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हिंगलाज मंदिर में मना उत्सव, पाकिस्तान में 3 लाख हिंदू पहुंचे; जानिए मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

 बलूचिस्तान प्रांत  पाकिस्तान में तीन दिवसीय हिंगलाज माता उत्सव रविवार को संपन्न हो गया है। खबर है कि इस दौरान करीब 3 लाख हिंदू मंदिर पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि यह आंकड़ा बीते साल हुए उत्सव से करीब तीन गुना ज्यादा था। इस दौरान आयोजन स्थल पर भंडारा, चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था की गई थी। उत्सव के दौरान तीर्थयात्री सैकड़ों किमी की यात्रा कर मंदिर पहुंचते हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में इस महीने करीब 3 लाख हिंदू श्रद्धालु पहुंचे थे। जबकि, पूरे साल में यह आंकड़ा करीब 10 लाख है। मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं ने थारपरकर, उमरकोट और संहार समेत सिंध के कई इलाकों से लंबी यात्रा की थी। कहा जाता है कि इस यात्रा को पूरी करने में 20 दिनों का समय लग जाता है। हिंगलाज मंदिर का इतिहास पाकिस्तान में इस तीर्थस्थल को नानी का मंदिर भी कहा जाता है। यह 51 शक्ति पीठों में से एक हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यहां सती का सिर गिरा था। लयारी तहसील के पहाड़ी इलाके में स्थित यह मंदिर हिंगोल नदीं के पास एक गुफा में बना हुआ है। कराची से इसकी दूरी लगभग 250 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में है। यह इलाका हिंगोल नेशनल पार्क क्षेत्र में आता है। पूरे पाकिस्तान से आते हैं श्रद्धालु इस तीर्थ यात्रा को हिंगलाज यात्रा कहा जाता है, जिसमें पाकिस्तान के कई हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन यात्रा कर पहुंचते हैं। अप्रैल 2024 में एपी न्यूज से बातचीत में हिंगलाज माता मंदिर के पदाधिकारी वर्सीमल दीवानी ने बताया था कि इस त्योहार में सिर्फ पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू ही शामिल हो सकते हैं। तब उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से दुनिया के अन्य हिस्सों में हिंदुओं को वीजा देने की अपील भी की थी। हालांकि, कहा यह भी जा रहा है कि इस यात्रा में अन्य देशों से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे होती है पूजा हर साल अप्रैल में इस उत्सव का आयोजन होता है, जिसके तहत तीसरे दिन पुजारी मंत्रों का जाप करते हैं और देवताओं को भेंट स्वीकार करने के लिए बुलाते हैं। हर श्रद्धालु हिंगलाज माता मंदिर में 3 नारियल चढ़ाता है। एक ओर जहां कुछ श्रद्धालु पूरे 4 दिनों के उत्सव में शामिल रहते हैं। वहीं, कुछ पूजा कर लौट जाते हैं। कठिन है यात्रा सड़क मार्ग से कराची से हिंगलाज की दूरी तय करने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। कुछ तीर्थयात्री कार या बसों से पहुंचते हैं। जबकि, कुछ साइकिल से आते हैं। कहा जाता है कि पहले इस यात्रा को पूरा करने में करीब 150 किमी पैदल चलना होता था। तब श्रद्धालु रेगिस्तान से पास की सड़क तक का सफर तय कर मंदिर पहुंचते थे। हालांकि, अब मकरान कोस्टल हाईवे ने रास्ता आसान कर दिया है। इस साल का आयोजन डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर उत्सव के लिए बलूचिस्तान सरकार, प्रांत के आपदा प्रबंधक और जिला प्रशासन ने कई स्तरों पर तैयारियां की थीं। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के चलते मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए पाकिस्तान सेना, फ्रंटियर कोर, पुलिस और लेवी की टुकड़ियों को तैनात किया गया था।

SC जज ने उठाया बड़ा सवाल: लालची जजों को सिस्टम से बाहर करना क्यों है जरूरी?

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने हाल ही में एक कार्यक्रम में अदालत में जजों के आचरण को लेकर अहम बातें कही हैं। शनिवार को न्यायपालिका में ईमानदारी के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जो जज लालच का शिकार हो जाते हैं, उनका सिस्टम में कोई स्थान नहीं है और उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद आज ज्यूडिशियरी में शामिल अधिकारियों को बहुत अच्छा वेतन और सेवा शर्तें मिल रही हैं, इसलिए किसी भी तरह का अनैतिक आचरण अपनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर कोई जज लालच में आ जाता है, तो उसे सिस्टम से ही हटा दिया जाना चाहिए।” प्रलोभन से बचना चाहिए- SC जज SC जज ने आगे कहा कि एक जज को अपने वैध वेतन में खुश रहना चाहिए और किसी भी तरह के प्रलोभन से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा न कर पाना न्याय प्रणाली की बुनियाद को कमजोर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक स्वतंत्रता केवल बाहरी दबावों से मुक्त होने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आंतरिक अनुशासन और ईमानदारी बनाए रखना भी शामिल है। जस्टिस नागरत्ना ने फैसले लेने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि एक भी गलत फैसला न्यायपालिका पर जनता का भरोसा कमजोर कर सकता है। उन्होंने अदालतों के प्रशासनिक कामकाज में भी पारदर्शिता और निष्पक्षता की जरूरत पर जोर दिया, खासकर जिला न्यायपालिका में। वहीं उन्होंने हाईकोर्ट से अपील की है कि वे अधिकारियों के लिए सहयोगी वातावरण बनाने की कोशिश करें। AI के खतरों पर भी बोलीं जस्टिस नागरत्ना इस दौरान ज्यूडिशियरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां वकीलों ने अदालत में एआई टूल्स से तैयार किए गए ऐसे कानून का हवाला दिया, जो थे ही नहीं। उन्होंने कहा है कि वकीलों को जिन फैसलों का वे हवाला देते हैं, उनकी सत्यता की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए।

Haryana Police Recruitment Update: प्रेग्नेंट कैंडिडेट्स को राहत नहीं, अब चश्मा पहनने वालों के लिए खुला मौका

चंडीगढ़. हरियाणा में साढ़े पांच हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। पुलिस कॉन्स्टेबल बनने के लिए 3.24 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। सोमवार से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शारीरिक मापदंड परीक्षा (पीएमटी) की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों में भर्ती के नियमों को लेकर कुछ संशय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने गूगल फार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों से सवाल पूछे हैं, जिनमें से कुछ ऐसे चुनींदा सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो समस्त अभ्यर्थियों को दिशा देने का काम करेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सिरसा की सुनीता व लक्ष्मी, भिवानी की मालती देवी, कुरुक्षेत्र की काजल, महेंद्रगढ़ की पिंकी और जींद की मीना के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड परीक्षा में किसी भी गर्भवती महिला को कोई छूट नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में केवल पीएसटी (फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट-शारीरिक जांच परीक्षा) में ही छूट दी जा सकती है। गर्भवती महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ एक अलग सार्वजनिक सूचना पीएसटी से पहले जारी कर दी जाएगी। पीएमटी में उम्मीदवार की लंबाई व छाती (पुरुषों के लिए) समेत विभिन्न शारीरिक मापदंड चेक किए जाते हैं। पीएसटी में उम्मीदवार की दौड़ और शारीरिक क्षमता (फिटनेस टेस्ट) लिया जाता है। पीएमटी की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी हो सकेगी, जबकि पीएसटी की प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े के भीतर किसी भी समय आरंभ हो सकती है। पीएसटी की विस्तृत समय सारणी जल्द होगी जारी रेवाड़ी की प्रियांशु यादव, नूंह के लक्षित व ओमप्रकाश, सोनीपत की एकता, कैथल के विशाल और चुलियाना के अक्षत ने कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से पूछा है कि क्या पीएमटी और पीएसटी एक साथ होंगे। यदि नहीं तो इनके बीच में कितने समय का अंतर होगा। क्या 85 दिनों की अवधि में पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इस सवाल के जवाब में हिम्मत सिंह ने बताया कि पीएमटी का नोटिस जारी किया जा चुका है। पीएसटी इसके बाद आयोजित होगा, जिसकी विस्तृत समय सारणी अलग से जारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि पीएमटी खत्म होने के बाद ही पीएसटी आरंभ होगा। पीएसटी की प्रक्रिया पीएमटी के चलते-चलते भी शुरू की जा सकेगी। एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र जरूरी नूंह के ओमप्रकाश, महेंद्रगढ़ की पूजा और जहांगीरपुर की रेणु ने सवाल पूछा है कि पीएमटी और पीएसटी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इस सवाल के जवाब में आयोग ने कहा है कि पीएमटी-पीएसटी का एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ लाने होंगे। इन दस्तावेजों के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दौड़ के दौरान नहीं मिलेगी स्टाप वाच, स्क्रीन लगेगी हिसार के सुनील, बोलन (हिसार) की दिक्षा, कापड़ो के प्रवीण, महेंद्रगढ़ के रविंद्र और बहादुरगढ़ के प्रदीप कुमार ने सवाल किया कि क्या दौड़ के दौरान स्टाप वाच उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जवाब में कर्मचारी चयन आयोग के चेयमरैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएसटी के दौरान समय रिकॉर्ड आरएफआईडी आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जो कि जर्मन की मशीनों से होगा। अलग से स्टॉप वाच उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी चयन आयोग डिस्पले स्क्रीन लगवाने की कोशिश कर रहा है, जिस पर दौड़ के समय को लाइव देखा जा सकेगा। कोई शिकायत है तो मौके पर मौजूद मिलेगी समिति नरवाना के दर्शन और रेवाड़ी के हरिपाल ने तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या होगा यानी पीएमटी मशीनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास क्या फार्मूला है। इस सवाल के जवाब में चेयरमैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर पूरी तकनीकी व्यवस्था रहेगी। किसी भी समस्या के लिए मौके पर शिकायत समिति मौजूद रहेगी, जिसके पास अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि कोई तकनीकी समस्या नहीं आने वाली है। मेडिकल प्रक्रिया में पास होना जरूरी नूंह के मोहम्मद कैफ और सोनीपत के सरोहा ने पूछा कि क्या चश्मा पहनने वाले अभ्यर्थी दौड़ में भाग ले सकते हैं। इस सवाल पर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएमटी-पीएसटी में चश्मे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु पुलिस के भर्ती नियमों के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा। यदि मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या आती है तो अलग बात है। पीएमटी-पीएसटी के लिए जारी हो चुके निर्देश रोहतक की प्रीति व नितेश, भिवानी के राहुल तंवर व कपिल, नरवाना के मनकीत, कालां के अंकित और हांसी के मनु ने पीएमटी-पीएसटी के लिए ऊंचाई एवं छाती की माप के संबंध में आयोग से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस पर आयोग ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश अलग से जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुरुष कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 170 सेंटीमीटर (आरक्षित 168) और छाती 83 से 87 सेंटीमीटर का प्रविधान है। महिला कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 158 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्ग के लिए 156 सेंटीमीटर है। अब उम्मीदवारों के लिए अगला फोकस पीएमटी पास कर पीएसटी की तैयारी करना है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरी की जाएगी। सिख अभ्यर्थियों के लिए धार्मिक मर्यादाओं का अनुपालन लंबाई, वजन और छाती के मापन से यदि कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होगा तो वह अपील काउंटर पर आवेदन कर दोबारा माप करा सकता है।अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने और विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। जीरकपुर से सुबह पांच बजे से 10 बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी अभ्यर्थी को एनर्जी बूस्टर का सेवन नहीं करना चाहिए। सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उनके मापन के लिए धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था और सिख कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

Weather Update: पंजाब में छाए बादल, गर्मी से मिली राहत, तापमान लुढ़का

पठानकोट. शहर में मौसम ने अचानक करवट ली है। दिनभर तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 18.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कल के मुकाबले अधिकतम तापमान में करीब 1.2 डिग्री की कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे और हवाएं चलने से वातावरण सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका प्रभाव पठानकोट और आसपास के इलाकों पर भी देखा जा रहा है। आने वाले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम के फिर से शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह तेज धूप के बाद दोपहर तक बादलों और सूरज के बीच आंख-मिचौली चलती रही। हल्की हवाओं के कारण लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन उमस बरकरार रही। गर्मी से बचने के लिए लोग दुपट्टे और कपड़ों से मुंह ढककर निकलते नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव ने फिलहाल लोगों को राहत दी है और अब सभी की नजरें संभावित बारिश पर टिकी हैं।

अलर्ट प्रशासन ने रोकी बाल विवाह की 2 घटनाएं, समय रहते समझाइश देकर टली बड़ी कार्रवाई

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. देश के कई राज्यों में अक्षय तृतीया के अवसर को विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसके चलते इस अवधि में बाल विवाह के मामले भी सामने आते हैं। इसी के मद्देनजर जिले में प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग की सतर्कता के चलते दो अलग-अलग मामलों में नाबालिगों के संभावित बाल विवाह को समय रहते रोक दिया गया। सूचना प्राप्त होते ही संबंधित टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दोनों विवाहों को रुकवा दिया। पहला मामला: सोन बचरवार पंचायत पहला मामला पेंड्रा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सोन बचरवार का है, जहां एक नाबालिग बालक की शादी की तैयारी चल रही थी। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना मिलने के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि बालक की उम्र 17 वर्ष 10 माह 14 दिन है, जो निर्धारित कानूनी आयु 21 वर्ष से कम है। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवाया। दूसरा मामला: गुम्मा टोला में कार्रवाई दूसरा मामला ग्राम पंचायत गुम्मा टोला का है, जहां थाना गौरेला क्षेत्र में एक अन्य नाबालिग के विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें बालक की उम्र 20 वर्ष 9 माह 7 दिन पाई गई, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित उम्र से कम है। इसके चलते इस विवाह को भी रोक दिया गया। परिजनों को दी गई समझाइश दोनों मामलों में टीम ने बालक-बालिका के माता-पिता और परिवारजनों को समझाइश दी तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही, भविष्य में बाल विवाह नहीं करने के लिए घोषणा पत्र और पंचनामा पर हस्ताक्षर भी कराए गए। टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, गौरेला पुलिस और पेंड्रा पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। प्रशासन की इस तत्परता से एक बार फिर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाने का संदेश गया है।

निदा खान को TCS ने किया सस्पेंड, नासिक कांड के बाद बड़ा कदम, अग्रिम जमानत पर आज फैसला

 नासिक नासिक के चर्चित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में निदा खान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. एक तरफ जहां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने उसे सस्पेंड कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ आज उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई होनी है. इस केस को लेकर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर हलचल तेज है. महिला आयोग की जांच भी जारी है और आज इस जांच का तीसरा दिन है. ऐसे में पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।  निदा खान को TCS ने 9 अप्रैल 2026 को जारी एक आधिकारिक पत्र के जरिए सस्पेंड कर दिया. कंपनी के मुताबिक, उनके खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके चलते वे फिलहाल न्यायिक या पुलिस हिरासत में हैं. कंपनी ने यह भी साफ किया कि ऐसी स्थिति में वह अपने काम की जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं हैं. इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।  सस्पेंशन ऑर्डर में साफ लिखा गया है कि निदा खान 27 दिसंबर 2021 से कंपनी के साथ जुड़ी थीं और प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं. कंपनी ने उनके नेटवर्क एक्सेस को भी तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि उनके पास मौजूद कंपनी की सभी संपत्तियां वापस जमा कराई जाएं. उन्हें किसी भी ऑफिस में रिपोर्ट करने या घर से काम करने से भी मना किया गया है।  कंपनी ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि निदा खान इस मामले को लेकर किसी भी कर्मचारी से बातचीत नहीं करेंगी और पूरी गोपनीयता बनाए रखेंगी. अगर वे इन निर्देशों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. यह आदेश कंपनी के HR हेड शेखर कांबले द्वारा जारी किया गया है, जो पुणे, नासिक और गोवा क्षेत्र के प्रभारी हैं।  इस बीच, आज कोर्ट में निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है. पूरे मामले को लेकर अटकलें तेज हैं कि कोर्ट उन्हें राहत देगा या उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी जाएगी. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसला अहम हो सकता है और आगे की जांच पर भी इसका असर पड़ेगा।  महिला आयोग की ओर से गठित सत्यशोधन समिति भी इस मामले की जांच कर रही है. आज इस जांच का तीसरा दिन है और टीम लगातार तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है. आयोग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही या अन्य पहलू जुड़े हुए हैं।  पूरे मामले ने कॉर्पोरेट और सामाजिक दोनों ही स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ कंपनी ने अपनी नीति के तहत सख्त कदम उठाया है, तो दूसरी तरफ कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है. आने वाले दिनों में कोर्ट के फैसले और जांच रिपोर्ट के आधार पर इस केस की दिशा साफ होगी। 

PM मोदी ने झालमुड़ी के दौरान दुकानदार को दिए 10 रुपये, लेकिन जेब में थे और कितने नोट?

झाड़ग्राम  झाड़ग्राम की गलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘झालमुड़ी प्रेम’ सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है. सुरक्षा के कड़े घेरे को तोड़कर जब पीएम मोदी एक साधारण सी दुकान पर पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया. अपनी जेब से पैसे निकालने से लेकर दुकानदार के साथ उनकी मजेदार बातचीत ने लोगों का दिल जीत लिया है. पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी रैली करने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखते हुए एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर रुकने का फैसला किया. वहां पहुंचकर उन्होंने कहा- भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ? कितने का होता है आपका झालमुड़ी? इस पर दुकानदार कहता है- आप जितने का कहेंगे उतना का खिलाएंगे।  इस पर पीएम मोदी दुकानदार से कहते हैं कि अच्छे वाला कितने का होता है? इस पर दुकानदार कहता है 10, 20 और 30. इस पर पीएम मोदी कहते हैं जो भी है बना दो. इसके बाद पीएम जेब से पैसे निकालते हैं. वीडियो में दिख रहा है कि उनके जेब से 50 रुपया का एक नोट, 20 रुपया का दो नोट औऱ 10 रुपये का एक नोट निकला. पीएम मोदी उसमें से 10 रुपये निकालकर दुकानदार को दे देते हैं. दुकानदार कहता है आप आए यही काफी है. इस पर मोदी कहते हैं नहीं भाई ऐसा नहीं. इस पर दुकानदार फिर कुछ कहता है और 10 रुपये गल्ले में डाल देता है. फिर दुकानदार कुछ कहता है. इस पर पीएम कहते हैं, ‘दिमाग नहीं खाते भाई’. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी हंसने लगे. पीएम ने न केवल बड़े चाव से बंगाल के इस प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड का आनंद लिया. इस दौरान सबलोग उनको देख रहे थे।  जेब से निकाले 100 रुपये के आसपास, दिए केवल 10 सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झालमुड़ी का लुत्फ उठाने के बाद प्रधानमंत्री अपनी जेब से तीन-चार नोट निकालते हैं. वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि उनकी हाथ में 50 रुपये का एक नोट, 20 रुपये के दो नोट और 10 रुपये का एक नोट था. कुल मिलाकर लगभग 100 रुपये. पीएम ने बड़ी सहजता से उनमें से 10 रुपये का नोट निकाला और दुकानदार को थमा दिया. दुकानदार, जो प्रधानमंत्री को अपने सामने देखकर दंग था, उसने पैसे लेने से मना करते हुए कहा, ‘सर, आप यहां आए यही काफी है।  ‘दिमाग नहीं खाते भाई’- पीएम का मजेदार जवाब जब दुकानदार ने पैसे लेने में संकोच किया, तो प्रधानमंत्री ने उसे डांटने के अंदाज में प्यार से कहा, ‘नहीं भाई, ऐसा नहीं होता.’ दुकानदार के बार-बार मना करने पर मोदी ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, ‘दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो.’ उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. पीएम ने साफ किया कि वह बिना पैसे दिए कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे. अंत में मासूम दुकानदार को प्रधानमंत्री से वह 10 रुपये लेने ही पड़े।  बिहार का रहने वाला है दुकानदार पीएम मोदी ने जिस दुकानदार की दुकान से झालमुरी खाई वो बिहार के गया का रहने वाला है। उसका नाम विक्रम साहो है। उसने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पीएम के साथ हुई बातचीत को साझा किया। उसने बताया कि पीएम मोदी ने उससे उसके बारे में पूछा। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि वो 9वीं पास है। परिवार की आर्थिक तंगी के चलते वो आगे पढ़ाई नहीं कर पाया। माता-पिता के बारे में भी पूछा पीएम मोदी ने विक्रम से उसके माता-पिता के बारे में भी पूछा। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन लोग है। उन्होंने पीएम मोदी को अपने माता पिता का नाम भी बताया। दुकानदार ने बताया कि उनकी माता का नाम सुनीता देवी और पिता का नाम उत्तम साहो है। पीएम मोदी ने पूछा कि आपकी कितनी दुकानें हैं तो उन्होंने बताया कि सिर्फ एक ही दुकान है। एक बात का रह गया मलाल दुकानदार विक्रम ने बताया कि उन्होंने एक बात का मलाल है कि वो पीएम मोदी का ऑटोग्राफ नहीं पाया है। उसने बताया कि पीएम ने उनसे राजनीति से जुड़ी कोई बात नहीं की। उन्होंने झालमुरी के पैसे भी दिए। पीएम मोदी ने उसने कहा कि बढ़िया से रहो। मुझे बहुत अच्छा लगा कि पीएम मोदी मेरी दुकान में आए और झालमुरी खाई।  जनता के बीच बनी चर्चा यह दृश्य देखकर झाड़ग्राम की जनता हैरान रह गई. एक तरफ जहां बंगाल में करोड़ों के घोटालों की खबरें चर्चा में रहती हैं, वहीं देश के प्रधानमंत्री का एक-एक रुपये का हिसाब रखना और दुकानदार के स्वाभिमान का सम्मान करना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह मोदी की ‘गारंटी’ और उनकी ‘सादगी’ का प्रमाण है।  कुल मिलाकर, झाड़ग्राम की यह छोटी सी दुकान अब इलाके में मशहूर हो गई है. प्रधानमंत्री के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ ने न केवल स्थानीय जायके को प्रमोट किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सत्ता के शिखर पर बैठने के बाद भी वे अपनी जड़ों और सामान्य शिष्टाचार को नहीं भूले हैं. सोशल मीडिया पर अब लोग पीएम की जेब से निकले उन नोटों और उनकी ‘दिमाग नहीं खाने’ वाली बात पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। 

शेफाली वर्मा का धमाल, T20 में सबसे तेज शतक, मंधाना-हरमनप्रीत से भी आगे

 नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार ओपनर शेफाली वर्मा ने इतिहास रच दिया है. शेफाली 22 साल और 81 दिन की उम्र में 100 T20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली सबसे युवा भारतीय बन गई हैं. उन्होंने यह मुकाम साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की T20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में हासिल किया, जो डरबन के मैदान पर रविवार (19 अप्रैल) को खेला गया।  जेमिमा का रिकॉर्ड टूटा शेफाली ने यह उपलब्धि हासिल करते हुए जेमिमा रोड्रिग्स का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2024 महिला एशिया कप के दौरान 23 साल और 327 दिन की उम्र में 100 T20I पूरे किए थे. शेफाली इस मुकाम तक पहुंचने वाली दुनिया की तीसरी सबसे युवा खिलाड़ी हैं. उनसे आगे सिर्फ रवांडा की Gisele Ishimwe और Henriette Ishimwe हैं।  भारत की पांचवीं महिला वह भारत की पांचवीं महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने 100 T20I खेले हैं. इस क्लब में पहले से हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स शामिल हैं।  शेफाली का सफर: 15 साल में डेब्यू, अब 100 मैच शेफाली वर्मा ने 2019 में सिर्फ 15 साल 239 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. अपने आक्रामक खेल और निडर अंदाज़ से उन्होंने शुरुआत से ही अलग पहचान बना ली. 2019 महिला T20 चैलेंज में Mithali Raj की कप्तानी वाली वेलोसिटी टीम के लिए खेलते हुए शेफाली ने बड़े-बड़े गेंदबाज़ों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाज़ी की और सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।  टेस्ट में भी दिखाया दम शेफाली सिर्फ T20 तक सीमित नहीं रहीं. 2024 में चेन्नई के MA Chidambaram Stadium में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने शानदार शतक जड़ा, जो उस समय महिला टेस्ट इतिहास का सबसे तेज शतक था।  बड़े मौकों पर शेफाली का प्रदर्शन और निखरकर सामने आया है. पिछले साल भारत के महिला वर्ल्ड कप जीत में उन्होंने फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 87 रन बनाए और विकेट भी लिए। 

पति का दर्द: ‘दूसरी पत्नी और बेटे के साथ फरार हो गई’, रोते हुए सुनाई आपबीती

 बीड महाराष्ट्र के बीड जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी दूसरी पत्नी पर अपने पहले विवाह से हुए नाबालिग बेटे के साथ फरार होने का आरोप लगाया है. इस संबंध में पीड़ित व्यक्ति ने रविवार को कैज थाने में शिकायत दर्ज कराई।  शिकायतकर्ता के अनुसार, उसकी पहली पत्नी से दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है. करीब चार साल पहले उसने दूसरी शादी की थी. उसने पुलिस को बताया कि वह इस सप्ताह की शुरुआत में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुंबई गया हुआ था, इसी दौरान उसकी दूसरी पत्नी और उसका नाबालिग बेटा अचानक घर से गायब हो गए. पीड़ित व्यक्ति ने कहा, 'सर मेरी दूसरी पत्नी नाबालिग बेटे के साथ फरार हो गई है।  मामले में एक नया मोड़ तब आया जब उसके दामाद को हैदराबाद यातायात पुलिस द्वारा जारी एक ई-चालान मिला, जो सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा था. इसके बाद शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि उसकी दूसरी पत्नी और नाबालिग बेटा दामाद की मोटरसाइकिल लेकर फरार हुए हैं।  पुलिस के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और महिला तथा नाबालिग की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

स्टूडेंट्स बनेंगे भविष्य के बिजनेस लीडर: पंजाब में लॉन्च होगा यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए एंटरप्रेन्योशिप शिक्षा को अब कक्षा 9 और 10 तक विस्तारित करने का फैसला किया है। पहले यह विषय केवल कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए लागू था, लेकिन अब इसे शुरुआती स्तर पर ही अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता जैसे गुण विकसित होंगे। राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के साथ अपनी साझेदारी को अगले तीन वर्षों के लिए और बढ़ा दिया है। यह समझौता (एमओयू) कक्षा 9 से 12 तक कार्यक्रम के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करेगा। इस पहल के तहत राज्य के सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध संस्थानों में इसे लागू किया जाएगा, जिससे करीब 6.4 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। 2022 में हुई थी पीवाईईपी की शुरुआत पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम (पीवाईईपी) की शुरुआत 2022 में की गई थी, जबकि 2025 में कक्षा 11 और 12 के लिए इसे अनिवार्य विषय बनाया गया। इसके बाद से विद्यार्थियों की भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है और आइडिया आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिला है। अब कक्षा 9 और 10 में इसे अनिवार्य तो किया जाएगा, लेकिन इन कक्षाओं में इसके अंक नहीं जोड़े जाएंगे। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सीईओ और सह-संस्थापक मेकिन माहेश्वरी के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करते हैं, उनके समाधान तैयार करते हैं और उन्हें व्यवहारिक रूप में परखते हैं। कई विद्यार्थियों के आइडिया छोटे स्तर के व्यवसाय और सामुदायिक परियोजनाओं में भी बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा में पढ़ाई का फोकस ‘करके सीखने’ (लर्निंग बाय डूइंग) पर है, जिससे विद्यार्थी केवल सिद्धांत तक सीमित नहीं रहते। युवाओं को अवसर पैदा करने योग्य किया जा रहा तैयार शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के तहत पिछले वर्ष 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सीड फंडिंग दी गई थी, जबकि इस वर्ष 65 हजार विद्यार्थियों को सहयोग दिया जाएगा। गौरतलब है कि उद्यम लर्निंग फाउंडेशन वर्तमान में राज्य के करीब 3700 स्कूलों में काम कर रही है और देश के 12 राज्यों में उद्यमिता शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। यह संस्था पाठ्यक्रम को मजबूत करने, शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले वर्षों में पंजाब के विद्यार्थी न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को भी नई दिशा देंगे।