samacharsecretary.com

रायपुर में ऑडिट पखवाड़ा: राज्यपाल रमेन डेका ने कैग की सर्वोच्च भूमिका पर की चर्चा

रायपुर : लोकतांत्रिक ढांचे में कैग की सर्वाेच्च भूमिका – रमेन डेका
राज्यपाल  रमेन डेका

ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर

महालेखाकार कार्यालय के आवासीय परिसर स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि लेखा परीक्षा केवल सरकारी व्यय और राजस्व की जांच तक सीमित नहीं है, यह प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, और जनसेवा में उत्तरदायित्व का एक सशक्त माध्यम है। हमारे लोकतांत्रिक ढांचे मेें भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की सर्वाेच्च भूमिका है। 

ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

लेखा परीक्षा को संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा
राज्यपाल  रमेन डेका आज प्रधान महालेखाकार कार्यालय में ऑडिट पखवाड़ा 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए। लेखा परीक्षा दिवस के अवसर पर 20 नवम्बर से 8 दिसंबर 2025 तक यह सप्ताह आयोजित किया गया।  राज्यपाल  डेका ने कहा कि भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसकी नीव ब्रिटिश शासन के दौरान 1858 में प्रारंभ हुई लेखा परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान निर्माताओं ने इस संस्था की महत्ता को समझते हुए इसे संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा प्रदान किया। 

कैग की भूमिका प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करना है 

ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
 डेका ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल प्रशासन के दौर में कैग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था केवल कमियों को उजागर नहीं करती, बल्कि प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करती है।  यह न केवल सरकारी कार्यों में वित्तीय अनुशासन लाने का कार्य करता है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाता है। इस विभाग के अधिकारियों की निष्पक्षता और कर्मठता ने इसे एक सशक्त संस्थान के रूप में स्थापित किया है।

अधिकारियों की मेहनत और ईमानदारी से जनता का भरोसा मजबूत होगा
राज्यपाल ने  विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रतिष्ठित संस्था की परंपराओं को बनाए रखते हुए निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उनकी मेहनत और ईमानदारी से ही जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जीवन में एक कार्य ऐसा करें जिसमें लेने का नहीं बल्कि देने का हो, जिससे हमारा देश 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। 

         कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रधान महालेखाकार  यशवंत कुमार ने दिया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन महालेखाकार (लेखा परीक्षा)  मोहम्मद फैजान ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल  डेका ने सामुदायिक भवन परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में महालेखाकार कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here