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शिक्षा जगत को बड़ा झटका: सेंट सोल्जर ग्रुप के चेयरमैन अनिल चोपड़ा नहीं रहे

जालंधर.

जालंधर के प्रसिद्ध समाजसेवी, सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस और पीपीआर (PPR) ग्रुप के चेयरमैन अनिल चोपड़ा का आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर के व्यापारिक, शैक्षणिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे एक दूरदर्शी उद्यमी होने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे।

राजन और प्रिंस चोपड़ा पर टूटा दुखों का पहाड़
अपने पिता को अपना मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत मानने वाले राजन चोपड़ा और प्रिंस चोपड़ा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने हमेशा अपने पिता के सिद्धांतों को प्राथमिकता दी और उन्हीं के मार्गदर्शन में संस्थानों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके लिए यह केवल एक व्यावसायिक क्षति नहीं, बल्कि एक मजबूत भावनात्मक स्तंभ का ढह जाना है। दोनों बेटे अपने पिता के अधूरे सपनों और समाज सेवा के मिशन को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शिक्षा जगत के लिए एक युग का अंत
अनिल चोपड़ा ने अपनी कड़ी मेहनत और विजन के बल पर सेंट सोल्जर ग्रुप को उत्तर भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में आज कई स्कूल, कॉलेज और तकनीकी संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहाँ हजारों छात्र अपना भविष्य संवार रहे हैं। उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए ऐसी क्षति माना जा रहा है, जिसकी भरपाई होना नामुमकिन है।

शाम 5 बजे मॉडल टाउन में दी जाएगी अंतिम विदाई
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अनिल चोपड़ा की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार आज, मंगलवार 14 अप्रैल को किया जाएगा। अंतिम विदाई के लिए शाम 5 बजे मॉडल टाउन स्थित श्मशान घाट का समय निश्चित किया गया है। उनके अंतिम दर्शनों के लिए शहर की तमाम बड़ी हस्तियों, राजनेताओं और उनके शुभचिंतकों के भारी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।

शहर की प्रमुख हस्तियों ने जताया गहरा शोक
उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा दुख प्रकट किया है। रिटायर्ड डीआईजी पवन उप्पल, एआईजी नवजोत महल और नितिन कोहली ने उनके जाने को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। PLN भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करती है और विभिन्न धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चोपड़ा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

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