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40 दिनों के निरंतर अभ्यास, अनुशासन और सामूहिक प्रयासों से राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया मध्यप्रदेश पुलिस का गौरव

भोपाल  राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड कंटिंजेंट एवं 7 पुलिस बाइक राइडर्स ने सहभागिता की। देश के माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस राष्ट्रीय समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के  दलों ने अनुशासन, समन्वय और उत्कृष्ट तैयारी के साथ आकर्षक प्रदर्शन कर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया। इस महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण आयोजन में सहभागिता के लिए हॉकफॉर्स एवं पुलिस बैंड कंटिंजेंट द्वारा लगभग 40 दिनों तक निरंतर अभ्यास किया गया। दिनांक 21 सितंबर 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक नियमित समय-सारिणी के अनुसार अनुशासित ढंग से अभ्यास संचालित किया गया। इस व्यापक तैयारी में हॉक फोर्स के 195 अधिकारी-कर्मचारियों तथा 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड के 109 अधिकारी-कर्मचारियों सहित कुल 304 अधिकारी-कर्मचारियों ने सहभागिता की। अभ्यास की पूरी प्रक्रिया में फुट कंटिंजेंट, प्रशासनिक स्टाफ, ड्रिल इंस्ट्रक्टर एवं बैंड के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर कार्य किया। परेड की प्रत्येक गतिविधि में एकरूपता, कदमताल, अनुशासन, समयबद्धता और आपसी तालमेल सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभ्यास किया गया। सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ इस विशेष तैयारी में भी पूरी निष्ठा, समर्पण और कठिन परिश्रम के साथ योगदान दिया। राष्ट्रीय मंच पर दिखा 40 दिनों के अभ्यास और टीम भावना का परिणाम 40 दिनों तक चले सतत अभ्यास का परिणाम 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में देखने को मिला। हॉक फोर्स के फुट कंटिंजेंट और 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड ने अपने सधे हुए प्रदर्शन, अनुशासित कदमताल और उत्कृष्ट समन्वय से समारोह को गरिमामय बनाया। यह प्रदर्शन न केवल इसमें शामिल प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के परिश्रम का परिणाम रहा, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की सामूहिक कार्यक्षमता, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता का भी परिचायक बना। नक्सल उन्मूलन में हॉक फोर्स का उल्लेखनीय योगदान मध्यप्रदेश पुलिस का हॉक फोर्स प्रदेश के बालाघाट क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में हॉक फोर्स की 31 यूनिट्स बालाघाट के दुर्गम वन क्षेत्रों में तैनात हैं। विशेष गुरिल्ला युद्ध कौशल, बेहतर रणनीति और अदम्य साहस के साथ हॉक फोर्स ने अब तक 45 नक्सलियों को निष्क्रिय किया है, 28 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है तथा 19 नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया है। प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा एवं शांति स्थापना के लिए हॉक फोर्स के 38 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हॉक फोर्स की निरंतर प्रभावी कार्यवाहियों से बालाघाट क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक अंकुश लगाने तथा क्षेत्र को शांति, सुरक्षा और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नक्सल उन्मूलन जैसे चुनौतीपूर्ण अभियान में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाली यही हॉक फोर्स राष्ट्रीय एकता दिवस के गौरवपूर्ण मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का गौरव बढ़ा रही है। नशा मुक्त भारत का संदेश लेकर राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में शामिल हुए मध्यप्रदेश पुलिस के 7 राइडर्स राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के अवसर पर नशे के दुष्परिणामों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में मध्यप्रदेश पुलिस के 7 राइडर्स ने भी सहभागिता की। इस राष्ट्रीय पहल में विभिन्न पुलिस बलों की 45 टीमों के कुल 225 राइडर्स, जिनमें 205 पुरुष एवं 20 महिला राइडर्स शामिल हैं, ने भाग लिया। राइडर्स ने देशभर में लगभग 14,165 किलोमीटर की यात्रा कर गांवों, कस्बों और शहरों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया। मध्यप्रदेश पुलिस के 7 राइडर्स को पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने 22 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं वाहिनियों से चयनित इस 7 सदस्यीय दल का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक द्वारा किया गया। दल ने राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में सहभागिता कर नशा मुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाया तथा राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के अवसर पर एकता नगर पहुंचकर मध्यप्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व किया। इस संपूर्ण आयोजन की तैयारी एवं समन्वय में नोडल अधिकारी तथा 25वीं वाहिनी के कमांडेंट  नागेंद्र सिंह, IPS की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल मार्गदर्शन, नेतृत्व एवं निर्देशन में हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड, ड्रिल इंस्ट्रक्टर, प्रशासनिक स्टाफ और सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने इस उपलब्धि पर हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड, राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में शामिल सभी राइडर्स तथा आयोजन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े राष्ट्रीय आयोजन में प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करना गौरव के साथ-साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। इस प्रकार के प्रदर्शन के पीछे लंबे समय का अनुशासित अभ्यास, समर्पण, परिश्रम और टीम भावना होती है। सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने जिस प्रतिबद्धता और आपसी समन्वय के साथ इस दायित्व को निभाया, वह सराहनीय है। पुलिस महानिदेशक ने नोडल अधिकारी  नागेंद्र सिंह सहित पूरी टीम के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय प्रत्येक उस अधिकारी एवं कर्मचारी को जाता है, जिसने अभ्यास से लेकर अंतिम प्रदर्शन तक पूरी निष्ठा के साथ अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने सभी को भविष्य में भी इसी अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ मध्यप्रदेश पुलिस की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।  

मध्यप्रदेश पुलिस में गुणवत्तापूर्ण एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग को मिल रही नई पहचान

अक्टूबर माह में भोपाल, सिवनी, छिंदवाड़ा एवं अलीराजपुर की विभिन्न पुलिस इकाइयों को मिला ISO 9001:2015 प्रमाणन भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस थानों एवं कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अक्टूबर माह में प्रदेश के भोपाल, सिवनी, छिंदवाड़ा एवं अलीराजपुर जिलों की विभिन्न पुलिस इकाइयों को ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि पुलिस इकाइयों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित करने, अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण, आधारभूत सुविधाओं में सुधार तथा आमजन को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करती है। भोपाल में चार थानों एवं एडिशनल डीसीपी कार्यालय जोन-3 को प्रमाणन भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत थाना बागसेवनिया, थाना अशोका गार्डन, थाना कोलार, थाना खजूरी एवं एडिशनल डीसीपी कार्यालय जोन-3 को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इन पुलिस इकाइयों में थानों के जीर्णोद्धार, पुराने अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण, पुलिसकर्मियों एवं आमजन के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था, परिसर के सौंदर्यीकरण तथा जनोन्मुखी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे पूर्व थाना मिसरोद, थाना रातीबड़ एवं महिला थाना भोपाल को भी ISO प्रमाणन प्राप्त हो चुका है। सिवनी के कोतवाली एवं महिला थाना को ISO प्रमाणपत्र थाना कोतवाली सिवनी एवं महिला थाना सिवनी को ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इन पुलिस इकाइयों को अपराधों के प्रबंधन एवं नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जनशांति, सुव्यवस्थित मालखाने, आधारभूत सुविधाओं तथा जनहितकारी पुलिस गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा थाना कोतवाली का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, अभिलेखों के संधारण एवं उपलब्ध संसाधनों का अवलोकन भी किया गया। छिंदवाड़ा की उमरानाला चौकी को जिले की प्रथम ISO प्रमाणित पुलिस चौकी का गौरव छिंदवाड़ा जिले में थाना मोहखेड़ की चौकी उमरानाला को ISO 9001:2015 प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह जिले की प्रथम एवं एकमात्र ISO प्रमाणित पुलिस चौकी है। चौकी को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने तथा स्थानीय स्तर पर आमजन को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है। अलीराजपुर में चार थानों सहित रक्षित केन्द्र एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय प्रमाणित जिले में थाना उदयगढ़, थाना आजादनगर, थाना चांदपुर, थाना नानपुर, रक्षित केन्द्र अलीराजपुर एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय अलीराजपुर को ISO 9001:2015 प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इन इकाइयों में कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने, अभिलेखों के उचित संधारण, आधारभूत सुविधाओं में सुधार तथा पुलिस सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को गुणवत्ता प्रमाणन के माध्यम से मान्यता मिली है। गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग में कार्यप्रणाली से लेकर नागरिक सेवाओं तक व्यापक सुधार मध्यप्रदेश पुलिस में ISO 9001:2015 प्रमाणन की यह पहल केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पुलिस इकाइयों की कार्यप्रणाली में मानकीकरण, जवाबदेही और निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत कार्यालयीन प्रक्रियाओं, अभिलेख संधारण, आधारभूत सुविधाओं, संसाधनों के व्यवस्थित उपयोग तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थो के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई

झाबुआ पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में अवैध रूप से उगाए जा रहे 607.09 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 60 लाख 30 हजार रुपये से अधिक भोपाल पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त नेटवर्क को ध्वस्त करने, अवैध खेती एवं तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में झाबुआ पुलिस ने अवैध गांजा खेती के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना कालीदेवी एवं थाना पेटलावद क्षेत्र में दो अलग-अलग प्रकरणों में कुल 607.09 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 60 लाख 30 हजार 825 रुपये है। थाना कालीदेवी क्षेत्र में 80.15 किलोग्राम गांजा जब्त थाना कालीदेवी पुलिस को अवैध रूप से गांजा की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा संबंधित खेत में दबिश देकर तुवर एवं कपास की फसल के बीच अवैध रूप से उगाए गए 240 गांजे के पौधे, जिनका कुल वजन 80.15 किलोग्राम, जब्त किए गए। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 7 लाख 61 हजार 425 रुपये है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। थाना पेटलावद क्षेत्र में 526.94 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त, आरोपी गिरफ्तार थाना पेटलावद क्षेत्र में पुलिस टीम द्वारा सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए कपास एवं तुवर की फसल के बीच से, माही नदी के पास स्थित खेत में मक्का की कड़ब के नीचे से एवं आरोपी के घर से कुल 526.94 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया। कार्रवाई में कुल 1,512 गांजे के पौधे जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 52 लाख 69 हजार 400 रुपये है। प्रकरण में पुलिस ने  एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। पुलिस द्वारा नशे के अवैध नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।  

नीमच एवं धार में आठ खेतों में अवैध गांजे की खेती का पर्दाफाश, 34 क्विंटल से अधिक गांजे के हरे पौधे जब्त अनुमानित कीमत 5 करोड़ 89 लाख रुपए

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नीमच एवं धार जिलों में पुलिस ने आठ खेतों में की जा रही गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान 34 क्विंटल गांजे के 52 हजार से अधिक हरे पौधे जब्त किए है। जब्त मादक पदार्थों का अनुमानित मूल्य 5 करोड़ 89 लाख 49 हजार रुपए है। दोनों जिलों में NDPS एक्ट के तहत कुल आठ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। नीमच- चार खेतों से 2 करोड़ 79 लाख रुपए के गांजे के हरे पौधे जब्त नीमच जिले में पुलिस अधीक्षक  राजेश व्यास के निर्देशन में 16 अक्टूबर को थाना कुकड़ेश्वर, मनासा एवं रामपुरा के पुलिस बल की चार संयुक्त टीमों ने ड्रोन की सहायता से संदिग्ध क्षेत्रों की हवाई निगरानी की तथा मौके पर पहुंचकर भौतिक रूप से सघन सर्चिंग की। इस दौरान चार अलग-अलग खेतों में पत्थरों की ऊंची घेराबंदी एवं मक्का की फसल की आड़ में गांजे की अवैध खेती किए जाने का पता चला। पुलिस टीमों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए 51 हजार हरे गांजे के पौधे, जिनका कुल वजन 27.95 क्विंटल है, जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 79 लाख 50 हजार रुपए है। संबंधित भूमि स्वामियों एवं अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध NDPS एक्ट के तहत चार प्रकरण दर्ज किए गए हैं। धार में ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत चार खेतों से 3 करोड़ रुपए से अधिक के गांजे के पौधे जब्त जिले में पुलिस अधीक्षक  सचिन शर्मा के निर्देशन में ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत मनावर पुलिस ने ग्राम बोहारला, चौकी उमरबन क्षेत्र में 16 अक्टूबर को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर तीन पुलिस टीमों ने एक साथ अलग-अलग खेतों में कार्रवाई कर कपास एवं तुअर की फसल के बीच उगाए जा रहे 1,223 हरे गांजे के पौधे, जिनका वजन 1,621.98 किलोग्राम है, जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ 43 लाख रुपए है। मामले में NDPS एक्ट की तहत तीन प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत धार जिले में एक अन्य कार्रवाई में थाना बाग एवं पुलिस चौकी डेहरी की टीम ने ग्राम कनेरी के बैकल्यापुरा स्थित खेत में गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश किया। 17 अक्टूबर को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खेत में सर्चिंग की। इस दौरान कपास की फसल के बीच अवैध रूप से उगाए गए गांजे के 586 हरे पौधे, जिनका वजन 446.6 किलोग्राम है, जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत 66 लाख 99 हजार रुपए है। आरोपी के विरुद्ध थाना बाग में NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस प्रकार धार जिले में दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने 3 करोड़ 9 लाख रुपए के 2068.58 किलोग्राम के 1809 गांजे के हरे पौधे जब्त किए है। अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्यवाही निरंतर जारी मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की अवैध खेती, भंडारण, परिवहन एवं तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर कार्यवाही की जा रही है। दुर्गम एवं वन क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक तथा पुलिस बल की प्रत्यक्ष सर्चिंग के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रख मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी निकटतम पुलिस थाने अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को दें। मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान को सफल बनाने में पुलिस का सहयोग करें।  

हेलमेट एवं सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस का 10 दिवसीय विशेष अभियान

भोपाल  सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को रोकने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में हेलमेट एवं सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग को लेकर 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान 28 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा सुरक्षित यातायात संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में सामने आया है कि दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालकों एवं यात्रियों द्वारा सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने से दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट एवं मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान हेलमेट एवं सीटबेल्ट के शत-प्रतिशत उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख चौराहों, हाईवे और ब्लैक स्पॉट पर विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जिलों में मुख्य चौराहों, राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर निर्धारित समयावधि में विशेष चेकिंग प्वाइंट स्थापित कर सघन जांच की जाएगी। हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों तथा सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले चार पहिया वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होने के संबंध में विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा तथा नियम का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन चालक एवं पीछे बैठी सवारी के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ITMS, CCTV और ANPR से होगी निगरानी जिन शहरों में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) एवं CCTV कैमरे उपलब्ध हैं, वहां ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सहित उपलब्ध तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। हेलमेट एवं सीटबेल्ट के नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन के लिए मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी। स्कूल-कॉलेजों से लेकर बाजारों तक चलेगा जागरूकता अभियान प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, औद्योगिक संस्थानों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हेलमेट एवं सीटबेल्ट के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख चौराहों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग, पंपलेट सहित अन्य प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, सामाजिक संगठनों तथा अन्य हितधारकों को भी जोड़ा जाएगा। पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल डीलर, ड्राइविंग स्कूल, परिवहन व्यवसाय से जुड़े संगठनों एवं अन्य संबंधित संस्थानों के सहयोग से नागरिकों को हेलमेट एवं सीटबेल्ट के नियमित उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य उपलब्ध संचार माध्यमों के जरिए सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। हेलमेट एवं सीटबेल्ट के उपयोग से दुर्घटनाओं में जीवन बचने के वास्तविक उदाहरणों को जन-जागरूकता सामग्री में प्रमुखता से शामिल किया गया, ताकि नागरिकों को इन सुरक्षा उपकरणों के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके

अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की विगत 5 दिनों में व्यापक कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री एवं अवैध खेती के विरुद्ध विगत 5 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने मुखबिर सूचनाओं के आधार पर दबिश, घेराबंदी एवं चेकिंग की कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में गांजा, डोडाचूरा, अफीम, एमडी ड्रग्स एवं स्मैक सहित मादक पदार्थ जब्त किए। इन कार्रवाइयों में आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। विभिन्न प्रकरणों में मादक पदार्थों के साथ वाहन, मोबाइल फोन एवं अन्य सामग्री भी जब्त की गई। विगत पांच दिनों की इन कार्यवाहियों में कुल 1 करोड़ 39 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्‍त की। मंदसौर थाना अफजलपुर पुलिस ने अवैध डोडाचूरा तस्करी की कार्रवाई करते हुए 60 किलो 100 ग्राम डोडाचूरा, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये तथा तस्करी में प्रयुक्त ब्रेजा कार, कीमत लगभग 6 लाख रुपये जब्त की। मामले में राजस्थान निवासी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कुल 7 लाख 20 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की। थाना गरोठ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 किलोग्राम अफीम, जिसकी कीमत 3 लाख रुपये, एक मोबाइल फोन तथा मोटरसाइकिल जब्त की। कुल 3 लाख 70 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की। थाना नारायणगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 45.4 किलोग्राम डोडाचूरा, दो मोबाइल फोन सहित कुल 97 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की। मंदसौर पुलिस ने एमडी ड्रग्स एवं डोडाचूरा तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 526 ग्राम एमडी ड्रग्स, 5.640 किलोग्राम डोडाचूरा एवं मोटरसाइकिल जब्त की। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 5 लाख 60 हजार रुपये है। थाना सुवासरा पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 30 ग्राम स्मैक, 7 किलोग्राम डोडाचूरा एवं मोबाइल फोन जब्त किया। कुल 1 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की।  थाना दलौदा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कंटेनर वाहन में परिवहन किया जा रहा 71 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया। डोडाचूरा एवं वाहन सहित कुल 50 लाख 65 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की। रीवा थाना चोरहटा पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत परिवहन किया जा रहा 79.190 किलोग्राम गांजा, एक बोलेरो वाहन एवं तीन मोबाइल फोन जब्त किए। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कुल 20 लाख 17 हजार रुपये  की संपत्ति जब्त की गई। नरसिंहपुर नरसिंहपुर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत कार्रवाई करते हुए 53 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त फ्रॉन्क्स कार जब्त की। गांजा एवं वाहन सहित कुल 18 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।  रतलाम थाना जावरा शहर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 67.58 ग्राम एमडी ड्रग्स, जिसकी कीमत लगभग 6 लाख 70 हजार रुपये तथा घटना में प्रयुक्त रेनाल्ट काइगर कार जब्त की। इंदौर क्राइम ब्रांच इंदौर ने चेकिंग के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 12.58 ग्राम एमडी ड्रग्स, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये जब्त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर मादक पदार्थ के स्रोत एवं नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इसके अतिरिक्त क्राइम ब्रांच इंदौर की एक अन्य कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 14.9 ग्राम एमडी ड्रग्स एवं ऑटो सहित कुल 2 लाख 90 हजार रुपये का की संपत्ति जब्त की गई। शिवपुरी थाना करैरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11.15 ग्राम स्मैक, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये है, जब्त की। राजगढ़ थाना भोजपुर पुलिस ने ऑपरेशन शुद्धि के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 14.52 ग्राम स्मैक एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल 1 लाख 90 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई। जबलपुर क्राइम ब्रांच एवं थाना तिलवारा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गांजा कारोबार में लिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 3 किलो 978 ग्राम गांजा एवं मोबाइल फोन जब्त किया गया। जब्त गांजे की कीमत लगभग 1 लाख 98 हजार रुपये से अधिक है। अशोकनगर थाना ईसागढ़ पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 45 गांजे के पौधे एवं 30 किलो 560 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया। कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये है। खरगोन थाना बेड़िया पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत कपास की फसल के बीच अवैध रूप से उगाए गए 176 गांजे के हरे पौधे, कुल वजन 35 किलो 900 ग्राम, जब्त किए। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत 2 लाख 88 हजार रुपये है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। भोपाल जीआरपी थाना जीआरपी बीना पुलिस ने दो आरोपियों से 8 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 4 लाख रुपये है, जब्त किया। बैतूल थाना शाहपुर पुलिस ने ग्राम सेमरपुरा में मक्के की फसल के बीच छिपाकर उगाए गए 1,270 गांजे के पौधे, कुल वजन 54.20 किलोग्राम, जब्त किए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 2 लाख 16 हजार से अधिक है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। थाना बीजादेही पुलिस ने ग्राम ढोढरामउ में मक्का एवं तुअर की फसल के बीच उगाए गए 175 गांजे के पौधे, कुल वजन 39 किलो 800 ग्राम, जब्त किए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1 लाख 56 हजार रुपये है। भूमि स्वामी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। सीधी थाना अमिलिया पुलिस ने ग्राम बल्हया में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 94 ग्राम गांजा एवं बिना नंबर की होंडा एक्टिवा जब्त की। कुल 1 लाख 03 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई। विदिशा थाना सिरोंज पुलिस ने गांजा बिक्री की तैयारी कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलो 113 ग्राम गांजा, मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रिक तोल कांटा एवं नकदी सहित कुल 1 लाख 56 हजार 900 रुपये की संपत्ति जब्त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट प्राप्त होने पर उसे जेल दाखिल कराया गया। भोपाल थाना टीटी नगर पुलिस ने नशा मुक्त भारत अभियान के दौरान कार्रवाई करते … Read more

विगत एक सप्ताह में 2 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चोरी एवं नकबजनी की वारदातों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में पुलिस ने चोरी की वारदातों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभिन्न जिलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 2 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्रमुख कार्यवाही मुरैना थाना सिविल लाइन पुलिस ने चार आरोपियों के कब्जे से 41 लाख 21 रुपये से अधिक नगदी, अवैध 32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा राउंड, धारदार चाकू, लोहे का सरिया, घटना में प्रयुक्त i-20 कार, दो बैग, चार मोबाइल एवं नोटबुक सहित लगभग 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्‍त थाना बागचीनी पुलिस ने टावर से चोरी करने वाली अंतरजिला गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी में प्रयुक्त वाहन, कटर एवं अन्य उपकरण तथा चोरी किए गए माल सहित लगभग 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की। इस प्रकार दोनों कार्यवाहियों में लगभग 65 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। धार थाना मनावर पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में 385 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग 55 लाख रुपये है, जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं थाना राजगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में तीन चोरी की बाइक बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिनकी कीमत करीब 2 लाख 25 रुपये है। इस प्रकार जिले में लगभग 57 लाख 25 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। ग्वालियर पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले चार शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से लगभग 45 लाख रुपए की चोरी की संपत्ति जब्त की है। इंदौर राऊ पुलिस ने मालिक की क्रेटा कार से 27 लाख रुपये की चोरी की वारदात का CCTV एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खुलासा करते हुए आरोपी नौकर को गिरफ्तार किया। आरोपी से 24 लाख 50 हजार रुपये जब्त किए। छतरपुर थाना ओरछा रोड पुलिस ने ग्राम धमौरा में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण एवं घटना में प्रयुक्त हुंडई एक्सटर कार सहित लगभग 24 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। राजगढ़ थाना मलावर पुलिस ने चोरी के अपराध में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की तांबे की विद्युत केबल के दो बंडल (करीब 80 फीट) एवं वारदात में प्रयुक्त बोलेरो वाहन सहित लगभग 10 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। जीआरपी रेलवे स्टेशन उज्जैन पर महिलाओं के हाथ से सोने के कंगन काटकर चोरी करने वाली गैंग के चार आरोपियों को जीआरपी उज्जैन ने गिरफ्तार कर छह सोने के कंगन, कुल 69 ग्राम, एवं चार कटर बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 9 लाख 50 हजार रुपये है। विदिशा थाना कुरवाई पुलिस ने बर्तन बेचने की आड़ में ग्रामीण क्षेत्रों में घरों की रेकी कर चोरी करने वाली अंतरराज्यीय महिला चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। उज्जैन थाना पंवासा पुलिस ने सूने मकानों में चोरी के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया 11 पत्तियों वाला सोने का हार बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 2 लाख 20 हजार रुपये है। खंडवा थाना पदमनगर पुलिस ने नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से करीब 2 लाख रुपये की चोरी गई संपत्ति एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। छिंदवाड़ा थाना कुण्डीपुरा पुलिस ने शासकीय हाई स्कूल माल्हनवाड़ा से साउंड सिस्टम, 32 इंच LCD एवं 65 इंच LG इंटरएक्टिव पैनल चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की चोरी गई संपत्ति जब्त की। देवास ऑपरेशन त्रिनेत्रम् के तहत पुलिस ने रक्षाबंधन की रात आठ दुकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज एवं मुखबिर सूचना से आरोपी की पहचान कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और चोरी की संपत्ति जब्त की है। एक अन्य कार्रवाई में थाना विजयागंज मंडी पुलिस ने पनडुब्बी मोटर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई छह पनडुब्बी मोटर जब्त कीं। इस प्रकार जिले में लगभग 91 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। सागर मोतीनगर पुलिस ने घर में चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया। आरोपियों के कब्जे से लगभग 70 हजार रुपये के सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस की तत्परता, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग एवं बेहतर समन्वय से चोरी की घटनाओं में आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी तथा चोरी गई संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन की संपत्ति की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री एवं अवैध रूप से मादक पदार्थों की खेती के विरुद्ध पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्‍त की है। प्रमुख कार्यवाहियां नीमच जिले की पुलिस चौकी कंजार्डा ने मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 424 किलो अवैध डोडाचूरा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 63 लाख 60 हजार है, जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक अन्‍य कार्यवाही थाना जीरन पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के पदार्थ तस्करों के विरूद्व कार्यवाही करते हुए 12 क्विंटल 70 किलो अवैध डोडाचुरा एवं ट्रक सहित लगभग 65 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने 01 करोड़ 28 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। इंदौर थाना चंदन नगर पुलिस ने नशा तस्‍कर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विदेशी महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 57.18 ग्राम कोकीन, मोबाइल फोन सहित लगभग 29 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। शिवपुरी थाना कोतवाली पुलिस ने नशीले पदार्थों के विक्रय के विरुद्ध तीन अलग-अलग कार्यवाहियों में स्मैक का विक्रय करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से 48.36 ग्राम स्मैक, मोटरसाइकिल एवं बुलेरो वाहन सहित लगभग 22 लाख 10 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। बालाघाट पुलिस ने थाना चांगोटोला के एनडीपीएस एक्ट के अपराध में पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी से पूछताछ के बाद ओडिशा में दबिश देकर एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 31.570 किलोग्राम गांजा, कीमत लगभग 16 लाख रूपए, का जब्‍त किया। विदिशा पुलिस ने अवैध मादक पदा‍र्थों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए गंजबासौदा क्षेत्र से 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 18 ग्राम ब्राउन शुगर, 147 लीटर अवैध शराब, 500 एबल के इंजेक्शन, 70 सिरिंज, 32 मोबाइल एवं 01 मोटरसाइकिल सहित लगभग 9 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। उज्जैन थाना जीवाजीगंज पुलिस ने नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए वाहन चेकिंग के दौरान ई-रिक्शा चालक को रोककर उसके कब्जे से 255 ग्राम अवैध चरस कीमत लगभग 2 लाख रूपये जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं थाना खाचरोद पुलिस ने बुरानाबाद जंगल में अवैध रूप से गांजे की खेती का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया तथा कुटिया के पास पेड़-पौधों की आड़ में उगाए गए 26 किलो 96 ग्राम गांजा कीमत लगभग 4 लाख रूपये का जप्त किया। दोनों कार्रवाइयों में लगभग 6 लाख रूपए का मादक पदार्थ जप्त किया। मैहर पुलिस ने थाना कोतवाली क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 152 शीशी नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया। इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई कर रही है। मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री एवं इनके स्रोतों पर प्रहार करते हुए पुलिस द्वारा लगातार निगरानी, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  

तीन दिवसीय फॉरेंसिक, वैज्ञानिक एवं डिजिटल विवेचना प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, तार्किक एवं साक्ष्य-आधारित बनाने तथा विवेचकों एवं स्टाफ को आधुनिक फॉरेंसिक एवं डिजिटल तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से विशेष पुलिस महानिदेशक  पंकज वास्तव के निर्देशन में तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक  साकेत पाण्डेय,  प्रशांत खरेएवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक  मनीष खत्री के मार्गदर्शन मेंअपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 03 दिवसीय विशेष फॉरेंसिक, वैज्ञानिक एवं डिजिटल विवेचना प्रशिक्षण कार्यशालाका आयोजन आज शुभारंभ हुआ।कार्यशाला 01 से 03 सितम्बर 2026 तक आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों को अपराध स्थल से साक्ष्य संकलन, संरक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण, आधुनिक अपराध अनुसंधान तकनीकों, फॉरेंसिक साइंस तथा डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे अपराधों की अनुसंधान एवं विवेचना तार्किक व वैज्ञानिक साक्ष्यों से परिपूर्ण हो सके और दोषसिद्धि दर (कन्विक्शन रेट) में वृद्धि हो सके। कार्यशाला में राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। कार्यशाला का शुभारंभ 01 सितंबर को प्रातः 10 बजे हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तृत परिचर्चा की और प्रतिभागियों को कार्यशाला के उद्देश्यों से अवगत कराया। डायरेक्टर फिंगर प्रिंट शाखा  मनोज राजपुत ने चांस प्रिंट (घटनास्थल पर मिलने वाले अस्पष्ट अंगुल चिन्ह) को विकसित करने की आधुनिक विधियों, घटनास्थल निरीक्षण एवं जब्ती प्रक्रिया, विवादित दस्तावेजों में अंगुल चिन्ह की जाँच, इंकलेस पैड व लाइव स्कैनर के माध्यम से सर्च स्लिप तैयार करने की प्रक्रिया, तथा NAFIS एवं MCU प्रणाली से जुड़े विधिक प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक सीआईडी  ऋतुराज गुप्ता ने प्रश्नगत दस्तावेज परीक्षण (भाग-1) के अंतर्गत आधुनिक आपराधिक न्याय परिदृश्य में प्रश्नगत दस्तावेजों के महत्व, उनके वर्गीकरण एवं परीक्षण, संदेहास्पद अभिलेखों की जब्ती तथा परीक्षण के आधारभूत सिद्धांतों को समझाया।  गुप्ता ने प्रश्नगत दस्तावेज परीक्षण के द्वितीय भाग में हस्ताक्षर एवं हस्तलेख मिलान, कूटरचित (जाली) दस्तावेजों की पहचान, मानक तुलनात्मक नमूने (specimens) एकत्र करने की विधि तथा संबंधित केस स्टडीज पर व्यावहारिक जानकारी दी। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय भोपाल के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा एस.सी.आर.बी. तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें e-Sakshya (ई-साक्ष्य), e-Vivechana (ई-विवेचना), e-Raksha (ई-रक्षा) तथा ICJS पोर्टल्स के विवेचना में व्यावहारिक उपयोग, डिजिटल साक्ष्य अपलोडिंग, केस डायरी के डिजिटाइजेशन तथा कोर्ट-प्रॉसिक्यूशन डेटा के एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला के आगामी सत्रों में फॉरेंसिक भौतिकी एवं वॉयस में भौतिकी साक्ष्य प्रबंधन, फॉरेंसिक रसायन एवं विष विज्ञान, फॉरेंसिक बायोलॉजी, सीरोलॉजी एवं DNA, अपराध स्थल अन्वेषण, क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन किट, बैलिस्टिक्स, CID Photography तथा न्यायालयीन प्रमाणीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विवेचना की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, वैज्ञानिक साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग तथा आधुनिक तकनीक को पुलिस अनुसंधान एवं न्यायिक प्रक्रिया से प्रभावी रूप से जोड़ने की दिशा में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राजगढ़ में नाबालिग से बाल विवाह व दुष्कर्म मामले में 5 गिरफ्तार

भोपाल  महिलाओं, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संवेदनशील अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के राजगढ़ एवं आगर मालवा जिलों में पुलिस टीमों ने तत्परता, संवेदनशीलता एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए मानव तस्करी, बाल विवाह, दुष्कर्म एवं महिलाओं के शोषण से जुड़े गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हुआ है कि मध्यप्रदेश पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। राजगढ़ जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने 12 वर्षीय नाबालिग बालिका से बाल विवाह, खरीद-फरोख्त, दैहिक शोषण एवं प्रताड़ना के अत्यंत संवेदनशील मामले का खुलासा करते हुए 6 नामजद आरोपियों में से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक  अमित तोलानी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। प्रकरण में सामने आया कि पीड़िता के पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां की दूसरी शादी आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर निवासी गुना से कराई गई थी। इसके बाद आरोपी पीड़िता एवं उसकी मां को राजगढ़ लेकर आया, जहां सुनियोजित तरीके से 3 फरवरी 2025 को 12 वर्षीय बालिका का विवाह भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से करा दिया गया। आरोपियों द्वारा इस बाल विवाह के एवज में लाखों रुपये नगद एवं जेवरात लिए गए। विवाह के बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म एवं लगातार शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की गई। मामले में अन्य आरोपियों द्वारा भी पीड़िता का शोषण किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामला थाना प्रभारी के संज्ञान में आने पर उन्होंने अत्यंत संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बालिका की काउंसलिंग की, जिससे पीड़िता ने साहसपूर्वक अपनी आपबीती पुलिस को बताई। इसके बाद थाना कोतवाली राजगढ़ में पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर, देवराज गुर्जर, सागर गुर्जर, शैतानबाई तथा पीड़िता की मां शामिल हैं। वहीं मुख्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर फरार है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक राजगढ़ द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इसी प्रकार आगर मालवा के थाना बड़ौद पुलिस ने मानव तस्करी एवं जबरन विवाह कराने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए त्वरित कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिस अधीक्षक आगर मालवा  दिलीप कुमार सोनी के निर्देशनमें यह कार्रवाई की गई। प्रकरण में बैतूल निवासी युवती द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि वह इंदौर में कार्य करने जा रही थी, तभी शाहपुर बस स्टॉप से कुछ व्यक्तियों ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे वाहन में बैठा लिया। आरोपियों द्वारा युवती को राजस्थान निवासी व्यक्ति से जबरन विवाह कराने एवं रुपये लेकर बेचने की योजना बनाई गई थी। विरोध करने पर युवती को जान से मारने एवं अन्य स्थान पर बेच देने की धमकी भी दी गई। घटना के दौरान पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस कंट्रोल रूम आगर को सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही डायल-112, कंट्रोल रूम एवं थाना बड़ौद पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और तकनीकी विश्लेषण एवं लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर राजस्थान सीमा से लगे क्षेत्र में सघन घेराबंदी की गई। पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता एवं सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित बरामद कर आरोपी ईश्वर सिंह बागरी को गिरफ्तार कर लिया।थाना बड़ौद में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस द्वारा न केवल त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं न्याय दिलाने हेतु संवेदनशील पुलिसिंग को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगा।