शरबती गेहूं के दाम में ऐतिहासिक उछाल, 7 साल का रिकॉर्ड टूटा; आटे की कीमत बढ़ने के संकेत
भोपाल इस साल थाली की रोटी न सिर्फ स्वाद में 'शाही' होगी, बल्कि जेब पर भी भारी पड़ने वाली है। अपनी मिठास और चमक के लिए मशहूर 'शरबती' गेहूं ने इस बार बाजार में ऐसा जलवा बिखेरा है कि दाम पिछले 7 साल के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचे हैं। बारिश व ओलावृष्टि के कारण फसल क्या बिगड़ी, शरबती के तेवर (MP Sharbati Wheat Price) ही बदल गए। शहर में प्रीमियम 5500 से लेकर 6200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक चुका। कारोबारियों की मानें तो दीपावली का त्योहार आते-आते यह आंकड़ा 6500 रुपए के पार निकल जाएगा। आवक की चमक और मौसम की मार वर्तमान में मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर की मंडियां सीहोर, आष्टा, गंजबासौदा और अशोकनगर के शरबती गेहूं से गुलजार तो हैं, लेकिन इस बार आवक में वो दम नहीं है। अप्रेल-जून के सीजन में अमूमन होने वाली 1.50 लाख क्विंटल की आवक इस बार सिमटती दिख रही है। वजह साफ है-बेमौसम बारिश से गेहूं दागी हो गया, जिससे बढिय़ा क्वालिटी के गेहूं की किल्लत हो गई है। शरबती के शौकीनों पर पड़ेगा सीधा असर विशेष स्वाद और मुलायम रोटियों के लिए पसंद किए जाने वाले शरबती गेहूं के उपभोक्ताओं को इस बार अतिरिक्त खर्च के लिए तैयार रहना होगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित आपूर्ति, बेहतर गुणवत्ता (MP Sharbati Wheat Quality) की कमी और त्योहारी मांग बढऩे से आने वाले महीनों में कीमतों में और तेजी आ सकती है। ब्रांडेड आटा भी हुआ 'लाल' थोक बाजार में शरबती गेहूं की बढ़ती कीमतों का असर अब खुदरा बाजार तक पहुंच गया है। ब्रांडेड कंपनियों के पांच किलो आटे के पैकेट 210 से 240 रुपए तक बिक रहे हैं। इससे घरेलू रसोई का मासिक बजट (MP Sharbati Wheat price impact on kitchen budget) और अधिक प्रभावित हो रहा है। हालांकि, सामान्य मिल क्वालिटी के लोकमन गेहूं के दाम अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं। दीनारपुर अनाज मंडी में लोकमन का भाव 2,450 से 2,550 रुपए प्रति क्विंटल के बीच है और प्रतिदिन लगभग 500 क्विंटल की आवक दर्ज की जा रही है। सात वर्षों में ऐसे बढ़ा शरबती का रुतबा वर्ष – दाम 2020 – 3,500- 3,800 2021 – 3,600-4,000 2022 – 4,200-4,600 2023 – 4,400-4,800 2024 – 4,800-5,200 2025 – 5,400-5,800 2026 – 5,500-6,200 नोट : दाम प्रति क्विंटल में