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अलकराज की गैरमौजूदगी से बढ़ीं जोकोविच की उम्मीदें, सानिया मिर्जा का बड़ा बयान

 नई दिल्ली

साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन 24 मई से शुरू होने जा रहा है। दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों के बीच इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस बार कार्लोस अलकराज पुरुष सिंगल्स में नहीं खेलेंगे और भारत की पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का कहना है कि अलकराज के नहीं होने पर नोवाक जोकोविक के पास खिताब जीतने का अच्छा मौका है।

सानिया ने जोकोविक की जीत की संभावनाओं पर सानिया ने कहा कि कार्लोस अलकराज की गैरमौजूदगी से उनकी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अभी वह ज्यादातर हार सिर्फ जानिक सिनर और अलकराज से ही खाते हैं। 38-39 साल की उम्र में भी उनका शीर्ष स्तर पर बने रहना अविश्वसनीय है। सिनर इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, लेकिन नोवाक अब भी शीर्ष तीन खिलाड़ियों में हैं। उन्होंने हमेशा लोगों, उम्र और सीमाओं को गलत साबित किया है। इसलिए उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

तीन बार की डबल्स ग्रैंडस्लैम चैंपियन सानिया मिर्जा ने फ्रेंच ओपन में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौतियों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। सानिया ने कहा कि मुझे लगता है कि क्ले कोर्ट पर हमारा खेल हार्ड कोर्ट या ग्रास कोर्ट जितना मजबूत नहीं है। इसलिए यह मुश्किल जरूर होता है। क्ले कोर्ट पर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है।

हालांकि, युकी भांबरी जैसे खिलाड़ी बहुत अच्छी रिटर्न करते हैं। इसलिए शायद क्ले कोर्ट उनके लिए मददगार साबित हो सकता है। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह उनकी पसंदीदा सतह है या नहीं। कुल मिलाकर, क्ले कोर्ट पर खेलना काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा सानिया ने क्वालीफायर में भारतीय खिलाड़ी करमन कौर थांडी की वापसी को सकारात्मक संकेत बताया।

उन्होंने कहा कि करमन ने अपनी प्रोटेक्टेड रैंकिंग के जरिए वापसी की है, जो इस बात का प्रमाण है कि चोट लगने से पहले वह अच्छे स्तर पर खेल रही थीं। सानिया ने कहा कि लगभग दो साल बाद कोर्ट पर लौटने वाले खिलाड़ी का तुरंत आंकलन करना सही नहीं होगा। सानिया ने कहा कि इंजरी से वापसी में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है, क्योंकि खिलाड़ी के मन में फिटनेस, प्रदर्शन और दोबारा चोट लगने जैसे कई सवाल चलते रहते हैं।

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