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मंत्री राजपूत ने बताया, एक लाख 45 हजार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी

एमएसपी पर गेहूँ की खरीदी जारी एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से की जा चुकी है 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : मंत्री राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 920 करोड़ 7 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 5 लाख 36 हजार 367 किसानों द्वारा 2 करोड़ 25 लाख 96 हजार 450 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 कर दी गई है। इससे समय पर किसानों द्वारा लाये गए गेहूं की तुलाई हो सकेगी। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है। स्लॉट बुकिंग की क्षमता बढ़ाई उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं मंत्री राजपूत ने बताया है कि उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से 51 लाख 75 हजार 370 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है। उपार्जन के लिए रिकार्ड पंजीयन प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

विजय इंदर सिंगला का आरोप, महिला आरक्षण की आड़ में BJP कर रही है भेदभाव

मानसा महिला आरक्षण की आड़ में BJP भेदभाव कर रही है। इसलिए, 16 अप्रैल 2026 को 131वें संविधान संशोधन बिल को इंडियन नेशनल कांग्रेस और उसके साथियों ने पूरी तरह से सही कारणों से खारिज कर दिया था। पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। यह 2023 में पास हुए 106वें संविधान संशोधन के तहत पहले से ही देश का कानून है। इसे कांग्रेस का पूरा समर्थन था। यह 131वां संशोधन बिल 16 अप्रैल 2026 को लाया गया था। इससे महिला आरक्षण की आड़ में भेदभाव और सीट बढ़ाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि 2023 में कानून पास करने के बाद, BJP की सरकार ने इसे लागू करने में करीब 30 महीने की देरी की। लेकिन अब 16 अप्रैल, 2026 को कानून नोटिफाई किया गया और उसी दिन लोकसभा का विस्तार करने, संसदीय क्षेत्रों को फिर से बांटने और रिप्रेजेंटेशन बदलने के लिए नए बिल पेश किए गए। यह यहां लागू करने में देरी करने, फिर इसे डिलिमिटेशन के साथ जोड़ने और आखिर में कुछ राज्यों के पक्ष में राजनीतिक ताकत को फिर से बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करने की एक साफ रणनीति दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में 13 लोकसभा सीटें हैं। पुराने आंकड़ों के आधार पर डिलिमिटेशन के तहत इसका हिस्सा कम हो जाएगा। इससे MSP, फाइनेंशियल डिस्ट्रीब्यूशन और मानसा और पंजाब के हर जिले के किसानों, मजदूरों और परिवारों को प्रभावित करने वाले हर राष्ट्रीय फैसले पर राज्य का असर सीधे तौर पर कम हो जाएगा। पंजाब एक बॉर्डर राज्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्र और भारत की खाद्य सुरक्षा की रीढ़। इसने जिम्मेदारी से जनसंख्या स्थिरता का पालन किया है और फिर भी इसे सही काम करने की सजा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं असली एम्पावरमेंट और राजनीतिक पैंतरेबाजी के बीच का अंतर समझती हैं। वे देरी, कमजोरी और भटकाव को पहचानती हैं। यह सिर्फ़ रिज़र्वेशन का सवाल नहीं है। यह राज्यों की आवाज़ और हमारी डेमोक्रेसी की ईमानदारी का सवाल है। कांग्रेस पंजाब, मानसा और हर उस नागरिक के साथ खड़ी रहेगी जो यह मानता है कि संवैधानिक अधिकार राजनीतिक फ़ायदे के लिए सौदेबाज़ी की चीज़ नहीं हैं।

MLA दिनेश चड्ढा का वादा, गतका खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतरीन सुविधाएं

रूपनगर रूपनगर जिले के खिलाड़ियों ने 12वीं पंजाब स्टेट गतका चैंपियनशिप 2026 के दौरान अलग-अलग एज ग्रुप के मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करके ओवरऑल चैंपियनशिप जीती। पास के गांव लौदीमाजरा में खत्म हुए सालाना टूर्नामेंट में गुरदासपुर की टीम दूसरे और फतेहगढ़ साहिब तीसरे स्थान पर रही। इस टूर्नामेंट के दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया, जिसमें बलजोत सिंह रूपनगर ने सब-जूनियर कैटेगरी में बेस्ट गतका खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती, दिलराज सिंह अमृतसर ने जूनियर कैटेगरी में बेस्ट खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती और अमनप्रीत सिंह फतेहगढ़ साहिब ने सीनियर कैटेगरी में बेस्ट खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती। रूपनगर MLA दिनेश चड्ढा ने समापन समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होकर गतका एसोसिएशन डिस्ट्रिक्ट रूपनगर की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिला रूपनगर खालसा की जन्मभूमि है, इसलिए इस जिले के लोगों की खास जिम्मेदारी है कि वे विरासती खेल गतका को बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे गतका खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों से भी बात करेंगे और इस खेल को बढ़ावा देने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जाएगी। इस बीच, नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट हरजीत सिंह ग्रेवाल ने टीमों के खिलाड़ियों, रेफरी और कोच का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी मिली-जुली कोशिशों से गतका खेल लगातार तरक्की की राह पर है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड गतका फेडरेशन का लक्ष्य गतका को ओलंपिक खेलों में शामिल कराना है, जिसके लिए वे पूरी तरह समर्पित हैं। इस कार्यक्रम में इलाके की धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। इस मौके पर बरिंदर सिंह ढिल्लों, इंदरपाल राजू सत्याल, नेशनल गतका एसोसिएशन के फाइनेंस सेक्रेटरी बलजीत सिंह सैनी, हरप्रीत सिंह लखेवाल, अमनिंदर सिंह रेहल, सुरिंदर सिंह हरिपुर, जगदीप सिंह थली, बीबी मनजीत कौर, गुरप्रीत सिंह भाऊवाल, गुरविंदर सिंह रूपनगर, चीफ रेफरी नरिंदर सिंह पारस, जसप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह घनौली और दूसरे लोग मौजूद थे।

Solar Fair in Chapra: सोलर पैनल पर मिल रही 78 हजार की सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं लाभ

छपरा. जिला प्रशासन, सारण के तत्वावधान में विद्युत आपूर्ति अंचल, छपरा द्वारा भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में PM Surya Gharमुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर लोन मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने लोगों को सौर ऊर्जा के उपयोग से होने वाले लाभों और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ता न केवल अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा बिना किसी जमानत के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी किस्त लगभग बिजली बिल के बराबर होगी और पांच वर्षों में उपभोक्ता अपनी लागत की भरपाई कर सकते हैं। बैंक दे रहे आसान लोन की जानकारी  मेले में एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, इंडियन बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित कई प्रमुख बैंकों ने स्टॉल लगाकर उपभोक्ताओं को सोलर पैनल स्थापना हेतु आसान और आकर्षक ब्याज दरों पर ऋण की जानकारी दी। योजना के तहत 1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सरकारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है। साथ ही उपभोक्ता अपनी छत पर सोलर प्लांट लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकते हैं। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल सारण को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में विद्युत अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता सहित विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Punjab Crackdown: होशियारपुर में इंटरनेशनल ड्रग-आर्म्स रैकेट का पर्दाफाश, 70 करोड़ की हेरोइन जब्त

होशियारपुर. होशियारपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय और विदेशी संबंधों वाले नशा व गैरकानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 9.925 किलोग्राम हेरोइन, दो .30 बोर की विदेशी पिस्तौलें, आठ मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को हाल के समय की बड़ी सफलताओं में माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनजिंदर सिंह उर्फ सोनू निवासी गांव पथरालियां (होशियारपुर), शिवम भंडारी निवासी धीना (जालंधर), साहिल मसीह उर्फ मोनू निवासी गांव पखोके टाहली (गुरदासपुर) और रमेल रौजर निवासी गढ़शंकर (होशियारपुर) के रूप में हुई है। गढ़शंकर क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की गई कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताते हुए संदीप कुमार मलिक ने कहा कि पुलिस को विश्वसनीय स्रोतों से पुख्ता सूचना मिली थी। इसके आधार पर गढ़शंकर क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की गई। इसी दौरान एक कार को शक के आधार पर रोका गया, जिसमें सवार चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान गाड़ी से हेरोइन और हथियारों की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस पर फायरिंग मामले में भी नामजद आरोपित उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल साहिल मसीह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और वह बटाला में पुलिस पार्टी पर हुई गोलीबारी की घटना में भी नामजद है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। पुलिस ने इस मामले में गढ़शंकर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है, ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचकर इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

Border Action: BSF और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ड्रोन के जरिए तस्करी नाकाम, हेरोइन जब्त

फिरोजपुर. फिरोजपुर के बॉर्डर एरिया में बी.एस.एफ. और पुलिस द्वारा सर्च के दौरान 2 किलो 567 ग्राम हेरोइन और तीन ड्रोन बरामद किए गए हैं। इस संबंध में थाना सदर फिरोजपुर और थाना ममदोट पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामले धर्ज किए हैं। थाना सदर फिरोजपुर के एच.सी. रमेश कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ड्रोन एक्टिविटी हुई है। इस पर पुलिस पार्टी कमाले वाला गांव पहुंची जहां बी.एस.एफ. के साथ संयुक्त ऑपरेशन के दौरान दो ड्रोन और हेरोइन के दो पैकेट बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए दो पैकेट में से 1 किलो 550 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। थाना सदर के ही सहायक थानेदार विनोद कुमार ने बताया कि उनकी पुलिस पार्टी गश्त के लिए रवाना थी तो उन्हें सूचना मिली कि गांव गुलाम हुसैन वाला के खेतों में कुछ संदिग्ध चीज पड़ी है जो पुलिस और बी.एस.एफ. के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 34 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। थाना ममदोट के एस.आई. दीपक कुमार ने बताया कि उनकी पुलिस पार्टी ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 1 किलो 68 ग्राम हेरोइन और एक टूटा हुआ ड्रोन बरामद किया। जांच अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून AAP की ऐतिहासिक सफलता, नील गर्ग ने की सराहना

बठिंडा आम आदमी पार्टी पंजाब के सीनियर लीडर और चेयरमैन नील गर्ग ने कहा कि पंजाब सरकार का बेअदबी के मामलों के खिलाफ सख्त कानून बनाना राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पल है। यह बिल, जो मुख्यमंत्री भगवंत मान की लीडरशिप में बैसाखी के पवित्र दिन पंजाब विधानसभा में पास हुआ था, अब गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साइन के बाद कानून बन गया है। चेयरमैन नील गर्ग ने कहा कि बैसाखी के पवित्र दिन लाया गया यह बिल पूरे पंजाब और दुनिया के सिख समुदाय के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि संगत की दुआओं और लंबे संघर्ष का नतीजा है। इस ऐतिहासिक कदम से सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांगें पूरी हुई हैं। बेअदबी जैसे सेंसिटिव मुद्दे पर सख्त कानूनी नियम लाकर पंजाब सरकार ने साफ मैसेज दिया है कि धार्मिक भावनाओं से खेलने वालों को कभी बख्शा नहीं जाएगा। नील गर्ग ने इस कानून को लागू करने के लिए सभी MLA, संतों और कानूनी जानकारों का धन्यवाद किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक मौके पर पूरी सिख संगत को बधाई दी और कहा कि यह कानून पंजाब में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को और मजबूत करेगा। चेयरमैन नील गर्ग ने कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि पंजाब की आत्मा की रक्षा के लिए लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला है। हम सभी गुरु साहिब के आगे सिर झुकाते हैं और इस सेवा के लिए उनका लाख-लाख शुक्रिया अदा करते हैं।  

ईरानी जहाज के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने के बाद अमेरिका ने किया हमला, बातचीत का रास्ता क्या होगा?

वाशिंगटन/तेहरान  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना ने गल्फ ऑफ ओमान में एक ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज तौस्का पर गोलीबारी कर उसे जब्त कर लिया. जहाज अमेरिकी नौसेना की ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहा था. इस घटना ने क्षेत्र में पहले से ही अस्थिर युद्धविराम को और कमजोर कर दिया है, जबकि पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता पर गहरा संकट छा गया है।  सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यूएसएस स्प्रुएंस ने तौस्का को रोका और उसे रुकने की उचित चेतावनी दी. ईरानी क्रू ने नहीं माना, इसलिए हमारी नौसेना ने उनके इंजन रूम में छेद कर उन्हें रोक दिया. अब यह जहाज यूएस मरीन्स की कस्टडी में हैं और देख रहे हैं कि उसमें क्या है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी इसकी पुष्टि की. जहाज ईरान के अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहा था. ईरान की सेना ने राज्य मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी है कि वह जल्द ही जवाबी कार्रवाई करेगी. ईरानी अधिकारियों ने इस घटना को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।  गौरतलब है कि पिछले हफ्तों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने अमेरिकी ब्लॉकेड के जवाब में जलमार्ग को बंद रखा हुआ है. इससे ग्लोबल तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है. इस बीच, व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि उपराष्ट्रपति जेडी वांस और उच्च स्तरीय अमेरिकी अधिकारी आने वाले दिनों में पाकिस्तान जाकर ईरान के साथ शांति वार्ता का नया दौर करेंगे. हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका ब्लॉकेड नहीं हटाता तब तक वह अपने दूत नहीं भेजेगा. इस बीच मौजूदा युद्ध विराम की मियाद बुधवार को समाप्त हो जा रही है. इसे बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन नई घटना ने स्थिति को जटिल बना दिया है।  वार्ता में अड़चने वार्ता में कई प्रमुख अड़चनें हैं. ईरान के यूरेनियम स्टॉक पर नियंत्रण, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी मांगें इसमें सबसे अहम हैं. ईरान अमेरिकी ब्लॉकेड को युद्धविराम का उल्लंघन मान रहा है, जबकि अमेरिका का कहना है कि ईरान ने जहाजों पर फायरिंग कर समझौते का उल्लंघन किया. इस तनाव का वैश्विक प्रभाव साफ दिख रहा है. रविवार को तेल की कीमतों में फिर उछाल आया. ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी क्रूड दोनों में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. दुनिया के लगभग फीसदी तेल की ढुलाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती है. कई दिनों से यहां शिपिंग प्रभावित है, जिससे एशिया और यूरोप में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका है।  पाकिस्तान इन वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. पहले दौर की वार्ता में 21 घंटे की चर्चा के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका था. उपराष्ट्रपति वांस ने तब कहा था कि ईरान अमेरिकी शर्तों- खासकर परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता को मानने को तैयार नहीं है. अब नई घटना के बाद वार्ता की संभावनाएं धूमिल नजर आ रही हैं. विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है. अगर युद्ध विराम नहीं बढ़ाया गया तो फिर से पूर्ण युद्ध की स्थिति बन सकती है. अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ब्लॉकेड तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान अपनी मांगें पूरी नहीं करता. वहीं ईरान कह रहा है कि जब तक अमेरिका अपने बंदरगाहों पर ब्लॉकेड नहीं  .हटाता, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलना नामुमकिन है। 

भारत-रूस समझौता: 3000 सैनिक एक-दूसरे की ज़मीन पर तैनात, जेट और युद्धपोत भी होंगे शामिल

 नई दिल्ली भारत और रूस ने हाल ही में एक बहुत महत्वपूर्ण सैन्य समझौता किया है. इस समझौते का नाम है इंडो-रूसी रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट यानी RELOS. फरवरी 2025 में साइन हुए इस समझौते को जनवरी 2026 से लागू कर दिया गया है. अब दोनों देश एक-दूसरे के इलाके में ज्यादा से ज्यादा 3000 सैनिक, 10 एयरक्राफ्ट यानी हवाई जहाज और 5 वॉरशिप यानी युद्धपोत तैनात कर सकते हैं।  यह समझौता 5 साल के लिए है. अगर दोनों पक्ष चाहें तो इसे और 5 साल बढ़ाया भी जा सकता है. समझौते में साफ नियम बनाए गए हैं कि दोनों देश अपने सैनिकों, जहाजों और हवाई जहाजों को कैसे सपोर्ट करेंगे. इसका मुख्य मकसद संयुक्त सैन्य अभ्यास, मानवीय मदद और आपदा राहत जैसे कामों को आसान बनाना है।  समझौता क्या है और इसमें क्या-क्या शामिल है? यह RELOS समझौता दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स यानी सप्लाई और सपोर्ट का आदान-प्रदान करने वाला है. पहले भारत और अमेरिका के बीच भी ऐसा ही LEMOA समझौता हुआ था. अब रूस के साथ भी यही हुआ है. समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य अड्डों, बंदरगाहों और एयरबेस पर सैनिक, जहाज और एयरक्राफ्ट रख सकते हैं।  अधिकतम 3000 सैनिक एक साथ रह सकते हैं. 10 फाइटर प्लेन या ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 5 युद्धपोत भी एक साथ तैनात किए जा सकते हैं. समझौते में लिखा है कि तैनात सैनिकों को ईंधन, मरम्मत, खाना, स्पेयर पार्ट्स और हर तरह का टेक्निकल सपोर्ट दिया जाएगा. यह सिर्फ युद्ध के लिए नहीं है बल्कि मुख्य रूप से संयुक्त ट्रेनिंग, अभ्यास और मदद के कामों के लिए है. रूस की संसद ने दिसंबर 2025 में इसे पास किया और अब यह पूरी तरह लागू हो चुका है।  भारत और रूस यह सैन्य आदान-प्रदान क्यों कर रहे हैं? भारत और रूस बहुत पुराने दोस्त हैं. दोनों देश 70 साल से ज्यादा समय से सैन्य साझेदारी कर रहे हैं. भारत रूस से ज्यादातर हथियार और सैन्य उपकरण खरीदता है. अब दुनिया की स्थिति बदल रही है. चीन के साथ भारत की सीमा पर तनाव है. रूस यूक्रेन युद्ध में लगा है और अमेरिका-चीन के बीच भी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।  ऐसे में दोनों देश चाहते हैं कि उनकी दोस्ती और मजबूत हो. यह समझौता इसलिए किया गया है ताकि संयुक्त अभ्यास आसानी से हो सके. पहले अभ्यास के लिए सैनिक और सामान लाना-ले जाना बहुत महंगा और मुश्किल होता था. अब दोनों देश एक-दूसरे के बेस इस्तेमाल करके जल्दी और सस्ते में काम कर सकेंगे।  भारत को रूस के आर्कटिक क्षेत्र और फार ईस्ट के बेस मिलेंगे जहां ठंडे इलाकों में ट्रेनिंग हो सकेगी. रूस को भारतीय महासागर के बंदरगाह मिलेंगे जहां उसके जहाज रुक सकेंगे. साथ ही मानवीय मिशन जैसे बाढ़, भूकंप या बचाव कार्य में मदद मिलेगी. यह दोनों देशों की सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए है।  इस समझौते से दोनों देशों को क्या फायदा होगा? इस RELOS समझौते से दोनों देशों को बहुत फायदा होगा. सबसे बड़ा फायदा लॉजिस्टिक्स सपोर्ट का है. मतलब अगर भारतीय सैनिक रूस में अभ्यास करें तो वहां उन्हें रूस का बेस, ईंधन और मरम्मत मिल जाएगी. उसी तरह रूसी सैनिक भारत आएं तो भारतीय बेस पर सब कुछ उपलब्ध होगा. इससे समय और पैसे की बचत होगी।  संयुक्त अभ्यास जैसे INDRA ज्यादा बेहतर और बार-बार हो सकेंगे. आपदा राहत में भी तेजी आएगी. उदाहरण के लिए अगर रूस में कोई प्राकृतिक आपदा हो तो भारतीय सैनिक और जहाज जल्दी मदद पहुंचा सकेंगे. भारत की नेवी को रूस के उत्तरी इलाकों तक पहुंच मिलेगी जो भविष्य में महत्वपूर्ण हो सकता है।  रूस को भारतीय समंदर में मजबूत पकड़ मिलेगी. कुल मिलाकर दोनों देश अपनी सेनाओं को और मजबूत और तैयार रख सकेंगे. यह समझौता सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा।  यह समझौता क्यों महत्वपूर्ण है और आगे क्या होगा? यह समझौता भारत-रूस दोस्ती का नया अध्याय है. दोनों देश लंबे समय से साथ हैं. दुनिया में कई देश ऐसे समझौते कर रहे हैं ताकि अपनी सेनाएं मजबूत रहें. भारत के लिए यह इसलिए खास है क्योंकि वह रूस पर निर्भर है हथियारों के लिए और अब लॉजिस्टिक्स भी आसान हो जाएगी. रूस के लिए भी भारत जैसे मजबूत साथी का बेस मिलना महत्वपूर्ण है. समझौता 5 साल बाद बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल दोनों देश इसे लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। 

विधायक शैरी कलसी का बयान, पंजाब सरकार गांवों के विकास के लिए करती है लगातार काम

बटाला  पंजाब के एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट और MLA शैरी कलसी की तरफ से बटाला शहर में जहां डेवलपमेंट के काम किए जा रहे हैं, वहीं विधानसभा के गांवों में भी कई डेवलपमेंट के काम चल रहे हैं। इसके बाद, उन्होंने गांववालों की मौजूदगी में A.P.K. रोड से अठवाल तक लिंक रोड के स्पेशल रिपेयर के काम का नींव पत्थर रखा। गांववालों से बात करते हुए MLA शैरी कलसी ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली पंजाब सरकार गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है। गांवों के डेवलपमेंट के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। MLA ने कहा कि गांववालों की मांग पूरी करके डेवलपमेंट के काम शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के आने-जाने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गांवों की सड़कों को ठीक किया जा रहा है ताकि आने-जाने वालों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गांवों के हर तरह के डेवलपमेंट के लिए लगातार कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में बेसिक सुविधाएं देने के लिए खास कोशिशें की गई हैं। MLA शैरी कलसी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का मानना ​​है कि गांवों और शहरों में ज़्यादा से ज़्यादा डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं, ताकि गांव और शहर डेवलपमेंट की लाइनों से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़कें, गलियां, नालियां वगैरह सभी सुविधाओं से लैस की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह दिन-रात पब्लिक वेलफेयर के कामों में लगे हुए हैं, ताकि लोगों को सरकारी स्कीमों और प्रोजेक्ट्स का फ़ायदा मिल सके।