samacharsecretary.com

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – राज्य सरकार शासकीय संस्थानों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल. 
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा में नव स्थापित गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक उपकरणों का निवास कार्यालय भोपाल से वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आमजन को शासकीय संस्थानों में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करती है। उन्होंने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल), सिंगरौली का आभार व्यक्त किया। एनसीएल ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत इन आधुनिक मशीनों की स्थापना में सहयोग किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस सुविधा से न केवल मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, बल्कि चिकित्सा विद्यार्थियों को भी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार निरंतर प्रयासरत है कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाए, जिससे मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहल चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। नव स्थापित गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में 20 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें 16 सामान्य बेड एवं 4 आईसीयू बेड शामिल हैं। विभाग में एडवांस्ड गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी स्किल लैब की स्थापना की गई है, जो आधुनिक इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी तकनीकों से सुसज्जित है। इन अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से जटिल रोगों जैसे लिवर संबंधी बीमारियाँ, पित्त नली की पथरी, कैंसरजनित पीलिया, पैंक्रियाटाइटिस, आंतों के रोग, अल्सरेटिव कोलाइटिस तथा अन्य गंभीर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिकल समस्याओं का सटीक एवं प्रभावी उपचार अब स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा।

ये मशीने अत्यंत उन्नत डायग्नोस्टिक एवं चिकित्सीय प्रक्रियाओं को कम समय में, अधिक सटीकता के साथ संपन्न करने में सक्षम हैं। इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी के माध्यम से बिना बड़े ऑपरेशन के कई जटिल प्रक्रियाएँ की जा सकती हैं, जिससे मरीजों को कम दर्द, शीघ्र रिकवरी एवं कम खर्च में उपचार उपलब्ध होता है। विभाग द्वारा 6 अप्रैल से संचालन प्रारंभ होने के पश्चात अब तक 18 सफल प्रक्रियाएँ संपन्न की जा चुकी हैं, जो इसकी उपयोगिता और दक्षता को दर्शाता है। इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्र, डीन डॉ सुनील अग्रवाल, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग डॉ एम एच उस्मानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here