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आर वैशाली ने 10वें राउंड के बाद बढ़त बनाई, वर्ल्ड टाइटल की उम्मीद मजबूत

  पाफोस

साइप्रस के पाफोस में खेले जा रहे प्रतिष्ठित FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के 10वें राउंड में भारत की आर वैशाली ने शानदार प्रदर्शन(Chess) करते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक के खिलाफ खेला गया उनका मुकाबला ड्रॉ रहा, जिससे मिले आधे अंक ने उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा दिया। टूर्नामेंट अब अपने निर्णायक मोड़ पर है क्योंकि केवल 4 राउंड बाकी हैं और टॉप-6 खिलाड़ियों के बीच महज 1 अंक का फासला है, जिससे हर अगली चाल विश्व चैंपियन का चैलेंजर(Challenger) तय करने में महत्वपूर्ण होगी।

भारतीय सितारों के लिए कठिन रहा 10वां राउंड
जहाँ वैशाली ने बढ़त बनाई, वहीं अन्य भारतीय ग्रैंडमास्टर्स के लिए शुक्रवार का दिन निराशाजनक रहा। ओपन कैटेगरी में आर प्रज्ञानानंदा को उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से हार का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे लुढ़ककर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसी तरह, विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख को रूस की मजबूत खिलाड़ी अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना ने मात दी। इन हारों ने भारतीय उम्मीदों को थोड़ा झटका दिया है, लेकिन शेष चार राउंड में वापसी की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं।
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कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की अहमियत और इतिहास
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को शतरंज का ‘सेमीफाइनल’ माना जाता है, क्योंकि इसका विजेता सीधे मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। भारत का इस टूर्नामेंट में गौरवशाली इतिहास रहा है; विश्वनाथन आनंद (1995) के बाद पिछले साल डी गुकेश ने इसे जीतकर इतिहास रचा था। इस बार ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन डी गुकेश से होगा, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन के खिलाफ वर्ल्ड टाइटल की बाजी खेलेगी।

वैशाली रमेशबाबू 10वें राउंड के बाद किस स्थान पर हैं और उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी कौन हैं?
वैशाली 10वें राउंड के बाद शीर्ष (पहले) स्थान पर हैं। झू जिनेर और अन्ना मुजिचुक 5.5
अंकों के साथ उनसे महज आधा अंक पीछे हैं।

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का फॉर्मेट क्या है और इसमें कुल कितने राउंड होते हैं?
यह टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होता है जहाँ 8 खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार खेलते हैं। इसमें कुल 14 राउंड होते हैं।

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