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मध्‍यप्रदेश पुलिस ने किया e-Zero FIR, फर्जी कॉल सेंटर, म्यूल अकाउंट व ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश

भोपाल. आधुनिक तकनीक, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली एवं सुनियोजित रणनीति के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सायबर अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। पुलिस ने देवास ओर विदिशा में सायबर अपराधों के विरुद्ध अलग-अलग प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए सायबर ठगी में संलिप्त आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कीगयी। देवास में “e-Zero FIRके तहत अंतर्राज्‍यीय सायबर ठग गिरोह का पर्दाफाश जिले में दिनांक 02 जनवरी को दर्ज एक प्रकरण में फरियादी के मोबाइल पर “RTOChalan. apk”नामक संदिग्ध लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर 7 लाख 98 हजार रुपए की ठगी की गई थी। प्रकरण में थाना नाहर दरवाजा में अपराध पंजीबद्ध कर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम द्वारा 1600 किलोमीटर दूर हावड़ा (पश्चिम बंगाल) एवं 800 किलोमीटर दूर दिल्ली से जुड़े संगठित गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 96 हजार 500 रुपए नगद एवं 02 एंड्रॉइड मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लागू “e- ZeroFIR”प्रणाली के अंतर्गत ₹1,00,000/- से अधिक की सायबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज होते ही स्वतः सायबर मुख्यालय भोपाल में पंजीबद्ध की जाती है, जिसे संबंधित जिले में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज कर त्वरित विवेचना प्रारंभ की जाती है। इस प्रणाली के माध्यम से “गोल्डन ऑवर”में बैंक खातों को फ्रीज कर डिजिटल साक्ष्य संकलित किए जाते हैं, जिससे ठगी गई राशि की रिकवरी की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विदिशा में 5 वर्षों से संचालित फर्जी कॉल सेंटर ध्वस्त कर मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर विदिशा जिले के गंजबासोदा क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देकर आरोपी एवं उसकी महिला सहकर्मी को गिरफ्तार किया गया ।  आरोपी  द्वारा विगत 4-5 वर्षों से “QuikrJob”के नाम पर फर्जी कॉल कर अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू एवं ज्वाइनिंग किट के नाम पर राशि विभिन्न खातों में जमा कराकर सुनियोजित तरीके से ठगी की जा रही थी। दबिश के दौरान मौके से 20 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 12 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 03 पासबुक, 02 चेकबुक, 01 पेन ड्राइव, डाटा रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों  के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं आईटी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। रतलाम— मल्टी-स्टेट फ्रॉड में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रतलाम पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े म्यूल अकाउंट का खुलासा किया है। साइबर सेल टीम द्वारा “Operation MATRIX (Mule Account Tracking, Removal Investigation Exercise)”के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए, NCRP एवं JCCT पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर फेडरल बैंक के एक संदिग्ध खाते की जांच की गई। जांच में यह खाता प्रथम मित्तल (23 वर्ष, निवासी माणकचौक, रतलाम) के नाम पर संचालित पाया गया, जिसमें 47 लाख  75 हजार 301 रूपए की संदिग्ध राशि जमा हुई थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह खाता म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग किया जा रहा था, जिसका उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन ठगी एवं आर्थिक अपराधों में धन के प्रवाह को छिपाने हेतु किया जाता है। प्रकरण की जांच में यह भी सामने आया कि उक्त खाता तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी के.सी. श्रीधर के साथ हुए “डिजिटल अरेस्ट स्कैम” से जुड़ा है, जिसमें कुल 67 लाख 75 हजार 301 रूपएकी ठगी की गई थी और उसकी आंशिक राशि इसी खाते में ट्रांसफर हुई थी। प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध होने पर थाना माणकचौक में प्रकरण पंजीबद्ध कर प्रथम मित्तल सहित उसके सहयोगी हेमंत रायक उर्फ मोनू (निवासी रुद्राक्ष कॉलोनी) एवं शुभम रेडा उर्फ चीकू (निवासी नगरवास) को गिरफ्तार किया गया। इटारसी- वर्क फ्रॉम होम टास्क के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा वर्क फ्रॉम होम टास्क के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के विरुद्ध थाना इटारसी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया ‍है। दिनांक 02जनवरी को फरियादिया को व्हाट्सएप के माध्यम से वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां होटल-रेस्टोरेंट रेटिंग के टास्क दिए गए। प्रारंभ में छोटे-छोटे भुगतान (1हजार 40रूपए , 3 हजार 900रूपए , 1 हजार 350) देकर विश्वास अर्जित किया गया, इसके बाद अधिक राशि निवेश करने के नाम पर 3लाख 36 हजार 800रूपए की धोखाधड़ी की गई। विवेचना के दौरान साइबर सेल नर्मदापुरम एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए राजस्थान के बीकानेर से आरोपी एहसान अली उर्फ प्रिंस तथा मध्यप्रदेश के नीमच से मोहम्मद फरहान एवं मुसरफ को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ठगी की राशि एवं प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई इन कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि सायबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस पूर्णतः सतर्क, तकनीकी रूप से सक्षम एवं त्वरित कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल अथवा मैसेज से सतर्क रहें तथा साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय सायबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। 

मध्‍यप्रदेश पुलिस की ऑपरेशन मुस्कान के तहत प्रभावी कार्यवाही

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 5 दिन में पुलिस टीम ने प्रदेश के विभिन्‍न जिलों से27 नाबालिग/गुमशुदा बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। शिवपुरी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 05 नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में अपहृत नाबालिग बालक को मात्र 10 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। वहीं थाना तेंदुआपुलिस ने दो नाबालिक बालिका एवं थाना सुभाषपुरा पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका को जयपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। इसके अतिरिक्त थाना नरवर पुलिस ने भी अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाबकर परिजनों के सुपुर्द किया। सीहोर जिले में 04 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना आष्टा, जावर, रेहटीएवं भैरूंदापुलिस द्वारा गठित टीमों ने तकनीकी सहायता से नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया, साथ ही अपहरण के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। सीधी थाना कोतवाली क्षेत्र में चीता मोबाइल टीम द्वारा 03 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया, वहीं थाना मझौली पुलिस द्वारा महाराष्ट्र एवं गुजरात से दो नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विदिशा जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 02 नाबालिग बालिकाओं कोदस्तयाब किया गया। शमशाबाद एवं गंजबासौदा थाना पुलिस द्वारा घर से नाराज होकर चली गई नाबालिग बालिकाओं को त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। अशोकनगर जिले में थाना ईसागढ़ पुलिस द्वारा दो अलग अलग कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। बैतूल जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 02 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना कोतवाली बैतूल पुलिस द्वारा दोनों नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। उज्जैन जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा राजस्थान के सांवलियाजी से दो बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर अपहरण में प्रयुक्त वाहन जप्त किया गया तथा 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कटनी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 02 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना बरही पुलिस द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों से दोनों बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। उमरिया थाना मानपुर पुलिस टीम ने लगभग 1200 किलोमीटर दूर सिलवासा (दादर एवं नगर हवेली) से 15 वर्षीय गुमशुदा बालिका को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सकुशल दस्तयाबकिया। मंदसौर थाना दलौदा पुलिस ने150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर लगभग 700 किलोमीटर दूर ग्रेटर नोएडा, उत्तरप्रदेश से 16 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल दस्तयाबकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसी प्रकार दतिया, देवास एवं बड़वानी पुलिस ने 01-01अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है। ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत की गई प्रदेश भर में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस नाबालिगों एवं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूर्णतः प्रतिबद्ध, सतर्क एवं संवेदनशील है। अंतर्राज्यीय समन्वय, तकनीकी दक्षता एवं समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की क्रिप्‍टो निवेश, एटीएम फ्रॉड, खेत में गड़ा सोना निकालने, किसानों को ऑर्गेनिक खाद एवं शासकीय सब्सिडी का झांसा देकर ठगी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाही

विगत दो दिनों में 33 लाखसे अधिक की अवैध संपत्ति जप्त भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नागरिकों, वरिष्ठजनों एवं किसानों के साथ हो रही ठगी की घटनाओं के विरुद्ध सतत, संगठित और सख़्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में त्वरित एवं तकनीकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, खेत में गड़ा सोना निकालने के नाम पर धोखाधड़ी तथा किसानों को पॉलीहाउस, ऑर्गेनिक खाद एवं शासकीय सब्सिडी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की गई हैं। देवास- क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी करने वाला संगठित गिरोह गिरफ्तार औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर भारी लाभ दिलाने का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले 05 शातिर बदमाशों के संगठित गिरोह को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। फरियादी चेतनसिंह सोलंकी निवासी आनंद विहार कॉलोनी, देवास द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार व्हाट्सएप के माध्यम से अज्ञात आरोपियों ने क्रिप्टो निवेश में मुनाफे का झांसा देकर किश्तों में कुल 1लाख 04 हजार 100 रुपये की ठगी की थी। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं डिजिटल ट्रेल का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए जिन बैंक खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर हुई थी, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया। साक्ष्यों के आधार पर पाँच शातिर आरोपियों गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया। उनके कब्जे से ठगी गई संपूर्ण राशि 1लाख 4हजार 100 रुपये तथा 06 एंड्रॉइड मोबाइल फोन सहित कुल 2लाख 33हजार 100 रुपये की संपत्ति जप्तकी है। दमोह – एटीएम फ्रॉड का पर्दाफाश दमोह के थाना पथरिया क्षेत्र में एक वरिष्ठ नागरिक से ₹17,000 की एटीएम फ्रॉड घटना दर्ज हुई थी।प्रकरण दर्ज होते ही पुलिस द्वारा त्वरित जांच प्रारंभ की गई। पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर एक संदिग्ध वाहन की पहचान की गई। तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हरियाणा राज्य के जिला रोहतक अंतर्गत ग्राम इंदरगढ़ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जिसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। टीकमगढ़ जिला – नकली सोना निकालने के नाम पर ठगी जिले के थाना देहात क्षेत्र में खेत में गड़ा सोना निकालने एवं पूजा-पाठ के नाम पर 70 हजार रूपए एवं नकली पीतल के बिस्‍कुट थमाकर ठगी करने की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 24हजार रूपएनगद एवं 16 नकली पीतल के बिस्कुट जब्त किए हैं। राजगढ़ – ‘ऑपरेशन किसान रक्षक’ के अंतर्गत अंतर्राज्यीय ठग गिरोह पर बड़ीकार्रवाई राजगढ़ में किसानों को पॉली हाउस, ऑर्गेनिक खाद व सरकारी सब्सिडी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के विरुद्ध पुलिस ने ‘ऑपरेशन किसान रक्षक’ चलाया। थाना करनवास, खुजनेर एवं नरसिंहगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 30 लाख 52 हजार रूपए की संपत्ति जब्त कर 15 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन, वरिष्ठ नागरिकों एवं किसानों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की ठगी या वित्तीय धोखाधड़ी को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों, अंतर्राज्यीय समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। नागरिकों से अपील है कि एटीएम लेन-देन, लालचपूर्ण योजनाओं अथवा अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दी जा रही झूठी पेशकशों से सावधान रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन 1930 पर दें।  

मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता

रीवा और ग्वालियर में दो अपराधों का खुलासा कर 57 लाख से अधिक की संपत्ति जब्‍त कर 62 घटनाओं में लिप्‍त गिरोह पकड़े गए भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने संगठित आपराधिक नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए रीवा और ग्वालियर जिलों में दो बड़ी सफलताएँ हासिल की हैं। रीवा पुलिस ने विगत दो वर्षों से सक्रिय विद्युत तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 50 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया, जबकि ग्वालियर पुलिस ने मैरिज गार्डन में हुई चोरी का त्वरित खुलासा कर 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद किए गए। रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई — अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश रीवा पुलिस ने एमपीईबी विभाग के विद्युत तार चोरी एवं सोलर पावर प्लांट से कॉपर केबल चोरी की कुल 62 घटनाओं का खुलासा करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के एल्यूमिनियम और कॉपर तार, पाँच वाहन तथा चोरी में इस्तेमाल उपकरण (कटर, इलेक्ट्रिक डिटेक्टर, सीढ़ी आदि) बरामद किए हैं। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण के साथ उत्तर प्रदेश और अन्य जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पूर्व में बिजली विभाग के ठेकेदारों से जुड़े थे और चोरी का माल कबाड़ियों को बेचते थे। इस कार्रवाई से जिले में लंबे समय से जारी विद्युत संरचना चोरी की घटनाओं पर निर्णायक अंकुश लगा है। ग्वालियर के थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में एक लगुन कार्यक्रम के दौरान 11 लाख की चोरी हुई थी। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष सिसोदिया को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी शिवा सिसोदिया और एक विधिविरुद्ध बालक ने की थी और राशि संतोष को छिपाने हेतु सौंपी थी। रीवा और ग्वालियर की इन प्रभावी कार्यवाहियों ने यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और नेटवर्क आधारित आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।  

मध्य प्रदेश पुलिस का नया आदेश: हर बड़े क्राइम में होगा सीन रिक्रिएशन, आरोपियों के बचने की राह बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश में होने वाले अब हर बड़े अपराध की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस क्राइम सीन का रिक्रिएशन करती दिखाई देगी. अभी तक सिर्फ बड़े शहरों में और किसी बड़े मामले में ही पुलिस इस तरह के रिक्रिएशन करती थी, लेकिन अब हर गंभीर मामले में पुलिस को यह प्रक्रिया अपनानी होगी. मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित करने के आदेश दिए हैं. एफएसएल ने इसके लिए एसओपी भी जारी की गई है. क्राइम ऑफ सीन बेहद महत्वपूर्ण एफएसएल के डायरेक्टर शशिकांत शुक्ला ने बताया कि "किसी भी अपराध में सीन ऑफ क्राइम बेहद अहम होता है. यहां अपराध से जुड़े तमाम सबूत होते हैं, इसके मदद से पुलिस को आरोपी तक पहुंचने और उसे कोर्ट से सजा दिलाने तक में काफी मदद मिलती है. खासतौर से पेचीदा मामलों में पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में कई बार यहीं से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगता है. जैसे किसी अपराध में घटनास्थल पर दरवाजे, अन्य किसी सामान या फिर हथियार पर मिलने वाले फिंगर प्रिंट की पहचान करनी होती है. इसी तरह डीएनए के लिए स्वैब के नमूने लेने होते हैं और अन्य सामान को पैकेजिंग करने के अलावा वहां के फोटोग्राफ और वीडियो लेने पड़ते हैं. इसके बाद एक डिटेल रिपोर्ट तैयार होती है. इसलिए करना होता है रिक्रिएशन वे बताते हैं कि कई मामलों में शुरूआती जांच में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं होता. ऐसी स्थिति में मौजूदा साक्ष्यों और फोटोग्राफ आदि को देखने के बाद पूरी घटना का रिक्रिएशन किया जाता है. इससे घटना के तह तक पहुंचने में मदद मिलती है. यही वजह है कि अब हर जिले के पुलिस अधिकारियों और एफएसएल अधिकारियों को एसओपी भेजी गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत नए आपराधिक कानूनों पर त्वरित कार्रवाई के लिए सीन ऑफ क्राइम यूनिट का गठन का निर्णय लिया गया है. इसके तहत सीन ऑफ क्राइम यूनिट को हर जिले में अलग स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा. इस यूनिट में फोटो यूनिट, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड की ज्वाइंट टीम होगी. विशेष तौर से 7 साल और उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में इस यूनिट को अनिवार्य रूप से घटनास्थल की जांच करनी होगी." सबूतों के अभाव में नहीं बचेंगे अपराधी रिटायर्ड डीजी अरुण गुर्टू सभी जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट गठित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हैं. उनके मुताबिक बड़े अपराधों में यह होना ही चाहिए. इससे पुलिस जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगते हैं. खासतौर से ब्लाइंड मर्डर जैसे मामलों में पुलिस को घटनास्थल से मिलने वाले सबूत न सिर्फ अपराधी तक पहुंचने बल्कि कोर्ट में अपराधी से अपराध की कड़ी जोड़ने में काफी मदद मिलती है. बड़े मामलों में रिक्रिएशन होने से सजा दिलाने में मदद मिलेगी और सबूतों के अभाव में अपराधी बच नहीं पाएंगे. रिक्रिएशन से चला था पता कहां से आई थी गोली राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में अक्टूबर 2025 में गणेश उत्सव के दौरान एक झांकी में खेल रही बच्ची की गोली लगने से मौत हो गई थी. एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला कि बच्ची की मौत गोली लगने से हुई. शुरूआती जांच में पुलिस को पता नहीं चल सका कि गोली किस दिशा से आई थी. बाद में पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन किया गया और बारीकी से एनालिसिस किया गया तो पुलिस आरोपी तक पहुंच गई.