येक माह मेडिकल कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए कहा है और उनके जीवन शैली में बदलाव लाने के लिए शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।  उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में शाम के समय विभिन्न गतिविधियों में शामिल करके उनका बौद्धिक और कौशल विकास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में नावाचार को भी बढ़ावा देने के लिए कहा है और संरक्षित जनजाति परिवारों के लिए पायलेट प्रोजेक्ट चालू करने के निर्देश दिए हैं।   राज्यपाल  रमेन डेका ने बच्चों को नशापान से दूर रखने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान जशपुर जिले की लखपति दीदी मती लालमणि प्रजापति को सम्मानित करने की बात कही उन्होंने कहा लखपति दीदी ने बढ़िया काम किया है उन्हें राजभवन में सम्मानित किया जाएगा। राज्यपाल  रमेन डेका ने जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं का आत्मनिर्भर बनाने के लिए और हस्तकला में पारंगत बनाने के लिए समूहों की दीदियों को आसाम और उड़ीसा राज्य भेजने के निर्देश दिए है‌ ताकि समूह की महिलाएं बाजार की मांग के अनुसार नया डिजाइन के साड़ी,साल और अन्य सामग्री तैयार कर सके।  रमेन डेका ने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। छोटे और बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण और पुराने कुआं का जिर्णोद्धार करने के निर्देश दिए हैं। योग को बढ़ावा देने के लिए नियमित अभ्यास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिक और 75 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कहा है।   किसानों का आर्थिक विकास हो इसके लिए खेती के आधुनिक तकनीक की जानकारी देने के लिए कहा है। किसानों को वरमी कम्पोस्ट खाद और आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। समीक्षा बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि जल संरक्षण संवर्धन के तहत रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अमृत सरोवर,सोकपिट और मैजिक पिट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है गांव में सेग्रेशन शेड एवं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले के सभी विकास खंड में 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान चलाया जा रहा है। जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय संचालित किया जा रहा है प्रातः 6 बजे से रात 11 बजे तक संचालित होता है जहां बच्चों की सुविधा के लिए निःशुल्क वाई फाई की सुविधा दी गई है। जिला ग्रंथालय में 6425 पुस्तकें उपलब्ध है। कलेक्टर ने बताया कि जिले में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए आगामी 7 अप्रैल से अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जशपुर जिले के विघार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए स्पेस ऑन व्हील्स अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।  

बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ने आज जशपुर जिला के कुनकुरी विकासखंड के बेहराखार ग्राम का दौरा कर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके रहन-सहन, जीवनशैली  को नजदीक से समझा और उनसे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। राज्यपाल ने बिरहोर समुदाय के लोगों से चर्चा करते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी प्राप्त की।  उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक सभी शासकीय योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके और वे मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर दिया। राज्यपाल  रमेन डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों से संवाद करते हुए उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।  साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि बीमारी की स्थिति में अस्पताल या स्वास्थ्य शिविरों में जाकर समय पर उपचार कराना चाहिए। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा  कि बिरहोर समुदाय को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए संचालित पीएम जनमन योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे लोगों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण हो सके। साथ ही उन्होंने बच्चों के लिए टीकाकरण को अनिवार्य बताते हुए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को समय पर वैक्सीन लगवाने की अपील की।               राज्यपाल  डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों को अपने घरों में पढ़ाई के लिए एक अलग कोना बनाने की सलाह दी, जिससे बच्चों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके और वे अधिक प्रेरित हों। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि बिरहोर समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों का वैल्यू एडिशन किया जाए, ताकि उनके उत्पादों को बाजार में उचित मूल्य मिल सके। इस अवसर पर बिरहोर समुदाय के गुरुबारु ने राज्यपाल को जानकारी दी कि क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव के सहयोग की सराहना भी की। कार्यक्रम के दौरान बिरहोर समुदाय के लोगों ने राज्यपाल का पारंपरिक रूप से स्वागत करते हुए उन्हें केंद फूल, लाटा तथा स्वयं निर्मित रस्सी भेंट की। राज्यपाल ने भी समुदाय के लोगों को साल भेंट कर सम्मानित किया तथा उपयोगी सामग्री के रूप में टॉर्च प्रदान की। साथ ही उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव को राजकीय गमछा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार सहित अधिकारीगण मौजूद रहे। पद्म जागेश्वर यादव ने बिरहोर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के अपने संघर्षों का किया उल्लेख            पद्म जागेश्वर यादव ने राज्यपाल  रमेन डेका के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने उन्होंने बिरहोर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अपने लंबे संघर्षों का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1980 से इस विशेष पिछड़ी जनजाति के बीच रहकर कार्य कर रहे हैं। उस समय बिरहोर समुदाय के लोग घने जंगलों में निवास करते थे, जंगलों से प्राप्त फलों पर निर्भर रहते थे और जमीन पर ही जीवन यापन करते थे। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को वर्तमान स्थिति तक लाने में उन्हें अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगातार प्रयास, जागरूकता और शासन-प्रशासन के सहयोग से आज बिरहोर समुदाय के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और वे धीरे-धीरे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। बेहराखार में बिरहोर परिवारों के समग्र विकास के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से कर रहा कार्य          कलेक्टर  रोहित व्यास ने राज्यपाल को जानकारी देते हुए बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रशासन गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम बहेराखार में बिरहोर समुदाय के कुल 22 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 85 है। इनमें से 73 लोगों के आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी परिवारों का सिकल सेल स्क्रीनिंग परीक्षण पूर्ण कर लिया गया है तथा सभी को राशन कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 19 परिवारों के जॉब कार्ड भी बनाए जा चुके हैं। कुछ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष परिवारों को लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। महतारी वंदन योजना का लाभ भी  दिया जा रहा है। साथ ही अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल रमेन डेका को जन्मदिन की दी शुभकामनाएँ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज लोकभवन पहुँचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को उनके जन्मदिन के अवसर पर आत्मीय शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका को पुष्पगुच्छ, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ढोकरा शिल्प की आकर्षक कलाकृति तथा शॉल भेंट किया। उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन तथा दीर्घायु की कामना की।

लोकतंत्र से साक्षात्कार: स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन

रायपुर. स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन  राज्यपाल  रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया।  विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई।  इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।

राज्यपाल रमेन डेका ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का किया शुभारंभ

  युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे। राज्यपाल डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया। इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने रायपुर में गोद ग्रामों में आजीविका कार्यों को तेज करने के दिए निर्देश

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा गोद लिए गए ग्रामों में आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यो को प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए गए है।          राज्यपाल डेका ने आज समाज कल्याण विभाग, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं हथकरघा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर गोद ग्रामों में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।           उल्लेखनीय है कि राज्यपाल द्वारा खैरागढ़- छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सोनपुरी, बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी तथा गरियाबंद जिले के ग्राम बिजली को गोद लिया गया है। इन ग्रामों में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने की पहल की है।          राज्यपाल डेका ने लाइवलीहुड मिशन के अंतर्गत कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि गोद ग्रामों मे विस्तृत सर्वेक्षण कर स्थानीय आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण, पात्र हितग्राहियों को पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए। महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने और आजीविका गतिविधियों में उनकी सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि कौशल विकास के लिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंनेे गोद ग्रामों का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर आवश्यकतानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।          बैठक में समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक अश्वनी देवांगन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर: राज्यपाल डेका ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को दिए पांच नए कम्प्यूटर

रायपुर : राज्यपाल डेका ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को प्रदान किए पांच कम्प्यूटर रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने बालिकाओं की शिक्षा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए कस्तूबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, राजपुर कला लखनपुर जिला सरगुजा की छात्राओं के लिए अपने स्वेच्छानुदान मद से पांच कम्प्यूटर प्रदान किए है। राज्यपाल ने सरगुजा जिले के प्रवास के दौरान उक्त आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया और विद्यालय में सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से अतिरिक्त कम्प्यूटर उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी थी। जिसके फलस्वरूप आज विद्यालय को लोेकभवन में राज्यपाल के हाथों पांच कम्प्यूटर प्राप्त हुए। इस सुविधा से छात्राओं की पढ़ाई में गुणात्मक सुधार आएगा और वे डिजिटल शिक्षा से बेहतर रूप से जुड़ सकेंगी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, विद्यालय की अधीक्षिका श्रीमती अनुराधा सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने रायपुर में सरस्वती शिक्षा संस्थान को प्रदान किए चार ई-रिक्शे

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर में ऑडिट पखवाड़ा: राज्यपाल रमेन डेका ने कैग की सर्वोच्च भूमिका पर की चर्चा

रायपुर : लोकतांत्रिक ढांचे में कैग की सर्वाेच्च भूमिका – रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल रायपुर महालेखाकार कार्यालय के आवासीय परिसर स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि लेखा परीक्षा केवल सरकारी व्यय और राजस्व की जांच तक सीमित नहीं है, यह प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, और जनसेवा में उत्तरदायित्व का एक सशक्त माध्यम है। हमारे लोकतांत्रिक ढांचे मेें भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की सर्वाेच्च भूमिका है।  ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल लेखा परीक्षा को संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा राज्यपाल  रमेन डेका आज प्रधान महालेखाकार कार्यालय में ऑडिट पखवाड़ा 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए। लेखा परीक्षा दिवस के अवसर पर 20 नवम्बर से 8 दिसंबर 2025 तक यह सप्ताह आयोजित किया गया।  राज्यपाल  डेका ने कहा कि भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसकी नीव ब्रिटिश शासन के दौरान 1858 में प्रारंभ हुई लेखा परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान निर्माताओं ने इस संस्था की महत्ता को समझते हुए इसे संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा प्रदान किया।  कैग की भूमिका प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करना है  ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल  डेका ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल प्रशासन के दौर में कैग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था केवल कमियों को उजागर नहीं करती, बल्कि प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करती है।  यह न केवल सरकारी कार्यों में वित्तीय अनुशासन लाने का कार्य करता है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाता है। इस विभाग के अधिकारियों की निष्पक्षता और कर्मठता ने इसे एक सशक्त संस्थान के रूप में स्थापित किया है। अधिकारियों की मेहनत और ईमानदारी से जनता का भरोसा मजबूत होगा राज्यपाल ने  विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रतिष्ठित संस्था की परंपराओं को बनाए रखते हुए निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उनकी मेहनत और ईमानदारी से ही जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जीवन में एक कार्य ऐसा करें जिसमें लेने का नहीं बल्कि देने का हो, जिससे हमारा देश 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।           कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रधान महालेखाकार  यशवंत कुमार ने दिया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन महालेखाकार (लेखा परीक्षा)  मोहम्मद फैजान ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल  डेका ने सामुदायिक भवन परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में महालेखाकार कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।