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दो पालियों में होगी प्रतियोगिता परीक्षा, जिले में बनाए गए 13 सेंटर

लातेहार झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. यह परीक्षा 19 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित की जाएगी. पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है. प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना है. जिले में बनाए गए 13 परीक्षा केंद्र परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिले में कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने सभी केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो. उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने किया निरीक्षण मंगलवार को उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जिला मुख्यालय के कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर और गांधी इंटर कॉलेज केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए. मूलभूत सुविधाओं पर दिया गया विशेष ध्यान निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा जैसे पहलुओं की बारीकी से जांच की. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएं. कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण परीक्षा पर जोर उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने और सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश उन्होंने सभी केंद्राधीक्षकों और संबंधित कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. परीक्षार्थियों से समय पर पहुंचने की अपील जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें. इससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगी. निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी रहे मौजूद इस दौरान डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी अजय कुमार रजक, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम साहू, डीटीओ उमेश मंडल, बीडीओ मनोज कुमार तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने पर जोर दिया.

संजू सैमसन ने बुमराह को पीछे छोड़ा, जीता ICC का प्रमुख अवॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मार्च महीने का आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है. उन्होंने इस अवॉर्ड की रेस में जसप्रीत बुमराह और साउथ अफ्रीका के कॉनर एस्टरहुइजन को पीछे छोड़ा. सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई. खास बात यह रही कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी नहीं थे. टीम ने पहले अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को मौका दिया, लेकिन जब सैमसन को मौका मिला, तो उन्होंने इसे पूरी तरह भुना लिया।  सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 24 रन की तेज पारी से उन्होंने शुरुआत की, लेकिन असली कमाल वेस्टइंडीज के खिलाफ देखने को मिला. नॉकआउट की रेस में सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई. यह पारी संभलकर खेली गई थी, जिसमें उन्होंने सही समय पर सही शॉट्स लगाए।  सेमीफाइनल और फाइनल में भी जलवा इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े में सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन की शानदार पारी खेली. यह मैच हाई स्कोरिंग था, लेकिन सैमसन की पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उन्होंने 89 रन बनाए और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई. लगातार बड़े मैचों में इस तरह का प्रदर्शन ही उन्हें सबसे खास बनाता है।  मार्च के इन अहम मैचों में सैमसन ने 3 पारियों में 275 रन बनाए. उनका औसत 137.50 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 5 मैचों में 321 रन बनाए, औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा।  हालांकि जसप्रीत बुमराह ने भी शानदार गेंदबाजी की और कई मैचों में टीम को संभाला, लेकिन सैमसन ने बल्लेबाजी से पूरे मैच का रुख बदल दिया. वहीं महिला क्रिकेट में न्यूजीलैंड की अमेलिया केर को मार्च का प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। 

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में नया इको-टूरिज्म स्पॉट, अप्रैल अंत में उद्घाटन संभव

बगहा बगहा वन क्षेत्र में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित किया जा रहा ‘गेटवे ऑफ वीटीआर’ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के मदनपुर रेंज में बन रहा यह नया इको-टूरिज्म स्पॉट जल्द ही पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है. करीब 0.548 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि गेटवे का अंतिम काम तेजी से चल रहा है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 3.13 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसमें मुख्य प्रवेश द्वार के साथ हरियाली, बैठने की सुविधा और आकर्षक डिजाइन शामिल हैं. पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा यह इको-पर्यटन स्थल खासतौर पर उन सैलानियों के लिए तैयार किया जा रहा है जो प्राकृतिक वातावरण में सुकून के पल बिताना चाहते हैं. यहां आने वाले पर्यटक न केवल सुंदर नजारे देख सकेंगे, बल्कि आरामदायक माहौल में समय भी बिता पाएंगे. अप्रैल के अंत में उद्घाटन की तैयारी बगहा वन क्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार के अनुसार, पार्क का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और गेटवे अंतिम चरण में है. यदि सब कुछ प्लान के अनुसार रहा तो अप्रैल के अंतिम सप्ताह में वरीय अधिकारियों द्वारा इसका उद्घाटन किया जा सकता है. जल्द तय होगा प्रवेश शुल्क (Entry Fees) फिलहाल पार्क में प्रवेश शुल्क तय नहीं किया गया है. इसके लिए प्रस्ताव वरीय अधिकारियों को भेजा गया है. उम्मीद है कि जल्द ही शुल्क निर्धारित कर दिया जाएगा, ताकि आम पर्यटक भी आसानी से यहां पहुंच सकें. पर्यटकों के लिए सुविधाओं का खास इंतजाम इस स्थल पर पर्यटकों के लिए बैठने की व्यवस्था, नाश्ते की सुविधा और बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. पूरे परिसर में सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं और जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु घेराबंदी भी की गई है. साथ ही आकर्षक लाइटिंग इसे और भी सुंदर बनाएगी. पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार ‘गेटवे ऑफ वीटीआर’ के शुरू होने से वाल्मीकिनगर क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

रांची: नागपुरी गायक डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को मिला ‘गुरु रत्न सम्मान 2026’

रांची  झारखंड के नागपुरी लोक संगीत जगत के प्रख्यात गायक डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित “गुरु रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें 14 अप्रैल को “भारत के गवैयों” संस्था की ओर से प्रदान किया गया. डॉ. बड़ाईक को यह गौरव नागपुरी लोक संगीत के संरक्षण, संवर्धन और इसे वैश्विक मंचों तक पहुंचाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है. इस सम्मान समारोह ने झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को एक नई मजबूती प्रदान की है. सांसद महुआ माजी ने की कलाकार की सराहना इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद महुआ माजी उपस्थित रहीं. उन्होंने डॉ. बड़ाईक को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे वरिष्ठ कलाकार हमारी संस्कृति और परंपरा के सच्चे संवाहक होते हैं. महुआ माजी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि लोक संगीत हमारी पहचान का अटूट हिस्सा है और डॉ. बड़ाईक जैसे व्यक्तित्व इसे युवा पीढ़ी के लिए सहेजकर रखने का महान कार्य कर रहे हैं. उन्होंने लोक कला को राजकीय और राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रोत्साहन देने की बात कही. नागपुरी संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में भूमिका डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक लंबे समय से नागपुरी संगीत की जड़ों को सींचने में सक्रिय हैं. उन्होंने न केवल अपने गायन बल्कि अपनी मौलिक रचनाओं के माध्यम से भी झारखंड की लोक कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. वे लगातार विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देकर लोक संगीत की मिठास को लोगों तक पहुंचा रहे हैं. उनकी विशिष्ट गायकी शैली ने न केवल दर्शकों का मन मोहा है, बल्कि कई युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित भी किया है. सुरों की महफिल में उमड़े संगीत प्रेमी सम्मान समारोह के दौरान पूरा वातावरण नागपुरी धुनों से सराबोर रहा. इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति, प्रख्यात कलाकार और भारी संख्या में संगीत प्रेमी शामिल हुए. डॉ. बड़ाईक ने मंच से अपने कुछ लोकप्रिय नागपुरी गीतों की सुरीली प्रस्तुति भी दी, जिसे श्रोताओं ने भरपूर सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया. इस सम्मान से पूरे नागपुरी संगीत जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है और इसे राज्य की गौरवशाली विरासत के लिए एक सुखद क्षण माना जा रहा है.  

खेलगांव में बनकर तैयार स्केटिंग स्टेडियम, अब सड़क पर नहीं करना होगा अभ्यास

रांची  झारखंड के स्केटिंग के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। खेलगांव के वेलोड्राम स्टेडियम के बगल में ईस्ट जोन का पहला स्केटिंग रिंक (स्टेडियम) लगभग बन कर तैयार हो चुका है। इसमें बस रेलिंग लगाने और पेंट करने का काम बचा हुआ है। वर्तमान में स्केटिंग के खिलाड़ियों को या तो सड़क पर अभ्यास करना पड़ता था या फिर किसी स्कूल के कैंपस का सहारा लेना पड़ता था। वहीं इस स्केटिंग रिंक में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इसके पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। दूसरे फेज में इस स्केटिंग रिंक में रोलर हॉकी स्केट बोर्ड, पेवेलियन और गैलरी की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। खेलगांव में तैयार हो रहा है 4.15 करोड़ की लागत से स्केटिंग रिंक खेलगांव में चार करोड़ 15 लाख की लागत से इस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जा रहा है। पूरा स्टेडियम लगभग 12660.43 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में तैयार किया गया है। जिसमें स्केटिंग रिंक, फ्री स्टाइल ग्राउंड सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई सुविधाएं होंगी। 2022 से इस रिंक को बनाने का काम शुरू किया गया है। लेकिन अभी तक केवल एक फेज का काम ही पूरा हो पाया है। जिसके तहत केवल स्केटिंग रिंक ही तैयार किया गया है। आने वाले समय में कई और सुविधाओं से इस पूरे स्टेडियम को लैस किया जायेगा। जिसके बाद इस स्टेडियम में एक साथ तीन इवेंट हो सकेंगे। संत जेवियर स्कूल में अभ्यास करते हैं खिलाड़ी वर्तमान में रांची जिला और आसपास के स्केटिंग के खिलाड़ी अभ्यास के लिए डोरंडा स्थित संत जेवियर स्कूल में जाते हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच राजेश राम का कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने में समस्या नहीं होगी। क्योंकि स्कूल में अभ्यास करने के बाद जब ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किसी स्टेडियम में शामिल होते हैं तो उनको समस्याओं का सामना करना पड़ता है।जिसमें स्टेडियम का फर्श से लेकर स्पीड तक शामिल है। पांच खिलाड़ियों से हुई थी स्केटिंग की शुरुआत, अभी हैं 450 खिलाड़ी झारखंड की राजधानी रांची में स्केटिंग खेल की शुरुआत 2007 में संत जेवियर स्कूल से हुई थी। उस समय इस इवेंट में मात्र पांच ही खिलाड़ी थे। स्केटिंग कोच सुमित कुमार की मेहनत से लगभग 25 वर्ष में राज्य में कुल 450 रजिस्टर्ड खिलाड़ी हो चुके हैं। वहीं इन खिलाड़ियों में कुल 67 ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीता है। इसमें राजेश राम, सुमंत, सोमनाथ मिंज, सुषमा टोप्पो, रवि रंजन और एलेक्स लकड़ा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। स्केटिंग रिंग नहीं होने के कारण इन खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास के लिए दूसरे राज्य भी जाना पड़ता है। जून में मिली है राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता की मेजबानी, 2000 खिलाड़ी होंगे शामिल रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड को आगामी जून में राष्ट्रीय स्तर की रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। इसमें पूरे देश से लगभग 2000 खिलाड़ी शामिल होंगे। एसोसिएशन के सचिव सुमित कुमार ने बताया कि इस आयोजन में देश भर के खिलाड़ी शामिल होंगे। अगर समय पर स्टेडियम में रेलिंग और पेंट हो जाता है तो यही पर आयोजन करवाया जायेगा।खेल विभाग को इसकी पूरी जानकारी प्रदान कर दी गयी है। जिसके बाद काम तेजी से हो रहा है। रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सचिव सुमित कुमार कहते हैं- खेलगांव में तैयार हो रहा स्केटिंग रिंक यहां के स्केटिंग के खिलाड़ियों के लिए लाइफलाइन साबित होगा। वर्तमान में खिलाड़ी या तो स्कूल में स्केटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं या फिर रिंग रोड़ और मोरहाबादी की सड़कों पर। ये दोनों जगह खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए सही नहीं है। लेकिन उनके बाद कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो जाने पर खिलाड़ियों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्या कहते हैं राष्ट्रीय स्तर के मेडलिस्ट खिलाड़ी     स्कूल के ग्राउंड में अभ्यास करने में परेशानी होती है। ये ग्राउंड काफी छोटा है और जब हम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोेगिता में जाते हैं तो इसका असर हमारी परफारमेंस पर पड़ता है। यदि हमें स्केटिंग रिंक मिल जायेगा तो हम राष्ट्रीय स्तर में बेहतर करने के साथ रिकार्ड भी बन सकते हैं।     -आदित्य रंजन, ईस्ट जोन में स्वर्ण     वर्तमान में हमें अभ्यास के लिए एक ही जगह मिलती है। वो है सेंट जेवियर स्कूल में एक जगह। ये काफी छोटी जगह है और यहां अभ्यास करने में परेशानी होती है। वहीं स्केटिंग रिंग के शुरू हो जाने पर हम प्रतिदिन बेहतर अभ्यास कर पायेंगे और झारखंड और देश के लिए मेडल भी जीत सकेंगे।     -अबीर गुप्ता, स्टेट चैंपियन व ईस्ट जोन में रजत     हमारे अभ्यास की शुरुआत इसी ग्राउंड से हुई है और यहीं से सीखकर हमने मेडल भी जीता है। लेकिन बेहतर अभ्यास के लिए रिंक होना जरूरी है। इससे हमारा स्पीड बेहतर होगा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हम बेहतर रिजल्ट दे सकेंगे।     -आरव प्रभात, ईस्ट जोन में स्वर्ण     एक बेहतर स्टेडियम की जरूरत तो शुरुआती दौर से होता है। लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है इसलिए यहां पर अभ्यास करना पड़ता है। हम कभी-कभी स्मार्ट सिटी की सड़कों पर भी अभ्यास करते हैं लेकिन वहां खतरा अधिक है। स्टेडियम मिल जाने से हमें कहीं और भटकना नहीं पड़ेगा।     -हरीश कुमार, ईस्ट जोन में स्वर्ण  

Punjab Scheme: महिलाओं को ₹1500 महीना देगी सरकार, जानिए किन 3 डॉक्यूमेंट्स से होगा रजिस्ट्रेशन

जालंधर.  बाबा साहिब अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर एक निर्णायक कल्याण अभियान की शुरुआत करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब में लगभग हर महिला के सशक्तिकरण के लिए एक योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रदेश भर की महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना को बाबा साहिब अंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के दृष्टिकोण के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए, मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का शुभारंभ किया, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाएं केवल तीन दस्तावेजों के साथ इस योजना का लाभ ले सकती हैं, जबकि कैंपों और सहायक स्टाफ के एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से महिलाओं को उनके घर पर ही सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। यह योजना पहले 9 हलकों में शुरू की जाएगी और 15 मई से इसका विस्तार शेष 108 हलकों में किया जाएगा। योजना का भुगतान जुलाई से शुरू होगा और रजिस्ट्रेशन के लिए कोई समय सीमा नहीं होगी। इससे प्रत्येक पात्र महिला को लाभ की गारंटी प्रदान की गई है, चाहे वह कभी भी रजिस्ट्रेशन करवाए। 26,000 रजिस्ट्रेशन केंद्रों और हर गांव और वार्ड में तैनात समर्पित 'महिला सतिकार सखियों' के साथ, इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू करने, बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने और निश्चितता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है, जो इसे देश में महिलाओं के लिए सबसे व्यापक प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता पहलों में से एक बनाती है। 15 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन वरिष्ठ 'आप' नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि यह योजना पायलट आधार पर आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती सहित 9 हलकों में शुरू की गई है। उन्होंने कहा, "शेष 108 हलकों में महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू होगा। जुलाई 2026 से 1000 या 1500 रुपये का मासिक भुगतान शुरू होगा।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महिलाओं को पहुंच के बारे में आश्वस्त करते हुए कहा, "पंजीकरण के लिए कोई समय सीमा नहीं है और महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे 15 अप्रैल, 15 मई या 15 अगस्त को पंजीकरण करवाएं।" उन्होंने आगे कहा कि देर से पंजीकरण करवाने से लाभों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, "उन्हें जुलाई के बाद अपना पूरा भुगतान मिलेगा, इसलिए चाहे वे सितंबर के अंत में पंजीकरण करवाएं, फिर भी उन्हें तीन महीने यानी जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए पूरा भुगतान मिलेगा।" ये दस्तावेज जरूरी दस्तावेज प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए सीएम मान ने कहा, "पंजीकरण के लिए केवल तीन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें पंजाब के पते वाला आधार, पंजाब का वोटर आईडी और बैंक पासबुक शामिल है। अनुसूचित जातियों की महिलाओं के मामले में अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक है।" जाति प्रमाण पत्र की कमी वाली महिलाओं की चिंताओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैं जानता हूं कि मेरी कई अनुसूचित जातियों की बहनों और माताओं के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है, लेकिन उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि अगर इसमें समय लग रहा है तो भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे प्रमाण पत्र के बिना भी इस योजना के तहत पंजीकरण कर सकते हैं और 1000 रुपये मासिक प्राप्त करना शुरू कर सकते हैं। जब भी उनका प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, राज्य सरकार उन्हें जुलाई से 500 रुपये प्रति माह के बकाए का भुगतान करेगी। इस संबंध में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।" मुख्यमंत्री ने व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर एक पहुंच विधि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 8 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी मदद करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर के हर गांव और वार्ड में महिला सतिकार सखियों को तैनात किया जाएगा।" क्या होगा प्रोसीजर? मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एक बार जब वे अपना पंजीकरण फॉर्म भर लेते हैं और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार हो जाते हैं, तो वे अपने नजदीकी पंजीकरण केंद्र पर जा सकते हैं और वहां फॉर्म जमा करवा सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने व्यापक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि महिलाओं को पंजीकरण में कोई कठिनाई न हो, पंजाब सरकार द्वारा 26,000 से अधिक स्थानों पर पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसमें सभी आंगनवाड़ी केंद्र, सभी सेवा केंद्र और शहरी क्षेत्रों में सभी नगर निगम/समिति कार्यालय शामिल हैं।" इस योजना के लाभों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना हर वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये का नकद लाभ सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनके विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।" उन्होंने इस पहल के पैमाने पर और जोर देते हुए कहा, “इस योजना के तहत महिलाओं के एक सीमित वर्ग को छोड़कर लगभग उन सभी महिलाओं को कवर किया जाएगा, जो 18 साल और उससे अधिक उम्र की हैं। इसलिए इस योजना से 97 फीसद से अधिक महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसे देश में सबसे व्यापक महिला-पक्षधर सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाती है।”

वैश्विक संकट के बीच चमका भारत! IMF ने बढ़ाया ग्रोथ अनुमान, मार्केट में पॉजिटिव संकेत

नई दिल्ली. वैश्विक तनाव और ईरान-अमेरिका युद्ध जैसे हालात के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय संस्था IMF (International Monetary Fund) ने भारत की ग्रोथ को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है, जो यह संकेत देता है कि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। खास बात यह है कि जहां एक तरफ वेस्ट एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष के कारण दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव है, वहीं भारत इस माहौल में भी बेहतर प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। आइए इस रिपोर्ट को जरा विस्तार से समझते हैं। IMF (International Monetary Fund) के अनुसार, भारत की GDP ग्रोथ FY26 में 7.6% रहने का अनुमान है, जो पहले के अनुमान से 1% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी इसलिए भी खास है, क्योंकि यह दिखाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। वहीं IMF (International Monetary Fund) ने FY27 और FY28 के लिए ग्रोथ अनुमान 6.5% रखा है, जो स्थिर और संतुलित विकास की ओर इशारा करता है। इस सुधार के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण भारत की मजबूत घरेलू मांग और पिछले साल का बेहतर आर्थिक प्रदर्शन है, जिसका असर आगे भी दिख रहा है। इसके अलावा अमेरिका द्वारा भारतीय सामान पर टैरिफ में कटौती से भी निर्यात को राहत मिली है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को सपोर्ट मिला है। महंगाई यानी (Inflation) के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है। IMF (International Monetary Fund) का अनुमान है कि FY27 में महंगाई 4.7% और FY28 में 4% तक आ सकती है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में आम लोगों पर महंगाई का दबाव धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर स्थिति इतनी मजबूत नहीं दिख रही है। IMF (International Monetary Fund) ने दुनिया की कुल ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। वैश्विक ग्रोथ 2026 में 3.1% और 2027 में 3.2% रहने का अनुमान है, जो पिछले औसत से कम है। इसका मुख्य कारण बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कमोडिटी दाम और वैश्विक व्यापार में गिरावट है। IMF ने चेतावनी भी दी है कि अगर मध्य-पूर्व का संकट और बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर असर पड़ सकता है। इससे महंगाई बढ़ सकती है और आर्थिक ग्रोथ पर दबाव आ सकता है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। IMF का यह अपडेट न सिर्फ निवेशकों बल्कि आम लोगों के लिए भी भरोसा बढ़ाने वाला है कि आने वाले समय में भारत आर्थिक मोर्चे पर मजबूत बना रह सकता है।

बैसाखी पर खास आयोजन: गुरुद्वारा भगत धन्ना जी में पहली बार महोत्सव, भारी भीड़

चंडीगढ़. बैसाखी और खालसा पंथ के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को पटियाला के गांव लाछड़ू खुर्द (घन्नौर) में एक नई परंपरा का आगाज हुआ। यहां स्थित गुरुद्वारा साहिब भगत धन्ना जी में पहली बार भव्य बैसाखी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें घन्नौर और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने अपनी हाजिरी दर्ज करवाई। पूरा वातावरण 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों और गुरबाणी के स्वर से आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। खालसा पंथ के स्थापना दिवस को समर्पित इस विशेष समागम में पंथ के प्रसिद्ध रागी और ढाडी जत्थों ने हाजिरी भरी। इंटरनेशनल पंथक ढाडी जत्थे के ज्ञानी लखविंदर सिंह रजौली (अंबाला) ने जोश भरे अंदाज में खालसा पंथ के गौरवशाली इतिहास को संगत के साथ साझा किया। वहीं, श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई शुभदीप सिंह ने मधुर गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं को गुरु चरणों से जोड़ा। विभिन्न रागी जत्थों द्वारा प्रस्तुत कीर्तन ने वहां मौजूद संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। सेवा और प्रबंधन का दिखा अनूठा संगम महोत्सव की सफलता के पीछे समाजसेवी भगत सिंह और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पहली बार आयोजित इस बड़े स्तर के कार्यक्रम को लेकर गांव में खासा उत्साह था। भगत सिंह ने बताया कि हजारों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि किसी को असुविधा न हो। समागम के दौरान गुरु का लंगर अटूट वितरित किया गया और सेवादारों ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं निभाईं। कार्यक्रम के समापन पर अरदास की गई, जिसमें सरबत के भले (विश्व कल्याण) की कामना की गई। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक बल्कि सामुदायिक सौहार्द का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया।

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा: वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट, 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 30 घायल

नई दिल्ली.  सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद श्रमिक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में 9 मजदूरों की मौत हो गई है।  जानकारी के अनुसार, हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। हादसे में करीब 30 से मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ की स्थिति बन गई थी, कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। बचाव दल द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटना कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। बॉयलर के ट्यूब फटने हादसा- पुलिस पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ मजदूरों के अब भी प्लांट परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।  

पाकिस्तान वार्ता विफल, अब सीधे ट्रंप से बोले PM मोदी — 40 मिनट की अहम चर्चा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बात हुई है। यह बातचीत करीब 40 मिनट तक हुई है। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद इस बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। इस साल तीसरी बार पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बात की है। वहीं, पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से दूसरी बार दोनों के बीच बात हुई है। पीएम मोदी ने क्या हुआ अमेरिकी राजदूत ने कहाकि ट्रंप ने पश्चिम एशिया की स्थिति, जिसमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी भी शामिल है, पर प्रधानमंत्री को जानकारी दी। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच कुछ बड़े सौदे अपेक्षित हैं, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र भी शामिल है। सर्जियो गोर के मुताबिक इस दौरान पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा, ‘मैं सिर्फ यही चाहता हूं कि आप जान लीजिए कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं।’ अमेरिकी राजदूत ने कहाकि राष्ट्रपति ट्रंप, पीएम मोदी को लगातार अपडेट करते रहते हैं। अब तक तीन बार बातचीत पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल पहली बार दो फरवरी को बात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत हुई थी। इसके बाद 24 मार्च को दोनों ने पश्चिम एशिया के हालात को लेकर चर्चा की थी। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने बाद पहली फोन कॉल में, पीएम मोदी ने जल्द से जल्द पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने का समर्थन किया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि होर्मुज खुला और सुरक्षित रहेगा। अपनी बातचीत के बारे में पोस्ट करते हुए, पीएम मोदी ने कहा था कि ट्रंप से उनकी बात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच पश्चिम एशिया के हालात पर उपयोगी बातचीत हुई थी। विफल हो चुकी है ईरान-अमेरिका वार्ता गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल संघर्ष विराम है। इस बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों के बीच शांति वार्ता हुई थी। हालांकि करीब 21 घंटे तक चर्चा के बावजूद इसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मूड भी उखड़ा हुआ है। वह लगातार ईरान को तबाह करने वाली धमकियां दे रहे हैं। इस बीच ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बहुत जल्द हो सकती है।