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मध्यप्रदेश में गेहूं खरीद ने तोड़ा रिकॉर्ड, 90 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंचा उपार्जन

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 12 लाख 30 हजार 426 किसानों से 90 लाख 8 हजार 469 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है। मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 18 हजार 707 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 78 लाख 52 हजार 546 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। मंत्री राजपूत ने बताया है कि गेहूँ उपार्जन 23 मई 2026 तक किया जायेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।  

केंद्र का जवाब: पंजाब में गेहूं लिफ्टिंग नहीं रुक रही, 234 ट्रेनें चलाई गईं; उत्पादन घटा

चंडीगढ़  केंद्र सरकार ने पंजाब की मंडियों में भारी भीड़ और गेहूं की लिफ्टिंग न होने को झूठा करार दिया है। अब गेहूं लिफ्टिंग को लेकर केंद्र और सूबे की आप सरकार में तनातनी का माहौल हो गया है।  इसके बावजूद मंडियों से गेहूं का उठाव पिछले साल से बेहतर है। इस साल अब तक 78.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 75.63 लाख मीट्रिक टन था। सरकार का कहना है कि आवक कम होने और उठान अधिक होने से यह स्पष्ट है कि इस बार मंडियों में पिछले साल की तुलना में भीड़ कम है और लिफ्टिंग की व्यवस्था ठीक है। डायरेक्ट डिलवरी योजना से लिफ्टिंग तेज हुई मंडियों में भीड़ कम करने के लिए इस बार सीधी डिलीवरी योजना चलाई गई। अप्रैल में सीधी डिलीवरी के जरिए 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं निकाला गया। मई के लिए 6.6 लाख मीट्रिक टन और जून के लिए 8 लाख मीट्रिक टन की योजना बनाई गई है। केंद्र ने बताया कि आप सरकार के अनुरोध पर गेहूं सीजन में कुल 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधी डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मंडियों में गेहूं रखने की जगह कम न पड़े। 413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी केंद्र सरकार ने बताया कि रेल मंत्रालय और एफसीआई पंजाब से गेहूं की निकासी के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं। अप्रैल में देशभर में चलीं 413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी गईं। इसी तरह मई में भी उपलब्ध 354 ट्रेनों में से 201 ट्रेनें पंजाब के हिस्से में आई हैं, जो कुल राष्ट्रीय आवागमन का लगभग 60 प्रतिशत है। 100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश व दक्षिण के राज्यों के लिए मई में 100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित की गई हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह जमीनी हालात पर नजर रखे हुए हैं और गेहूं की निर्बाध निकासी सुनिश्चित की जा रही है।  

किसानों को मिली बड़ी राहत, गेहूं उपार्जन की तारीख बढ़ाई गई, नया अपडेट जानें

भोपाल  मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन की तारीखों को आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से अबतक अपनी फसलें सरकार को न बेच पाने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। गेहूं उपार्जन व्यवस्था में आ रही दिक्कतों के बीच राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए अहम निर्णय लिए हैं। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्जाट करते हुए कहा कि, जिन किसानों का अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी फसल आसानी से बेच सकें। आपको बता दें कि, अबतक समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन खरीदी की तारीख 9 मई 2026 निर्धारित थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने बढ़ाकर 23 मई तक कर दिया है। यानी किसान सरकार को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर नई निर्धारित तारीख तक बेच सकते हैं। इसी के साथ, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रदेश में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के भी निर्देश दिए हैं। लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा- सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों को निर्देशानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध करने की व्यवस्था कर स्थितियां सुनिश्चित करें। उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। गेहूं के लिए FAQ क्राइटेरिया में रिलेक्सेशन सीएम के निर्देश पर उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्था कर ली गई है। किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज का विक्रय आसानी से कर सकेगा। गेहूं के लिए एफएक्यू मापदंड में शिथिलता प्रदान की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर करने के लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। खरगोन में सीएम का औचक निरीक्षण इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बताया गया कि, महेश्वर प्रवास के दौरान वो अचानक केंद्र पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण भी कर सकते हैं। केंद्रों पर की गई ये व्यवस्थाएं उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि समेत 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए गेहूं उपार्जन एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। अब तक कितनी गेहूं खरीदी? बता दें कि अबतक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस साल युद्ध के विपरीत हालातों के बावजूद किसानों के हित में सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य तय किया है।

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन बड़े एवं मध्यम श्रेणी के 1.60 लाख किसानों ने स्लॉट कराये बुक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान किए गए हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।  

जालंधर में गेहूं की 3.31 लाख मीट्रिक टन खरीद, 882 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ

जालंधर जिले की मंडियों में गेहूं की आवक ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब सरकार के एक-एक दाना खरीदने के वादे के बीच जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक 3,31,419 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए बताया कि किसानों को फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी भी कर दी गई है। हालांकि, कागजों में खरीद की रफ्तार जितनी तेज है, मंडियों में लिफ्टिंग की सुस्त चाल ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस सीजन में जिले में कुल 5 लाख 27 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 60 फीसदी से ज्यादा आवक हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि खरीदी गई फसल का स्टॉक मंडियों से तुरंत उठाया जाए। असल में, अगर समय पर लिफ्टिंग नहीं हुई तो आने वाले दिनों में फसल रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी, जिससे जाम जैसी स्थिति बन सकती है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लिफ्टिंग में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का सबसे बड़ा दावा किसानों को समय पर पेमेंट देने का है। डीसी वालिया के अनुसार, अब तक खरीदी गई फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी सुनिश्चित की गई है।

मध्‍यम और बड़े कृषकों के लिए गेहूं विक्रय की सुविधा: स्‍लॉट बुकिंग प्रणाली की शुरुआत

मध्‍यम एवं बड़े कृषकों को गेहूं विक्रय करने के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा प्रारंभ स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि विगत वर्ष समर्थन मूल्‍य पर लगभग 77 लाख मे.टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मे.टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्‍य रखा गया है। इन्‍दौर, उज्‍जैन, भोपाल, नर्मदापुरम् संभागों के जिलों में 24 अप्रैल से शाम 6 बजे से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों के लिए स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। यह सुविधा पूर्व वर्ष अनुसार ही की गई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्‍वालियर एवं चम्‍बल संभागों के जिलों में 25 अप्रैल (दोपहर 12 बजे) से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों से गेहूं उपार्जन के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। पूरे प्रदेश में स्‍लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्‍येक शनिवार को भी स्‍लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये 7.76 लाख किसानों द्वारा 32.16 लाख मे. टन गेहूं के विक्रय के लिये स्‍लॉट बुक किए जा चुके है। प्रदेश में 3 लाख 96 हजार 97 किसानों से 16 लाख 57 हजार 526 मे. टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय करने वाले 2,01,254 किसानों को 2166.29 करोड़ रुपये के भुगतान के लिये ईपीओ जनरेट किए गए। उपार्जन केन्‍द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके इसके लिये उपार्जन केन्‍द्र पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्‍लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र किया गया। कृषक द्वारा उपार्जन केन्‍द्र की प्रतिदिन तौल क्षमता 2250 क्विंटल के मान से स्‍लॉट बुकिंग की जा सकेगी। प्रत्‍येक उपार्जन केन्‍द्र पर तौल कांटों की संख्‍या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जिससे अधिक संख्‍या में किसान तथा मात्रा के स्‍लॉट बुकिंग कराकर गेहूं का उपार्जन किया जा सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्‍द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्‍थान, जन सुविधाएं आदि की व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं। किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये समस्‍त आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं, जिसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्‍माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्‍प्‍यूटर, नेट कनेक्‍शन, गुणवत्‍ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्‍ना आदि की व्‍यवस्‍था की गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर उपलब्‍ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के पीसी सेप पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्‍य एवं राज्‍य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये आवश्‍यक बारदानों की व्‍यवस्‍था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं की भर्ती जूट बारदाने के साथ-साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये भण्‍डारण की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था की गई है, जिससे उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भण्‍डारण किया जा सके।  

मंत्री राजपूत ने बताया, एक लाख 45 हजार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी

एमएसपी पर गेहूँ की खरीदी जारी एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से की जा चुकी है 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : मंत्री राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 920 करोड़ 7 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 5 लाख 36 हजार 367 किसानों द्वारा 2 करोड़ 25 लाख 96 हजार 450 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 कर दी गई है। इससे समय पर किसानों द्वारा लाये गए गेहूं की तुलाई हो सकेगी। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है। स्लॉट बुकिंग की क्षमता बढ़ाई उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं मंत्री राजपूत ने बताया है कि उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से 51 लाख 75 हजार 370 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है। उपार्जन के लिए रिकार्ड पंजीयन प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

पंजाब मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक, 24 लाख से ज्यादा की हुई खरीदारी: लाल चंद कटारूचक्क

चंडीगढ़/ टांडा  पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज यहां दाना मंडी में गेहूं की खरीद प्रबंधों का जायजा लेते हुए कहा कि राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद निर्विघ्न जारी है और अब तक हुई 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आमद में से 24 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसल खरीदी जा चुकी है। दाना मंडी में विधायक जसवीर सिंह राजा गिल और संबंधित अधिकारियों के साथ पहुंचे कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने निकटवर्ती गांव बस्ती के किसान जैला की ढेरी की खरीद करवाते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में खरीद के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके कारण किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद के बदले न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए के हिसाब से अब तक किसानों के खातों में 647 करोड़ रूपए की अदायगी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना उठाने के लिए वचनबद्ध है, जिसके नतीजे के रूप में मंडियों में निर्विघ्न खरीद जारी है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार खरीद के 48 घंटों के अंदर किसानों को बनती अदायगियां की जा रही हैं और इसके साथ ही लिफ्टिंग भी तेज हो रही है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कहा कि किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए। मंडियों में बोरे, मंडी मजदूर और ढुलाई के प्रबंधों की बात करते हुए लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि पूरे राज्य की मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध अमल में हैं और गेहूं की खरीद सुचारू ढंग से जारी है। उन्होंने किसानों द्वारा अपने खून-पसीने और मेहनत से पैदा किए गए एक-एक दाने को खरीदने की राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में किसानों की फसल न्यूनतम समय में खरीदकर निर्धारित समय में उनके खातों में अदायगियां की जा रही हैं। कैबिनेट मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं के अवशेष को आग न लगाएं, बल्कि कृषि विभाग की टीमों के माध्यम से उपलब्ध मशीनरी से इसका खेतों में ही प्रबंधन करें। पिछले दिनों बेमौसमी बारिश के कारण फसल को हुए नुकसान के बारे में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले ही विशेष गिरदावरी के निर्देश दे दिए थे और किसानों के नुकसान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाएगी। विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल को पिछले सालों की तरह सुचारू ढंग से साथ-साथ खरीदकर लिफ्ट करवाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लगातार किसानों का साथ दिया है और कई बड़े किसान हितैषी फैसले लिए हैं, जिससे राज्य भर में किसानों को बेहद लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल की खरीद के बदले निर्धारित समय के अंदर-अंदर अदायगियां सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी ताकीद की गई है कि मंडियों में किसानों की फसल की समय पर खरीद की जाए। वर्णनीय है कि जिला होशियारपुर में कुल 78 मंडियां स्थापित की गई हैं, जिनमें से 65 मंडियां पक्की और 13 स्थानों पर खरीद के अस्थायी प्रबंध किए गए हैं, जबकि जिले में कुल 3,16,000 मीट्रिक टन गेहूं की आमद की संभावना है। इस मौके पर एस.डी.एम. लवप्रीत सिंह, मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजविंदर सिंह, मार्केट कमेटी सचिव हरप्रीत सिंह, डिप्टी डायरेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति रजनीश कुमारी, डी.एफ.एस.सी. प्रीतकमल सूद आदि भी मौजूद थे।

खेतों में आग से तबाही: पंजाब के चार गांवों में 400 एकड़ फसल जलकर खाक

अबोहर. मलोट के गांव कबरवाला में शुक्रवार सुबह खेतों में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि अबोहर के गांव जोधपुर तक चार गांवों में करीब 400 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान मलोट व अबोहर से पहुंची फायर ब्रिगेड के अलावा किसानों की ओर से कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार आग मलोट के गांव कबरवाला में सुबह 11 खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को आग लग गई, जोकि तेज हवा के कारण पक्की टिब्बी और गुरपुसर से फैलते हुए बललूआना क्षेत्र के गांव जोधपुर तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया और किसानों की साल भर की मेहनत मिनटों में राख हो गई। सूचना मिलने पर मलोट और अबोहर से फायर ब्रिगेड की लगभग 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया। इसके साथ ही किसानों ने भी हिम्मत दिखाते हुए ट्रैक्टरों से मिट्टी डालकर और खेत जोतकर आग के फैलाव को रोकने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी राजकुमार व किसानों ने बताया कि आग लगने के कारणों का तो पता नहीं चला है, लेकिन अनुमान है कि इस आग से करीब 400 एकड़ के करीब गेहूं की फसल राख हो गई है। उन्होंने बताया कि इनमें कई छोटे किसान भी शामिल है जिनकी पांच से 10 एकड़ तक फसल राख हो गई, व जबकि कई लोगों ने ठेके पर जमीन लेकर भी बिजाई कर रखी थी। इस दौरान सरपंच सतनाम सिंह जोधपुर, साहिब सिंह नंबरदार, सुरजीत सिंह, हरि कृष्ण सिंह, प्रीतम सिंह, दर्शन सिंह और बूटा सिंह ने कहा कि आग के कारण उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई है। इसलिए सरकार और प्रशासन से मांग की गई है कि हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने कहा कि अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो आग गांव मलूकपुरा में फैल सकती थी। इसके अलावा गांव राजपुरा में सरकंडी को आग लगने से आग घरों तक फैलने का खतरा पैदा हो गया, जिस पर समय रहते काबू पा लिया गया।

केंद्र ने पंजाब-चंडीगढ़ के किसानों को गेहूं खरीद के लिए दी विशेष छूट, राहत की खबर

चंडीगढ़  बेमौसम बारिश से जूझ रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने हालात को देखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं की खरीद के लिए विशेष छूट को मंजूरी दे दी है, जिससे किसानों को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी है। उन्होंने लिखा," अनियमित वर्षा के चलते गेहूं खरीद में छूट देने का अनुरोध 9 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुआ था। इसके तुरंत बाद 10 अप्रैल को सभी जिलों में हालात का जायजा लेने के लिए टीमों को तैनात किया गया। प्रभावित किसानों को मिलेगी तुरंत राहत मैदानी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र (RMS) 2026–27 के तहत यह अहम फैसला लिया है। मंत्री ने बताया कि इस कदम से किसानों को मजबूरी में फसल बेचने (डिस्ट्रेस सेल) से बचाया जा सकेगा और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि ये छूटें RMS 2026–27 की शुरुआत से ही लागू होंगी, जिससे प्रभावित किसानों को तुरंत राहत मिलेगी। किसानों ने चक्का जाम का फैसला टाला केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में पत्र राज्य सरकार को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यह आदेश आज से ही लागू हो जाएंगे। किसानों ने रेल का चक्का जाम करने की घोषणा की थी हालांकि बाद में उसे टाल दिया था। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने भी सुबह ही इस संबंध में जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने एफसीआई के जरिए राज्य सरकार को गेहूं खरीद के मानकों में बदलाव की जानकारी दे दी थी। केंद्र सरकार के पत्र के अनुसार गेहूं खरीद के मानकों में दी गई छूट 1. कलर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की सीमा पूरे पंजाब और चंडीगढ़ (यू.टी.) में 70% तक बढ़ा दी गई है। 2. सिकुड़े हुए एवं टूटे हुए दानों की सीमा, जो पहले 6% थी, उसे बढ़ाकर 15% तक कर दिया गया है। 3. क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों का कुल प्रतिशत 6% से अधिक नहीं होगा। 4. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से रखा जाएगा और उसका अलग हिसाब रखा जाएगा। 5. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट के लिए पंजाब सरकार और चंडीगढ़ (यू.टी.) स्वयं जिम्मेदार होंगे। 6. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 7. इस छूट के कारण उत्पन्न किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।