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10 हजार की पहली किस्त मिली, लेकिन 20 हजार के लिए नहीं मिल रहीं पात्र महिलाएं

 आरा भोजपुर जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार की पहली किस्त हासिल करने वाली महिला लाभार्थियों की संख्या चार लाख सत्रह सौ साठ थी। इसके बावजूद जिले में करीब 22 हजार महिलाओं को राशि विलंब से आवेदन करने के कारण नहीं मिल सकी। उन्हें आज भी इस राशि का इंतजार है। वहीं, दूसरी किस्त के लिए योग्य महिला उद्यमी नहीं मिल रही हैं। जिनको 20-20 हजार रुपए दिए जाने हैं। मई माह में राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने का निश्चय किया है। सभी जिले को पत्र देकर दूसरी किस्त के योग्य महिला उद्यमी की सूची सौंपनी है। भोजपुर जिले में भी सूची तैयार हो रही है। इसमें चौंकाने वाली रिपोर्ट आ रही है। सूची तैयार करने की जिम्मेदारी ग्राम संगठनों की है। जिले में 1582 ग्राम संगठन हैं। ग्राम संगठन मानक के अनुसार दूसरी किस्त के लिए योग्य जीविका दीदी को चयन कर रहे हैं। इन्हें मानक के अनुसार कुल लाभार्थी के पांच से छह प्रतिशत महिला उद्यमी मिले हैं। जिला जीविका दीदी के पदाधिकारी मनीष ने बताया कि जिले में पहली किस्त प्राप्त करने वाले अधिकांश महिला उद्यमी अभी अपना रोजगार शुरू नहीं की है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में दूसरी किस्त के लिए करीब 24 हजार महिला उद्यमी को मानक के अनुसार योग्य पाया गया है। दूसरी किस्त के लिए तैयार हो रहा आंकड़ा विगत फरवरी माह से जिले में महिला उद्यमियों को चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें महिला उद्यमी से 10 हजार रुपए की राशि, क्या रोजगार में शुरू किया, की जानकारी मांगी जाती है। इस बाबत ग्राम संगठनों ने सात प्रश्न सुनिश्चित किया है। जो महिला उद्यमी उसको पूरा करती हैं, उसी को 20-20 हजार रुपए की किस्त मिलेगी। इनका डेटा पोर्टल पर अपलोड हो रहा है। मुख्यालय भेजने के लिए आज मंगलवार तक अंतिम तिथि निर्धारित थी। आरा सदर प्रखंड में 1 प्रतिशत भी कम योग्य लाभार्थी भोजपुर जिले के सबसे अधिक शहरी इलाका आरा सदर प्रखंड में है। यहां पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या करीब 26 हजार रही है। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए की राशि प्राप्त की है। इस प्रखंड में 120 ग्राम संगठन है। दूसरी किस्त के लिए सर्वे के बाद 234 जीविका दीदी को दूसरी किस्त के लायक पाया गया। यह संख्या कुल लाभार्थियों के एक प्रतिशत से भी कम है।

भदोही की पप्पू देवी ने मशरूम उत्पादन से खड़ी की 10 लाख सालाना कमाई

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 'राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन' ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है। पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़ते हुए अब प्रदेश की महिलाएं उद्यमिता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इसका सबसे ताज़ा और प्रेरक उदाहरण भदोही जिले की पप्पू देवी ने पेश किया है, जिन्होंने मशरूम उत्पादन को अपनी आय का मुख्य जरिया बनाकर सालाना 8 से 10 लाख रुपये तक की कमाई सुनिश्चित की है। पारंपरिक खेती से अलग चुनी नई राह भदोही जैसे जिले में, जहाँ खेती का अर्थ मुख्य रूप से गेहूं और धान तक सीमित माना जाता था, वहां पप्पू देवी ने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के तालमेल से एक नया मॉडल खड़ा किया है। उन्होंने अपनी जमा-पूंजी और 50 हजार रुपये के ऋण के साथ मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया। आज उनका यह छोटा सा उद्यम एक सफल मुनाफे वाले व्यवसाय में तब्दील हो चुका है। रोजगार प्रदाता बनीं पप्पू देवी पप्पू देवी की यह सफलता केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने साथ गांव की अन्य स्थानीय महिलाओं को भी जोड़ा है, जिससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उनके इस मॉडल को देखकर क्षेत्र के अन्य स्वयं सहायता समूह (SHG) भी मशरूम उत्पादन की ओर प्रेरित हो रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा खास बात यह है कि पप्पू देवी की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने तक सीमित नहीं है। वे अब अपने गांव की अन्य स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। उनका यह मॉडल स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है। महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती पप्पू देवी का मानना है कि अगर महिलाओं को सही ट्रेनिंग और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो वे स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त कर सकतीं हैं। योगी सरकार के इस प्रयास से प्रदेश में महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिल रही है।  

अनुराधा देवी के नेतृत्व में रसूलपुर पंचायत ने रचा विकास का मॉडल

रोहतास बिहार के रोहतास जिले की रसूलपुर ग्राम पंचायत ने महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण प्रशासन और सतत विकास के क्षेत्र में एक बेहतरीन मिसाल कायम की है। इस 9 हजार 876 की आबादी वाली पंचायत में लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। मुखिया अनुराधा देवी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में इस पंचायत ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, सुरक्षा और सामाजिक समावेश की कई अभूतपूर्व पहलें सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। यहां वर्तमान में 16 आंगनवाड़ी केंद्र, 9 विद्यालय, 1 स्वास्थ्य केंद्र और एक पंचायत भवन संचालित हो रहे हैं। मुखिया अनुराधा देवी का स्पष्ट उद्देश्य है- महिला-केंद्रित शासन सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य व पोषण में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, आजीविका के नए अवसर और एक सुरक्षित और सशक्त ग्राम पंचायत का निर्माण। मुखिया की कोशिशों ने पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है। यहां 216 गर्भवती महिलाओं का सफल पंजीकरण किया गया। सौ प्रतिशत प्रसवोत्तर जांच सुनिश्चित की गई और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया गया। परिणामस्वरूप मातृ मृत्यु दर मात्र 1 और शिशु मृत्यु दर केवल 2 रही। यहां नियमित पोषण दिवस का आयोजन, स्तनपान और सही पोषण संबंधी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को शिक्षा में बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुखिया अनुराधा देवी बताती हैं कि प्रति वर्ष दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक लाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है। परिणामस्वरूप शिक्षा के प्रति लोगों का रवैया बदला है, लड़कियां इसमें खासकर अच्छा कर रही हैं। आर्थिक आजादी की ओर कदम इस पंचायत में 172 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सक्रिय हैं, जिनमें से 162 बैंक ऋण से जुड़ चुके हैं। महिलाओं को सिलाई, हस्तशिल्प और कंप्यूटर जैसे कौशल के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। जीविका के माध्यम से एससी-एसटी की महिलाएं स्कूल ड्रेस सिलाई कर अच्छी आय कमा रही हैं। अब सैकड़ों महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो चुकी हैं और शासन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। ग्राम स्तर पर समस्याओं का समाधान महिलाओं की सुरक्षा के लिए शक्ति सलाह केंद्र की स्थापना की गई है। दहेज, बाल विवाह और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित मामलों को मुखिया अनुराधा देवी अपने स्तर पर या ग्राम कचहरी में सुलझाती हैं। उनका प्रयास रहता है कि मामले थाने तक न पहुंचें। मजबूत जागरूकता अभियान के कारण लिंग आधारित हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है। पंचायत ने 2 हजार 572 शौचालयों का निर्माण करवाया है। सभी घरों तक सड़क बनाई गई है। सौ एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और आरओ आधारित पेयजल सुविधा भी उपलब्ध है। इसके साथ ही विधवा पेंशन के 143, वृद्धावस्था पेंशन के 149 और विकलांगता पेंशन के 67 लाभार्थियों को नियमित लाभ मिल रहा है। पात्र सभी लाभार्थियों को सौ प्रतिशत कवरेज देने का लक्ष्य रखा गया है। चुनौतियों से निपटने के लिए निकाले रास्ते मुखिया बताती हैं कि शुरुआत में महिलाओं की भागीदारी कम थी और सामाजिक रूढ़िवादी मानसिकता बाधा बन रही थी। नियमित जागरूकता अभियान, महिला सभाएं, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से समन्वय के माध्यम से इन चुनौतियों पर काबू पाया। आज महिलाओं की निर्णय लेने में सक्रिय भागीदारी बढ़ी है और अब वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर चुकी हैं। सूर्यकांत पाठक

सीएम करेंगे टॉप-100 महिला उद्यमियों का सम्मान, 25 हजार रुपये का नकद इनाम भी

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला उद्यमशीलता की भावना का जश्न मनाने के लिए शुरू किए गए भगवंत मान सरकार के महिला उद्यमी सम्मान कार्यक्रम को राज्य भर की महिलाओं से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह पहल आप सरकार के महिला मज़बूती को बढ़ावा देने और महिलाओं को उद्यमशीलता के ज़रिए अपनी पहचान बनाने में मदद करने के प्रतिबद्धता को दिखाती है।   प्रोग्राम का पहला फेज़ 2 मार्च से 6 मार्च तक पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ था, जहां व्यापार और स्वंय रोजगार अलग-अलग रूपों में काम कर रहीं महिलाओं को उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। हर चुनाव क्षेत्र में, गांवों या शहरी इलाकों की 100 महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। इस कैंपेन को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिस के तहत पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पोर्टल के ज़रिए 28 हजार से ज़्यादा नॉमिनेशन मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में नॉमिनेशन उद्यमशीलता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के उनके पक्के इरादे को उजागर करती है। अब तक, चुनाव क्षेत्र स्तर पर सम्मान समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं, जहां स्थानीय प्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों की मौजूदगी में महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद ज़िला और राज्य स्तर के कार्यक्रम होंगे, जिनमें छोटे व्यापार, घरेलू उद्योगों, कृषि से जुड़े काम और अलग-अलग सर्विस सेक्टर में अपनी पहचान बनाने वाली महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया जाएगा। इस प्रोग्राम के तहत अवॉर्ड देने की प्रक्रिया कई पड़ावों में चलाई जा रही है। चुनाव क्षेत्र लेवल पर लगभग 11,700 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया है। इनमें से 23 जिलों में 2,300 महिलाओं को जिला लेवल पर पहचान के लिए चुना जाएगा, जहां हर जिले से 100 महिलाओं को उनके शानदार योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। प्रोग्राम का अंतिम पड़ाव 18 मार्च को राज्य स्तरीय समारोह में होगा, जहां पंजाब भर की टॉप 100 महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री भगवंत मान सम्मानित करेंगे। इन चुनी गई हर महिला को उनकी एंटरप्रेन्योरशिप की उपलब्धियों के लिए 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पंजाब सरकार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सिर्फ़ 8 मार्च को एक दिन के समरोह के तौर पर नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण को समर्पित महीने भर चलने वाले जश्न के तौर पर मना रही है। महिला उद्यमी सम्मान जैसी पहलों के ज़रिए, सरकार का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को उद्यमशीलता के क्षेत्र में आने और अपने समुदायों में आर्थिक बदलाव की लीडर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य की अर्थव्यवस्था में महिलाओं के योगदान को पहचानने और हज़ारों अन्य लोगों को आत्मनिर्भरता और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए इस कदम की हर तरफ तारीफ हो रही है।

सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए अायोजित किया जा रहा कार्यक्रम

मिशन शक्ति 5.0  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद के पहले दिन 45 से अधिक महिलाओं ने साझा की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश से खिले चेहरे  सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए अायोजित किया जा रहा कार्यक्रम जनसुनवाई कार्यक्रम का मंडल मुख्यालय में 6 अक्टूबर को किया गया शुभारंभ, महिला अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं – मौके पर ही चार महिलाओं की समस्या का किया गया निस्तारण, तुरंत समस्या के निस्तारण से गदगद नजर आईं शिकायतकर्ता  – मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान किया तलब, तत्काल समस्या के निस्तारण के दिये निर्देश  – विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के लिए व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र  – मंडलायुक्त बोले, व्हाट्सएप पर भेजे गये सभी प्रार्थना पत्र को अधिकारी गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करें  लखनऊ/गोंडा  योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में साेमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”, संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंडल के चार जिलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) से आईं 45 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्या साझा की। मंडलायुक्त ने महिलाओं की समस्या सुनने के साथ कई मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिये। इतना ही नहीं अधिकारी महिलाओं की समस्या के निस्तारण के लिए खुद उनके द्वार पर जाएंगे क्योंकि कार्यक्रम में कई महिलाएं ऐसी आईं, जो अपनी समस्या की बेसिक चीजें बताने में असमर्थ थीं। संवाद कार्यक्रम में चार महिलाओं की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं।  मंडलायुक्त ने संवाद कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर फूड को किया तलब देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मंडल की विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर सोमवार को “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 6 अक्टूबर सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें मंडल के चार जिलों क्रमश: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती से 45 से अधिक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विस्तार से अपनी समस्याओं को बताया। इसमें भूमि विवाद, चकरोड मार्ग, राशन कार्ड, आवास समेत अन्य विभागीय मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रूप से सामने आए। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर जल्द से जल्द किया जाए। मंडलायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं काे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर फूड विजय प्रभा को तत्काल आफिस बुलाया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर फूड को निर्देशित किया कि राशन कार्ड से संबधित समस्याओं को दो से तीन दिन के अंदर निस्तारित करें और उन्हे सूचित करें।  महिला अधिकारियों को अपने बीच पा गदगद नजर आईं महिलाएं  महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई थी। यह डेस्क उन महिलाओं के लिए सहायक साबित हुई जो स्वयं प्रार्थना पत्र लिखने में असमर्थ थीं। हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को सुनकर उचित प्रारूप में आवेदन तैयार कराया और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पहल से महिलाओं को बड़ी राहत मिली और वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकीं। जनसुनवाई में नाजरीन, लक्ष्मी देवी, पूनम, सीमा, चंदा देवी, काजल, विनीता, राजकुमारी, मोनिका और उमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखकर त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई। महिला अधिकारी अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने जनसुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं भरोसेमंद बनाया। मंडलायुक्त के आदेश पर समस्या के निस्तारण को व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कई अधिकारियों को फोन पर ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे महिलाओं में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।  विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच मिल गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों के अधिकारियों के व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजे गये ताकि मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। इतना ही नहीं महिलाओं को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 को लेकर अपने सुझाव भी दिये।    

सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए आयोजित किया जा रहा कार्यक्रम

– मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान किया तलब, तत्काल समस्या के निस्तारण के दिये निर्देश – विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के लिए व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र – मंडलायुक्त बोले, व्हाट्सएप पर भेजे गये सभी प्रार्थना पत्र को अधिकारी गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करें लखनऊ/गोंडा, योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में साेमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”, संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंडल के चार जिलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) से आईं 45 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्या साझा की। मंडलायुक्त ने महिलाओं की समस्या सुनने के साथ कई मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिये। इतना ही नहीं अधिकारी महिलाओं की समस्या के निस्तारण के लिए खुद उनके द्वार पर जाएंगे क्योंकि कार्यक्रम में कई महिलाएं ऐसी आईं, जो अपनी समस्या की बेसिक चीजें बताने में असमर्थ थीं। संवाद कार्यक्रम में चार महिलाओं की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं। मंडलायुक्त ने संवाद कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर फूड को किया तलब देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मंडल की विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर सोमवार को “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 6 अक्टूबर सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें मंडल के चार जिलों क्रमश: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती से 45 से अधिक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विस्तार से अपनी समस्याओं को बताया। इसमें भूमि विवाद, चकरोड मार्ग, राशन कार्ड, आवास समेत अन्य विभागीय मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रूप से सामने आए। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर जल्द से जल्द किया जाए। मंडलायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं काे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर फूड विजय प्रभा को तत्काल आफिस बुलाया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर फूड को निर्देशित किया कि राशन कार्ड से संबधित समस्याओं को दो से तीन दिन के अंदर निस्तारित करें और उन्हे सूचित करें। महिला अधिकारियों को अपने बीच पा गदगद नजर आईं महिलाएं महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई थी। यह डेस्क उन महिलाओं के लिए सहायक साबित हुई जो स्वयं प्रार्थना पत्र लिखने में असमर्थ थीं। हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को सुनकर उचित प्रारूप में आवेदन तैयार कराया और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पहल से महिलाओं को बड़ी राहत मिली और वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकीं। जनसुनवाई में नाजरीन, लक्ष्मी देवी, पूनम, सीमा, चंदा देवी, काजल, विनीता, राजकुमारी, मोनिका और उमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखकर त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई। महिला अधिकारी अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने जनसुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं भरोसेमंद बनाया। मंडलायुक्त के आदेश पर समस्या के निस्तारण को व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कई अधिकारियों को फोन पर ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे महिलाओं में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।  विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच मिल गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों के अधिकारियों के व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजे गये ताकि मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। इतना ही नहीं महिलाओं को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 को लेकर अपने सुझाव भी दिये।

सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ

मिशन शक्ति – 5  योगी सरकार के मिशन शक्ति से महिलाओं के सशक्तिकरण को मिल रही नई राह सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ मिशन के तहत महिलाओं की शिक्षा और जागरूकता पर दिया जाएगा विशेष बल स्वास्थ्य और रोजगार से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी आत्मरक्षा और जीवन कौशल प्रशिक्षण होंगे आयोजित प्रत्येक जिले में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को दी जाएगी सर्वोच्च प्राथमिकता लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति का पांचवां चरण 22 सितंबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगा। इस एक महीने तक चलने वाले अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। इस चरण में सबसे ज्यादा फोकस महिला सुरक्षा पर है। सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर, महिला थाने और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पिंक बूथ और पेट्रोलिंग स्क्वॉड को और अधिक सशक्त किया जा रहा है, ताकि महिलाएं निर्भीक होकर समाज में अपनी भूमिका निभा सकें। मिशन शक्ति का पांचवां चरण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई दिशा तय कर रहा है। यह चरण उन्हें सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूती दे रहा है। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित, सशक्त और अवसरों से भरपूर राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।  शिक्षा से खुलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी पद्मजा चौहान ने बताया कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण में शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे मजबूत हथियार माना गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं और डिजिटल शिक्षा कार्यक्रमों को और विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि शिक्षा ही महिलाओं को समान अवसर और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर सकती है। मिशन शक्ति के तहत चलने वाले ये कार्यक्रम न केवल महिलाओं को ज्ञान देंगे, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से भी जोड़ेंगे। स्वास्थ्य और रोजगार पर दोहरा फोकस महिला स्वास्थ्य को लेकर इस चरण में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वच्छता, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित वर्कशॉप और हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने पर जोर है। इसके साथ ही, महिला उद्यमिता और स्वरोजगार योजनाओं को गति दी जा रही है। छोटे उद्योग, स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के लिए सरकार वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होकर परिवार और समाज में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास और सुरक्षा मिशन शक्ति के पांचवे चरण में आत्मरक्षा, जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों पर आयोजित इन कार्यशालाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। आत्मरक्षा के विशेष प्रशिक्षण से महिलाएं खुद को और दूसरों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हो रही हैं। जीवन कौशल कार्यक्रम उन्हें वित्तीय प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी निर्णय और सामाजिक दायित्वों में सक्रिय बनाएंगे। कानूनी सुरक्षा और अपराध पर सख्त कार्रवाई नोडल अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानूनी कदम भी इस चरण में शामिल हैं। प्रत्येक जिले में विशेष निगरानी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स को सक्रिय किया गया है ताकि अपराधियों को त्वरित सजा मिल सके। पुलिस प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि महिला संबंधित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण की ओर ठोस कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के चार स्तंभों पर आधारित यह पहल उत्तर प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का ठोस प्रयास साबित हो रही है।