samacharsecretary.com

Humanity Story: कैथल के शिक्षक ने पेश की मिसाल, मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

कैथल.

जिला शिक्षा विभाग की तरफ से ईंट-भट्ठों पर रहने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले में 94 ईंट-भट्ठों के करीब 2000 बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बलवंती के प्राचार्य व स्टाफ ने सराहनीय पहल करते हुए ईंट-भट्ठे के 32 बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया। विद्यालय के प्राचार्य मामचंद ने बताया कि विभागीय आदेशों के तहत और स्टाफ की सामूहिक इच्छा से लगातार चार दिन तक ईंट-भट्ठों पर जाकर सर्वे किया गया। इस दौरान अभिभावकों को विश्वास दिलाया गया कि उनके बच्चों को स्कूल में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। शिक्षकों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्कूल से जोड़ने का संकल्प लिया। प्रवेश उत्सव के दौरान स्कूल में बाल वाटिका से कक्षा सातवीं तक दाखिले के दौरान बच्चों का विशेष स्वागत किया गया। प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई
बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई गई और खेल सामग्री वितरित की गई। कुछ बच्चों के बाल कटवाए गए और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा शिक्षकों ने अपनी निजी धनराशि से बच्चों को वर्दी, जूते, किताबें और पेन उपलब्ध करवाए। विद्यालय स्टाफ ने बच्चों को रोजाना स्कूल लाने के लिए अपने निजी वाहनों का भी उपयोग किया। दोपहर में सभी बच्चों को भोजन कराया गया और अन्य विद्यार्थियों के साथ खेल गतिविधियों में शामिल किया गया। करीब 28 बच्चों को वर्दी वितरित की गई, जबकि शेष बच्चों को भी जल्द वर्दी देने का आश्वासन दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा हैं।

इस तरह से चली विभाग की कार्यवाही

  • ईंट भट्ठा क्षेत्र से 32 बच्चों का दाखिला
  • 10 बच्चों की बाल कटिंग, सभी को दोपहर का भोजन
  • डिजिटल रूम में शैक्षणिक फिल्म, तालियों से स्वागत
  • 28 बच्चों को वर्दी वितरण, खेल सामग्री व स्टेशनरी दी गई
  • 4 बच्चों की नाप लेकर सोमवार को वर्दी देने का वादा
  • 20 और बच्चों के आने की उम्मीद

डीपीसी राजेंद्र आजाद ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर ईंट-भट्ठों पर रहने वाले बच्चों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्कूलों में दाखिला दिलाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न भट्ठों पर बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जा रहे हैं।

ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जगमिंदर सिंह, शिशपाल शर्मा, राजीव शर्मा, राजेश पंचाल, बलराज सिंह, कुसुम लता, रिम्पी देवी, संदीप, धर्मवीर, ओम प्रकाश, अंजू अरोड़ा, कविता देवी, सीतल देवी, सतनारायण, रमेश कुमार, सतीश कुमार, रवि व करमवीर मौजूद रहे।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here