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21 अप्रैल का राशिफल: शुभ दिन की शुरुआत कुछ राशियों के लिए, कुछ को मिल सकती हैं नई मुश्किलें

मेष 21 अप्रैल का दिन आपके लिए थोड़ा एक्टिव रहेगा। ऐसे में काम की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आप सब कुछ संभाल लेंगे। किसी जरूरी काम में जल्दबाजी ना करें। पैसों से जुड़ा फैसला सोच-समझकर लें। परिवार के साथ समय बिताने से मन अच्छा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें और पर्याप्त नींद लें। अपनी स्क्रीन टाइमिंग थोड़ी कम करें। वृषभ 21 अप्रैल के दिन आप जितना शांत होंगे उतना अच्छा होगा। कुछ चीजें धीरे-धीरे ही ठीक होंगी। पैसों के मामले में रिस्क लेने से बचें। किसी करीबी से सलाह लेने पर फायदा हो सकता है। रिश्तों में मिठास बनाए रखने के लिए बातचीत जरूरी है। शाम के वक्त आज रिलैक्स करें और किसी भी बात की टेंशन ना ही लें। मिथुन 21 अप्रैल के दिन आज आपके कुछ नए प्लान बन सकते हैं। काम में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। दोस्तों या सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। खर्चा थोड़ा बढ़ सकता है। ऐसे में आज आप बजट का ध्यान रखें। दिन के अंत में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। पॉजिटिव बने रहेंगे तो सारे काम धीरे-धीरे पूरे होते जाएंगे। कर्क 21 अप्रैल के दिन आपको परिवार से जुड़ा कोई काम करना पड़ सकता है। भावुक होने के बजाय प्रैक्टिकल सोचें। काम पर फोकस करेंगे तो चीजें आसान रहेंगी। ओवरथिंकिंग ना करें। पैसों के मामले में बैलेंस बनाए रखें। शाम को किसी अपने से बात करके मन हल्का होगा। सिंह 21 अप्रैल के दिन आपका कॉन्फिडेंस अच्छा रहेगा। ऑफिस या काम में आपकी कोशिशों की तारीफ हो सकती है। गुस्से पर कंट्रोल रखना जरूरी है। जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें। शाम का समय अपने लिए निकालें और थोड़ा आराम करें। नींद का समय निर्धारित करें। बाहरी खाना ना खाएं। कन्या 21 अप्रैल के दिन काम का प्रेशर थोड़ा ज्यादा लग सकता है लेकिन आप संभाल लेंगे। धीरे-धीरे रिजल्ट मिलते दिखेंगे। पैसों की स्थिति ठीक ही रहेगी। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। हेल्दी रूटीन फॉलो करें। तुला 21 अप्रैल का दिन आपके लिए सामान्य ही रहेगा। रोजमर्रा के काम आसानी से पूरे होंगे। सेहत को नजरअंदाज ना करें। ज्यादा सोचने से बचें। घर का माहौल अच्छा बनाए रखने की कोशिश करें। हल्का और हेल्दी खाना आपके लिए बेहतर रहेगा। रुटीन में एक्सरसाइज शामिल करें। वृश्चिक 21 अप्रैल के दिन आपको थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। बेवजह की चिंता करने से बचें। परिवार का सपोर्ट मिलेगा। कोई फैसला सोच-समझकर लें। खुद को रिलैक्स रखने के लिए थोड़ा समय निकालें। शाम में कहीं बाहर घूमने निकल जाएं। धनु 21 अप्रैल के दिन किसी जरूरी काम में आपको ग्रोथ नजर आएगी। परिवार या पार्टनर का सपोर्ट मिलेगा। पैसों से जुड़ा फैसला सोच-समझकर लें। नए लोगों से बातचीत आपके लिए फायदेमंद रह सकती है। पॉजिटिव सोच बनाए रखें और ज्यादा ना सोचें। खानपान का ध्यान रखें। मकर 21 अप्रैल के दिन आपको थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है। काम में धीरे-धीरे सुधार आएगा। किसी बात पर बहस करने से बचें। पैसों के मामले में सावधानी रखें। शाम तक स्थिति बेहतर लग सकती है। आसपास कहीं घूमने जाने का प्लान बन सकता है। ऑयली फूड से बचें। कुंभ 21 अप्रैल के दिन आपको कुछ नया सीखने का मौका मिल सकता है। काम में ध्यान बनाए रखें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। खर्चों पर कंट्रोल रखें। ट्रैवल या किसी प्लानिंग के बारे में सोच सकते हैं। मीन 21 अप्रैल का दिन क्रिएटिव काम के लिए अच्छा रहेगा। कोई नया आइडिया काम आ सकता है। दोस्तों से बातचीत करके अच्छा महसूस होगा। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी। आज बाहर का ज्यादा खाने से बचें। रोज योगाभ्यास करना शुरू कर दें।  

जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य

विभिन्न जिलों से मिल रहे है सकारात्मक परिणाम जल प्रबंधन से कृषि, पर्यावरण एवं आजीविका में आया उल्लेखनीय सुधार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। अभियान के तहत जल स्रोतों के पुनर्जीवन और नई जल संरचनाओं के निर्माण को गति मिली है। जनभागीदारी से जल प्रबंधन सशक्त हुआ है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के विभिन्न जिलों में जल उपलब्धता में वृद्धि हुई है, कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है और जैव विविधता को संरक्षण मिला है। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ हुई है और लोगों की आजीविका में सकारात्मक परिवर्तन आया है। छिंदवाड़ा: पालाचौरई में तालाब निर्माण से बढ़ी कृषि उत्पादकता छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड जुन्नारदेव का ग्राम पालाचौरई हरियाली और समृद्धि की मिसाल बनकर उभरा है। अभियान में ग्राम में जल संरचनाओं के निर्माण और पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन को प्राथमिकता दी गई। मत्स्य पालन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से आधा एकड़ से लेकर ढाई एकड़ तक के तालाबों का निर्माण किया गया, जिससे वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। जल स्तर में वृद्धि का सीधा लाभ कृषि क्षेत्र को मिला है। पूर्व में वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसान अब सिंचित खेती कर रहे हैं। वर्तमान में किसान 3 फसलें लेकर उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि कर रहे हैं। रबी सीजन में गेहूं, चना, मसूर, सरसों, मटर का उत्पादन बढ़ा है। जायद सीजन में मूंग एवं उड़द की खेती भी संभव हो पाई है। इसके अतिरिक्त किसानों ने मछली पालन, मोती उत्पादन एवं सिंघाड़ा जैसी गतिविधियों से आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित किए हैं। ग्राम की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, पलायन में कमी आई है और युवा कृषि से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। ग्वालियर: पृथ्वी ताल पुनर्जीवन से हुआ पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास ग्वालियर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ऐतिहासिक पृथ्वी ताल का कायाकल्प किया गया है। इसे आधुनिक, उपयोगी और आकर्षक जलाशय के रूप में विकसित किया गया है। लगभग 7.27 हैक्टेयर में फैला यह तालाब पहले गाद, जलकुंभी और अतिक्रमण से प्रभावित था। इसकी उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई थी। अब यह पुनर्जीवित होकर जल संरक्षण का प्रभावी केंद्र बन गया है। अभियान के तहत व्यापक स्तर पर गाद निकासी, गहरीकरण और सफाई कार्य किए गए, जिससे जल संग्रहण क्षमता बढ़ी। निकाली गई उपजाऊ मिट्टी का उपयोग आसपास के खेतों में किया गया,जिससे कृषि को भी लाभ मिला। सौंदर्यीकरण कार्यों के बाद यह स्थल अब नागरिकों के लिए प्रमुख पिकनिक स्पॉट और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि जैव विविधता का पुनरुद्धार है। वर्तमान में 120 से अधिक देशी-विदेशी पक्षियों की प्रजातियां यहां निवास कर रही हैं। कछुए और अन्य जलीय जीव भी यहां पाए जा रहे हैं,जिससे यह क्षेत्र एक जीवंत पारिस्थितिक तंत्र के रूप में विकसित हुआ है। मंदसौर: थडोद की ऐतिहासिक बावड़ी के पुनरुद्धार से मिला स्थायी जल स्रोत मंदसौर जिले के ग्राम थडोद में प्राचीन हजरत गालिब की बावड़ी का पुनर्जीवन एक प्रेरणादायक उपलब्धि के रूप में सामने आया है। वर्षों से उपेक्षित यह बावड़ी गंदगी, मलबे और अव्यवस्था के कारण अनुपयोगी हो गई थी। अभियान में प्रशासन और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से इस बावड़ी का व्यापक जीर्णोद्धार किया गया। श्रमदान कर मलबा हटाया गया, जल स्रोत की सफाई की गई और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया। इससे यह बावड़ी पुनः स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोगी जल स्रोत के रूप में स्थापित हुई है। अभियान से न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण हुआ है, बल्कि ग्रामवासियों को एक स्थायी जल स्रोत भी उपलब्ध हुआ है। भू-जल स्तर में सुधार की संभावनाएं बढ़ी हैं और यह प्रयास अन्य ग्रामों के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है। सतत विकास की दिशा में प्रभावी पहल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे प्रयास जल संसाधनों के संरक्षण और उपयोग में ठोस परिवर्तन ला रहे हैं। छिंदवाड़ा, ग्वालियर और मंदसौर के उदाहरण यह दर्शाते हैं कि योजनाबद्ध क्रियान्वयन और जनसहभागिता से स्थानीय स्तर पर स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। यह पहल वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है और प्रदेश में संतुलित एवं दीर्घकालिक विकास को गति दे रही है।  

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में ऊर्जा विभाग बना नबंर-1 : ऊर्जा मंत्री तोमर

आमजनों के प्रति संवेदनशील ऊर्जा विभाग भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण की स्थिति के आधार पर जारी ग्रेडिंग में ऊर्जा विभाग को प्रथम स्थान हासिल हुआ है।  एक मार्च से 31 मार्च की जारी ग्रेडिंग (20 अप्रैल 2026 की स्थिति में) में शिकायतों के निराकरण में ऊर्जा विभाग नम्बर-1 है। दूसरे नम्बर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग है। इस ग्रेडिंग से सिद्ध होता है कि ऊर्जा विभाग की आमजनों के बीच लगातार संवेदनशील छवि बनी हुई है। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऊर्जा विभाग से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये एल-1 अधिकारी के रूप में कनिष्ठ अभियंता/सहायक अभियंता, एल-2 अधिकारी के रूप में कार्यपालन अभियंता, एल-3 अधिकारी के रूप में अधीक्षण अभियंता एवं एल-4 अधिकारी के रूप में मुख्य अभियंता सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज हैं और उक्त सभी अधिकारियों द्वारा आमजन की शिकायतों का संवेदनापूर्वक निराकरण किया जाता है। प्रत्येक स्तर पर शिकायत के निराकरण के लिये 7 दिन का समय निर्धारित किया गया है। शिकायतों के निराकरण के बाद सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर द्वारा शिकायतकर्ता से दूरभाष पर निराकरण के संबंध में संतोषजनक जवाब प्राप्त करने के बाद ही शिकायतों को बंद किया जाता है। राज्य शासन द्वारा नागरिकों को दी जा रही विभिन्न सेवाओं के संबंध में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की पुख्ता व्यवस्था के लिये लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का निर्माण वर्ष 2014 में किया गया है। इस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को विभाग के संबंधित अधिकारियों को अग्रेषित किया जाता है।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

विगत एक सप्‍ताह में 2 करोड़ 29 लाख से अधिक के मादक पदार्थ एवं वाहन जब्त भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान विभिन्‍न जिलों की पुलिस टीमों ने विगत एक सप्‍ताह में 2 करोड़ 29 लाख रूपए के मादक पदार्थ व तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नीमच: पुलिस थाना जीरन ने एक ट्रक में परिवहन किया जा रहा 06 क्विंटल 10 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त कर लगभग 1 करोड़ रूपए से अधिक का डोडाचूरा एवं ट्रक जब्‍त किया है। मंदसौर: पुलिस थाना नाहरगढ़ ने अवैध मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्रवाई कर 01 क्विंटल डोडाचूरा सहित 28 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं थाना शामगढ़ पुलिस ने 63 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा (कीमत 1 लाख 26 हजार रुपये) और तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल सहित 1 लाख 76 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। भिंड: थाना देहात पुलिस ने गांजे के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 138 किलो गांजा बरामद किया है। इस कार्यवाही में 2 तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 28 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। शहडोल: थाना जैतपुर पुलिस ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन से उड़ीसा से लाया गया लगभग 200 किलो गांजा के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में जयसिंहनगर पुलिस ने बस स्टैंड पर कार्रवाई कर 12.98 ग्राम अवैध स्मैक (हेरोइन) (कीमत लगभग 30 हजार रुपये) के साथ महिला सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबलपुर: क्राइम ब्रांच एवं सिहोरा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में गांजे के कारोबार में लिप्त 3 महिलाओं सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 26 किलो 978 ग्राम गांजा सहित 13 लाख 48 हजार 900 रुपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में तिलवारा पुलिस ने मादक पदार्थ गांजा के कारोबार में लिप्त 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 09 किलो 781 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत 04 लाख 89 हजार रुपये है। इंदौर: क्राइम ब्रांच इंदौर ने मादक पदार्थों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 121 ग्राम अवैध "MD" ड्रग्स जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 12 लाख 10 हजार रूपए है। शिवपुरी: थाना करैरा पुलिस ने दो अलग-अलग कार्यवाहियों में 37.93 ग्राम स्‍मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 लाख 70 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। ग्वालियर: थाना डबरा क्षेत्र के टेकनपुर से 9.58 किलो अवैध गांजा (1 लाख रुपये) के साथ 1 तस्कर को गिरफ्तार किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में क्राइम ब्रांच व थाना जनकगंज की संयुक्त टीम ने 5 स्मैक तस्करों को पकड़कर उनके पास से 35.42 ग्राम स्मैक, एक मारुति स्विफ्ट कार व मोबाइल सहित लगभग 4 लाख 15 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की है। आगर मालवा: थाना बड़ौद पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 41.12 ग्राम अवैध एमडी (MD) ड्रग्स और मोबाइल जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्‍त संपत्ति की कीमत लगभग 4 लाख 20 हजार रूपए है। भोपाल: थाना अयोध्या नगर पुलिस ने उड़ीसा से गांजा लाकर स्कूल, कॉलेज और स्लम एरिया में तस्‍करी करने वाले गिरोह को पकड़ा है। इस कार्यवाही में 2 युवतियों सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 6.285 किलोग्राम गांजा और मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। गुना: थाना धरनावदा पुलिस ने 9.941 किलोग्राम गांजे (कीमत 1 लाख 20 हजार रूपए) के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। नर्मदापुरम: जिले की पिपरिया पुलिस ने ग्राम उंटिया किशोर में गांजे की खेती करने वाले आरोपी को 10 किलो 700 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 हजार रुपये है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुरैना में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना के निवास पहुंचकर उनकी नातिनी आयुष्मति दीपिका (पुत्री स्वर्गीय भूरा सिंह कंषाना) एवं आयुष्मान यतेन्द्र (पुत्र राव राजेश्वर सिंह, निवासी सिरसौद दयेली, ग्वालियर) को विवाह अवसर पर आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवदंपति को शुभाशीष देते हुए उन्हें उपहार भी भेंट किए और उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद शिव मंगल सिंह तोमर, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी सहित जनप्रतिनिधि एवं परिजन उपस्थित थे।  

पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से प्रदेश में जल संरक्षण को मिली नई गति राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुंचा मध्यप्रदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा रहा है। पानी बचाना बेहद जरूरी है। यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियां प्रकृति के इस अनमोल वरदान से कभी भी कमी महसूस नहीं करें। इसके लिए हमें अपने वर्तमान जल स्रोतों के साथ सूख चुके जल स्रोतों को संरक्षित करना ही होगा। उन्होंने कहा कि पानी बचाने के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। सरकार और समाज के साझा प्रयासों से हो रहे इस अभियान में बीते एक माह में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है। प्रदेश में संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ ने अल्प समय में ही उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विगत 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हुआ यह अभियान जल संरक्षण, जल संरचनाओं के संवर्धन और जनभागीदारी का एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है। इस अभियान के प्रभाव से ही मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग सुधारकर अब तीसरे स्थान पर आ गया है। अभियान से पहले मध्यप्रदेश नेशनल रैंकिंग में छठवें स्थान पर था। राज्य सरकार द्वारा आगामी 30 जून तक चलाए जा रहे इस अभियान में 16 विभागों की 58 गतिविधियां नियत की गई हैं। इसके लिए लगभग 6 हजार 278 करोड़ रुपये का वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है। इस अभियान में कुल 2 लाख 44 हजार से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों को चिन्हित कर लगभग 6 हजार 236 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभियान की मॉनिटरिंग एकीकृत डैश बोर्ड से आयुक्त, मनरेगा ने बताया कि अभियान की एक ही प्लेटफार्म पर नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक एकीकृत डैश बोर्ड तैयार किया गया है, जिससे सभी विभाग अपनी-अपनी विभागीय गतिविधियों की प्रगति दर्ज कर रहे हैं। इस डैश बोर्ड से जिलेवार रैंकिंग भी सुनिश्चित की जा रही है। इस डैश बोर्ड से प्रशासनिक एवं विभागीय पारदर्शिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अभियान अंतर्गत 39 हज़ार 977 खेत तालाबों का निर्माण, 59 हज़ार 577 कूप-रीचार्ज संरचनाओं तथा 21 हज़ार 950 से अधिक पहले से निर्मित जल संरचनाओं को पुनर्जीवित भी किया गया है। इसके साथ ही अमृत सरोवरों के निर्माण और उनके उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण नगरीय क्षेत्रों में भी जल संरक्षण को लेकर व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा तालाब, कुएं और पुरानी बावड़ियों के संवर्धन, नालों की सफाई और सौंदर्यीकरण तथा रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त तेज़ गर्मी को देखते हुए नगरीय निकायों द्वारा विभिन्न स्थानों पर प्याऊ की स्थापना भी की गई है। म.प्र. जन अभियान परिषद चला रही जनजागरूकता गतिविधियाँ म.प्र. जन अभियान परिषद के माध्यम से राज्य में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 5 लाख 25 हजार से अधिक व्यक्तियों की सक्रिय सहभागिता दर्ज की गई। साथ ही प्रदेश के विभिन्न विकासखंडों में 2 हज़ार 682 जल मंदिर (प्याऊ) स्थापित किए गए हैं। स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी इस अभियान में व्यापक तौर पर भागीदारी की जा रही है। राज्य के हजारों विद्यालयों में जल रैलियां, निबंध, पोस्टर प्रतियोगिताएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों और अभिभावकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है। तकनीकी नवाचार अंतर्गत वॉटरशेड विकास कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑनलाइन स्वीकृति और मोबाइल ऐप आधारित ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासनिक पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो रही है। वन और पर्यावरण विभाग द्वारा भी जल संरक्षण के साथ पारिस्थितिकीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न फील्ड गतिविधियां की जा रही हैं। नदियों के जल की गुणवत्ता का परीक्षण, जल संरचनाओं का निर्माण तथा पौधरोपण की तैयारी जैसे कार्य इसमें शामिल किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा सतत् मॉनिटरिंग और नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। इससे धरातल पर मौजूद व्यावहारिक कमियों को दूर करने में भी मदद मिल रही है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से मध्यप्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम मिलने शुरू हो गए है। मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल देश के दूसरे राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनती जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रीवा में हुआ आत्मीय स्वागत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लखनऊ से विमान द्वारा रीवा एयरपोर्ट पहुंचे। रीवा एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया गया। रीवा एयरपोर्ट पर विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, कमिश्नर बीएस जामोद, आईजी गौरव राजपूत, डीआईजी हेमंत सिंह चौहान, प्रभारी कलेक्टर सपना त्रिपाठी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री रीवा में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा एयरपोर्ट से सुबह 10:05 बजे रीवा से तमिलनाडु के कोयंबटूर के लिए रवाना होंगे।  

मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का हो रहा है निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फिरोजिया ट्रॉफी विजेताओं के लिये अतिरिक्त पुरस्कार की घोषणा की फिरोजिया ट्रॉफी का फाइनल मैच देखा, खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। शासन का प्रयास है कि खिलाड़ियों को हर स्तर पर आधुनिक खेल संरचना, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। शासन के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाएं विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उज्जैन में भी विभिन्न खेल मैदानों में खेल व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उज्जैन के क्षीर सागर मैदान को भी नगर निगम और खेल विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को देर रात उज्जैन में फिरोजिया ट्रॉफी का फाइनल मैच देखा और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस अवसर पर फिरोजिया ट्रॉफी की विजेता टीम को रुपए 1 लाख और उप विजेता टीम को 51 हजार रुपए के अतिरिक्त नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। फिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से 19 अप्रैल तक उज्जैन के क्षीर सागर मैदान पर किया गया। फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच रोमांचक संघर्ष देखने को मिला, जिससे दर्शक अंत तक मैच का आनंद लेते रहे। सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फिरोजिया ट्रॉफी में प्रत्येक वर्ष पधारने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पर आभार व्यक्त किया। फिरोजिया ट्रॉफी सांसद श्री अनिल फिरोजिया के पिता स्व. भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में विगत 21 वर्षों से हर वर्ष आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रुपए 5 लाख 51 हजार है और द्वितीय पुरस्कार 2 लाख 51 हजार रुपये है। प्रतियोगिता में इस वर्ष नारी शक्ति वंदन की भावना को साकार करते हुए महिला क्रिकेट मैच और मातृशक्ति सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री रवि सोलंकी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।  

विज्ञान मंथन यात्रा से विद्यार्थियों की तीक्ष्ण होगी वैज्ञानिक दृष्टि

इसरो एवं सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के भ्रमण से मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान 375 विद्यार्थी एवं 27 शिक्षक चयनित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “विज्ञान मंथन यात्रा : 2025-26” के लिए चयनित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे विद्यार्थी भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा मिशन एक्सीलेंस अभियान के अंतर्गत “विज्ञान मंथन यात्रा 2025-26” का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ने तथा उनके ज्ञान-विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। यात्रा आज से प्रारंभ होकर 27 अप्रैल, 2026 तक संचालित की जाएगी। योजना में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थी तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थी शामिल हैं। इस भ्रमण कार्यक्रम के लिए वही विद्यार्थी पात्र हैं, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। इस वर्ष कुल 375 विद्यार्थियों एवं 27 शिक्षकों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों के साथ विज्ञान शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी यात्रा में शामिल हैं। यात्रा में विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु तथा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा सहित प्रमुख अनुसंधान संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। छात्र-छात्राएं चंद्रयान मिशन सहित विभिन्न उपकरणों के मॉडल एवं उनकी कार्य-प्रणाली को नजदीक से समझ सकेंगे। साथ ही, वे उन वैज्ञानिकों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  

मध्य प्रदेश के जंगलों में आग का तांडव, 60 स्थानों पर जल रही आग, अमरकंटक के बाद इन शहरों पर खतरा

भोपाल  भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही मध्य प्रदेश के जंगलों से डराने वाली खबरें आने लगी हैं। पिछले तीन सालों से मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में शीर्ष पर बना हुआ है जहां जंगल की आग ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक साल 2025-26 में मध्य प्रदेश 14,506 आग की घटनाओं के साथ देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पिछले साल राज्य इस मामले में नंबर-1 पर था। हर दिन 60 जगह धधक रही है आग मध्य प्रदेश में औसतन हर दिन 60 जगहों पर आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। पिछले हफ्ते अमरकंटक के जंगलों में लगी भीषण आग ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी थी। वन विभाग ने देवास, सीहोर, रायसेन, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह और कटनी के पास के जंगलों को अति संवेदनशील घोषित किया है। फॉरेस्ट विभाग का पराली वाला तर्क हैरानी की बात यह है कि एमपी फॉरेस्ट विभाग इन आंकड़ों के पीछे एक तकनीकी थ्योरी दे रहा है। अधिकारियों का दावा है कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (FSI), देहरादून के सैटेलाइट खेतों में जलने वाली पराली और जंगल की आग में अंतर नहीं कर पाते। चूंकि मध्य प्रदेश पराली जलाने के मामले में भी देश में टॉप पर है, इसलिए खेत की आग को अक्सर जंगल की आग मान लिया जाता है, जिससे राज्य की रैंकिंग खराब हो रही है। बचाव के लिए क्या हो रहा है काम? विभाग का कहना है कि वे सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए कर रहे हैं। ग्राउंड स्टाफ को तुरंत सूचना भेजी जाती है ताकि वे मौके पर पहुंच सकें। इसके अलावा:करीब 1 लाख किलोमीटर लंबी फायर लाइन (साफ की गई जमीन की पट्टियां) बनाई गई हैं।संवेदनशील इलाकों में विशेष वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।सैटेलाइट अलर्ट सीधे फॉरेस्ट गार्ड के मोबाइल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।